16 सर्वश्रेष्ठ फल – गर्भावस्था के दौरान खाने के लिए

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जैसे ही आप गर्भवती होती हैं, आपको ज्यादा खाने के लिए समझाया जाता है, हालांकि , कहावत दो के लिए खाओमाँ बनने जा रही महिला के लिए सच नहीं है। गर्भवती होने का मतलब यह नहीं है कि आपको जरूरत से ज्यादा खाना चाहिए, बल्कि यह कि आपको अपने और बढ़ते बच्चे के लिए पोषक तत्वों की अतिरिक्त आवश्यकता को पूरा करने के लिए संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। सब्जियों और फलों के बिना आपका आहार चार्ट अधूरा है। यदि आप सब्जियों और फलों का अपेक्षित मात्रा में सेवन नहीं करती हैं, तो आपका शरीर बच्चे के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की जरूरत को पूरा नहीं कर पाएगा। आइए, गर्भावस्था के दौरान फलों के महत्व को देखें कि, आपको उन्हें अपने दैनिक आहार में शामिल करने के लिए सचेतन प्रायस क्यों करना चाहिए।

गर्भावस्था में फलों के महत्व

दिलचस्प बात यह है कि कनाडा में बाल विकास विशेषज्ञों ने हाल ही में पाया है कि गर्भावस्था के दौरान अधिक फलों का सेवन करने वाली महिलाओं द्वारा जन्म दिए गए बच्चों ने 12 महीने की उम्र में उन पर किए गए विकास परीक्षण में बेहतर परिणाम दिखाए।

फल आपके आहार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं, और विटामिन, फाइबर और खनिजों से भरपूर फल खाने से माँ और बढ़ते बच्चे को पोषण मिलता है। फलों में से कुछ प्रमुख पोषक तत्व प्राप्त होते हैं, और वे आपको और बच्चे को निम्नलिखित तरीकों से मदद कर सकते हैं:

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  • फल बच्चे को बीटा कैरोटीन जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की आपूर्ति करते हैं, जो एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली के निर्माण के अलावा ऊतक और कोशिकाओं के विकास में मदद करते हैं।
  • फलों में विटामिन सी बच्चे की हड्डी और दाँत के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। शरीर में इस विटामिन को पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होना भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शरीर को लौह को अवशोषित करने में मदद करता है, जो गर्भावस्था के दौरान आवश्यक एक महत्वपूर्ण खनिज है।
  • फ़ोलिक ऐसिड, जो पानी में घुलनशील विटामिन बी है, वो भी गर्भावस्था के दौरान बहुत महत्वपूर्ण है। यह भ्रूण को मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी से संबंधित विकास दोष से बचाता है।
  • फाइबर से भरपूर फल आपको कब्ज और बवासीर से निपटने में मदद करते हैं जबकि लौह युक्त फल एनीमिया से बचाते हैं।
  • आपके शरीर की कोशिकाओं में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने के लिए पोटेशियम महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था के दौरान पैर में ऐंठन होना आम है, और गर्भावस्था के दौरान इस ऐंठन को कम करने के लिए पर्याप्त पोटेशियम का सेवन करना आवश्यक है।

16 स्वास्थ्यकर फल जिनका गर्काभावस्था के दौरान सेवन किया जाना चाहिए

गर्भावस्था में अपने दैनिक आहार के हिस्से के रूप में निम्न फलों को खाना बुद्धिमानी है :

1. केला

केला फलों की सूची में सबसे ऊपर है क्योंकि इसमें फोलेट, विटामिन सी, बी 6, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं। फोलेट न्यूरल ट्यूब दोष से भ्रूण की रक्षा करने का काम करता है और विटामिन बी 6 आपके सोडियम के स्तर को संतुलित करने में मदद करता है। असंतुलित द्रव का स्तर गर्भवती महिलाओं में मतली और उल्टी का कारण बन सकता है, लेकिन केले में मैग्नीशियम भरपूर माात्रा में मौजूद है जो उपयुक्त तरल पदार्थ का संतुलन सुनिश्चित करता है । आमतौर पर, आपके पहले त्रैमासिक अवधि के दौरान हर दिन एक केला खाने की सिफारिश की जाती है।

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2. कीवी

कीवी इस सूची में दूसरे स्थान पर है क्योंकि यह विटामिन सी, , , पोटेशियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, फोलिक एसिड और आहार फाइबर जैसे पोषक तत्वों से भरा हुआ है। कीवी श्वसन प्रणाली पर स्वास्थ्यप्रद प्रभाव डालती है। कीवी आपको सर्दी और खांसी से बचाने में भी मदद करती हैं। यह रक्त के थक्के बनने के जोखिम को कम करती हैं, क्योंकि कीवी में फॉस्फोरस की मात्रा अधिक होती है और यह लौह को अवशोषित करने में मदद करती है।

3. अमरूद

इसमें मौजूद पोषक तत्वों के कारण गर्भवती महिलाओं को इन्हें जरूर खाना चाहिए। यह विटामिन सी, , आइसोफ्लेवोनोइड्स, कैरोटेनॉयड्स और पॉलीफेनोल्स से भरपूर है। अमरूद पाचन को भी ठीक करता है और बच्चे के तंत्रिका तंत्र को शक्ति प्रदान करता है।

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4. सेब

गर्भवती होने के दौरान खाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण फलों में से यह एक है क्योंकि इसे खाने से आपके बच्चे की प्रतिरक्षा और शक्ति में वृद्धि होती है। जैसे जैसे बच्चा बढ़ता है यह आपके बच्चे में घरघराहट, अस्थमा और एक्जिमा के खतरे को कम करता है। सेब पोषक तत्वों से भरपूर होता है और इसमें विटामिन ए, ई और डी और जिंक हैं।

5. नाशपाती

नाशपाती सेब के समान ही है और इसमें उच्च मात्रा में फोलिक एसिड होता है। यह विटामिन सी का एक समृद्ध स्रोत भी है।

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6. सीताफल या शरीफा

ये विटामिन ए औऱ सी से भरपूर होते हैं और इस कारण बढ़ते बच्चे की आंखें बाल,त्वचा और शरीर के ऊतकों के लिए जरूरी होते हैं। इस मौसमी फल को खाने की अनुशंसा की जाती है क्योंकि यह आपके बच्चे के संज्ञानात्मक विकास को सुधारता है।

7. अनार

अनार में कैल्शियम, फोलेट, लोह, प्रोटीन और विटामिन सी मौजूद है। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान इसे खाने की ज़ोर देकर अनुशंसा की जाती है।

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8. एवोकाडो

यह अन्य फलों की तुलना में अधिक मात्रा में फोलेट मौजूद होने के लिए जाना जाता है। ये विटामिन सी, बी और के का भी एक बेहतरीन स्रोत हैं, और इनमें फाइबर, कोलीन, मैग्नीशियम और पोटेशियम होते हैं। एवोकाडो में लौह भी होता है। कोलीन आपके बच्चे के मस्तिष्क और तंत्रिका विकास के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कोलिन की कमी बच्चे की याददाश्त को प्रभावित कर सकती है।

9. आम

आम में विटामिन सी की उच्च मात्रा होती है जो पाचन में मदद करती है, कब्ज को रोकती है और आपको मामूली संक्रमणों से बचाती है। हालांकि, आम मौसमी फल हैं और हर मौसम में उपलब्ध नहीं होते हैं।

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10. चेरी

चेरी विटामिन सी से भरपूर होती हैं, और यह आम तौर पर सर्दी जैसे संक्रमण से लड़ने में मदद करती है। चेरी प्लेसेन्टा में रक्त की पर्याप्त आपूर्ति भी सुनिश्चित करती है।

11. स्ट्रॉबेरी

स्ट्रॉबेरी विटामिन, फाइबर और फोलेट से भरपूर होती है। इनमें मैंगनीज और पोटेशियम भी होता है जो आपके बच्चे की मजबूत हड्डियों के विकास में सहायता करते हैं।

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12. तरबूज

तरबूज में विटामिन ए, सी, बी 6, मैग्नीशियम और पोटेशियम होते हैं। खनिजों से भरे, ये फाइबर में भी समृद्ध हैं। अपने आहार में तरबूज को शामिल करें, विशेष रूप से गर्भधारण की अंतिम तिमाही में, क्योंकि यह छाटी में जलन तथा हाथ और पैरों में सूजन (एडिमा) से राहत देने में मदद करता है और मांसपेशियों की ऐंठन को कम करता है।

13. चीकू (सपोडिला या सपोता )

चीकू इलेक्ट्रोलाइट्स, विटामिन ए, कार्बोहाइड्रेट और ऊर्जा से भरपूर होते हैं। यह चक्कर आने और मतली को कम करने के अलावा आपके आंत्र विकार को भी कम करने में मदद करते हैं।

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14. ब्लूबेरी

ब्लूबेरी विटामिन सी, फोलेट, कैल्शियम और फाइबर में समृद्ध होती हैं। जब आप इन्हें खरीदें, तो यह देख लें कि वे ऑर्गेनिक किस्में हों जिनमें कीटनाशक नहीं होने चाहिए।

15. संतरे

यह रसदार फल पोटेशियम का एक अच्छा स्रोत है और उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद करता है।

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16. अंगूर

अंगूर ग्लूकोज, फ्रक्टोज, फ्फेलोबाफेन, गैलिक एसिड, सिलिसिक एसिड, ऑक्जेलिक एसिड, पेक्टिन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, लोह, फोलिक एसिड और विभिन्न प्रकार के विटामिन जैसे बी 1, बी 2, और बी 6 जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।

अधिकांश फल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, परन्तु उनमें से कुछ, जैसे कि काले अंगूर, पपीता और अनानास का गर्भावस्था में सेवन करने से निम्न कारणों से बचा जाना चाहिए :

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पपीता: कच्चे या अर्धपके पपीते में लेटेक्स ज्यादा होने के कारण गर्भाशय के संकुचन शुरू हो सकते हैं और प्रसव समय के पहले हो सकता है। आखिरी तिमाही में इनको खाने से बचें।

काले अंगूर: पहली तिमाही में काले अंगूरों से परहेज करें क्योंकि ये शरीर में गर्मी पैदा करते हैं जो बच्चे के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

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अनानास: अनानास में ब्रोमेलैन होता है जो गर्भाशय ग्रीवा को नरम कर सकता है और समय से पहले प्रसव होने का कारण बन सकता है।

खजूर: खजूर गर्भाशय की मांसपेशियों को उत्तेजित करता है और शरीर में गर्मी उत्पन्न करता है। इनका अधिक मात्रा में सेवन करने से बचें।

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एक गर्भवती महिला को कितने फल खाने चाहिए

आपको सलाह दी जाती है कि आप हर दिन अपने आहार में दो से चार फलों की सर्विंग शामिल करें। आप उन्हें ताजा खा सकते हैं, डिब्बाबंद फल ले सकते हैं, जूस या सूखे रूप में भी सेवन कर सकते हैं, लेकिन जितना संभव हो उतना ताजा फल लेने की कोशिश करें। कुछ फल, जो केवल एक ही पर्याप्त होते हैं, जैसे कि सेब, केला या नाशपाती, उनका :

  • एक मध्यम आकार का टुकड़ा लें, जबकि कीवी, खुबानी या प्लम के दो छोटे टुकड़े एक सर्विंग में लें।
  • तरबूज, अनानास या डिब्बाबंद फल जैसे ताजे सूखे फल का एक कप ले सकते हैं, अगर आपको जूस पसंद है, तो आधा कप फलों का रस एक सर्विंग के बराबर माना जाता है।

आपके गर्भावस्था आहार में फल शामिल करने के लिए आसान सुझाव

  • आप दही के साथ कटे हुए फल या फ्रोजन बेरी मिला सकती हैं या अपने नाश्ते में दलिए के साथ भी मिला सकती हैं।
  • आप सेब, अनानास, अंगूर के टुकड़ों या किशमिश को सलाद में डाल कर दोपहर के भोजन के पहले ले सकती हैं।
  • यदि आपके पास फल काटने का समय नहीं है, तो दही या दूध के साथ फलों को मिलाकर स्मूदी या शेक बना सकती हैं।
  • ओटमील, पेनकेक्स और वेफल्स में सूखे या ताजे फल डाल कर खा सकती हैं।
  • सबसे अच्छा विकल्प है कि आप अपनी पहुँच के पास और नज़र के सामने एक फल का कटोरा रखें ताकि आपको याद रहे कि जब भी भूख लगे तो फलों का एक टुकड़ा उठा लें।
  • सूखे फल या अंगूर और स्ट्रॉबेरी जैसे फलों को अपने आसपास रखें, और जंक फूड खाने के बजाय उन्हें स्नैक के रूप में लें ।
  • आप अपने लिए एक फ्रूट केक भी बेक कर सकती हैं और इसमें बहुत सारे फल जैसे किवी और बेरीज़ शामिल कर सकती हैं। अपने आहार में फलों को शामिल करने का यह एक अच्छा तरीका है।
  • गर्भावस्था में ये सुपर फल आपकी गर्भावस्था के नौ महिनें आसानी से काटने में आपकी मदद कर सकते हैं। तो जितना दिल करें उतना खाएं और स्वस्थ गर्भावस्था पाएं।
जया कुमारी

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