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बच्चों की त्वचा की देखभाल करने की एक सही गाइड

आपका बच्चा अब घर आ चुका है और आप दोनों साथ में एक नई लाइफ की शुरूआत करने जा रहे हैं। इस समय आप ज्यादा सर्तक रहेंगी और बच्चे की छोटी-छोटी उंगलियों, पैर के पंजों, बालों और उसकी त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए आप सब कुछ करना चाहेंगी। हालांकि आप यह भी ऑब्जर्व करेंगी कि बच्चे की त्वचा बहुत जल्दी व आसानी से रूखी हो जाती है और इससे आपको स्ट्रेस होना भी संभव है। 

बड़ों की तुलना में बच्चों की त्वचा जल्दी नमी खो देती है इसलिए इसका बचाव करने व विकास में मदद के लिए आपको ज्यादा देखभाल करने की जरूरत है। बच्चे की नाजुक त्वचा की देखभाल करने के लिए आप क्या कर सकती हैं, आपको क्या करना चाहिए या क्या नहीं करना चाहिए, इन सबके बारे में पूरी जानकारी के लिए आगे पढ़ें। 

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बच्चे की त्वचा की देखभाल करने से पहले कुछ ध्यान देने योग्य बातें

बच्चे की सिर्फ त्वचा ही नाजुक नहीं होती है बल्कि उसका इम्यून सिस्टम भी कमजोर होता है। बच्चों के प्रोडक्ट्स व कपड़ों में मौजूद केमिकल्स, डाई और सुगंध से उनकी त्वचा में रैशेज, खुजली और यहाँ तक कि एक्जिमा की समस्या भी हो सकती है। अच्छी बात यह है कि कुछ रिसर्च के बाद यह माना गया है कि इन समस्याओं का बचाव आसानी से किया जा सकता है।

बच्चे की त्वचा की प्राकृतिक देखभाल – जानने योग्य कुछ बातें

क्या आपने नोटिस किया कि आपके बच्चे की त्वचा कैसे सिकुड़ रही है? गर्भ के बाहर जीवन में अब त्वचा का खयाल रखने की भी जरूरत है क्योंकि अब इसकी भी नमी कम होगी। 

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यह बच्चे की त्वचा पर उसके जन्म के बाद की सुरक्षात्मक लेयर हो सकती है जिसे ‘वर्निक्स’ कहा जाता है। वर्निक्स त्वचा से अपने आप ही निकलने लगती है। एक बार पूरी तरह से निकलने के बाद त्वचा की देखभाल करना बहुत जरूरी है। एक बात का जरूर ध्यान रखें कि बच्चे की त्वचा की देखभाल करने के लिए थोड़ा ही बहुत है। 

आप बच्चे के लिए कम से कम क्या कर सकती हैं, इसके टिप्स यहाँ बताए गए हैं। यह टिप्स बच्चे की त्वचा को सुरक्षित रखने, सौम्यता प्रदान करने और रूखेपन को दूर करने में मदद करेंगे। इन समस्याओं से आपके लाड़ले की त्वचा में इरिटेशन या खुजली हो सकती है। वे टिप्स कौन से हैं, आइए जानें;

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1. बच्चे को कम नहलाएं

बच्चे के पहले साल में उसे हर सप्ताह तीन बार से ज्यादा नहलाने पर त्वचा से प्राकृतिक तेल खत्म हो जाता है जो त्वचा को सुरक्षित रखता है। यदि यह तेल निकल जाए तो इससे बच्चे की त्वचा रूखी हो जाती है और इससे स्किन में रैशेज भी हो सकते हैं। 

इस बारे में सोचिए जरूर कि वास्तव में बच्चे गंदे नहीं होते हैं, है न? और उसकी यूरिन, पॉटी या रिफ्लक्स को तो बिना नहलाए भी आसानी से साफ किया जा सकता है। 

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आप बच्चे को ज्यादातर गीले स्पंज से पोंछ सकती हैं। हालांकि यदि किसी दिन आप बच्चे को नहलाती हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि आप वही प्रोडक्ट्स का उपयोग करें जिसमें टॉक्सिन्स न हों ताकि उसकी त्वचा में किसी भी प्रकार की इरिटेशन या खुजली और रैशेज न हो। बच्चों को नहलाने के लिए मॉम्स को.नेचुरल बेबी वॉश एक बेहतरीन प्रोडक्ट है क्योंकि इसमें कोकोनट बेस्ड क्लींजर है जिससे त्वचा का रूखापन खत्म हो जाता है। वास्तव में आप इसका उपयोग पहले 3 साल तक कर सकती हैं जब अक्सर बच्चों की त्वचा बहुत ज्यादा सेंसिटिव होती है। यह प्रोडक्ट बहुत सूदिंग हैं और आँखों में भी नहीं लगता है इसलिए इसकी वजह से आपका बच्चा भी बिना रोए अपने बाथ टाइम को एन्जॉय कर सकता है। 

2. बच्चों के लिए सुगंधित प्रोडक्ट्स का उपयोग न करें

बच्चों के लिए सुगंधित प्रोडक्ट्स का उपयोग बिलकुल भी नहीं करना चाहिए। इससे आपके बच्चे की त्वचा पर सिर्फ इरिटेशन की नहीं होगी बल्कि इससे बच्चे के आंतरिक अंग भी प्रभावित हो सकते हैं। आर्टिफिशियल सुगंध केमिकल्स के उपयोग से आती है जो बच्चे के विकास को बाधित कर सकती है। सिर्फ यूएसडीए सर्टिफाइड ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स का उपयोग करने से बच्चे की त्वचा को पोषण मिलता है व अच्छी देखभाल होती है और इससे आपका स्ट्रेस भी काफी हद तक कम जाएगा। 

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3. बच्चे को कपड़े पहनाने से पहले इसे धो लें

आप बच्चे के कपड़े, ब्लैंकेट, बेडिंग और गंदे नैपकिन्स धोने के लिए विशेष बच्चों की त्वचा को ध्यान में रखकर बनाया गया सिर्फ केमिकल-फ्री व माइल्ड डिटर्जेंट का उपयोग करें। कपड़ों में डाई और केमिकल्स होने की वजह से भी बच्चे की त्वचा में इरिटेशन हो सकती है।

4. बच्चे की त्वचा को मॉइस्चराइज करें

यद्यपि बच्चों की त्वचा ड्राई हो जाती है पर उनके शरीर से नेचुरल तेल उत्पन्न होता है। हालांकि कुछ बच्चों में यह तैलीय ग्लैंड्स देर में विकसित होते हैं। यदि आप बच्चे की मासूम त्वचा में ऑर्गेनिक व नेचुरल युक्त लोशन का उपयोग करती हैं तो इससे त्वचा पर एक सुरक्षात्मक लेयर बन जाती है ताकि बच्चे को इरिटेशन न हो और यह सौम्य भी रहती है।

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मॉम्स को.नेचुरल बेबी लोशन में टॉक्सिक-मुक्त इंग्रेडिएंट्स हैं, जैसे एप्रिकॉट ऑयल और एवोकाडो ऑयल जिससे विशेष स्नान के बाद बच्चे की त्वचा में आवश्यकता अनुसार नमी मिलती है। ऑर्गेनिक राइस ब्रान ऑयल से बच्चे की त्वचा हाइड्रेटेड रहती है और यह इसे रात/दिन सुरक्षित भी रखता है। आप खुद इससे अपने बच्चे की मालिश करें क्योंकि प्यार भरे स्पर्श से आपका व बच्चे का संबंध अधिक बेहतर होगा। इसके अलावा यह बिना किसी केमिकल्स व टॉक्सिन्स के प्राकृतिक गुणों के साथ बच्चे की त्वचा को पोषित करता है जिससे उसकी वृद्धि व विकास हेल्दी होता है। 

बच्चे की त्वचा की कुछ सामान्य समस्याएं – बचाव और उपचार

1. एक्जिमा

एक्जिमा लाल, ड्राई रैशेज होते हैं और इसमें खुजली भी होती है जो अक्सर बच्चों के सिर, चेहरे, कोहनी और घुटनों के पिछले हिस्से को प्रभावित कर सकते हैं। बच्चों में एक्जिमा को ठीक करना बहुत आसान है। 

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  • इस बात का पूरा ध्यान रखें कि आप बच्चे को नेचुलर फाइबर, जैसे कॉटन के कपड़े ही पहनाती हैं।
  • बच्चे को नहलाते समय या नहलाने के बाद सिर्फ ऑर्गेनिक बेबी वॉश और ऑर्गेनिक बेबी लोशन का ही उपयोग करें।
  • बच्चे के बालों को भी नजरअंदाज न करें। इसके लिए आप हेयर वॉश, जैसे मॉम्स को.नेचुरल बेबी शैंपू का उपयोग करें जो बच्चे के सिर को सौम्यता से साफ करता है और इससे बच्चे की आँखों में भी जलन नहीं होगी। यह क्लींजर कोकोनट-बेस्ड बनाया गया है और साथ ही इसमें ऑर्गेनिक ऑर्गन ऑयल, ऑर्गेनिक मोरिंगा ऑयल और प्रो-विटामिन बी मौजूद है जिससे आपके बच्चे का सिर अच्छी तरह से साफ हो जाएगा और हेल्दी भी रहेगा। यह फॉर्मूला हाइपो-एलर्जेनिक है जिसका यह मतलब है कि इससे बच्चे की सेंसिटिव स्किन में कोई भी रिएक्शन नहीं होगा।

2. डायपर से होने वाले रैशेज

पहले साल में एक बच्चे के लिए पूरे दिन में लगभग 10-12 डायपर्स का उपयोग किया जा सकता है। यद्यपि हर माँ अपने बच्चे की देखभाल में कोई भी कसर नहीं छोड़ती है पर फिर भी कभी-कभी कुछ चीजें नजरअंदाज हो ही जाती हैं। 

गंदे और गीले डायपर में बहुत देर तक रहने से बच्चे को डायपर रैश भी हो सकता है। यदि स्नान के बाद बच्चे का शरीर थोड़ा बहुत भी गीला है तो इससे उसे डायपर रैश हो सकता है। इससे बच्चे के जेनिटल क्षेत्र के पास की त्वचा पर नमी रह जाती है। इस नमी की वजह से बैक्टीरियल और यीस्ट इन्फेक्शन भी हो सकता है जिसमें लाल रंग के रैशेज दिखाई देते हैं और बच्चे को बहुत ज्यादा असुविधा होती है। 

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डायपर रैश की समस्या को ठीक करने या इससे बचाव के लिए आप निम्नलिखित तरीके अपना सकती हैं, आइए जानें;

  • आप जल्दी-जल्दी बच्चे का डायपर चेक करती रहें।
  • यदि डायपर गंदा हो गया है तो इसे बदल दें।
  • आप डायपर एरिया को साफ करने के लिए सुगंध मुक्त क्लींजर का उपयोग करें और त्वचा को रगड़ें न।
  • डायपर एरिया को साफ करने के लिए आप सॉफ्ट और साफ कपड़े का उपयोग करें।

एक प्रभावी डायपर रैश क्रीम से बच्चे के रैश लंबे समय के लिए ठीक हो सकते हैं। वास्तव में बच्चे का डायपर बदलते समय उसे डायपर रैश क्रीम लगाना भी एक अच्छा अभ्यास है। हर बार डायपर बदलने पर आप डायपर रैश क्रीम का उपयोग करें क्योंकि बच्चे की त्वचा में रैशेज बहुत जल्दी हो जाते हैं और आप बच्चे को किसी भी समस्या में नहीं देख सकती हैं। 

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इस बात का भी ध्यान रखें कि जिन बच्चों को एंटीबायोटिक्स दिया जाता है उन्हें भी डायपर रैश हो सकता है इसलिए इससे बचाव के लिए ज्यादा देखभाल करें। 

माँ के स्पर्श से बच्चे की त्वचा अच्छी रहती है

आपका बच्चा आपसे बहुत प्यार करता है क्योंकि आपके पास से जो भी चीज मिलती है वह उसे सुविधा, सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करती है। आपके स्पर्श व सुगंध से उसका शरीर की प्रतिक्रियाएं सही होती हैं।

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आपके स्पर्श से एंडोर्फिन्स रिलीज होते हैं जिससे बच्चा खुश व सुविधाजनक महसूस करता है और इसके बदले में उसके शरीर में नए सेल्स तेजी से निर्मित होते हैं। देखिए यह कैसे काम करता है?

यदि बच्चे के सोने से पहले आप किसी सुरक्षित ऑयल से उसकी मालिश करती हैं तो इससे त्वचा पर प्रभावी असर पड़ता है। यह सिर्फ आपके व बच्चे के संबंध को अच्छा नहीं बनाता है बल्कि यह त्वचा में खोई हुई नमी को वापिस लाता है। 

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यदि आप चाहती हैं कि आपके बच्चे की त्वचा को 10 पोषण-युक्त ऑयल के फायदे मिलें तो आप मॉम्स को. नेचुरल बेबी मसाज ऑयल का ही उपयोग करें। यह सीसम ऑयल और आल्मंड ऑयल की तरह ही पारंपरिक तेल है जिसमें ओमेगा फैटी एसिड, कैल्शियम, ऑर्गेनिक वीट जर्म ऑयल होता है होता है जो बच्चे की त्वचा को मॉइस्चराइज करता है और इसमें मौजूद जोजोबा ऑयल व कैमोमाइल ऑयल त्वचा के लिए बहुत सूदिंग होता है। 

इस तेल से मालिश करने पर आपके लाड़ले की हड्डियां मजबूत होती हैं और उसे रात में सोने में मदद मिलती है। इसका मतलब यह है कि इस तेल से बच्चे की नींद में भी सुधार होता है। 

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बच्चे की मालिश करने के लिए कोई भी स्पेशल तरीका नहीं है। आप सोने से पहले उसकी मालिश निम्नलिखित तरीके से भी कर सकती हैं, आइए जानें;

  • सबसे पहले आप तेल को हल्का गुनगुना करें या अपनी हथेली में लगा लें ताकि बच्चे को गर्माहट मिल सके।
  • आप बच्चे के सीने, पेट, हाथ और पैरों में हल्के-हल्के व सौम्यता के साथ मालिश करें। आपको महसूस होगा कि आपके स्पर्श से बच्चा कितनी जल्दी खुशी से रिएक्ट करेगा।
  • शरीर के बड़े हिस्से, जैसे पेट और पीठ पर सर्कुलर मोशन में और पैरों व हाथों में लंबाई में मालिश करें।
  • यह करते समय आपके बच्चे से आई कॉन्टैक्ट बनाए रखें।
  • बच्चे की मालिश करते समय आप उससे बाते करें या गाना गाएं। उसके लिए आपकी आवाज तब से फैमिलियर है जब से वह आपके गर्भ में था इसलिए इससे बच्चे को शांति व आराम मिलेगा।

अब आप जानती हैं कि आपके बच्चे की स्किन की देखभाल कुछ सरल टिप्स और बचाव से की जा सकती है। बच्चे के प्रोडक्ट्स टॉक्सिन-फ्री या जर्म्स से मुक्त होने चाहिए और आप अपने प्यार के स्पर्श से उसकी त्वचा व बालों का पूरा खयाल रखें। ऐसा करने से आपका स्ट्रेस भी कम होगा। इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि आपका बच्चा खुश रहेगा, स्वस्थ रहेगा और निश्चित ही उसकी त्वचा भी सौम्य व कोमल होगी। 

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सुरक्षा कटियार

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