बड़े बच्चे (5-8 वर्ष)

बच्चों के लिए बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई)

मोटापा आज दुनिया भर के माता-पिता के लिए चिंता का एक बड़ा कारण है। दिल के स्वस्थ तरीके से काम करने और किसी भी बीमारी से बचने के लिए शुरुआत से ही बच्चों के हेल्दी वेट पर ध्यान देना चाहिए। हृदय रोग केवल मोटापे से संबंधित खतरा नहीं है। मोटापा अन्य बीमारियों जैसे टाइप 2 डायबिटीज, अस्थमा, स्लीप एपनिया और मनोवैज्ञानिक समस्याओं का कारण बन सकता है, जो सोशल स्टिग्मा बन सकता है।

बीएमआई क्या है?

बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) मीटर में मापी गई लंबाई के वर्ग से डिवाइड किलोग्राम में व्यक्ति का वजन है। बच्चों और टीनएजर्स के लिए, बीएमआई उम्र और जेंडर के अनुसार होता है और इसे बीएमआई-फॉर-एज के नाम से जाना जाता है। बचपन में उम्र से ज्यादा या कम वजन होना खतरे का संकेत हो सकता है और यह बच्चे में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है।

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बच्चों के लिए बीएमआई की गणना कैसे की जाती है?

बॉडी मास इंडेक्स बच्चे के वजन और उसकी लंबाई के बीच के कैलकुलेशन को कहा जाता है जिससे बच्चे के शरीर में मौजूद फैट और वजन से जुड़ी बीमारियों का पता लगाया जाता है। ऐसा करने के लिए एक ही उम्र के कई बच्चों को लंबे समय तक ट्रैक करना पड़ता है और इसके बाद एक चार्ट तैयार होता है। अगर चार्ट पर एक स्मूद कर्व बने तो इसका मतलब होगा की बच्चा स्वस्थ है और सही से विकास कर रहा है। बच्चे की प्रगति को ट्रैक करते रहें मगर साथ ही अपने डॉक्टर से मिल कर रेगुलर बीएमआई चेक करवाएं। जब कैलकुलेशन खत्म हो जाए तो बीएमआई चार्ट की मदद से बच्चे के विकास को गौर से ट्रैक करें।

लड़कियों के लिए विकास और बीएमआई चार्ट:

स्रोत: https://www.cdc.gov/growthcharts/data/set1clinical/cj41l024.pdf

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लड़कों के लिए विकास और बीएमआई चार्ट:

स्रोत: https://www.cdc.gov/healthyweight/assessing/bmi/childrens_bmi/about_childrens_bmi.html

बच्चे का बीएमआई कैसे ट्रैक करें?

जब आपका बच्चा 2 साल का हो जाएगा तो डॉक्टर आपको रूटीन चेकअप के लिए बुलाएंगे। यह मेजरमेंट एक ग्राफ पर बनाए जाएंगे जिसमें उसकी तुलना आपके बच्चे के उम्र और लिंग के बाकी बच्चों से होगी। डॉक्टर ये सब एक स्टैंडर्ड ग्रोथ चार्ट पर बनाते हैं, लड़कों और लड़कियों के लिए अलग चार्ट होता है। यह बढ़ती उम्र के साथ ग्रोथ रेट और बॉडी फैट के बारे में जानने में मदद करता है।

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आपके बच्चे के मेडिकल रिकॉर्ड की जानकारी बहुत ही ध्यान से देखी जाएगी और कई विजिट में बच्चे की प्रगति को मॉनिटर किया जाएगा। यह जानकारी बच्चों और किशोरों के बड़े होने पर अधिक वजन होने के खतरे की पहचान करने में मदद करती है। इन बच्चों को बारीकी से मॉनिटर करके, डॉक्टर भविष्य में होने वाली किसी भी समस्या को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाते हैं।

बीएमआई पर्सेंटाइल क्या होता है और इसकी व्याख्या कैसे की जानी चाहिए?

बच्चों और टीन्स के लिए मापे गए बीएमआई को पर्सेंटाइल के रूप में दिखाया जाता है, जिसे पर्सेंटाइल रैंकिंग प्राप्त करने के लिए ग्रोथ चार्ट पर प्लॉट किया जाता है। बच्चों के साइज और ग्रोथ पैटर्न को पाने के लिए पर्सेंटाइल को इंडिकेटर की तरह इस्तेमाल किया जाता है। पर्सेंटाइल समान उम्र और लिंग के अन्य बच्चों के लिए एक कंपैरेटिव यार्डस्टिक है। ग्रोथ और डेवलपमेंट के दौरान वजन और लंबाई में बदलाव होता है और वैसे ही उनका बॉडी फैट के साथ संबंध भी बदलता है।

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बच्चों के लिए नॉर्मल बीएमआई क्या है?

अलग-अलग उम्र और लिंग के लिए बीएमआई नंबर की अलग-अलग व्याख्याएं हैं। अन्य बच्चों के साथ तुलना करना जरूरी है क्योंकि उम्र के साथ मांसपेशियों में विकास होता है और लड़कों में लड़कियों की तुलना में अधिक मांसपेशियां होती हैं। पर्सेंटाइल में बच्चों के लिए एक हेल्दी बीएमआई 5वें और 85वें पर्सेंटाइल के बीच होता है। लड़कों के लिए सामान्य बीएमआई रेंज 5 साल के बच्चों के लिए 13.8-16.8, 10 साल के लिए 14.2-19.4 और 15 साल के लिए 6.5-23.4 है। लड़कियों के लिए सामान्य बीएमआई रेंज 5 साल की उम्र के लिए 13.6-16.7, 10 साल की उम्र के लिए 14-19.5 और 15 साल की उम्र के लिए 16.3-24 है।

बच्चों के लिए बीएमआई का उपयोग कैसे किया जाता है?

बीएमआई बच्चों के लिए निदान का विकल्प नहीं है बल्कि वजन से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए एक स्क्रीनिंग मेजर के रूप में उपयोग किया जाता है। यदि किसी बच्चे का ग्राफ हाई बीएमआई बताता है, तो डॉक्टर यह बताएंगे कि आगे क्या करना है, जैसे स्किन फोल्ड थिकनेस मेजरमेंट, डाइट की जांच और अन्य हेल्थ स्क्रीनिंग से यह पता किया जाता है कि ज्यादा फैट से जुड़ी कोई समस्या तो नहीं है।

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क्या बच्चों के लिए बीएमआई की व्याख्या बड़ों के समान ही होती है?

हालांकि बीएमआई का कैलकुलेशन वजन, लंबाई और बॉडी फैट के साथ उनके रिलेशन के आधार पर किया जाता है, इसके आलावा समान लिंग और उनकी उम्र के अन्य बच्चों के साथ तुलना की जाती है। बच्चों के साथ, इसे कंपैरेटिव बेसिस पर करने की जरूरत होती है, क्योंकि बच्चे उम्र के साथ बढ़ते और मैच्योर होते हैं। बड़ों के लिए बीएमआई की व्याख्या वेट स्टेटस कैटेगरी के रूप में की जाती है जिसका लिंग और उम्र से कोई मतलब नहीं होता है।

बच्चों के लिए वजन से संबंधित श्रेणियां

जैसे ही किसी बच्चे का बीएमआई पता चलता है, यह देखा जाता है कि वह किस श्रेणी में आता है। नीचे आपको वजन से संबंधित श्रेणियों के बारे में बताया गया है:

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  • कम वजन: वह श्रेणी जहाँ बीएमआई 5वें पर्सेंटाइल से कम है।
  • नॉर्मल वजन: वह श्रेणी जहाँ बीएमआई 5वें पर्सेंटाइल से 85वें पर्सेंटाइल के बीच है।
  • ज्यादा वजन: वह श्रेणी जहाँ बीएमआई 85वें पर्सेंटाइल से अधिक मगर 95वें पर्सेंटाइल से कम है।
  • मोटापा: वह श्रेणी जहाँ बीएमआई 95वें पर्सेंटाइल से ज्यादा या उसके बराबर है।

हाई पर्सेंटाइल और लो पर्सेंटाइल से जुड़े सेहत के जोखिम

मोटापे से जुड़ा जोखिम:

  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हाई कोलेस्ट्रॉल
  • टाइप 2 डायबिटीज
  • स्लीप एपनिया और अस्थमा
  • लीवर की बीमारी
  • जोड़ों और मांसपेशियों की समस्या
  • कम आत्मसम्मान की वजह से तनाव, डिप्रेशन और अन्य व्यवहार संबंधी समस्याएं

कम वजन होने से जुड़े जोखिम:

  • रेस्पिरेटरी डिसऑर्डर
  • कमजोर इम्यून सिस्टम
  • चोट लगने की संभावना
  • पोषक तत्वों की कमी

बीएमआई का इस्तेमाल किसी बीमारी का इलाज करने के लिए नहीं किया जा सकता है, लेकिन किसी भी अंतर्निहित परेशानी की गहराई से जांच करने के लिए किया जाता है। यह वजन से जुड़ी किसी भी परेशानी को पता करने के लिए भी मदद करता है जिससे बच्चे को भविष्य में दिक्कत हो सकती है।

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समर नक़वी

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