शिशु

शिशु के लिए गाजर की प्यूरी – इसे कैसे बनाएं

कई लोग चावल का उपयोग करके अपने बच्चों को ठोस भोजन देने का विकल्प चुनते हैं, वहीं गाजर भी इस उद्देश्य के लिए उपयोगी है। गाजर में भरपूर पोषक तत्व, सर्वोत्तम प्राकृतिक स्वाद, और किसी भी प्रकार एलर्जी को पैदा करने की बहुत कम संभावना होती है। इसके अलावा बच्चे के लिए गाजर से बने इस व्यंजन को तैयार करना बेहद सरल है और यह बहुत कम समय में बन जाता है।

बेहतरीन गाजर कैसे चुनें और खरीदें?

बच्चे के लिए गाजर खरीदते समय, सुनिश्चित करें कि वह ठोस और साफ हैं। गाजर का रंग एक समान ताज़ा और नारंगी होना अनिवार्य है। छेद वाले गाजर से बचें क्योंकि इसे कीटाणु संक्रमित कर सकते है।

ADVERTISEMENTS

गाजर प्यूरी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

  • एक मध्यम आकार की गाजर
  • स्तन का दूध या फार्मूला आधारित दूध
  • पानी

शिशु के लिए गाजर प्यूरी कैसे बनाएं?

बच्चे के लिए गाजर प्यूरी नुस्खा बेहद सरल है और यह कुछ ही चरणों में बन जाती है।

1. गाजर खरीदें: ऐसी ठोस गाजर लें जिसका रंग बेहतर हो। बच्चे के लिए प्यूरी में एक मध्यम गाजर पर्याप्त से अधिक है।

ADVERTISEMENTS

2. गाजर तैयार करें: गाजर को ठंडे पानी के नीचे अच्छी तरह से धो लें, जिससे उसमें मौजूद कोई भी अशुद्धियाँ या मिट्टी निकल जाए। उसे छील कर, उसके सिरे से हरी पत्तियों को हटा दें और फिर इसे छोटे टुकड़ों में काट लें।

3. गाजर पकाएं: एक पैन लें और उसमें थोड़ा पानी डालें। इसे उबाल लें और फिर आँच को कम कर दें, पानी में उबाल आने पर उसमें गाजर के टुकड़े डालें। इसे आँच पर लगभग 15 मिनट या तब तक पकने दें जब तक कि गाजर नर्म और कोमल न हो जाए। होने के बाद, गाजर से पानी निकाल लें और ठंडे पानी के नीचे धो लें। यह पकने की प्रक्रिया को तुरंत रोक देता है।

ADVERTISEMENTS

4. गाजर को मैश करें: गाजर को प्यूरी में बदलने का सबसे अच्छा तरीका ब्लेंडर का उपयोग करना है। गाजर के सभी टुकड़ों को ब्लेंडर में डालें और अच्छी तरह से ब्लेंड करें। जब तक यह स्थिर न हो जाए इसमें हिसाब से पानी डालें, इसे अच्छी तरह से ब्लेंड करके बच्चे के लिए उपयुक्त पेस्ट बनाएं । अगर आपका शिशु अभी 10 महीने का नहीं है और वह ठोस भोजन को ठीक से चबा या पचा नहीं सकता है, तो ख्याल रहे उस पेस्ट में गाजर का या किसी भी प्रकार का कोई भी टुकड़ा न, पेस्ट को पूरी तरह से मिश्रित कर लेंहो।

5. प्यूरी का स्वाद बढ़ाएं: हालांकि प्यूरी अपने आप में काफी स्वादिष्ट होती है, लेकिन इसमें कुछ सब्ज़ियाँ, जैसे ब्रोकोली, शकरकंद आदि मिलाकर आप इसका स्वाद बढ़ा सकती हैं।

ADVERTISEMENTS

6. प्यूरी को स्टोर करें: यदि प्यूरी बच गई है तो उसे फ्रिज में रखना अनिवार्य है, इस तरह से प्यूरी को आप 3 दिन तक उपयोग कर सकती हैं। अधिक समय तक प्यूरी का उपयोग करने के लिए सभी को एक साथ ठंडा करें।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • यदि आपके शिशु को अन्य खाद्य पदार्थों से एलर्जी है, तो पहली बार में उसे थोड़ी सी प्यूरी दें या इसे देने से पहले अपने डॉक्टर की राय लेना बेहतरीन होगा।
  • बाज़ार में मौजूद गाजरों में नाइट्रेट का उच्च स्तर होने के कारण डॉक्टर आपको गाजर की प्यूरी घर पर बनाने के लिए मना कर सकते हैं।

गाजर, आपके बच्चे के लिए ठोस खाद्य पदार्थ देने का सबसे अच्छा तरीका है। 6 महीने के शिशु के लिए गाजर प्यूरी आसानी से तैयार की जा सकती है और इसे बिना किसी परेशानी के बच्चे को खिलाया भी जा सकता है। किसी भी जटिलता की संभावना के लिए हमेशा डॉक्टर से दोबारा जाँच कराएं, जिसके कारण शिशु हमेशा सुरक्षित रहेगा ।

ADVERTISEMENTS

सुरक्षा कटियार

Recent Posts

प्रिय शिक्षक पर निबंध (Essay On Favourite Teacher In Hindi)

शिक्षक हमारे जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह केवल किताबों से ज्ञान नहीं…

1 month ago

मेरा देश पर निबंध (Essay On My Country For Classes 1, 2 And 3 In Hindi)

मेरा देश भारत बहुत सुंदर और प्यारा है। मेरे देश का इतिहास बहुत पुराना है…

1 month ago

शिक्षा का महत्व पर निबंध (Essay On The Importance Of Education In Hindi)

शिक्षा यानी ज्ञान अर्जित करने और दिमाग को सोचने व तर्क लगाकर समस्याओं को हल…

1 month ago

अच्छी आदतों पर निबंध (Essay On Good Habits in Hindi)

छोटे बच्चों के लिए निबंध लिखना एक बहुत उपयोगी काम है। इससे बच्चों में सोचने…

1 month ago

कक्षा 1 के बच्चों के लिए मेरा प्रिय मित्र पर निबंध (My Best Friend Essay For Class 1 in Hindi)

बच्चों के लिए निबंध लिखना बहुत उपयोगी होता है क्योंकि इससे वे अपने विचारों को…

1 month ago

मेरा प्रिय खेल पर निबंध (Essay On My Favourite Game In Hindi)

खेल हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। ये न सिर्फ मनोरंजन का साधन…

1 month ago