प्रसवोत्तर देखभाल

प्रसव के बाद गोंद के लड्डुओं का सेवन – लाभ और रेसिपीज

बच्चे के जन्म के बाद आपका शरीर कमजोर हो जाता है और आपको अपने बच्चे का भी ख्याल रखना होता है, इसलिए 9 महीनों की उतार-चढ़ाव वाली गर्भावस्था के बाद का यह सफर आपके लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। चूंकि माँ के द्वारा ही बच्चे को पोषण मिलता है, इसलिए यह बहुत जरूरी है की माँ अपने आहार में ऐसी चीजों को शामिल करे जो उसके और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद हो। प्रसव के बाद घर की बुजुर्ग महिलाएं नई माँ को गोंद के लड्डुओं का सेवन करने के लिए कहती हैं। भारत के लगभग सभी हिस्सों में ऐसा होता है और लगभग सभी प्रसूत महिलाएं इन लड्डुओं का सेवन करती हैं। यह पीढ़ियों से चले आ रहे एक नियम के जैसा है कि बच्चे को जन्म देने के बाद महिलाओं को गोंद के लड्डू खिलाएं जाते हैं, लेकिन इसके पीछे का कारण क्या है, गोंद के लड्डू के सेवन से ऐसे कौन से पोषक तत्व प्राप्त होते हैं जो प्रसव के बाद महिलाओं को जल्दी ठीक होने तथा उनको ताकत देने में मदद करते हैं, ये आप इस लेख को पढ़कर जानेंगी। 

गोंद के लड्डू के पौष्टिक गुण

गोंद के लड्डूओं का सेवन करने की सलाह देने का सबसे पहला कारण यह है कि इससे आपको अच्छी मात्रा में पोषण मिलता है। यह लड्डू न केवल माओं के लिए बेहद फायदेमंद होता है, बल्कि इसका सेवन कोई भी कर सकता है क्योंकि गोंद के लड्डू बहुत पौष्टिक होते हैं। इन लड्डुओं की तासीर गर्म होती है और ये शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं, इसलिए ठंड के दिनों में इसका सेवन करने की ज्यादा सलाह दी जाती है। बच्चों को भी टिफिन में स्नैक के तौर पर ये लड्डू दिए जा सकते हैं । ये न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि बच्चे को अच्छी मात्रा में ऊर्जा प्रदान करते हैं, जो उन्हें दिन भर ऊर्जावान रखने में मदद करते हैं । गोंद के लड्डू से मिलने वाले पोषक तत्व नीचे बताए गए हैं।

पोषक तत्‍व मात्रा
आयरन 17%
विटामिन सी 0.9%
कैल्शियम 15%
कोलेस्ट्रॉल 35 मिग्रा
प्रोटीन 5 ग्रा
शर्करा 75 ग्रा
फाइबर 5 ग्रा
संतृप्त वसा 20 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट 100 ग्राम
संयुक्त वसा 34 ग्राम
सोडियम 65 मिग्रा
कैलोरी 755

गोंद के लड्डू बनाने का तरीका

प्रसव के बाद महिलाओं को गोंद के लड्डू का निश्चित रूप से सेवन करना चाहिए, क्योंकि यह शरीर को बहुत अधिक पोषण और ऊर्जा प्रदान करता है। इन लड्डुओं को बनाना बहुत मुश्किल नहीं है, जैसा कि आप नीचे दी गई लड्डू बनाने की विधि देख सकती हैं।

सामग्री

  • गोंद- 125 ग्राम
  • बादाम-125 ग्राम
  • घी- 500 ग्राम
  • कद्दूकस किया हुआ गुड़- 500 ग्राम
  • कद्दूकस किया हुआ नारियल, सूखा- 500 ग्राम
  • पिसा हुआ खजूर, सूखा- 500 ग्राम
  • कुटा हुआ जायफल – 1
  • इलायची- 50 ग्राम
  • सौंफ- 50 ग्राम
  • हलीम (आलिव) के बीज- 50 ग्राम
  • खसखस- 50 ग्राम

विधि

  • कद्दूकस किए हुए नारियल को अच्छे से भूनने से शुरुआत करें। ऐसा तब तक करें जब तक कि नारियल हल्का भूरा न हो जाए। फिर इलायची, बादाम, खसखस, खजूर, सौंफ, आलिव बीज, जायफल डालकर इस प्रक्रिया को दोहराएं।
  • इन सभी सामग्री को अच्छी तरह से भूनने के बाद इसे ब्लेंडर में डालकर पीस लें। इसे तब तक अच्छे से पीसें जब यह बारीक चूर्ण नहीं बन जाता है। आप अपने मुताबिक यह तय करें कि आप इसे कितना बारीक पीसना चाहती हैं।
  • एक बड़ा बर्तन लें। इसमें थोड़ा सा घी डालें और इसे गर्म करें।
  • घी गर्म होने पर, इसमें थोड़ा सा गोंद डालें और इसे कुछ सेकेंड के लिए पकने दें। एक बार जब गोंद फूल जाए, तो इसे एक अलग कटोरे में निकालें। आप बचे हुए गोंद के साथ भी ऐसा ही करें, इस बात का ख्याल रखें कि एक साथ सारा गोंद न मिलाएं, क्योंकि इससे यह ठीक से नहीं पकता है।
  • जब सारा गोंद ठीक से पक जाए, तो खाना पकाने वाली के कढाई में थोड़ा और घी डालें, इसे गर्म होने दें और इसमें गुड़ डाल कर पकाएं। गुड़ को पूरी तरह से पिघलने दें और इसे हिलाती रहें। एक बार जब बुलबुले निकलने शुरू हो जाएं, तो आंच बंद कर दें।
  • इस तरल गुड़ को गोंद वाले कटोरे में डालें और अच्छी तरह मिलाएं। अब पीसी हुई सामग्री को इसमें मिलाएं ।
  • इस पूरे मिश्रण को अच्छी तरह से मिलाएं, ताकि इसकी अच्छे से लोई बन सके।
  • अपने हाथ में थोड़ा सा घी लें और इसे अपनी पूरी हथेली पर लगाएं । एक छोटी लोई बनाएं और उसे लड्डू बनाने के लिए गोल-गोल घुमाएं। आप इन लड्डुओं को एक एयरटाइट डिब्बे में रखकर कमरे के तापमान पर स्टोर कर सकती हैं।

गर्भावस्था के बाद गोंद के लड्डू का सेवन करने के फायदे

आपका शरीर प्रसव के दौरान पीड़ा से गुजरता है। बच्चे के जन्म के बाद महिला को ऊर्जा की सख्त जरूरत होती है साथ ही अब उसे अपने बच्चे की देखभाल भी करनी है और इसके लिए आप में पर्याप्त शक्ति होना बहुत जरूरी है । इस तरह के परिदृश्य में गोंद के लड्डू का उपभोग करने से उसे आपको बहुत सहायता मिल सकती है।

  • यदि बच्चे का जन्म सर्दियों के दिनों में हुआ है, तो शरीर को गर्म रखने के लिए और बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए आपको ज्यादा ऊर्जा लगती है। इसलिए गोंद के लड्डू खाने से उस अतिरिक्त कैलोरी को प्राप्त करने में मदद मिल सकती है जो एक माँ को चाहिए होती है ।
  • दिल की धड़कनों का ठीक से चलना जरूरी होता है, क्योंकि ये शरीर के विभिन्न अंगों में बेहतर तरीके से रक्त परिसंचरण करने में मदद करती हैं । गोंद के लड्डू इस संबंध में भी मदद करते हैं।
  • बच्चे के जन्म के बाद एक महिला के लिए प्रोटीन की आवश्यकता बढ़ जाती है, क्योंकि उसे स्तनपान कराना होता है। गोंद के लड्डू में अच्छी मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है जो आपकी प्रोटीन संबंध जरूरत को पूरा करने में मदद करता है।
  • गर्भावस्था के लंबे सफर और पीड़ादायक व् श्रमपूर्ण प्रसव से गुजरने के बाद, माँ का शरीर अपनी शारीरिक शक्ति को प्राप्त करने की पूरी कोशिश कर रहा होता है। गोंद के लड्डू में उपयोग किए जाने वाले घटक में एडाप्टोजेन गुण होते हैं जो शरीर को जल्दी ठीक होने में मदद करते हैं।

  • प्रसव के बाद माँ की इम्युनिटी बहुत कम हो जाती है, जिससे वह बीमार पड़ सकती है, खांसी, सर्दी, दस्त या यहाँ तक कि अल्सर जैसी बीमारी के प्रति अतिसंवेदनशील हो जाती है। गोंद के लड्डू आपकी इम्युनिटी को मजबूत करने में मदद करते हैं और ऐसी समस्याओं का प्रभावी ढंग से इलाज करते हैं।
  • जब मासिक धर्म चक्र बच्चे के जन्म के बाद फिर से शुरू होता है, तो प्रारंभिक चरणों में रक्त का प्रवाह ज्यादा हो सकता है, साथ में मासिक धर्म चक्र के समय तेज ऐंठन होती है। ऐसी परेशानियों को झेलना और इसके साथ बच्चे की देखभाल करना काफी मुश्किल हो जाता है। गोंद के लड्डू रक्त प्रवाह को ठीक रखने में मदद करते हैं।
  • यदि प्रसव के बाद आपकी त्वचा अपनी चमक और कोमलता खो चुकी है, तो लड्डू में मौजूद घटक त्वचा को उसकी नमी बरकरार रखने में मदद करते हैं और आपकी चेहरे की चमक को वापस लाते हैं।
  • बच्चे को जन्म देने के बाद माएं मूत्र पथ के संक्रमण या मूत्र मार्ग से संबंधित अन्य समस्याओं से भी पीड़ित हो सकती हैं। पेशाब की असंयमता के इलाज के लिए गोंद को आयुर्वेद में व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है।
  • कब्ज एक ऐसी परेशानी है जो न केवल गर्भावस्था के दौरान रहती है बल्कि प्रसव के बाद बनी रहती है। कई माओं को बच्चे के जन्म के बाद भी कब्ज का अनुभव होता है और शुरुआती चरणों में आपको बहुत परेशानी हो सकती है। गोंद में रेचक गुण होते हैं जिससे पेट अच्छी तरह साफ हो जाता है। कब्ज की समस्या दूर करने के लिए गोंद के लड्डू खाने की सलाह दी जाती है।

प्रसव के बाद गोंद के लड्डू खाना बहुत फायदेमंद होता है, यदि आप जल्दी अपने शरीर की ताकत दोबारा प्राप्त करना चाहती हैं तो इसका सेवन जरूर करें । लेकिन इस बात का ख्याल रखें कि लड्डू का सेवन सीमित मात्रा में ही करें, क्योंकि इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से आपकी सेहत पर नकारत्मक प्रभाव पड़ सकता है । किसी भी दुष्प्रभाव से बचने के लिए आप लड्डू का सेवन करने के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

संसाधन और संदर्भ:

स्रोत १ 
स्रोत २

यह भी पढ़ें:

प्रसव के बाद खुद की देखभाल करने के लिए 10 उपयोगी टिप्स
प्रसव के बाद वजन कैसे कम करें

समर नक़वी

Recent Posts

डॉ. भीमराव अंबेडकर पर निबंध (Essay On Bhimrao Ambedkar In Hindi)

भारत में कई समाज सुधारकों ने जन्म लिया है, लेकिन उन सभी में डॉ. भीमराव…

2 days ago

राम नवमी पर निबंध (Essay On Ram Navami In Hindi)

राम नवमी हिंदू धर्म का एक अहम त्योहार है, जिसे भगवान श्रीराम के जन्मदिन के…

2 days ago

रियान नाम का अर्थ, मतलब और राशिफल – Riyan Name Meaning in Hindi

आज के समय में माता-पिता अपने बच्चों के लिए कुछ अलग और दूसरों से बेहतर…

1 week ago

राजीव नाम का अर्थ, मतलब और राशिफल – Rajeev Name Meaning In Hindi

लगभग हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनके बच्चे का नाम सबसे अलग और…

1 week ago

35+ पति के जन्मदिन पर विशेस, कोट्स और मैसेज | Birthday Wishes, Quotes And Messages For Husband in Hindi

एक अच्छा और सच्चा साथी जिसे मिल जाए उसका जीवन आसान हो जाता है। कहते…

2 weeks ago

माँ के लिए जन्मदिन पर विशेस, कोट्स और मैसेज – Birthday Wishes, Quotes And Messages For Mother in Hindi

माँ वह इंसान होती है, जिसका हमारे जीवन में स्थान सबसे ऊपर होता है। माँ…

2 weeks ago