20 माह की आयु तक आते–आते आपका शिशु नखरे करना सीख जाता है। आप उसे जो खिलाएंगी वह उसे स्वीकार नहीं करेगा और वे स्वादिष्ट नाश्ते, जिन्हें वह पहले पसंद करता था अब, वो भी अब काम नहीं करेंगे। जब बच्चे दो साल के पूर्ण होने वाले होते हैं, तो वे एक विशिष्ट अवस्था में होते हैं और उनके खाने की आदतें भी बदल जाती हैं। ऐसे परिदृश्यों में, कुछ शीघ्र बनने वाले व्यंजनों को तैयार रखना और ऐसी आहार योजना का चयन करना जिसे आपका बच्चा स्वेच्छा से स्वीकार करता है, आपके जीवन को आसान बना देगा।
बीस माह के बच्चे के लिए भोजन की योजना बनाते समय, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एक शिशु के लिए कुछ पोषक तत्व बेहद आवश्यक होते हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बीस माह के शिशु की पोषण की आवश्यताएं निम्नलिखित हैं, सुनिश्चित करें कि आपके शिशु को ये पोषक तत्व मिलते रहें:
कैलोरी शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में मदद करती है। यहाँ मुख्य पहलू, एक अच्छा पोषण प्रदान करने वाले आहार और उसके साथ–साथ शरीर की ऊर्जा के लिए पर्याप्त कैलोरी प्रदान करने के बीच अंतर को जानना है। आहार योजना का झुकाव किसी एक तरफ होने से बचाने के लिए एक संतुलित योजना बनाना आवश्यक है।
प्रोटीन, शरीर निर्माण का मूलभूत अंग माना जाता है और खासकर बच्चे के शारीरिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। सुनिश्चित करें कि बच्चे के आहार में पर्याप्त प्रोटीन हो।
कार्बोहाइड्रेट मस्तिष्क, मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र के लिए ईंधन प्रदान करता है।
फाइबर उचित मल त्याग और उचित पाचन में मदद करता है। किसी भी संसाधित पदार्थ के बजाय साबुत खाद्य पदार्थों का चयन करने की एक सरल आदत से शिशु के भोजन में पर्याप्त फाइबर दिया जा सकता है । अधिकांशतः, कई कार्बोहाइड्रेट–युक्त खाद्य पदार्थों में फाइबर की पर्याप्त मात्रा होती है।
कई चिकित्सक या पोषण विशेषज्ञ बच्चे के आहार में सोडियम की उपस्थिति की आवश्यकता पर जोर नहीं देते हैं। उसे प्रतिदिन सिर्फ 1 ग्राम सोडियम लेने की आवश्यकता है। इसकी मामूली कमी से बच्चे की तंत्रिका प्रणाली गंभीर रूप से बाधित हो सकती है।
रक्त के समुचित संचार के लिए शरीर को लौह तत्व की आवश्यकता होती है। ज्यादातर बच्चे जिनमें लौह तत्व की कमी होती है, उनमें मुख्य रूप से वे होते हैं जो खाने के मामले में अत्यधिक पसंद–नापसंद रखते हैं। लौह तत्वों के सप्लीमेंट की नाम मात्र आवश्यकता होती है और यह ज्यादातर विटामिन ‘सी’ युक्त फलों या लोहे के बर्तनों में बने भोजन से भी प्राप्त किया जा सकता है।
इस आयु के बच्चों के लिए विटामिन ‘डी’ की आवश्यकता होती है क्योंकि यह कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है और हड्डियों के विकास में सहायक होता है। यह दूध में मौजूद होता है और सूर्य के प्रकाश के पर्याप्त संपर्क में रहने से पाया जा सकता है।
पानी कई शारीरिक प्रक्रियाओं में मदद करता है, जैसे पाचन, लार का निर्माण और शरीर के तापमान को नियंत्रित करना। आपके बच्चे को सक्रिय रहने के लिए लगातार पानी पीते रहना चाहिए। यदि आपका शिशु हर समय खेल नहीं रहा है, तो भी उसकी पानी की दैनिक आवश्यकता को पूरा करना हर तरह से जरूरी है।
शिशु की आयु दो वर्ष होते ही, उसकी गतिविधियां बढ़नी शुरू हो जाएंगी। इसलिए, उसकी कैलोरी की आवश्यकता अब 1400 के आसपास हो जाएगी, तथापि उसकी भूख लगभग पहले जैसी ही रहेगी।
आपके बीस माह के बच्चे के आहार में कुछ खाद्य पदार्थों को शामिल करके उसके खाने की योजना को बेहतरीन बनाया जा सकता है।
जब पोषक तत्वों के लिए फलों को शामिल करने की बात आती है, तो विभिन्न प्रकार के फल इस काम को आसान बना देते हैं। आपके शिशु को अलग–अलग स्वाद और पोषण प्रदान करने में आम, कीवी, बेर व जामुन जैसे विभिन्न छोटे फल, अंगूर, केला, और सूखे मेवे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रोजाना एक अंडा खाना आपके शिशु के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। सभी पोषक तत्वों से युक्त नाश्ते के लिए इसे रोटी या ब्रेड के साथ दें अथवा अंडे को तरह–तरह की सब्जियों से बने व्यंजनों में भी डालकर दिया जा सकता है।
एक गिलास दूध के अलावा, पनीर, दही, चीज़ जैसे कई पदार्थ हैं, जो आपके शिशु के आहार का हिस्सा होने चाहिए। दूध को न पचा सकने वाले या पसंद न करने वाले बच्चे पाश्चराइज्ड विकल्प चुन सकते हैं।
नारियल तेल और अवोकाडो तेल बीस माह के बच्चे के आहार में एक विशेष स्थान रखता है। उचित रूप से दिए जाने पर, यह बच्चे को पर्याप्त वसा प्रदान करता है, जिससे शरीर को बनाए रखने के लिए ऊर्जा संग्रहित होती है।
पत्तेदार सब्जियों के साथ मटर, फूलगोभी, ब्रोकोली और कई अन्य हरी सब्जियां, आपके बच्चे के लिए लाभदायक हैं, परंतु केवल यही एकमात्र स्रोत नहीं है। सामान्य टमाटर की चटनी और साल्सा में भी फायदेमंद पोषक तत्व होते हैं।
जब आपका बच्चा 2 साल का होने वाला होता है, आप उसे टर्की व अन्य विभिन्न प्रकार के मांस के छोटे टुकड़े देना शुरू कर सकती हैं। कम मात्रा से शुरूआत करें और शिशु को उसे ठीक से चबाना सिखाएंएँ।
बच्चे के भोजन में प्रतिदिन चिया, अलसी के बीज के साथ–साथ मटर, दाल, सेम और जैसे कई अन्य बीन्स शामिल करने से उसे अतिरिक्त पोषण मिल सकता है।
बड़ी मात्रा में पत्तेदार सब्जियां, विटामिन ‘सी’ से परिपूर्ण फलों के साथ संयुक्त होकर बच्चे के शरीर को लौह तत्व प्रदान करने और उसे प्रभावी ढंग से शरीर में अवशोषित होने में मदद करने का कार्य करती हैं। लाल मांस (रेड मीट) भी इसी कार्य के लिए जाना जाता है।
बच्चों के लिए ब्रेड और ओट्स की सलाह देने का कारण है इसका अत्यधिक लाभदायक होना, अनाज के खाद्य पदार्थों का आहार में समावेश करने से शरीर को लाभ प्राप्त होता है। क्विनोआभी 1-2 वर्ष की आयु के बीच के बच्चों के अधिकांश माता–पिता द्वारा सुझाया गया है।
समुद्री भोजन थोड़ा जटिल होता है, क्योंकि इसके कुछ बेहतरीन फायदे तो हैं लेकिन इसके साथ ही इसमें संखिया (आर्सेनिक) या पारा की विषाक्तता का खतरा भी है। जब तक आप अच्छी जगह से मिलने वाली विशिष्ट मछलियों का चुनाव करती हैं, यह आपके शिशु के लिए लाभदायक रहेगा।
यहाँ 20 माह के बच्चे के लिए खाद्य पदार्थों सूची दी गई है, जो आपको उसकी आहार योजना बनाने में मदद करेगी।
| दिन | सुबह का नाश्ता | देर सुबह का नाश्ता | दोपहर का भोजन | शाम का नाश्ता | रात का भोजन |
| सोमवार | चॉकलेट मुसली | रागी के बिस्कुट | गाजर, खीरा, चावल और दही | उपमा | गोभी का पराठा |
| मंगलवार | कॉर्न चीज़ सैंडविच | भुना हुआ मटर | पुलाव और दाल | ओट्स के मफिन | भांप में बना डोसा |
| बुधवार | सूजी के टोस्ट | ग्रेनोला बार | चुकंदर के साथ बना चावल | पकौड़े और दही | वेज पास्ता |
| गुरूवार | ओट्स और इडली | तरबूज (मिल्कशेक) | वेज खिचड़ी | गेहूँ के आटे का केक | बेसन का पराठा |
| शुक्रवार | मीट बॉल | ओट्स बार | चावल और वेज मंचूरियन | पालक के पकौड़े | वेज पास्ता |
| शनिवार | कद्दू का पैनकेक | फल युक्त दही | शिमला मिर्च युक्त चावल | स्प्रिंग रोल्स | सेवई |
| रविवार | शकरकंद का डोसा | गेहूँ के बिस्कुट | अंडा चावल | चीज़ बॉल | सूजी की खीर |
यदि आप अभी भी यह पता लगा रही हैं कि बीस माह के बच्चे को क्या खिलाना है जिसे आप आसानी से पका सकती हैं, तो ये व्यंजन विधियां आपके लिए बहुत आसान रहेंगी।
इसे पहले से तैयार करके फ्रिज में भी रखा जा सकता है ताकि आप बच्चे को जल्दी और स्वादिष्ट स्नैक्स दे सकें।
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विधि
हर समय एक ही तरह के उबाऊ बिस्कुट हों यह जरुरी नहीं है, यहाँ दिए इस भिन्न प्रकार को आजमा कर देखें:
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विधि
घर पर बना चाइनीज भोजन ही आपके बच्चों के लिए सबसे अच्छा है जो स्वास्थ्यकर होने के साथ–साथ स्वादिष्ट भी होता है।
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अपने शिशु को वह केक दें जो न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि सभी तरह से पौष्टिक भी है।
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विधि
हो सकता है यह खीर आपके शिशु के लिए एक भोजन की तरह न लगे , लेकिन यह अपेक्षा से अधिक पेट भरने में सक्षम और साथ ही स्वादिष्ट भी होती है।
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विधि
भोजन योजना तैयार करते समय और अपने शिशु को खाना खिलाते के समय कुछ सुझाव ध्यान में रखें।
एक बार जब आप प्रतिदिन के खाद्य पदार्थों के संभावित संयोजनों को खोजना शुरू करती हैं तो एक बीस माह के बच्चे के लिए बेहतरीन स्नैक्स का पता लगाना उतना चुनौतीपूर्ण नहीं होगा, जितना कि लगता है।
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