बच्चों की कहानियां

अकबर-बीरबल की कहानी: खाने के बाद लेटना | Resting After Meal Story In Hindi

अकबर और बीरबल की कहानियां सालों से सुनती और सुनाई जाती रही हैं। ये कहानियां बहुत मनोरंजक होती हैं। बीरबल ने एक बार अकबर से कहा था कि खाने के बाद लेटना उनकी ऐसी आदत है जो वह कभी नहीं छोड़ते। अकबर ने सोचा कि क्यों न इस बारे में बीरबल की परीक्षा ली जाए। बीरबल की सच्चाई परखने के लिए अकबर ने उन्हें एक धर्म संकट में डाल दिया। तब भी बीरबल ने अपनी चतुराई और होशियारी से स्थिति को संभाल लिया और एक बार फिर अकबर को अपना मुरीद बना लिया।

कहानी के पात्र (Characters Of The Story)

इस प्रसिद्ध कहानी के मुख्य पात्र इस प्रकार हैं –

ADVERTISEMENTS

  • बादशाह अकबर
  • बीरबल
  • एक नौकर

अकबर-बीरबल की कहानी : खाने के बाद लेटना (Resting After Meal Story In Hindi)

एक बार की बात है, सम्राट अकबर और बीरबल बैठे बातें कर रहे थे। तब किसी विषय पर बीरबल ने अकबर से कहा कि खाने के बाद लेटना उनकी आदत है और चाहे जो हो जाए वह ये आदत कभी नहीं छोड़ते। अकबर ने उस समय बीरबल की बात सुनकर छोड़ दी। लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें यह बात फिर से याद आई। बादशाह अकबर ने मन ही मन सोचा कि क्यों न आज बीरबल की परीक्षा ली जाए, इस समय वह खाना खा ही रहा होगा। आज देखते हैं कि वह अपनी बात पर कितना कायम रहता है।

यह सोचकर अकबर ने एक नौकर को आवाज देकर आदेश दिया –

ADVERTISEMENTS

“जाओ जाकर बीरबल से कहो कि खाना होते ही बादशाह ने बुलाया है।”

नौकर तुरंत बीरबल के घर पहुंचा। बीरबल बस खाना समाप्त ही कर रहे थे। नौकर ने उन्हें बादशाह के फरमान के बारे में बताया। बीरबल झट से समझ गए कि इसके पीछे अकबर क्या चाहते हैं। बीरबल ने नौकर से कहा –

ADVERTISEMENTS

“बस कुछ देर रुको। मैं कपड़े बदलकर आता हूँ।”

बीरबल हाथ धोकर कमरे में गए और उन्होंने अलमारी से अपना वह पजामा ढूंढ निकला जो उन्हें थोड़ा तंग होने लगा था। पजामा तंग था इसलिए उसे पहनने के लिए बीरबल अपने पलंग पर बैठे और फिर लेट भी गए। खाने के बाद लेटने का नियम पालन करने के लिए बीरबल चार पल पलंग पर वैसे ही लेटे रहे। फिर वह उठे और कपड़े पहनकर बाहर आकर नौकर के साथ महल की ओर चल दिए।

ADVERTISEMENTS

अकबर अपने महल में बीरबल का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उन्हें देखते ही अकबर ने पूछा –

“क्यों बीरबल खाने के बाद आने में देर लगा दी, खाने के बाद लेटे थे क्या?”

ADVERTISEMENTS

बीरबल ने जवाब दिया –

“जी हुजूर लेटा तो था।”

ADVERTISEMENTS

यह सुनते ही अकबर को गुस्सा आ गया और वह गरजकर बीरबल से बोले –

“इसका मतलब तुमने शाही आदेश की अवहेलना की! जब हमने तुम्हें खाना खत्म होते ही चले आने को कहा था तब भी तुमने लेटने की हिम्मत की। अब तुम्हें इसकी सजा दी जाएगी।”

ADVERTISEMENTS

बीरबल पहले से ही तैयार थे। वह बोले –

“आलमपनाह मैंने कतई आपके आदेश की अवहेलना नहीं की है। चाहे तो नौकर से पूछ लें। मैं खाना खाकर तुरंत ही आपके पास आने के लिए निकला था। बस अपने कपड़े बदलने कमरे में गया था। क्या है कि यह पजामा बड़ा तंग है। इसलिए इसे पहनने के लिए मुझे पलंग पर बैठना और लेटना पड़ा ताकि इसे अच्छे से पहन सकूँ।”

ADVERTISEMENTS

बीरबल का जवाब सुनते ही अकबर का सारा गुस्सा काफूर हो गया और वह ठहाका लगाकर हंसने लगे और जान गए कि एक बार फिर से बीरबल ने अपनी चतुराई से सब कुछ संभाल लिया है।

अकबर-बीरबल की कहानी : खाने के बाद लेटना से सीख (Moral of Resting After Meal Hindi Story)

अकबर-बीरबल की कहानी : खाने के बाद लेटना से यह सीख मिलती है कि हमें किसी भी परिस्थिति में धैर्य के साथ सोचकर और अपनी सूझबूझ के इस्तेमाल से समस्या को हल करना चाहिए। 

ADVERTISEMENTS

अकबर-बीरबल की कहानी : खाने के बाद लेटना का कहानी प्रकार (Story Type of Resting After Meal Hindi Story)

यह कहानी अकबर-बीरबल की कहानी के अंतर्गत आती है जो मनोरंजक होने के साथ ही यह शिक्षा भी देती है कि हमें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. बीरबल कौन थे?

बीरबल मुगल बादशाह अकबर के दरबार में प्रमुख वज़ीर और उनके नवरत्नों में से एक थे। वे बेहद तीव्र बुद्धि के थे।

ADVERTISEMENTS

2. बीरबल का असली नाम क्या था?

बीरबल का असली नाम महेश दास था।

3. अकबर के नवरत्न कौन थे?

अकबर के दरबार में नवरत्न ऐसे 9 व्यक्ति थे जिन्हें किसी न किसी क्षेत्र में महारत हासिल थी।

ADVERTISEMENTS

निष्कर्ष (Conclusion)

अकबर और बीरबल की कहानियां बच्चों का भरपूर मनोरंजन करती हैं और उन्हें नैतिक शिक्षा भी देती हैं। बीरबल अपनी उत्कृष्ट बुद्धि, चतुराई और समझदारी के लिए जाने जाते थे। बादशाह अकबर को उनसे बहुत लगाव था और वह उनकी होशियारी के कायल थे। इसलिए बीरबल न केवल अकबर के एक दरबारी थे बल्कि उनके दोस्त और सलाहकार के रूप में भी उनके साथ रहते थे। बच्चों को इस तरह की कहानियां सुनाने से उन्हें मानवीय रिश्तों के महत्व का भी अहसास होता है।

यह भी पढ़ें:

ADVERTISEMENTS

बीरबल की खिचड़ी की कहानी (Birbal Ki Khichdi Story In Hindi)
अकबर-बीरबल की कहानी: सबसे बड़ा हथियार (Biggest Weapon Story In Hindi)
अकबर-बीरबल की कहानी : सबसे बड़ा मनहूस कौन (The Unlucky Servant Story In Hindi)

श्रेयसी चाफेकर

Recent Posts

प्रिय शिक्षक पर निबंध (Essay On Favourite Teacher In Hindi)

शिक्षक हमारे जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह केवल किताबों से ज्ञान नहीं…

1 month ago

मेरा देश पर निबंध (Essay On My Country For Classes 1, 2 And 3 In Hindi)

मेरा देश भारत बहुत सुंदर और प्यारा है। मेरे देश का इतिहास बहुत पुराना है…

1 month ago

शिक्षा का महत्व पर निबंध (Essay On The Importance Of Education In Hindi)

शिक्षा यानी ज्ञान अर्जित करने और दिमाग को सोचने व तर्क लगाकर समस्याओं को हल…

1 month ago

अच्छी आदतों पर निबंध (Essay On Good Habits in Hindi)

छोटे बच्चों के लिए निबंध लिखना एक बहुत उपयोगी काम है। इससे बच्चों में सोचने…

1 month ago

कक्षा 1 के बच्चों के लिए मेरा प्रिय मित्र पर निबंध (My Best Friend Essay For Class 1 in Hindi)

बच्चों के लिए निबंध लिखना बहुत उपयोगी होता है क्योंकि इससे वे अपने विचारों को…

1 month ago

मेरा प्रिय खेल पर निबंध (Essay On My Favourite Game In Hindi)

खेल हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। ये न सिर्फ मनोरंजन का साधन…

1 month ago