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बैक्टीरियल इन्फेक्शन ज्यादातर बच्चों में इसलिए होता है क्योंकि उनका इम्यून कमजोर होता है। इसलिए माँ का दूध बच्चे के लिए बहुत जरूरी होता है, क्योंकि यह बच्चे को इन्फेक्शन से लड़ने के लिए जरूरी एंटीबॉडी प्रदान करता है।
बच्चों में बैक्टीरियल इन्फेक्शन चिंता का कारण बन सकता है क्योंकि यह बच्चे की कंडीशन को बहुत जल्दी खराब कर सकता है। जो बच्चे बैक्टीरियल इन्फेक्शन से पीड़ित हो जाते हैं उन्हें बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। ज्यादातर बच्चे समय से ट्रीटमेंट मिल जाने की वजह से जल्दी ठीक हो जाते हैं। डॉक्टर निदान के बाद कुछ एंटीबियोटिक्स मेडिसीन लिख सकते हैं।
शिशुओं में होने वाले कुछ कॉमन बैक्टीरियल इन्फेक्शन कुछ इस प्रकार दिए गए हैं:
बच्चों में बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कॉमन लक्षण कुछ इस प्रकार दिए गए हैं:
बच्चे में बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने के कुछ कारण कुछ इस प्रकार दिए गए
हैं:
नवजात शिशुओं के मामले में, यह कंडीशन तेजी से बिगड़ सकती है। इसलिए उपचार जल्दी करना जरूरी है। डॉक्टर आपके बच्चे में होने वाले बैक्टीरियल इन्फेक्शन का निदान करने के लिए कुछ टेस्ट कर सकते हैं। जैसे ही टेस्ट के रिजल्ट आ जाते हैं डॉक्टर बच्चे का ट्रीटमेंट शुरू कर देते हैं और एंटीबायोटिक मेडिसिन प्रेसक्राइब करते हैं। डॉक्टर इसका निदान करने के लिए बताए गए टेस्ट क सुझाव दे सकते हैं:
नवजात शिशु के बैक्टीरियल इन्फेक्शन के मामले में, डॉक्टर एंटीबायोटिक्स के जरिए ट्रीटमेंट शुरू कर सकते हैं। डॉक्टर द्वारा प्रेसक्राइब की जाने वाली एंटीबायोटिक दवाओं के कोर्स को पूरा करना जरूरी है, भले ही आपको बच्चे में इम्प्रूवमेंट दिखाई दे रहे हों। एंटीबायोटिक्स बच्चे को आईवी के माध्यम से दिया जा सकता है जो एंटीबायोटिक दवाओं को सीधे बच्चे के ब्लड फ्लो में पहुँचा सकता है।
बच्चा अगर पेट में बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने के कारण कुछ खा नहीं पा रहा है, तो उसे आईवी के जरिए जरूरी न्यूट्रिएंट पहुँचाना जरूरी है ताकि उसे डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके। खासकर ऐसे मामले में जब बच्चे के ब्लड में बैक्टीरियल इन्फेक्शन पाया गया हो, डॉक्टर किसी भी होने वाले कॉम्प्लिकेशन को रोकने के लिए बच्चे की सांस और हार्ट रेट की निगरानी कर सकते हैं।
नवजात शिशु का बहुत ज्यादा ध्यान रखने में कोई नुकसान नहीं है, क्योंकि वो इतने नाजुक होते हैं कि एक्स्ट्रा देखभाल की जरूरत होती है। अगर आपको कुछ ठीक न होने का डाउट हो, तो अपने डॉक्टर से तुरंत बात करें न कि लक्षण दिखने का इंतजार करें। बच्चों में बैक्टीरियल इन्फेक्शन का समय पर इलाज किया जाना बेहद जरूरी है।
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