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भारत में योग का अस्तित्व कई हजार साल पुराना है, जिसे ऋषि-मुनी योग विद्या के रूप में प्राचीन काल से अभ्यास करते आए हैं। योग एक प्रकार से आपके शरीर की ऊर्जा को संतुलित करता है और शरीर में रक्त का संचार बेहतर करता इसके अलावा भी योग के ढ़ेरों लाभ हैं जो किसी भी व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से रोगमुक्त करने की क्षमता रखता है। योग क्रिया में कई सारे आसन और ध्यान प्रक्रिया जिसे मेडिटेशन कहते हैं वो शामिल होता है। इसलिए योग को हमारे शरीर और मन दोनों के लिए बहुत लाभकारी माना गया है। यह न केवल शरीर को मजबूत और चुस्त बनाता है बल्कि तनाव को कम करने में भी मदद करता है और आपके दिमाग को स्थिरता व शांति प्रदान करता है। योग भारत की खोज है, जो आज सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बड़े पैमाने पर अभ्यास में लाई जा रही हैं। इसका एक मात्र कारण यह है कि दुनिया योग से मिलने वाले लाभों को जान रही है। बड़े हो या बच्चे हर किसी को अपनी दिनचर्या में थोड़ा समय निकालकर योग जरूर करना चाहिए। क्योंकि आजकल जिस प्रकार की जीवनशैली हम सब ने अपनाई हुई है उसमें फोकस माइंड के साथ काम करना मुश्किल होने लगा है, ऐसे में योग आपका कॉन्सेंट्रेशन और कार्य करने शक्ति को बढ़ाता है। योग को बढ़ावा देने के लिए हर साल 21 जून को ‘अंतराष्ट्रीय योग दिवस’ भी मनाया जाता है। यदि आपको भी योग में रुचि है या आपको योग पर एक अच्छा हिंदी में निबंध लिखना है तो नीचे दिए गए 10 वाक्यों का निबंध, शार्ट पैराग्राफ, शार्ट और लॉन्ग एस्से के रूप में योग पर विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
जैसे हम अपने बाहरी शरीर को स्वच्छ रखने पर ध्यान देते हैं वैसे ही हमें अपने आंतरिक शरीर को साफ रखने का प्रयास करना चाहिए और उसके लिए योग करना बहुत जरूरी है। योग आपकी सोचने समझने की क्षमता को बढ़ाता है। बड़ों के साथ बच्चों को भी आंतरिक रूप से स्वच्छ और मजबूत बनाता है। स्कूलों में भी बच्चों को योग अभ्यास कराया जाता है। अगर आपका बच्चा संक्षेप में योग पर 10 लाइन हिंदी में लिखना या बोलना चाहता है, तो नीचे दी गई योग पर 10 पंक्तियों की मदद ले सकता है:
अक्सर हमें उन विषयों के बारे में लिखने के लिए मिल जाता है, जिन विषयों पर हमने बहुत ध्यान नहीं दिया होता है, हालांकि वो हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा होना चाहिए। योग क्रिया का इतिहास बहुत पुराना है और यह हमारे देश की एक बड़ी उत्पत्ति भी है जिसका महत्व लोगों को अब पता चल रहा और हमारी इस सभ्यता को बढ़ावा देने के लिए अब देश के प्रधानमंत्री व अन्य लोग योगाभ्यास को अपने निजी जीवन में शामिल करके हमे भी इसे अपने जीवन में शामिल करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यदि आप शार्ट पैराग्राफ या हिंदी में योग पर शार्ट एस्से लिखना चाहते हैं तो इसे कैसे लिखना है उसका उदहारण आपको नीचे दिया गया है। आइए देखते हैं:
योग एक ऐसी क्रिया है जो सिर्फ किसी व्यक्ति विषेश के लिए सीमित नहीं है। हर वो व्यक्ति जो खुद को बीमारियों से मुक्त रखना चाहता है उसे योग को अपने जीवन में शामिल करना चाहिए। योग एक ऐसी क्रिया है जो आपके शरीर और मन के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। भगवान शिव को योग का आदि गुरु माना जाता है, जिसके बाद ऋषि-मुनियों ने इस विद्या को अपनाया और अपनी ऊर्जा को सही रूप से नियंत्रित किया। योग शास्त्र के अनुसार कुल 84 प्रकार के आसन हैं जो भारत की ही देन है जिसे लोग आज बड़े स्तर पर देश-विदेश में अपने अभ्यास में ला रहे हैं। योग करने से शरीर आंतरिक रूप से स्वस्थ होता है साथ-साथ यह हमारे मन को भी शांत करता है। जब शरीर स्वस्थ और मन शांत होता है, तो हमारी दिनचर्या भी सकारात्मक रूप से प्रभावित होती है। हृदय रोग, अस्थमा, डाइबिटीज, बीपी, श्वास संबंधी आदि बिमारियों में योगाभ्यास करने की सलाह दी जाती है, यदि हम नियमित रूप से योग अभ्यास करें तो खुद को कई गंभीर बिमारियों से दूर रख सकते हैं। प्राचीन काल में स्वस्थ जीवन जीने के लिए नियमित रूप से योग और ध्यान करने का अभ्यास करते थे। हालांकि आजकल हम जिस प्रकार की जीवनशैली को अपना रहे हैं, वो हमारी स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहा है, हमारी खान पान की आदतें, सोने और जागने का समय, इलेक्ट्रॉनिक यंत्रों का अधिक उपयोग आदि सब प्रभावित हुआ है, जिससे हमारे स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है। लोग अवसाद व अन्य मानसिक और शारीरक बिमारियों का शिकार हो रहे हैं। यदि हम आंतरिक रूप से मजबूत होंगे तो इन समस्याओं से बेहतर रूप से लड़ सकेंगे, जिसके लिए योग करना हमें शरीरिक, मानसिक रूप से मजबूत और सक्रिय बनाता है।
“यदि रोगमुक्त है जीवन जीना, हर दिन योग का अभ्यास करना”
योग एक ऐसी क्रिया है जो हमारे शरीर को ऊर्जावान बनाए रखती है। योग के जानकारों के अनुसार इसकी उत्पत्ति भारत में 5000 साल पहले हुई थी और लोगों को जैसे-जैसे इसका महत्व पता चला वे इसे अपनाते चले गए। योग का सबसे बड़े गुरु भगवान शिव को मानते हैं जिन्हे आदियोगी के नाम से भी जाना जाता है, जिसके बाद ऋषि मुनियों ने योग विद्या को अपनाया। आज विज्ञान भी योग और उसके लाभों को मानती है। इस विषय में अधिक जानकारी नीचे दी गई है। आइए देखते है:
योग एक ऐसी क्रिया है जिसकी खोज 5000 साल पूर्व की बताई जाती हैं, जिसका उल्लेख पुराणों में भी किया गया है। योग को एक सफल जीवन की कुंजी कहा जाता है। यह हमें शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाता है। यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से योग करता है तो उसके जीवन में इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। योग करने से न सिर्फ हमारा शरीर सक्रिय रहता है, बल्कि हमारा मन और मस्तिष्क को भी स्वस्थ्य रखने में मदद मिलती है। योग प्राचीन काल से ही ऋषि मुनियों द्वारा अभ्यास किया जाता रहा है और हमारी भारतीय संस्कृति में इसका बहुत महत्व बताया गया है। योग के अनेकों लाभ होने के कारण इसे देश विदेश में बहुत महत्व दिया जा रहा है और लोग योग के प्रति पहले से ज्यादा जागरूकता दिखा रहे हैं। योग सिर्फ साधु संतों द्वारा किया जाने वाला व्यायाम है, अब यह धारणा धीरे-धीरे बदल रही है। अनियमित खान-पान, देर रात तक जागना या फिर प्रदूषण भरे माहौल में रहना आदि, इन सभी कारणों की वजह से हमारा स्वास्थ्य भी दिन पर दिन प्रभावित हो रहा है, जिसका असर हमारी जीवन में स्पष्ट रूप से देखने को मिलता है। ऐसे में योग करना हमें स्वास्थ्य को बेहतर बनाएं रखने की ओर मोड़ता है। योग के लाभों के चलते अब डॉक्टर भी योगाभ्यास को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं। आज न केवल देश बल्कि विदेश में भी योग को काफी प्राथमिकता दी जाती है, जिसके पीछे स्वामी विवेकानंद, श्री अरबिंदो घोष, योगानंद जैसे महापुरुषों की अहम भूमिका रही है।
योग, मनुष्य के तन और मन को सुचारु रूप से कार्य करने के लिए बेहद जरूरी है। योग करने से आपके जीवन में न सिर्फ अनुशासन आएगा बल्कि आप खुद को अध्यात्म से जोड़ सकेंगे यह आपकी चेतना को दूसरे स्तर पर ले जाता है। इतना ही नहीं योग शरीर की सहनशक्ति बढ़ाता है, मानसिक रूप मजबूत बनाता है। इस क्रिया के दौरान ध्यान करने और श्वसन क्रिया को सही से करने पर ज्यादा जोर दिया जाता है। नियमित रूप से योग करना आपको तनाव और अन्य मानसिक रोगों से दूर करता है जो आज के समय में बड़ों और खासतौर पर बच्चों को बड़ी मात्रा में प्रभावित कर रहा है। इसके नियमित अभ्यास से यह शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ जीवन का वास होता है इसलिए योग का महत्व हमारे जीवन में बहुत ज्यादा है।
आज से करीब 5,000 साल पहले तक योग अस्तित्व में आया और इसकी उत्पत्ति भारत में हुई जो हमारे शरीर को आंतरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप सचेत करता है। योग के बारे में सबसे पहले ऋग्वेद में बताया गया है, जो पांचवीं या छठी शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास शुरू हुआ था। भारत के प्रसिद्ध प्राचीन ग्रंथों जैसे भागवत गीता, उपनिषद, योग वशिष्ठ, हठ योग प्रदीपिका, गेरांडा संहिता, शिव संहिता, पुराण आदि में भी इसका उल्लेख किया है। योग का पिता ‘पतंजलि’ को माना जाता है, क्योंकि उन्होने योग सूत्रों के माध्यम से इसे और बेहतर बनाया। इसके अलावा उन्होंने योग के जरिए लोगोंं को सही उद्देश्य के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी थी।
योग के चार प्रकार हैं मंत्रयोग, हठयोग लययोग व राजयोग:
योग करने के अनेकों फायदे हैं, योग के अलावा ऐसी शायद ही कोई क्रिया हो जो एक साथ आपके शरीर, मन और अध्यात्म को सही दिशा में केंद्रित कर सकता है। यदि आप हर दिन नियमित रूप से योग आसन का पालन करते हैं तो आप खुद अपने अंदर सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे, क्योंकि ये शरीर और दिमाग और आत्मा के बीच संतुलन बनाए रखने में शरीर की मदद करता है और बीमारियों से भी दूर रखता है। इसके अलावा, जब हम विभिन्न आसन और मुद्राओं का अभ्यास करते हैं, तो यह हमारे शरीर को लचीला और मजबूत बनाता है। योग से आपका दिमाग तेज होता है और साथ ही आपकी सोचने समझने की क्षमता को बढ़ाता है। अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करने से हमे कई गंभीर बिमारियों जैसे हाई ब्लड प्रेशर, दिल की समस्या, सांस लेने में तकलीफ आदि से राहत मिलती है। योग जीवन में अनुशासन विकसित करता है। योग ऐसी क्रिया है जिसे बड़े बच्चे और बूढ़े सभी कर सकते हैं। यदि आप पहली बार योग कर रहे हैं तो किसी गाइड या ट्रेनर की मदद ले सकते हैं।
भगवान शिव को योग का सर्वोच्च भगवान माना जाता है।
योग एक संस्कृत शब्द ‘युज’ से आया है, जिसका अर्थ है ‘जोड़ना’ है।
प्राचीन भारतीय ग्रंथों में कुल 84 आसन हैं जो हमें विभिन्न आसनों के बारे में बताते हैं।
हमारे शरीर की ऊर्जा को बनाएं रखने के लिए जितना जरूरी भोजन है उतना ही जरूरी योग करना है। खासतौर पर बच्चों के लिए। आधुनिकरण के चलते हमने अपने जीवन में अनावश्यक खानपान और रहन-सहन को अपना लिया है, जिससे पूरी तरह बचा नहीं जा सकता लेकिन होने जीवन को योग शमिल कर के इसे कुछ हद तक नियंत्रित जरूर किया जा सकता है। इस निबंध से बच्चों को यह सीख मिलेगी कि हमे अपने प्रचीनकाल की सभ्यता से जुड़े रहना चाहिए। आज देश विदेश में हमारी सभ्यता को अपनाया जा रहा। अपनी परंपराओं को हमे ही आगे लेकर जाना है।
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