35 सप्ताह का बच्चा – विकास, पड़ाव और देखभाल

35 सप्ताह का बच्चा - विकास, पड़ाव और देखभाल

Last Updated On

आपके बच्चे को इस दुनिया में आए अब लगभग नौ महीने हो गए है। आपके 35 सप्ताह के बच्चे के लिए विकास की दर सामान्य होगी – भले ही आपको पिछले नौ महीनों में बीती बातें ज्यादा याद न हो, लेकिन आपके बच्चे ने इस दौरान बहुत सारे पड़ावों को तेजी पार करते हुए विकास किया है और अब वह अपने जन्म की तुलना से काफी बड़ा हो गया है।

35 सप्ताह के शिशु का विकास

एक ३५ सप्ताह के बच्चे का विकास

इस समय तक आपके बच्चे का मोटर कौशल काफी हद तक सुधर चुका है। अब वह चीजों को अधिक मजबूती से पकड़ सकेगा, इसलिए अब वह बोतल खुद से पकड़ सकता है और प्लेट से खाद्य पदार्थों को भी उठाकर खुद से खाने की भी कोशिश कर सकता है। इसलिए जितना संभव हो सके उसे खुद से खाने के लिए प्रोत्साहित करें, वह उसे आनंद से खाएगा। 

इस उम्र में, बच्चा आपकी बातचीत को गौर से सुनेगा तथा आपकी आवाज की नकल करने की कोशिश करेगा। इसका मतलब यह है कि अब वह थोड़ा-थोड़ा तोतली भाषा में आपको जवाब देने की भी कोशिश करेगा। वह पहले ही ‘न’, ‘दूध’, ‘मामा’ और ‘दादा’ जैसी सरल ध्वनियों का अर्थ और उसे बोलना सीख चुका होगा। अब आप अपने बच्चे से जो भी बात करेंगी वह आपकी बात को अच्छी तरह से समझ सकता है, क्योंकि वह ‘मुझे दे दो’ या ‘नहीं’ जैसे सरल अनुरोधों का अर्थ समझता है और उसका जवाब भी देगा।

पहले के मुकाबले बच्चे के संज्ञानात्मक (कॉग्निटिव) कौशल में अधिक विकास होगा, क्योंकि बच्चा अब अपने आस-पास के वातावरण के विभिन्न पहलुओं को समझने और उन पर प्रतिक्रिया देने योग्य हो गया है। कुछ हफ्ते पहले, जब आप उसकी पसंदीदा गेंद को छुपा देती थी तो वह बेकाबू होकर रोने लगता था – हालांकि अब, गेंद के छुपाने पर वह रोने के बजाय यह समझने की कोशिश करेगा कि गेंद कहाँ चली गई है।

बच्चे के संचालक (मोटर) कौशल काफी विकसित हो गई होगी, विशेष रूप से गतिविधियां अधिक बढ़ गई होंगी । आपका बच्चा तेजी से घुटने के बल घर के चारों ओर दौड़ने में सक्षम हो जाएगा और आपने चारों ओर मौजूद चीजों का सहारा लेते हुए खड़े होने की कोशिश करेगा। कुछ बच्चे इस उम्र में चलने भी लगते हैं, या तो सहारे का उपयोग करके या कुछ कदमों के बाद नीचे गिर सकते हैं। क्योंकि इस क्रिया में बच्चे बार-बार गिरते रहते हैं इसलिए उनपर नजर बनाए रखिए ताकि उन्हें कोई गंभीर चोट न लगे।

इस समय बच्चा खुद को काफी स्वतंत्र महसूस करता है, क्योंकि उसकी विकसित गतिविधियां और मोटर स्किल में तालमेल बैठने लगा है। बजाय इसके कि वह आपसे किसी खिलौने को मांगे या उसके लिए रोए, वह खुद उसे पकड़ने के लिए लपकेगा और आसानी से पकड़ भी सकेगा।

दुनिया के बारे में उसकी समझ को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है कि जितना हो सके आप उससे ज्यादा से ज्यादा बात करें। वह आपकी हर बात को सुनेगा, इसलिए उसे विभिन्न शब्दों को उनके अर्थों के साथ उन्हें बताएं।

35 सप्ताह के शिशु की विकासात्मक उपलब्धियां

  • आपका बच्चा आपसे अधिक बातचीत करना शुरू कर देगा और इस तरह वह आपके साथ कई सरल खेल खेलने के योग्य हो जाएगा।
  • यदि आप उसके पास एक गेंद को नचाती हैं, तो आप देखेंगी वह इसे देखकर किलकारी मारने लगेगा और खुश हो जाएगा।
  • आपका बच्चा घर के फर्नीचर के सहारे खड़े रहने में सक्षम हो जाएगा और शायद फर्नीचर को पकड़े हुए कुछ कदम चल भी सकता है।
  • उसका बड़बड़ाना आपको बातचीत करने जैसा प्रतीत होने लगेगा और अब वह आपकी बातों को भी समझ सकेगा।

आहार

इस समय बच्चे के आहार में बदलाव आ सकता है। बच्चे में होने वाले कई विकासात्मक परिवर्तनों के परिणामस्वरूप, वह माँ के दूध को पीने से मना कर सकता है – इसे ‘नर्सिंग स्ट्राइक’ भी कहा जाता है। इस कारण हो सकता है कि घर की बुजुर्ग महिलाएं आपको दूध छुड़ाने की सलाह दें, हालांकि ऐसा नहीं करना चाहिए। दो साल की उम्र तक के बच्चों को माँ का दूध पीने की सलाह दी जाती है, जब तक यह अपने आप नहीं छूट जाता है। 

इस समय, बच्चे दिन के समय दूध पीने में अधिक रुचि नहीं दिखाते हैं, यह इसलिए होता है क्योंकि बच्चे दिन में अधिक गतिविधियां करते हैं जिससे वह दूध पीने से इंकार कर सकते हैं या फिर जब वह बहुत विचलित हो जाता है तब भी ऐसा हो सकता है। बच्चे दिन के समय में ठोस पदार्थों को खाना पसंद करते हैं और माँ का दूध रात में पीना ज्यादा पसंद करते हैं।

नींद

35 सप्ताह के बच्चे में, नींद की कमी एक सामान्य घटना है। इसका मतलब यह है, कि बच्चा पूरी रात लगातार नींद नहीं लेगा और आपका ध्यान उसकी ओर जाए इसके लिए वह रोना शुरू कर सकता है । जब भी बच्चा बड़े विकासात्मक परिवर्तनों से गुजरता है, तो इससे उसकी नींद पर भी प्रभाव पड़ता है । रात में बच्चे की नींद खराब होने के पीछे का उनके दाँत निकलने के कारण भी हो सकता है इसके अलावा जब वह कोई अन्य नई गतिविधि करते हैं इससे भी उनकी नींद पर असर पड़ता है।

बच्चे का रात में पूरी नींद ले पाना बहुत मुश्किल हो जाता है क्योंकि वह अब रात में किसी भी समय उठकर रोना शुरू कर सकता है। इस समय बच्चे के साथ सोना एक अच्छा विचार होगा, इससे बच्चे को आपकी मौजूदगी का अहसास होगा और आश्वस्त होकर अपनी नींद ले सकेगा। हालांकि, धीरे-धीरे समय के साथ वह रात में देर तक सोने लगेगा। इसका मतलब है कि फिर आपको भी अपनी नींद पूरी करने का मौका मिल जाएगा ।

35 सप्ताह के बच्चे की देखभाल के टिप्स

यहाँ कुछ युक्तियां दी गई हैं जो आपके बच्चे की देखभाल में मदद करने के साथ-साथ उसके मोटर स्किल और मानसिक कौशल को सुधारने में भी मदद कर सकती हैं।

  • जितना हो सके अपने बच्चे से बात करें और उसके आस-पास की हर चीज को एक नाम देने की कोशिश करें। इससे चीजों को समझने और पहचानने में मदद मिलती है, क्योंकि वह ध्वनियों को अपने आस-पास की चीजों के साथ जोड़ लेता है। इसके अलावा, जितना संभव हो सके बच्चे को उसके नाम से बुलाएं, ताकि उसे यह आभास हो जाए कि, वह विशेष ध्वनि उसकी पहचान से संबंधित है।
  • अपने बच्चे को कहानियां सुनाएं और भावनाओं को प्रतिबिंबित करने के लिए अपने स्वर में उतार चढ़ाव लाएं । यह उसे बात करने के तरीके में उतार चढ़ाव को समझने में मदद करता है और यह समझना आसान करता है कि विभिन्न भावनाओं को व्यक्त करने के लिए ध्वनियां और स्वर कैसे विविध हो सकते हैं।
  • अपने बच्चे को जितना संभव हो सके सुनें और उनसे बातचीत करें। उसे यह अहसास दिलाएं कि आप उसकी बातों को गौर से सुन रही हैं और फिर उसकी बातों का जवाब भी दें । अगर आपको लगता है कि, वह कुछ मांग रहा है, तो उसे जो चीज चाहिए उसकी ओर इशारा करें और उससे पूछें कि क्या उसे वह चाहिए – उसके जवाब का इंतजार करें कि वह कहता है।
  • बच्चे की मोटर स्किल को बेहतर करने के लिए उसके साथ आसान खेल खेलें । इसके अलावा बच्चे के हिसाब से अपने घर को व्यवस्थित करें ताकि खेलते वक्त उन्हें कोई गंभीर चोट न लगे।

जाँच और टीकाकरण

इस अवधि के दौरान, आपको बाल रोग विशेषज्ञ द्वारा हेपेटाइटिस बी और पोलियो के टीके निर्धारित किए जा सकते हैं। इन दोनों टीकों को 6 महीने से 18 महीने की उम्र के बीच कभी भी लगाया जा सकता है। हालांकि, शिशु के एक वर्ष की आयु पार करने के बाद बाकि अन्य सभी प्रमुख टीकाकरण निर्धारित किए जाएंगे।

खेल और गतिविधियां

इस उम्र में बच्चों के लिए खेल बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे बच्चे के संज्ञानात्मक और शारीरिक विकास को सीधे प्रभावित करते हैं। बच्चे को नहलाते वक्त, आप बच्चे के साथ पानी के खेल खेल सकती हैं। उन्हें एक मग में पानी डालकर वापस से टब में डाल दें, इस प्रकार उन्हें भी ऐसा करने दें । उसे ऐसा करने के लिए आप उन्हें प्रोत्साहित करें- यह उसके हाथ से आँख के बीच समन्वय में सुधार करने का एक शानदार तरीका है।

अपने बच्चे के लिए उनका कुछ जाना पहचाना गाना चलाएं और देखें कि क्या वह उन ध्वनियों को पहचानता है या नहीं । जल्द ही, आपका बच्चा उसके साथ ‘गाना’ शुरू कर देगा, और वो भी अलग-अलग ध्वनियों में।

आप अपने बच्चे को घर के बाहर किसी पार्क में भी ले जा सकती हैं। अपनी अँगुलियों से चीजों की ओर इशारा करें और उसे उनके नाम बताएं। यह न केवल उसके स्थानिक कौशल को बेहतर बनाने में मदद करता है बल्कि उसके दिमाग में शब्दों के बीच संबंध बनाने में भी मदद करता है।

चिकित्सक से परामर्श कब करें

यदि आपको लगता है कि आपका बच्चा जिस तरह से व्यवहार कर रहा है, उसमें कुछ गड़बड़ी है, तो डॉक्टर को दिखाना बेहतर होगा। बच्चे को सभी टीकाकरण करवाना बहुत जरूरी है और यदि आपका बच्चा किसी बीमारी से बहुत लंबे समय से प्रभावित है, भले ही यह एक साधारण सर्दी हो, तो डॉक्टर से भेंट करें।

अब तक आपका बच्चा पर्याप्त तरीके से अपने विकास के पड़ाव को पार कर रहा है और यह देखना आपके लिए बेहद सुखद पलों में से एक है। यह वह समय भी है जब बच्चा सबसे अधिक चंचल होता है, इसलिए अपने बच्चे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं और संबंध को और मजबूत करें ।