भारत विविधता का देश है, जहां पेड़-पौधे, पशु-पक्षियों और जीव-जंतु आदि की अनेक प्रजातियां पाई जाती हैं, जो इस देश की सुंदरता को और अधिक बढ़ाता है और इन्हें देख कर आनंद महसूस होता है। इस लेख में हम राष्ट्रीय पशु बाघ पर हिंदी निबंध कैसे लिखना यह बताएंगे, लेकिन उससे पहले बाघ कैसा जानवर है आइए यह जानते हैं! बाघ को भारत सरकार द्वारा देश का राष्ट्रीय पशु घोषित किया गया है। यह बहुत प्रसिद्ध और शक्तिशाली जानवर है जो अपनी तेजी, फुर्तीलापन और ताकत के लिए जाना जाता है। यह एक मांसाहारी जानवर है जिसके चार पैर, दो कान-आंखें और एक पूँछ होती है। इनके दांत बेहद नुकीले और मजबूत होते हैं जिससे ये शिकार करते हैं। दुनिया भर में बाघों की विभिन्न प्रजातियां और उप-प्रजातियां पाई जाती हैं। विश्व बाघ गणना के अनुसार इन दिनों इनकी संख्या काफी कम होती जा रही है और धरती पर इनका जीवन बचाने के लिए संरक्षण करने की जरुरत होगी। भारत में बाघों की लगातार घटती संख्या की वजह से भारत सरकार ने अप्रैल 1973 में “प्रोजेक्ट टाइगर” नाम से एक अभियान चलाया था और इसके कारण ही आज भारत में बाघों की मौजूदा स्थिति पहले से कुछ बेहतर है। बाघ पर एक बेहतरीन अनुच्छेद पढ़ने लिए लेख अंत तक पढ़ें।
नीचे 5 पक्तियों में बाघ पर निबंध दिया गया है, जो बेहद सरल भाषा में लिखे गई पंक्तियां लिखी गई हैं।
यहां आपको बाघ के बारे में निबंध दिया गया है, जो 10 लाइन में है और आसान भाषा में बताया गया है। तो आइए राष्ट्रीय पशु पर 10 लाइन का निबंध पढ़ते हैं।
क्या आपका बच्चा बाघ पर निबंध लिखना चाहता है, तो यह शार्ट एस्से क्लास 1,2,3,4,5,6,7, 8, 9 ओर 10 में पढ़ने वाले बच्चों के लिए यह निबंध एक सैंपल के रूप में दिया गया है। इसका उपयोग आप शार्ट कम्पोजिशन के रूप में भी कर सकते हैं।
भारत में सैकड़ों प्रजाति के जानवर पाए जाते हैं जिसमें से एक बाघ भी है। बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है। यह बाघ, बिल्ली की प्रजाति का जानवर होता है। जिसके 4 पैर, 2 आंखें, 2 कान और 1 पूंछ होती है। इनके दांत तेज और नाखून काफी नुकीले होते हैं। यह नारंगी, सफेद और सुनहरे रंग में पाए जाते हैं और इनके शरीर पर काले रंग की धारियां बनी होती हैं। इनके सुनने, सूंघने और देखने की क्षमता काफी तेज होती है। बाघ बहुत फुर्तीले होते हैं और बड़ी आसानी से पेड़ या ऊंचाई पर चढ़ सकते हैं। ये ताकतवर और तेज दौड़ने वाला जानवर होता है और यह पानी में भी तैर सकते हैं। इनकी आयु औसतन 11 से 15 साल तक होती है। बाघ एक जंगली मांसाहारी जानवर है, क्योंकि यह केवल मांस का ही सेवन करते हैं। जिसमें यह छोटे जानवरों जैसे बकरी, गाय, हिरण आदि का शिकार करके अपना पेट भरते हैं। इनका शिकार करने का तरीका बहुत ही अनोखा होता है। पहले ये अपने शिकार को छुपकर देखते हैं और फिर धीरे-धीरे उनकी तरफ आगे बढ़ते हैं और पास पहुंचते ही अचानक से हमला कर देते हैं। इनके पंजों की पकड़ बहुत मजबूत होती है। इसलिए पहले के समय बाघ का शिकार करना बड़ी उपलब्धि माना जाता था और राजा महाराजा बाघ का शिकार करने में रुचि रखते थे। समय के साथ बाघ की नौ प्रजातियों में से अब तक 3 विलुप्त हो चुकी हैं, 1973 में जांच के दौरान पाया गया कि बाघों की अनुमानित संख्या कम होकर 5000 से 1827 हो गई जो चिंता का विषय था। जिसमें जंगलों की बढ़ती हुई कटाई और व्यापार के लिए बाघ की खाल का उपयोग, चीनी दवाओं के लिए इनकी हड्डियों का उपयोग के कारण इनका अवैध रूप से शिकार करना है, संकुचित आवास, मानव जाती की बढ़ती आबादी आदि कारणों से इनके संरक्षण को लेकर तेजी से जागरूकता बढ़ी और 197 में ही बाघ परियोजना (प्रोजेक्ट टाइगर) शुरू किया जिसमें सभी प्रजातियों के बाघ को बचाने के लिए अभियान शुरू किया गया। ताकि आने वाली पीढ़ी भी बाघ की विभिन्न प्रजातियों से परिचित हो सके। 2010 से हर साल बाघ दिवस 29 जुलाई को मनाया जाता है।
बाघ पर निबंध या भाषण के लिए दिए गए अनुछेद को पढ़ें। अक्सर स्कूल व कॉलेज स्तर पर ऐसी प्रतियोगिता आयोजित की जाती हैं जो भारत राष्ट्र के विषय से जुड़ी हुई हो, यहां आपको भारत के राष्ट्रीय पशु बाघ पर हिंदी में निबंध दिया गया है। जो आपको 400 से 600 शब्दों की सीमा में एक बेहतरीन लॉन्ग एस्से उपलब्ध कराता है:
भारत अनेकता का देश है, विभन्नता का देश जहां न जाने कितनी प्रजातियों के पशु-पक्षी, जीव- जंतु और पेड़-पौधों व अन्य प्राणियों का वास है। लेकिन सैकड़ों प्रजातियों में से भारत ने जिसे अपना राष्ट्रीय पशु चुना वो बाघ है। यह बड़ी बिल्ली की प्रजाति में आते हैं। इनकी शारीरिक संरचना की बात की जाए तो इनके 4 पैर, 2 आंखें, 2 कान और 1 पूंछ होती है। इनके दांत तेज, जीभ कांटेदार और नाखून काफी नुकीले होते हैं, जिसकी मदद से यह अपने शिकार पर पकड़ बनाएं रहते हैं। यह नारंगी, सफेद और सुनहरे रंग में पाए जाते हैं और इनके शरीर पर काले रंग की धारियां बनी होती हैं। बाघ की सुनने, सूंघने और देखने की क्षमता अच्छी होती है, जो इन्हे अपना शिकार पकड़ने व खतरे से बचने में मदद करता है। यह औसतन 11 से 15 साल तक जीवित रहते हैं। इनका भोजन छोटे जानवर जैसे बकरी, हिरण आदि होते हैं। बाघ की नौ प्रजातियां पाई जाती हैं जिसमें से 3 प्रजातियां विलुप्त हो चुकी हैं, 1973 में इस बात को गंभीरता से लिया गया और भारत सरकार बाघ परियोजना (प्रोजेक्ट टाइगर) के तहत बाघ की सभी प्रजातियों को बचाने के लिए अभियान शुरू किया गया।
बाघ की शारीरिक बनावट का वर्णन करें तो इनके 4 पैर, 2 आंखें, 2 कान और 1 पूंछ होती है। इनके दांत तेज, जीभ कांटेदार और नाखून काफी नुकीले होते हैं। बाघ का शरीर काफी शक्तिशाली और मजबूत काठी का होता है। यह काफी फुर्तीले होते हैं और बहुत तेज दौड़ने वाले जानवर के रूप में जाने जाते हैं। यह हमेशा मांस का सेवन करते हैं इसलिए इनका शरीर काफी गठीला और मजबूत होता है। इनके शरीर की लंबाई 7 से 10 फुट तक होती है और इनका वजन लगभग 350 किलो या उससे ज्यादा भी हो सकता है। इनके शरीर पर काले और भूरे रंग की धारियां बनी होती है। हालांकि कई जगहों पर जैसे साइबेरिया और चीन में सफेद रंग के बाघ पाए जाते हैं।
बाघ काफी ताकतवर पशु होता है और ये करीब 40-55 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज दौड़ सकता है, लेकिन इनका शरीर बहुत भारी होता है इन्हें तेज दौड़े वाले जानवर की श्रेणी में गिना जाता है। इनका जीवनकाल लगभग 10 से 15 साल तक का होता है, लेकिन चिड़ियाघर में रहने वाले बाघ अधिक उम्र तक जीवित रहते हैं। यह ज्यादा से ज्यादा 25 साल तक जिंदा रह सकते हैं। इनकी दिनभर की खुराक में कम से कम 20 से 30 किलो तक मांस होता है। मादा बाघ की बात की जाए तो इनका गर्भकाल 90 से 115 दिन तक चलता है और ये एक साथ 2 से 3 बच्चो को जन्म दे सकती हैं। मादा बाघ के बच्चे 14 से 15 दिन के अंदर ही अपनी आंख खोल लेते हैं, इनकी एक खासियत यह है कि ये पेड़ या ऊंचाई पर बहुत आसानी से चढ़ जाते हैं और पानी में तैर भी सकते हैं।
भारत में धर्म और आस्था से कई लोग गहरा जुड़ाव रखते हैं और भारतीय संस्कृति के अनुसार बाघ को देवी दुर्गा की सवारी के रूप जाना जाता है। माँ दुर्गा की पूजा के साथ बाघ की भी पूजा की जाती है। भारत में ऐसी कई जगह हैं, जहां पर बाघों को पूजा जाता है। बाघ की मनोहरता, ताकत, फुर्तीलेपन और शक्तिशाली होने कारण उसे भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय पशु से सम्मानित किया गया।
बाघ को हमारे देश का राष्ट्रीय पशु और शान माना जाता है। यह बाकी जानवरों की तुलना मे सबसे ज्यादा शक्तिशाली पशुओं मे से एक है, लेकिन इनकी प्रजातियां दिन प्रतिदिन गायब होती जा रही हैं, जिसका मुख्य कारण इसका अवैध शिकार करना है। बाघ के संरक्षण के लिए 1972 में प्रोजेक्ट टाइगर अभियान शुरू किया गया जो बाघ की सभी प्रजातियों को संरक्षित करने की दिशा में काम कर रहा है। आने वाले समय मे हमारी पीढ़ियां भी बाघ की प्रजातियों को देख सके, इसके लिए उनका संरक्षण जरूरी है।
बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है और हमारे बच्चों को देश के राष्ट्रीय पशु के बारे में सभी जानकारी होना चाहिए। बाघ पर लिखे गए इस निबंध से बच्चों को इसके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी और साथ ही वो खुद भी इस एस्से सैंपल की मदद से बाघ पर एक बेहतरीन लेखन तैयार कर सकते हैं।
बाघ से जुड़े ऐसे कई सवाल होंगे जो आप जानना चाहते होंगे। आइए देखते हैं आखिर वह सवाल कौन से हैं।
बाघ को वैज्ञानिक तौर पर पैंथेरा टाइग्रिस के नाम से जाना जाता है।
बाघ के शरीर में लगभग 100 धारियां होती हैं।
साइबेरिया का बाघ दुनिया का सबसे बड़ा बाघ है।
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