गणेश चतुर्थी पर कुछ इस तरह सजाएं अपना घर

गणेश चतुर्थी पर कुछ इस तरह सजाएं अपना घर

सभी गणों के स्वामी भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद माह में चतुर्थी के दिन हुआ था और इसलिए यह दिन ‘गणेश चतुर्थी’ के नाम से प्रसिद्ध है। इस दिन विभिन्न जगहों पर लोग बड़ी धूमधाम से गणेश चतुर्थी मनाते हैं । भादों माह का यह दिन साल की सबसे बड़ी चतुर्थी होती है और इस दिन लोग 10 दिनों तक अपने घर की सजावट करते हैं और घर में श्री गणेश की पूजा के लिए उनके स्थान को भी सजाते हैं।

गणेश चतुर्थी के अवसर पर सभी लोग गणपति का जन्मदिन मनाने के लिए अपने घरों, मंदिरों और गणेश जी के पंडाल की साफसफाई व सजावट करते हुए नजर आते हैं। यहाँ घर सजाने के कुछ ऐसे तरीके दिए हैं जिनकी मदद से आप इस पावन अवसर में अपने घर को अधिक सुंदर बना सकती हैं।

गणेश चतुर्थी के दिन अपने घर को कुछ इस प्रकार से सजाएं

इस दिन हर घर में श्री गणेश के स्वागत के लिए शुभता के लाल रंग से रंगोली बनाई जाती है, संपन्नता का प्रतीक कलश रखा जाता है, फूल बिछाए जाते हैं और पवित्रता के साथ हर चौखट की सजावट की जाती है। विनायक के इस महत्वपूर्ण दिन के लिए सभी लोग अपने घरों की सफाई और सजावट करने की तैयारियाँ पहले से ही शुरू कर देते हैं। यदि इस चतुर्थी श्री गणेश जी की पूजा व स्वागत के लिए आप भी उत्साहित हैं तो फिर देर किस बात की, आप भी सजाएं अपना घर इन निम्नलिखित व अद्भुत तरीकों से;

1. घर को फूलों से सजाएं

घर को फूलों से सजाएं

त्योहारों में फूल एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इनसे की जाने वाली सजावट अद्भुत होती है। आप भी अपने घर को फूलों की लड़ियों से सजा सकते हैं। कहा जाता है गेंदे के फूल जल्दी सूखते नहीं हैं और देखने में सुंदर भी लगते हैं, आप इस फूल से अपने घर को सजा सकते हैं। इन लड़ियों और फूलों को आप घर के दरवाजे, खिड़कियों और दीवारों पर सजा सकते हैं, और इन्हें आप स्वयं घर पर भी बना सकते हैं ।

2. घर की चौखट को सजाएं

अपने पूरे घर के साथसाथ श्री गणेश के स्वागत के लिए घर की चौखट को सजाना भी आवश्यक है । आप अपने घर की चौखट को सुंदर फूलमालाएं, केले व आम के पत्तों और कलश से भी सजा सकते हैं। घर की मुख्य चौखट को सजाते समय दरवाजे पर ‘शुभलाभ’ लिखना न भूलें, आप चाहें तो दरवाजे के ऊपर गणेश जी की तस्वीर भी लगा सकते हैं। दरवाजे के दोनों तरफ कलश और उसे रखने की जगह को भी सजाएं, आप चाहें तो रंगोली भी बना सकते हैं।

3. रंगोली बनाएं

रंगोली बनाएं

आंगन पर बिखरे सूखे रंगों में उभरी एक कलाकृति, त्योहार की शुभता का एक चिन्ह माना जाता है। आप भी विभिन्न रंगों के गुलाल का उपयोग करके अपने घर में रंगोली बना सकते हैं। इसके लिए जरूरी नहीं है कि आप कलाकार हों, आप इंटरनेट पर देखकर भी बहुत सरलता से रंगोली बना सकते हैं। इसे बनाने के लिए आपको सिर्फ रंगों की और सजाने के लिए फूल और दियों को आवश्यकता होती है।

4. श्री गणेश का आसन/सिंहासन सजाएं

श्री विनायक का आसन सजाने के अनेक तरीके हैं, जैसे आप उसे मोर के पंख, विभिन्न प्रकार के फूल, चमकीली लड़ियों और केले के तने से घर पर ही बना सकते हैं। गणेश चतुर्थी के त्योहार में उनके आसन को विभिन्न कला कृतियों से सजाया जाता है, पूजा घर में दिए, कलश, पान के पत्ते और नारियल जैसी पवित्र चीजों को रखा जाता है जिसमें अन्य चीजें भी मौजूद हैं। वास्तु के अनुसार स्थापित श्री गणेश की मूर्ति का मुख पूर्व दिशा की ओर होनी चाहिए और आप इस आसन को अपने पूजा घर या फिर अपने घर की बैठक में भी सजा सकते हैं।

5. गणेश जी की मूर्ति की सजावट

गणेश मूर्ति

गणेश चतुर्थी के अवसर पर बाजारों में गणपती की अनेक खूबसूरत मूर्तियां मिल जाती हैं और आप चाहें तो घर पर ही क्ले की मदद से उनकी मूर्ति का निर्माण कर सकते हैं। आजकल लोग श्री विनायक की मूर्ति को क्ले और विभिन्न चीजों से घर पर ही गणेश जी की मूर्तियां बनाते हैं।

6. घर के मुख्य कमरे को सजाएं

यदि आप गणपती की स्थापना अपने घर की बैठक में करने वाले हैं तो श्री गणेश के आसन के साथसाथ कमरें को भी विभिन्न सुंदर तरीकों से सजाएं । आप अपनी बैठक में घर पर बनाई हुई मोतियों की लटकन, फूल, पत्ते, श्री गणेश की पेंटिंग, जमीन में कालीन, विभिन्न रंग के फूलों से भी सजा सकते हैं।

गणेश चतुर्थी की सजावट करें घर की बनी चीजों से

गणेश चतुर्थी के अवसर में कुछ चीजें जो आप अपने घर पर ही तैयार करके इस त्योहार की शोभा और बढ़ा सकते हैं, वे इस प्रकार हैं;

1. गणपती की मूर्ति

यह जरूरी नहीं कि आप गणेश पूजन में गणपती की मूर्ति बाजार से लाकर ही करें। आप चाहें तो इस बार गणेश जी की मूर्ति को अपने घर में ही बना सकते हैं, आइए जानते हैं कैसे;

क्ले से बने गणपति

आवश्यक चीजें

  • क्ले मिट्टी
  • सलाई (मूर्ति बनाने के लिए)

तरीका

  • सबसे पहले एक ठोस लकड़ी लें और उसमें क्ले से एक बेस बनाएं।
  • क्ले को सिलेंडर आकार में गोल करें और उसे एक पैर के आकार में बैठने की मुद्रा पर रखें, बिलकुल वैसे ही दूसरे पैर को भी बनाएं।
  • सलाई की मदद से पैरों की बारीकियां बनाएं, जैसे पैर की उँगलियां, उनकी धोती की सिलवट, पायल और इत्यादि।
  • खयाल रहें गणपती के दोनों पैर उनके बैठने की मुद्रा के अनुसार ही बने होने चाहिए।
  • आप एक और क्ले का टुकड़ा लेकर उसे गेंद के आकार में गोल करके, ऊपरी हिस्से को थोड़ा से लंबा कर लें।
  • गोल आकर में बने क्ले को पैरों के बीचों बीच में रखकर सलाई व अपनी उंगलियों से उसे पेट का अकार दें और अब हाथ बनाएं।
  • हाथ बनाने के लिए क्ले को बिलकुल वैसे ही सिलेंडर आकार में गोल करें और उसकी भी बारीकियों पर काम करें व साथ ही उनके एक हाथ में मोदक बनाएं।
  • श्री गणेश का सिर बनाने के लिए क्ले के बड़े से टुकड़े को सिलेंडर की तरह गोल व लंबा करें।
  • उसका ऊपरी क्षेत्र को सिर की तरह थोड़ा मोटा व बड़ा रखें और निचले क्षेत्र को बिलकुल पतला करके हल्का सा मोड़ दें।
  • अब सलाई का उपयोग करके सिर से लेकर सूंड तक बारीकियां दें, जैसे आँखें, माथा, तिलक और उसे एक साथ बनाएं।
  • कान बनाने के लिए क्ले के दो टुकड़े लेकर उन्हें एक समान पतला और चपटा करके हाथी के कान जैसा बना दें और उसे सलाई की मदद से सिर के साथ जोड़ दें और कान में बारीकी दें।
  • मुकुट बनाने के लिए क्ले को एक समान करके स्प्रिंग की तरह बनाएं और गणपती के सिर से जोड़ दें।
  • अब क्ले को 3 टुकड़ों को एक समान करें और उनकी छोटीछोटी गोलियां बनाएं।
  • और आकार के हिसाब से सबसे पहले बड़ी, उसके ऊपर छोटी और सबसे ऊपर सबसे छोटी गोली को एक तरफ से थोड़ा सा बढ़ा कर रखें।
  • बन गई मूर्ति, अंत में श्री गणेश की पीठ को हल्के हाथ से एक समान करें।

2. कलश

गणेश जी की पूजा में कलश का एक विशेष स्थान होता है और इसे रखना अनिवार्य माना जाता है। वैसे तो बाजारों में सजी हुई कलश मिल जाती हैं किंतु घर में बनाई हुई कलाकृतियों की बात ही कुछ और होती है। घर में कलश को सजाएं इस प्रकार से;

कलश की सजावट

आवश्यक चीजें

  • छोटा घड़ा
  • सुनहरा रंग
  • बड़ा ब्रश
  • विभिन्न प्रकार के मोती व नग

तरीका

  • कलश को सजाने के लिए सबसे पहले घड़े को धोकर अच्छी तरह से सुखा लें, ऐसा करने से घड़े में लगी मिट्टी निकल जाएगी।
  • बड़े ब्रश में सुनहरा रंग लें और पूरे घड़े को ऊपर से व आधे अंदर से भी एक समान रंग दें।
  • अब रंग को सूखने तक एक तरफ रख दें और फिर फेवीक्विक की मदद से उसके चारों और डिज़ाइन के अनुसार मोतियां और नग चिपका लें व सूखने दें।

3. आसन/सिंहासन

अब समय है गणेश जी के आसन को स्थापित करने का, अर्थात उनके लिए पंडाल। पंडाल बनाने के लिए आइए जानते हैं क्या करें;

आसन

                      स्रोत: Pinterest 

आवश्यक चीजें

  • कार्डबोर्ड
  • वेलवेट पेपर
  • लकड़ी (एक बड़ा और तीन छोटे टुकड़े)
  • चार्ट पेपर
  • भूरा हैंडमेड पेपर

तरीका

  • सबसे पहले लकड़ी के टुकड़ों को साफ पानी से धो लें।
  • बड़ी चौकोर लकड़ी लें और उसके चारों और एक सुंदर सा भूरा कागज चिपका दें।
  • वैसे ही तीनों लकड़ी के छोटे टुकड़ों पर भी पेपर चिपका लें।
  • चार्ट पेपर को तीन परतों में काटकर सिलेंडर की तरह रोल कर लें और छोटी लकड़ी के ऊपर चिपका दें।
  • बिलकुल ऐसे ही दूसरी समान दिखने वाली छोटी लकड़ी के ऊपर चार्ट पेपर का रोल बनाकर चिपका दें। 
  • अब दोनों लकड़ियां एक समान दिखें इसलिए उसके ऊपर भूरे रंग का सुंदर कागज चिपकाकर गद्दी के हैंडल बना लें।
  • अब पीछे का हिस्सा बनाने के लिए कार्डबोर्ड को एक डिजाइन में काटें और उस पर वेलवेट लगाकर सजाएं।
  • उसमें अधिक डिजाइन के लिए ऊपर एक गोल डिजाइन बनाकर भी लगा सकते हैं और उसे भी वेलवेट पेपर लगाकर सजा लें।
  • बड़ी चौकोर लकड़ी के बीचों बीच लाल रंग का वेलवेट काटकर चिपकाएं और दोनों तरफ छोटी लकड़ियों को फेवीक्विक से चिपका दें।
  • पीछे से कार्डबोर्ड के डिजाइन को भी कुर्सी की तरह बनाते हुए चिपकाएं।
  • अपने घर के लिए छोटे पंडाल की एक सीढ़ी बनाने के लिए बड़ी चौकोर लकड़ी के आगे की ओर वेलवेट के ऊपर तीसरी छोटी लकड़ी को भी फेवीक्विक से चिपका दें, यह बिलकुल एक बड़े सिंहासन जैसा दिखेगा।
  • सभी लकड़ियां ठीक से चिपकने के बाद, आप लाल वेलवेट पेपर को पतली डिजाइन में काटकर नीचे वाली बड़ी लकड़ी के चारों ओर चिपका दें।
  • हैंडल को आगे से बंद करने के लिए, कार्डबोर्ड को दो छोटे गोल आकार में काटें और उसमें वेलवेट को डजाइन में काटकर चिपका लें।
  • फिर उन दो गोल कार्डबोर्ड की डिजाइन को हैंडल के अगले हिस्से के ऊपरी तरफ फेवीक्विक लगाकर चिपका लें।
  • अंत में इस छोटे पंडाल को फूलों और सजावट की अन्य चीजों से सजाकर गणेश आसन स्थापित करें।

4. दीयों की सजावट

बाजार में आपको ऐसे अनेक दिये मिल जाएंगे जिनमें आप विभिन्न रंग भर कर उसे मोती या नग से सजा सकते हैं।

दिये में रंग भरें

आवश्यक चीजें

  • मिट्टी के दिये
  • मोती
  • फेब्रिक रंग
  • पेंट ब्रश

तरीका

  • दीयों को विभिन्न रंग में रंगने के लिए सबसे पहले मिट्टी के दिये को थोड़ी देर के लिए पानी में डालें।
  • फिर सभी दिये को सुखा लें और रंगने के लिए एक तरफ रख दें।
  • खयाल रहे जब भी रंगों का उपयोग करें तो सबसे पहले जमीन में न्यूज पेपर बिछाएं।
  • उस पर सभी दिये, फेब्रिक रंग, पेंट ब्रश, एक गंदा कपड़ा और थोड़ा सा पानी भी रखें।
  • अब एक दिये को लें और उसमें बनें डिजाइन के अनुसार अपनी पसंद के रंगों से रंगना शुरू करें।
  • इस प्रकार से सभी दियों को रंगें और सूखने के लिए रख दें।
  • रंग सूख जाने के बाद दिये को सजाने के लिए फेवीक्विक से उसमें मोती या नग चिपकाएं।

5. कागज के फूल

वैसे तो फूल प्राकृतिक ही अच्छे लगते हैं, आप चाहें तो अपने घर को सजाने के लिए कागज या कपड़े के फूल भी बना सकते हैं।

कागज के फूल

आवश्यक चीजें

  • चार्ट पेपर
  • छोटा और पतला पाइप
  • कैंची
  • फेविकोल
  • पेंसिल

तरीका

  • कागज के फूल बनाने के लिए सबसे पहले चार्ट पेपर को फूल की पत्तियों के आकार में काट लें।
  • फूल के बीच का भाग बनाने के लिए, सबसे पहले चार्ट पेपर को लंबा काट लें।
  • फिर चार्ट पेपर के लंबे भाग को लंबाई में बीच से मोड़ें और कागज के एक भाग को पतलापतला काटकर झालर की तरह बना दें।
  • एक प्लास्टिक का छोटा और पतला सा पाइप लें और उसके चारों तरफ से चार्ट पेपर से बनी झालर को आधा लपेटना शुरू करें।
  • एकएक करके सभी कटी हुई झालर को उल्टी तरफ से उस पाइप में लपेटें और झालर के अगले भाग को कली की तरह बनाने के लिए हल्का सा मोड़ लें। खयाल रहे ज्यादा से चार्ट पेपर को काटकर घनी कली बनाएं।
  • अब उस कली के चारों तरफ एकएक करके फूल की पत्तियां चिपकाएं।
  • पत्तियों को हल्का सा सहारा देने के लिए आप उन्हें आप पाइप के निचले भाग में चिपका सकते हैं।
  • खिला हुआ फूल बनाने के लिए सभी पत्तियां अलगअलग चिपकाएं और आपका कागज का फूल तैयार है ।

वैसे तो भारत में अनेकों त्योहार मनाए जाते हैं और हर त्योहार का अपना एक महत्व है। गणेश चतुर्थी का त्योहार भी कुछ ऐसा ही है, इस समय हर घर में विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के साथ भगवान गणेश के पसंदीदा मोदक तो बनते ही हैं और साथ ही विनायक के स्वागत व स्थान की सजावट भी बहुत मनोरंजक होती है। यदि आप भी चाहते हैं कुछ ऐसा तो अपने घर को सजाएं ऊपर दिए हुए इन तरीकों से।