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हॉकी एक रोमांचक और लोकप्रिय खेल है जो भारत का राष्ट्रीय खेल भी है। हॉकी का खेल मैदान पर दो टीमों के बीच खेला जाता है, जिसमें प्रत्येक टीम के 11 खिलाड़ी होते हैं। खिलाड़ियों के पास एक स्टिक होती है, जिससे वे गेंद को हिट करके गोल करने की कोशिश करते हैं। जिस टीम के खिलाड़ी अधिक गोल करते हैं, वही टीम विजेता बनती है।
बच्चों के लिए यह खेल न केवल शारीरिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह टीम भावना और अनुशासन सिखाने का भी एक बेहतरीन माध्यम है। इस लेख में, हमने बच्चों के लिए हॉकी पर कुछ सरल और प्रभावशाली निबंध के सैंपल्स प्रस्तुत किए हैं, जो उन्हें इस खेल के महत्व और उसके इतिहास को समझने में मदद करेंगे।
यदि आपके बच्चे को हॉकी में रुचि है या उसे स्कूल में हमारा राष्ट्रीय खेल हॉकी पर 10 लाइन लिखने को कहा गया है तो ऐसे में यह 10 पंक्तियाँ उसे निबंध लिखने मदद कर सकते हैं।
इस निबंध में हॉकी के खेल का परिचय, उसके महत्व, और भारत में इसकी विशेषता पर 200-300 शब्दों में सरल भाषा में चर्चा की गई है। आइए पढ़ते हैं:
हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है और इसे पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ खेला जाता है। हॉकी का खेल दो टीमों के बीच होता है, जिनमें प्रत्येक टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं। खिलाड़ी J आकार की स्टिक की मदद से गेंद को मार के गोल करने की कोशिश करते हैं। जिस टीम के खिलाड़ी अधिक गोल करते हैं, वह टीम विजेता बनती है। यह खेल तेजी और कुशलता से खेली जाती है, जिसमें खिलाड़ियों को शारीरिक चुस्ती के साथ-साथ रणनीतिक सोच भी चाहिए होती है।
भारत में हॉकी का इतिहास बहुत गौरवशाली है। भारतीय हॉकी टीम ने 1928 से 1956 तक लगातार छह ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीते, जिससे देश को गर्व की अनुभूति हुई। दिग्गज खिलाड़ी ध्यानचंद को हॉकी के जादूगर के रूप में जाना जाता है, जिनकी खेल क्षमता ने भारत को कई मैच जिताए। उनकी नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम ने विश्वभर में अपनी धाक जमाई।
हॉकी खेलना न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, बल्कि यह खिलाड़ियों में अनुशासन, एकता और सहनशक्ति भी विकसित करता है। इस खेल के माध्यम से खिलाड़ियों को कड़ी मेहनत, संयम और सहयोग का महत्व समझ आता है।
हालांकि आज के समय में क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों की लोकप्रियता बढ़ी है, फिर भी हॉकी का महत्व और सम्मान भारत में बरकरार है। सरकार और खेल संगठनों द्वारा इसे पुनर्जीवित करने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। हॉकी के प्रति हमारे लगाव और सहयोग से यह खेल फिर से अपनी पुरानी प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकता है।
अगर आपका बच्चा हॉकी खेलने का शौकीन है और उसे अपने पसंदीदा खेल के बारे में निबंध लिखना है तो यह हिंदी में लॉन्ग एस्से उसके मनपसंद विषय को और बेहतर जानने, लिखने व बोलने मदद करेगा।
हॉकी ग्यारह खिलाड़ियों के दो टीमों द्वारा मैदान में खेला जाने वाला एक खेल है जिसमें सभी खिलाड़ी एक छोटे गेंद को J आकार की एक छड़ी द्वारा मार कर गोल बनाने की कोशिश करते हुए खेलते हैं। इसमें गोलकीपर भी होता है जो खिलाड़ियों को गोल करने से रोकता है यानी बॉल को नेट तक जाने से रोकता है। हॉकी को खेलने के लिए बहुत मेहनत, संयम, एकता लगती है क्योंकि फील्ड पर टीम के हर खिलाड़ी को दौड़ते और भागते रहना होता है और हर समय चौकन्ना रहना पड़ता है। हॉकी खेलते वक्त गोलकीपर अपनी सुरक्षा के लिए पैडेड जर्सी और हेल्मेंट और हाथ में हॉकी स्टिक लेकर खड़ा रहता है। इस खेल की अवधि 75 मिनट होती है। इस खेल दो भागों में खेला जाता है और हर एक सत्र 35 मिनट का होता है जिनके बीच में ब्रेक लिया जाता है।
साल 1885-1886 में भारत में हॉकी पहली बार खेली गई थी। इस दौरान भारत का पहला हॉकी क्लब कलकत्ता में बना था। जब यह शुरू हुआ खेलों के कोई नेशनल कॉम्पिटिशन नहीं खेले जाते थे। वहीं साल 1895 में इस खेल को आगे बढ़ाया गया और कलकत्ता में बेटन कप टूर्नामेंट और आगा खान टूर्नामेंट बॉम्बे में आयोजित किया गया था। साल 1925 में, भारतीय हॉकी महासंघ का गठन किया गया था, जिसकी वजह से भारतीय खिलाड़ियों को इंटरनेशनल लेवल पर खेलने का मौका दिया गया था। भारतीय खिलाड़ियों ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच न्यूजीलैंड में खेला जहां उन्होंने 18 मैच जीते, 1 मैच हारे और 2 मैच ड्रॉ रहे।
दुनिया भर में बहुत से हॉकी के धुरंदर खिलाड़ी मौजोद हैं, जिनमे से कुछ ये रहें-
हॉकी खेलने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि मानसिक संतुलन भी बना रहता है। यह खेल खिलाड़ियों में एकता, सहनशक्ति, और अनुशासन को बढ़ावा देता है। हॉकी खेलते समय खिलाड़ियों को तेज गति से दौड़ना पड़ता है और अपने विरोधी खिलाड़ियों को चकमा देकर गेंद को गोल की ओर ले जाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें बहुत अधिक मेहनत और अभ्यास की आवश्यकता होती है।
अगर आपका बच्चा भी हॉकी को पसंद करता है और इस खेल के बारें जानना चाहते है। इस हॉकी के निबंध से उसे जरूरी जानकारियां मिल जाएंगी साथ ही जब उसे इस विषय पर निबंध लिखने को मिलेगा या फिर कोई उसे हॉकी के बारे में पूछेगा तो वह बेझिझक बता पाएगा। इससे आपका और आपके बच्चे दोनों का ही आत्मविश्वास बढ़ेगा।
भारत के खिलाड़ी ध्यान चंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता था।
भारत ने साल 1975 में सिर्फ एक बार हॉकी विश्व कप जीता है।
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