बड़े बच्चे (5-8 वर्ष)

5 साल के बच्चे में व्यवहार संबंधी समस्या: कारण और अनुशासन के टिप्स

हम सभी बच्चों से प्यार करते हैं, लेकिन जैसे-जैसे वे बड़े होते हैं, उनके व्यवहार को समझना और प्रतिक्रिया को जानना मुश्किल हो जाता है। व्यवहार संबंधी समस्याओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगती है। 5 साल के बच्चों में व्यावहारिक समस्याओं और नखरों का बढ़ना माता-पिता को परेशान और भ्रमित करने वाली स्थिति पैदा कर सकता है।

5 साल के बच्चे से कैसे व्यवहार की अपेक्षा की जाती है?

आमतौर पर 5 साल की उम्र तक के कई बच्चे यह समझ जाते हैं कि उन्हें कुछ चीजें या काम खुद करने की जरूरत है, जैसे अपने दांत ब्रश करना, नहाना, या स्कूल के लिए तैयार होना। कुछ मार्गदर्शन और निर्देशों की जरूरत हो सकती है ताकि वे इन सभी गतिविधियों को ठीक से करें और कुछ भूले भी नहीं।

कई बच्चे इस उम्र तक दूसरे बच्चों के साथ घुलना-मिलना करना शुरू कर देते हैं। वह अपने लिए नए दोस्तों की तलाश करने लगते हैं। इसके अलावा वे कभी-कभी अपने से जुड़ी चीजों पर अधिकार समझने लगते हैं और अपने खिलौनों को अपने पास रखने की कोशिश करने लगते हैं। यह व्यवहार सामान्य है और आपके बच्चे को उन खेलों में शामिल करके नियंत्रित किया जा सकता है जिनको वो अकेले खेलना पसंद करता है।

इस उम्र में बच्चों की कुछ नया जानने की इच्छा चरम पर होती है। आपका 5 साल का बच्चा आपसे हर समय, यहां तक कि कई बार गलत समय पर भी कई सवाल पूछ सकता है। इससे सार्वजनिक रूप से आपको शर्मिंदगी का सामना करना करना पड़ सकता है, लेकिन फिर भी अपने बच्चे को सवाल पूछने से मना न करें, बल्कि उसे सोचने और तर्क करने की कोशिश करने के लिए प्रोत्साहित करें।

आपका बच्चा छोटा होने पर रो सकता था, लेकिन अब वो अपनी भावनाओं पर काफी हद तक नियंत्रित करना सीख जाता है, जैसे खेलते समय वह गिरना, रोना और फिर से खेलना शुरू कर सकता है। वह गुस्से को शांत भी कर सकता है, तो कभी अनियंत्रित। उसके व्यवहार के मुताबिक आपको उसकी भावनाओं को सही तरीके से समझकर उसका मार्गदर्शन करने की जरूरत हो सकती है।

5 साल के बच्चों में आमतौर पर कौन सी व्यवहारिक समस्याएं देखी जाती हैं?

आपके बच्चे के सामने आने वाली किसी भी समस्या को समझने के लिए स्कूल में 5 वर्षीय बच्चों के व्यवहार संबंधी समस्याओं को समझना एक अच्छा तरीका होगा।

आपका बच्चा छोटी-छोटी बातों पर नियमित रूप से बच्चों के साथ झगड़े और बहस में शामिल होता हो।  क्या वह आमतौर पर अकेला रहता है और उसके दोस्त हर समय उससे दूर रहने की कोशिश करते हैं। वह कक्षा में पढ़ा हुआ इसलिए नोट नहीं कर पाता, क्योंकि उसका मन नहीं करता है या वह अपना होमवर्क पूरा नहीं कर सकता है। इसके अलावा वह जिद्दी भी हो सकता है और नखरे भी कर सकता है या आपके मित्र और परिवार के लोग उसे एक उपद्रवी कहते हैं जो केवल उसके लिए समस्या ही पैदा करता है जिससे बच्चे में नकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा मिलता है।

5 साल के बच्चों में व्यवहार संबंधी समस्याओं के आम कारण क्या हैं?

इस उम्र में बच्चे अपने आसपास की चीजों को समझने की कोशिश करते हैं। यही वह उम्र है जब उनके व्यक्तित्व का विकास होता है, लेकिन कुछ चीजें उनमें व्यवहार संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती हैं। आइए जानते हैं बच्चों में व्यवहार संबंधी समस्या के क्या परिणाम होते हैं:

  • इस उम्र में बच्चा जिंदगी में सबसे पहले प्रीस्कूल से किंडरगार्टन में होने वाले बदलाव और उससे होने वाली परेशानी को महसूस करता है। क्योंकि उसे वहां पहले वाला माहौल और दोस्त नहीं मिलते बल्कि सब कुछ नया होता है। जिसके साथ बच्चे अक्सर तालमेल बिठाने में असहज महसूस करते हैं। इसके अलावा बच्चा घर पर उपलब्ध स्वतंत्रता के बिना, एक जगह पर चुपचाप बैठकर पढ़ने और सीखने की नई जीवन शैली को समझने की कोशिश करता है।
  • कई बार अत्यधिक जानने की इच्छा भी बच्चे की निराशा को प्रकट कर सकती है। यह तब होता है जब बच्चे गतिविधियों को करने की अपनी क्षमताओं का एहसास नहीं करते हैं और बार-बार विफलताओं से निराश हो जाते हैं।
  • घर पर 5 साल के बच्चे की व्यवहार संबंधी समस्याएं उसके हर काम में परफेक्ट होने की चाहत और ऐसा करने में असफल होने के डर का परिणाम भी हो सकती हैं। यह नाखुशी आगे नखरे में बदल सकती है। जबकि कुछ बच्चे हमेशा स्वतंत्र या यूं कहें कि अपने मन की करने वाले होते हैं, ऐसे में उन्हें रोकने पर वो आपके प्रति असभ्य प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

व्यवहार संबंधी समस्या वाले 5 साल के बच्चे को कैसे अनुशासित करें

इस उम्र में अपने बच्चे के व्यवहार की समस्या से निपटने के लिए यहां कुछ तरीके दिए गए हैं।

1. इसे सरल रखें

इस उम्र में एक बच्चा अपने व्यवहार के पीछे के तर्क को समझने के लिए तैयार नहीं होता है। उसे समझाने की कोशिश करना उसे और भी ज्यादा गुमराह कर सकता है। अगर चीजें उसके अनुसार नहीं होती हैं तो बच्चा समय के साथ नखरे दिखाना और गुस्से में चीखना आदि व्यवहार अपना सकता है, इसलिए आपको उसके व्यवहार को समझकर, उसे सौम्य स्वर में और आसान तरीके से समझाना चाहिए। जिससे वह गलती को दोबारा न दोहराए।

2. धैर्य रखें

आपका बच्चा रातों-रात एक आदर्श बच्चा नहीं बन सकता है। उसमें व्यवहार संबंधी समस्याएं समय-समय पर सामने आती रहेंगी, क्योंकि वह भी भावनाओं और तर्क के साथ अपने व्यवहार को समझने की कोशिश कर रहा होगा। इसके लिए आप बच्चे को बताना जारी रखें कि यह गलत है और समय के साथ, वह समझ जाएगा।

3. सख्त रहें

बच्चे का बार-बार चीजों को फेंकना या चीजों को तोड़ना जैसी क्रिया होने पर उसका सख्ती से विरोध करें, साथ ही इस उम्र में आक्रामकता और हिंसा के किसी भी प्रदर्शन को शुरुआत में ही खत्म कर देना चाहिए।

4. कारण को समझें

अपने बच्चे से यह पूछने की कोशिश करें कि वह ऐसा व्यवहार क्यों कर रहा है। अगर वह बात नहीं करता है, तो यह पता लगाने की कोशिश करें कि हाल के दिनों में ऐसा क्या बदलाव आया है जिसके कारण वह ऐसा व्यवहार कर रहा है।

5. कम्युनिकेशन जारी रखें

अगर आप अपने बच्चे की किसी बात से नाराज हैं और बात नहीं कर रहे हैं, तो ऐसे में भी आप उसके कमरे में एक ऐसी जगह चुन सकते हैं जहाँ आप चुपचाप बैठ सकें और बिना उससे बात किए, उसे समझ और सुन सकें या यूं कहे कि जो कुछ भी वह चाहता है, वह आपको बता सके।

6. एक अच्छी दिनचर्या जरूरी है

पर्याप्त नींद या आराम न करना, या एक साथ बहुत सारी एक्टिविटीज करने से आपका बच्चा चिड़चिड़ा हो सकता है। ऐसे में यह जरुर सुनिश्चित करें कि वह उचित नींद लेता है और एक दिनचर्या का पालन करता है ताकि उसका व्यवहार प्रभावित न हो। आपको उसे अपनी पसंद खुद बनाने देनी चाहिए।

7. एक तरीका सभी के काम नहीं आता

आपको अपने बच्चे को अनुशासित करने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनाने की आवश्यकता हो सकती है। टाइम आउट का नियम बनाना या प्रतिबंध लगाना कुछ बच्चों के लिए काम कर सकता है लेकिन दूसरों के लिए नहीं। इसलिए, आपको अपने बच्चे के व्यवहार को अनुशासित करने के लिए सबसे अच्छे और नए तरीके को चुनने की जरूरत है।

अधिकांश माता-पिता के लिए, उनके 5 साल के बच्चे में व्यवहार संबंधी समस्याएं आसानी से महसूस हो सकती हैं। क्रोधित होना और अपने बच्चे को मारना उसे अनुशासित करने का सही तरीका नहीं है। कोई भी बच्चा द्वेष या ईर्ष्या के अनुसार काम नहीं करता है, इसलिए उसके व्यवहार का कारण जानने की कोशिश करें। इससे आप आधी समस्या को उसी समय और उसी जगह हल कर सकेंगे।

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समर नक़वी

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