शिशु

बच्चों के रात के खाने के लिए 8 टेस्टी रेसिपीज

डॉक्टरों के अनुसार शिशुओं को उनके जीवन के पहले छह महीनों में माँ के दूध के अलावा कुछ और नहीं देना चाहिए। अगर कुछ माताएं स्तनपान कराने में असमर्थ होती हैं तो वे अपने बच्चे को बेबी फार्मूला दूध दे सकती हैं। एक बार जब आपका बच्चा 6 महीने का हो जाए, तो आप उसे ठोस आहार जैसे फल की प्यूरी, दाल, खिचड़ी आदि खिलाना शुरू कर सकती हैं। कुछ शिशु खाने के मामले में नखरैल हो सकते हैं और संभवतः वे दिए जाने वाले हर भोजन का स्वाद या बनावट पसंद न करें। इस लेख में हमने आपको शिशुओं के लिए रात के स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन के विकल्पों के बारे में बताया है, जो आपके लाडले को जरूर पसंद आएंगे।

शिशुओं को धीरे-धीरे ठोस पदार्थों से परिचित कराया जाना चाहिए। उनके भोजन में नमक या चीनी नहीं होनी चाहिए क्योंकि ये पदार्थ बच्चे के स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं होते हैं। खाद्य पदार्थों को स्वादिष्ट बनाने के लिए आप नमक या चीनी के बजाय खजूर या अन्य फलों की प्यूरी का इस्तेमाल कर सकती हैं और इलायची पाउडर, दालचीनी पाउडर, जीरा पाउडर, धनिया पाउडर, अदरक आदि के इस्तेमाल से बच्चे के खाने का स्वाद बढ़ा सकती हैं।

बच्चों के लिए 8 डिनर रेसिपी आइडियाज

रात के खाने हेतु बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं, जो स्वादिष्ट भी हैं और पौष्टिक भी। इनमें से कुछ तो बिल्कुल परंपरागत भारतीय पद्धति के अनुसार हैं और पीढ़ियों से बच्चों के लिए इस्तेमाल होते रहे हैं। शिशुओं के लिए स्वास्थ्यप्रद और स्वादिष्ट भारतीय व्यंजनों की सूची इस प्रकार है:

1. फलों की प्यूरी

शिशु के लिए बनाया जाने वाला यह सबसे आसान खाद्य पदार्थ है। ठोस आहार की बेहतरीन शुरुआत के लिए यह एक अच्छा विकल्प होता है । फल पौष्टिक, प्राकृतिक रूप से मीठे और अपने आप में संपूर्ण आहार हैं। ये आसानी से पच भी जाते हैं। अधिकांश शिशुओं को मसला हुआ या पीसा हुआ फल पसंद होता है। 6 महीने के बच्चे इसे आसानी से पचा सकते हैं।

सामग्री

  • फल, जैसे केला, नाशपाती, सेब, आड़ू, आम या एवोकैडो। आप खजूर, चीकू और स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी या रास्पबेरी और जामुन जैसे छोटे फलों का भी उपयोग कर सकती हैं
  • उबालने के लिए पानी या भाप देने के लिए स्टीमर
  • ब्लेंडर

विधि 

  • केले को मसला जा सकता है या सीधे ब्लेंडर में पीसा जा सकता है और बच्चे को खिलाया जा सकता है। इसे भाप देने की आवश्यकता नहीं होती है।
  • सेब और नाशपाती को भाप देने की आवश्यकता होती है। ब्लूबेरी और अन्य बेरी को थोड़ी मात्रा में पानी में उबाला जा सकता है। एवोकैडो को बिना भाप में पकाए सादा परोसा जा सकता है। भाप में पकाने के लिए एक बर्तन में पानी उबालें। फलों के टुकड़ों को स्टीमर बास्केट में डालें, इसे बर्तन में रखें और ढक्कन को 7-10 मिनट के लिए बंद कर दें। यदि आपके पास स्टीमर की टोकरी नहीं है, तो फलों को थोड़े से पानी में नरम होने और पकने तक उबाल लें।
  • फलों को भाप देने या उबालने के बाद, इसे एक फूड प्रोसेसर में डालकर चिकनी प्यूरी बनने तक पीस लें।
  • आप सेब और केला, सेब और आड़ू, केला और जामुन, एवोकैडो और केला या सेब और खजूर जैसे फलों को एकत्र करके खिलाने की कोशिश कर सकती हैं।

2. फल युक्त ओटमील

ओटमील यानि जई का दलिया शिशुओं के लिए बहुत ही सुरक्षित और पौष्टिक शुरुआती ठोस आहार है। ओट्स में कैल्शियम, बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन, प्रोटीन और फाइबर होते हैं। फल विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सिडेंट के उत्कृष्ट स्रोत होते हैं जो अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं।

सामग्री

  • पिसे हुए ओट्स
  • केला या सेब की प्यूरी
  • पानी
  • स्वाद के लिए एक चुटकी इलायची का पाउडर (वैकल्पिक)

विधि

  • एक पैन में पानी और ओट्स पाउडर को एक साथ मिलाएं और धीमी आंच पर लगभग 8 मिनट तक पकाएं।
  • गांठ बनने से बचाने के लिए लगातार हिलाएं।
  • एक बार जब यह पक कर तैयार हो जाए, तो इसे स्टोव से हटा दें और ठंडा होने दें।
  • इसमें फलों की प्यूरी मिलाएं और यदि आप इसे अधिक स्वादिष्ट बनाना चाहती हैं तो एक छोटी चुटकी इलायची पाउडर डालें।
  • आपके बच्चे के लिए फल युक्त दलिया तैयार है।

3. रागी का दलिया

रागी एक पूर्ण अनाज है जिसमें कई पोषक तत्व होते हैं जो एक बढ़ते बच्चे के लिए फायदेमंद होते हैं। रागी में कैल्शियम भरपूर होता है। इसमें आयरन और बी-विटामिन भी होते हैं। रागी में लगभग 80% कार्बोहाइड्रेट होते हैं जो आपके सक्रिय, बढ़ते बच्चे को ऊर्जा प्रदान करते हैं। रागी प्रोटीन और फाइबर का भी अच्छा स्रोत है।

सामग्री

  • 1 बड़ा चम्मच रागी का आटा
  • 1/2 छोटा चम्मच घी
  • चुटकी भर इलायची
  • मीठा करने के लिए खजूर की प्यूरी या ½ छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ गुड़
  • पानी

विधि

  • रागी के आटे को पानी में अच्छी तरह मिलाएं ताकि कोई गांठ न रहे।
  • एक कड़ाही में घी डालें और धीमी आंच पर पिघलाएं।
  • उसमें रागी मिश्रण डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं।
  • पिसी इलायची डालें।
  • पक जाने के बाद इसे आंच से हटा दें और ठंडा होने दें।
  • आप चाहें तो इस दलिया में किसी फल की प्यूरी में मिला सकती हैं।
  • बच्चे को खिलाएं।

4. सब्जी युक्त लाल मसूर का सूप

लाल मसूर (मसूर दाल) में उच्च मात्रा में प्रोटीन और फाइबर होते हैं। मसूर की दाल जल्दी पकती है और बच्चों के लिए पचने में भी आसान होती है। सूप में सब्जियाँ डालने से वे विटामिन और खनिज जैसे अन्य मूल्यवान पोषक तत्व प्रदान करती हैं, जो आपके शिशु या बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक है।

सामग्री

  • 2 बड़ा चम्मच मसूर दाल
  • ½ प्याज, बारीक कटा हुआ
  • 1 छोटा गाजर, कटा हुआ
  • 1 छोटा शकरकंद, कटा हुआ
  • ½ छोटा चम्मच घी
  • पानी

विधि

  • एक छोटे कुकर में घी डालें और धीमी आंच पर गर्म करें।
  • इसमें प्याज डालें और पारदर्शी होने तक भूनें।
  • इसमें गाजर और शकरकंद डालकर कुछ मिनट पकाएं।
  • इसके बाद इसमें मसूर दाल और पानी डालें। उबाल आने तक पकाएं।
  • कुकर में 3 से 4 सीटी आने या सब्जियां व दाल पूरी तरह गलने तक पकाएं।
  • इस सूप को फूड प्रोसेसर में पीस लें ताकि यह एकसार हो जाए
  • अपने बच्चे को स्वादिष्ट सब्जी युक्त दाल का सूप पिलाएं।

5. गाजर युक्त खिचड़ी

1 साल के बच्चे के लिए यह एक स्वादिष्ट और स्वास्थ्यप्रद भोजन होता है। आप खिचड़ी में पालक या आलू जैसी अन्य सब्जियां भी मिला सकती हैं। खिचड़ी एक पौष्टिक और संतुलित आहार है क्योंकि इसमें दाल से प्रोटीन, चावल से कार्बोहाइड्रेट और सब्जियों से विटामिन और खनिज प्राप्त होते हैं। हल्दी में एंटीऑक्सिडेंट और बायोएक्टिव यौगिक होते हैं जिनमें एंटीइंफ्लेमेट्री और उपचारकारक गुण होते हैं। हल्दी में एंटी-माइक्रोबियल गुण भी होते हैं और ये बच्चे को वायरल और बैक्टीरिया के संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।

सामग्री

  • 3 बड़ा चम्मच मूंग दाल
  • 3 बड़ा चम्मच चावल
  • एक छोटा गाजर, कटा हुआ
  • 1/2 बड़ा चम्मच घी
  • एक चुटकी हल्दी
  • पानी

विधि

  • चावल और दाल को एक साथ धो लें और फिर इसे 1 से 1.5 घंटे के लिए भिगो कर रख दें।
  • गाजर, हल्दी और पानी के साथ चावल और दाल को प्रेशर कुकर में डालें।
  • खिचड़ी को लगभग 4 सीटी आने तक पकाएं, ताकि वह नरम और मुलायम हो जाए।
  • इसे ठंडा होने दें और बच्चे को खिलाएं।
  • आप 1 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए राई और जीरा के साथ खिचड़ी को तड़का लगा सकती हैं।

6. चावल की खीर

चावल आपके बच्चे के पेट के लिए बहुत सुरक्षित और हल्का आहार है क्योंकि यह बहुत आसानी से पच जाता है। चावल बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन से भरपूर होता है। बच्चे को चावल की खीर खिलाने से उसको तुरंत ऊर्जा मिलेगी।

सामग्री

  • 3 बड़ा चम्मच चावल
  • पानी या दूध (यदि बच्चे की उम्र 1 वर्ष से कम है, तो दूध के बजाय फार्मूला या माँ के दूध का उपयोग करें।)
  • स्वाद के लिए इलायची पाउडर
  • मिठास के लिए प्यूरी किया हुआ खजूर या ½ चम्मच गुड़

विधि

  • चावल को दूध या पानी के साथ 3 से 4 सीटी आने तक कुकर में पकाएं ताकि यह अच्छी तरह नरम और पिलपिला हो जाए।
  • इलायची पाउडर और गुड़ डालें और मिश्रण को एकसार होने तक मिलाएं।
  • बच्चे को चावल की खीर खिलाएं।

7. वेजीटेबल सूप

सब्जियों का सूप बहुत पौष्टिक और स्वादिष्ट होता है। आप एक छोटी चुटकी हींग, जीरा पाउडर या धनिया पाउडर का उपयोग करके इसके स्वाद को बढ़ा सकती हैं। यह सूप गाजर, पालक, आलू और बीन्स जैसी सब्जियों से बनता है। पालक शिशुओं के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि यह आयरन, फोलेट, विटामिन ए, सी, के और बी-कॉम्प्लेक्स, आहार के फाइबर, पोटेशियम, फॉस्फोरस और कैल्शियम का एक बड़ा स्रोत होता है।

सामग्री

  • आधा गाजर
  • 5-6 पालक के पत्ते
  • 1 छोटा आलू
  • 2-3 सेम या कोई और फली
  • एक चम्मच मटर के दाने
  • लहसुन की एक कली
  • पानी
  • आधा चम्मच घी

विधि

  • सभी सब्जियों को काट लें और पानी के साथ प्रेशर कुकर में डालें।
  • सब्जियों के नरम होने तक या 4 सीटी आने तक पकाएं।
  • घी डालें और मिश्रण को ब्लेंडर या फूड प्रोसेसर में पीस लें।
  • अपने बच्चे को यह स्वादिष्ट वेजीटेबल सूप पिलाएं।

8. मल्टीग्रेन दलिया

चूंकि यह दलिया अलग अलग प्रकार के साबुत अनाज से बना होता है, इसलिए इसमें प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं जो आपके बढ़ते बच्चे के लिए बहुत फायदेमंद है। आप मल्टीग्रेन दलिया पाउडर को अधिक मात्रा में बनाकर और एक एयरटाइट डिब्बे में भरकर एक महीने तक इस्तेमाल कर सकती हैं। जब भी आपको बच्चे को दूध पिलाने की आवश्यकता हो, तो इस पिसे हुए मल्टीग्रेन मिक्स की थोड़ी मात्रा का उपयोग दलिया बनाने के लिए किया जा सकता है। आप दलिया के मिश्रण से मीठा और खट्टा दोनों तरह का आहार बना सकती हैं। दाल, चावल और गेहूं का संयोजन, इस दलिया को प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का एक अच्छा संतुलन देता है। वहीं सूखे मेवे विटामिन, खनिज और फाइबर प्रदान करते हैं।

सामग्री

  • 1 कटोरी हरी चना दाल
  • ½ कटोरी पीली मूंग दाल
  • कटोरी चावल
  • ½ कटोरी दरिया (भुनी हुई चने की दाल)
  • 1 कटोरी जौ
  • 1 कटोरी दलिया
  • 1 कटोरी मसूर की दाल
  • 1 कटोरी साबुत काली उड़द की दाल
  • 7-8 काजू
  • 7-8 बादाम
  • 1/2 चम्मच अजवाइन
  • 1 चम्मच जीरा
  • स्वाद के लिए थोड़ा सा नमक
  • मीठा दलिया बनाने के लिए इलायची पाउडर

विधि

  • सभी सामग्री को हल्का सुनहरा भूरा होने तक भूनें।
  • ठंडा होने दें।
  • इसके बाद, यदि आप मीठा दलिया बनाना चाहती हैं तो इलायची पाउडर मिला सकती हैं या नमकीन दलिया मिश्रण के लिए नमक मिला सकती हैं।
  • मिक्सी का उपयोग करके भुनी और ठंडी की हुई सारी सामग्री को पीस लें।
  • एक चिकना पाउडर बनाने के लिए दलिया मिक्स को छान लें।
  • इसे एक एयरटाइट डिब्बे में रखकर आप एक महीने तक स्टोर कर सकती हैं।
  • दलिया बनाने के लिए 1 से 2 बड़े चम्मच पाउडर को पानी के साथ मिलाएं।
  • एक पैन में धीमी आंच पर इसे लगातार हिलाते हुए पकाएं ताकि इसमें गांठ न पड़े।
  • एक बार पक जाने के बाद इसे आंच से उतार लें और ठंडा होने दें।
  • मीठे दलिया के लिए किसी फल की प्यूरी मिलाएं।
  • नमकीन दलिया बनाने के लिए सब्जियां मिला सकती हैं।
  • 1/2 बड़ा चम्मच घी इसमें डालें।
  • अपने बच्चे को यह पौष्टिक दलिया खिलाएं।

शिशु और बच्चे खाने के दौरान अक्सर बहुत नखरे करते हैं। इन नए खाद्य पदार्थों को 3 से 4 बार उन्हें खिलाकर देखें कि क्या वे उनका स्वाद और बनावट पसंद करते हैं। एक वर्ष से कम उम्र के शिशुओं के भोजन में प्रति दिन 1 ग्राम से अधिक नमक नहीं डालना चाहिए। नमक के बजाय भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए मसाले और जड़ी-बूटियों का उपयोग करें। चीनी भी शिशुओं के लिए अच्छी नहीं होती है।

भोजन को मीठा करने के लिए आप खजूर या अन्य फलों की प्यूरी का उपयोग कर सकती हैं। 1 साल के ऊपर की आयु वाले शिशुओं के लिए शहद का उपयोग किया जा सकता है। ‘3-दिन’ नियम का पालन करके नए खाद्य पदार्थों को धीरे-धीरे बच्चे के आहार में शामिल करें और हर दिन मात्रा बढ़ाएं। बच्चे को पहले दिन 1 बड़ा चम्मच, दूसरे दिन 2 चम्मच, और तीसरे दिन 3 चम्मच आहार यह जानने के लिए देना जरूरी है कि क्या वह भोजन पसंद कर रहा है और उसे कोई एलर्जी तो नहीं हो रही है। 1 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए आप दाल के डोसे, गाजर और सूजी की इडली, ओट्स उपमा, मेथी पराठा, और अंडे के साथ ओट्स व केला पैनकेक जैसे खाद्य पदार्थ आजमा सकती हैं। भारतीय मसालों और जड़ी बूटियों का उपयोग करके आपके बच्चे के भोजन का स्वाद बढ़ाया जा सकता है और वह निश्चित रूप से इसे पसंद करेगा।

श्रेयसी चाफेकर

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