शिशु

क्या शिशुओं को खीरा या ककड़ी देना सुरक्षित है?

ऐसा कोई भी मौसम, समय या अवसर नहीं हैं, जब खीरा या ककड़ी किसी भी परिवार के भोजन का हिस्सा न बनता हो। आमतौर पर खीरे को सलाद या एक साइड डिश के रूप में खाया जाता है। खीरे को किसी भी वक्त स्नैक्स के रूप में भी खा सकते हैं और इसे मुख्य भोज या मेन कोर्स में एक प्रमुख सामग्री के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। जब आपका बच्चा ठोस पदार्थ (सॉलिड फूड) का सेवन शुरू कर दे, तब आप खीरे को अपने बच्चे के आहार में जोड़ने का सोच सकती हैं। लेकिन कुछ सावधानियों को ध्यान में रखते हुए खीरे को सही तरीके से, और सही समय पर बच्चे को खिलाया जाना चाहिए।आइए, पूरी जानकारी लेते हैं।

क्या शिशु खीरा खा सकते हैं

सामान्य तौर पर, अन्य ठोस पदार्थ जैसे सब्जियाँ और फल – जो बच्चों को देने के लिए सुरक्षित माने जाते हैं, हम खीरे को भी उस श्रेणी में रख सकते हैं। अपने बच्चे को खीरा देने में कोई समस्या नहीं हैं और इससे उसे बेहतर पोषण मिलेगा।

ADVERTISEMENTS

बच्चे को खीरा देना कब शुरू करें

आप सोच रहे होंगे कि अपने बच्चे को खीरा देना कैसे शुरू करें, है न? तो चिंता न करें, यह बिलकुल वैसा ही है जैसे आप अपने बच्चे को ठोस खाद्य पदार्थ देना शुरू करती हैं। आप अपने बच्चे को 6-8 महीने की उम्र में खीरा देना शुरू कर सकती हैं। हालांकि, अधिकांश डॉक्टर स्तनपान कराने की प्रक्रिया शिशु के 1 साल का होने तक जारी रखने की सलाह देते हैं, और ठोस आहार 11 महीने के बाद। परन्तु आपको अपने डॉक्टर से एक बार सलाह ले लेनी चाहिए ठोस आहार शुरू करने से पहले।

खीरे का पोषण मान (न्यूट्रिशनल वैल्यू)

खीरे को लेकर जो बात लोग नहीं जानते हैं वो है कि इसमें कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो इसे काफी स्वास्थ्यप्रद बनाते हैं। 100 ग्राम छिले हुई खीरे में, इसके पोषण का वितरण निम्नानुसार हैं:

ADVERTISEMENTS

पोषक तत्व मात्रा
फ्लोराइड 1.3 एमसीजी
पानी 95 प्रतिशत
जिंक 0.21 मिग्रा
सोडियम 2.1 मिग्रा
पोटैशियम 150 मिग्रा
फास्फोरस 25 मिग्रा
मैंगनीज 0.080 मिग्रा
मैगनीशियम 15 मिग्रा
लोहा 30 मिग्रा
कैल्शियम 15 मिग्रा
विटामिन के 16.5 एमसीजी
विटामिन सी 3 मिग्रा
फोलेट 7.1 एमसीजी
विटामिन बी 6 0.05 मिग्रा
विटामिन बी 5 0.26 मिग्रा
निआसिन 0.1 मिग्रा
रिबॉफ्लेविन 0.035 मिग्रा
थायमिन 0.03  मिग्रा
प्रोटीन 0.66 ग्राम
वसा 0.1 ग्राम
फाइबर 0.52 ग्राम
शुगर 1.65 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट 3.65 ग्राम
ऊर्जा 15 किलो कैलोरी

शिशुओं के लिए खीरे के स्वास्थ्य लाभ

खीरा खाने से आपके बच्चे को भरपूर पोषण के साथ-साथ ऐसे फायदे भी मिल सकते हैं जो आपके शिशु को उसके पूरे विकास काल के दौरान स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

1. त्वचा की परेशानियों को कम कम करता है

आपके बच्चे की त्वचा काफी संवेदनशील हाती हैं, जो अलग-अलग परेशानियां ला सकती है, इसमें एक कीड़े के काटने से लेकर एक छोटी सी जलन तक शामिल हैं। कभी बच्चे के शरीर पर छोटी-छोटी फुंसियाँ आ जाती है, जो शिशु को काफी परेशान कर सकती है । तब खीरे का एक टुकड़ा काटकर प्रभावित जगह पर लगाने से दर्द, खुजली व सूजन से राहत मिलती है और सूजन भी कम होती है।

ADVERTISEMENTS

2. दर्द से राहत देने का काम करता है

बच्चे छोटे होते हैं और इस उम्र में उन्हें औषधीय दर्दनाशक (पेनकिलर) देना अच्छा नहीं है। यह देखा गया है कि खीरे में कुछ ऐसे गुण होते हैं, जो दर्द निवारक दवाओं का काम करती है। यह मुख्य रूप से इसमें मौजूद फ्लेवोनोइड की उपस्थिति के कारण होता है। ये एनाल्जेसिक गुणों के लिए भी जाने जाते हैं, जो कुछ स्थितियों में दर्द से राहत देने में मदद करते हैं।

3. पेट की समस्याओं से राहत

ऐसा कहा जाता है कि खीरा पेट की समस्याओं को हल करने में एक शक्तिशाली दवा के रूप में काम करता है। खीरे का सेवन एसिडिटी, अल्सर या किसी भी तरह की गैस्ट्रिक समस्या में एक प्राकृतिक उपाय के तौर पर किया जा सकता है। खीरे के टुकड़े को भाप कर उसे अच्छी तरह से निचोड़कर अपने बच्चे को इस जूस का सेवन कराएँ। यह खीरे का जूस बच्चे को देने का सबसे बेहतर तरीका है और यह काफी लाभदायक है।

ADVERTISEMENTS

4. पानी का एक समृद्ध स्रोत

कभी-कभी बच्चे पानी पीने से इनकार कर देते हैं या उन चीजों को खाते हैं जिनमें पानी की मात्रा बहुत कम होती है। ऐसा गर्मियों के दिनों में ज्यादा होता है, जब बच्चों को भूख भी नहीं लगती है। ऐसे में खीरा काफी फायदेमंद साबित होता है, क्योंकि इसमें 95 प्रतिशत पानी होता है। आप अपने बच्चे को एक खीरा चबाने के लिए दे सकती हैं, जिससे उसके शरीर में पानी के साथ-साथ नमक और खनिज की कमी भी पूरी हो, जो डिहाइड्रेशन की वजह से कम हो जाते हैं।

5. एंटीऑक्सीडेंट की उपस्थिति

शरीर की मेटाबॉलिक प्रक्रियाएँ मुक्त कणों सहित विभिन्न विषाक्त व अपशिष्ट पदार्थों को जन्म देती हैं। ये डीएनए सहित स्वस्थ ऊतकों और शरीर के तत्वों का नाश करते हैं। बच्चे के अंदर इनको बढ़ने से रोकने के लिए उन्हें खीरा दें, जिनके एंटीऑक्सीडेंट गुण उन्हें बाहर निकाल सकें, साथ ही आपके बच्चे को स्वस्थ रखें।

ADVERTISEMENTS

6. विटामिन से भरा हुआ

हम शर्त लगा सकते हैं कि आप खीरे में मौजूद विटामिन की संख्या गिन भी नहीं पाएंगे, इतने हैं। इसमें लगभग सब कुछ है, जो आपके बच्चे के स्वस्थ विकास, शारीरिक और तंत्रिकीय से लेकर आँखों की रौशनी के विकास, रक्त परिसंचरण, लौह संश्लेषण, हड्डी के स्वास्थ्य आदि तक में मदद करेगा।

अपने बच्चे को खीरा देते समय बरतें ये सावधानियाँ

इससे पहले आप पूछें कि अपने बच्चे के लिए खीरे से व्यंजन कैसे बनाएँ, बच्चे को खीरा खिलाते समय कुछ सावधानियाँ बरतना जरूरी हैं।

ADVERTISEMENTS

  • खीरे को अन्य सब्जियों के साथ मिलाएँ और स्टीम करें, फिर ठंडे होने पर इन सभी को एक साथ मिक्सर में चला कर प्यूरी बनाए। यह बनकर बहुत स्वादिस्ट होती है जो बच्चों को बहुत पसंद आती है।
  • पहली बार बच्चे को खीरा देते समय इससे होनेवाली किसी भी एलर्जी पर नजर रखें। पहली बार बच्चे को थोड़ा सा ही खीरा दें और कुछ दिनों के अंतराल के बाद देखें कि कहीं उसे कोई दिक्क्त तो नहीं हो रही। यदि सब कुछ ठीक हैं, तो फिर दोबारा दे सकते हैं ।
  • बच्चे को कच्चा खीरा देने से बचें क्योंकि इसमें बैक्टीरिया हो सकते हैं। खीरा हमेशा उबालकर और भापकर इसकी प्यूरी बनाएँ जिससे इसके अंदर मौजूद कोई बैक्टीरिया मर जाएं।
  • खीरे को इस्तेाल करने से पहले इसका छिलका जरूर उतार लें। हो सकता हैं कि शिशु का पेट उसे पूरी तरह से पचा न सके।
  • आप खीरा हमेशा वहीं खरीदें जो ताजा और दोष मुक्त हो। एक बार पहले खुद चख कर यह सुनिश्चित कर लें कि खीरा कड़वा तो नहीं है।

बच्चों के लिए विभिन्न खीरा रेसिपी

हम आपको खीरे से बनी कुछ आसान रेसिपी के बारे में बताएंगे जो आप अपने बच्चे को दे सकती हैं।

1. खीरे की प्यूरी

खीरे की प्यूरी बाकी सभी सब्जियों के साथ मिलकर आपके बच्चे के पोषण में मदद करेगी।

ADVERTISEMENTS

आवश्यक सामग्री

  • खीरा
  • तुलसी की पत्तियाँ
  • मलाई
  • चीज़ साल्ट

बनाने की विधि

ADVERTISEMENTS

  • खीरे को लंबाई में काट लें और उसके बीज निकाल लें। इसमें सभी सामग्री मिलाकर अच्छी तरह से मैश करें।
  • इसे ऐसे ही परोसें, या आप चाहें तो इसमें कुछ फल भी मिला सकती हैं अगर आपका बच्चा उन्हें चबा सकता है।

2. दही के साथ मिन्ट कुकुम्बर

अच्छे स्वाद और सही फल से बनी एक अच्छी रेसिपी।

आवश्यक सामग्री

ADVERTISEMENTS

  • खीरा
  • पुदीने की पत्तियाँ
  • दही
  • नाशपाती

बनाने की विधि

  • खीरे को काट लें और इसके बीज निकाल लें। इसे काट कर अच्छे से मसलें।
  • नाशपाती को छीलें, उसके बीज और बीच का हिस्सा हटाएँ और उसे भी मसलें।
  • इसे एक कटोरे में पुदीने की पत्तियों और दही के साथ अच्छी तरह से मिलाएँ।
  • अगर आप प्यूरी बनाना चाहते हैं तो इसे मिक्सी में पीस भी सकते हैं।

एक साल के बच्चे को खीरा देने से उन्हें भरपूर पोषण मिलता हैं। ऐसे में खीरा बच्चे को प्रभावी तरीके से उसके स्वास्थ्य को विकसित करने में मदद करता है। जब हम बच्चे को कोई भी नई चीज खिलाते हैं तो हमें किसी भी एलर्जी पर ध्यान रखना जरूरी होता हैं। अपने बच्चे के लिए स्वास्थयजनक खीरे की रेसिपी बनाएं और उसे उसके बेहतर स्वाद का आनंद लेने दें।

ADVERTISEMENTS

जया कुमारी

Recent Posts

प्रिय शिक्षक पर निबंध (Essay On Favourite Teacher In Hindi)

शिक्षक हमारे जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह केवल किताबों से ज्ञान नहीं…

3 weeks ago

मेरा देश पर निबंध (Essay On My Country For Classes 1, 2 And 3 In Hindi)

मेरा देश भारत बहुत सुंदर और प्यारा है। मेरे देश का इतिहास बहुत पुराना है…

3 weeks ago

शिक्षा का महत्व पर निबंध (Essay On The Importance Of Education In Hindi)

शिक्षा यानी ज्ञान अर्जित करने और दिमाग को सोचने व तर्क लगाकर समस्याओं को हल…

3 weeks ago

अच्छी आदतों पर निबंध (Essay On Good Habits in Hindi)

छोटे बच्चों के लिए निबंध लिखना एक बहुत उपयोगी काम है। इससे बच्चों में सोचने…

4 weeks ago

कक्षा 1 के बच्चों के लिए मेरा प्रिय मित्र पर निबंध (My Best Friend Essay For Class 1 in Hindi)

बच्चों के लिए निबंध लिखना बहुत उपयोगी होता है क्योंकि इससे वे अपने विचारों को…

4 weeks ago

मेरा प्रिय खेल पर निबंध (Essay On My Favourite Game In Hindi)

खेल हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। ये न सिर्फ मनोरंजन का साधन…

4 weeks ago