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लड़कों की लंबाई और वजन के अनुसार ग्रोथ चार्ट: 0 से 12 महीने

बच्चों का ग्रोथ चार्ट एक ऐसा चार्ट है जो यह निर्धारित करने के लिए उपयोग किया जाता है कि उनका विकास उस तरीके से हो रहा है या नहीं जैसे आदर्शतः होनी चाहिए। लड़के और लड़कियों के लिए ग्रोथ चार्ट अलग-अलग होते हैं क्योंकि लड़के लड़कियों की तुलना में थोड़े भारी और लंबे होते हैं और साथ ही उनके विकास का पैटर्न भी भिन्न होता है। एक बच्चे का पर्सेंटाइल ग्रोथ चार्ट आपको यह तय करने में सहायक हो सकता है कि उनका विकास सही ढंग से हो रहा है या नहीं।

लड़कों का ग्रोथ चार्ट (0-12 महीने)

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार 0-12 महीने के लड़कों के लिए पर्सेंटाइल ग्रोथ चार्ट नीचे बताया गया है। यह चार्ट 3 से 97वें पर्सेंटाइल के बीच बच्चे की लंबाई, वजन और सिर के घेरे का माप बताता है। इस चार्ट के साथ अपने बच्चे के माप की तुलना करके यह निर्धारित किया जा सकता है कि क्या उसका अपनी उम्र के हिसाब से सामान्य विकास हुआ है। समय के साथ उसके डेवलपमेंट को ट्रैक करने के लिए, एक ग्राफ पर उसके मेजरमेंट को मार्क करें और नीचे दिए गए इस विकास चार्ट के साथ बच्चे की मेजरमेंट की तुलना करें।

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आयु (महीनों में) लंबाई (सेंटीमीटर में) – 3 से 97वें पर्सेंटाइल वजन (किलोग्राम में) – 3 से 97वें पर्सेंटाइल सिर का घेरा (सेंटीमीटर में) – 3 से 97वें पर्सेंटाइल
0 46.3-53.4 2.5-4.3 32.1-36.9
1 51.1-58.4 3.4-5.7 35.1-39.5
2 54.7-62.2 4.4-7.0 36.9-41.3
3 57.6-65.3 5.1-7.9 38.3-42.7
4 60.0-67.8 5.6-8.6 39.4-43.9
5 61.9-69.9 6.1-9.2 40.3-44.8
6 63.6-71.6 6.4-9.7 41.0-45.6
7 65.1-73.2 6.7-10.2 41.7-46.3
8 66.5-74.7 7.0-10.5 42.2-46.9
9 67.7-76.2 7.2-10.9 42.6-47.4
10 69.0-77.6 7.5-11.2 43.0-47.8
11 70.2-78.9 7.4-11.5 43.4-48.2
12 71.3-80.2 7.8-11.8 43.6-48.5

लड़कियों की ग्रोथ चार्ट को कैसे पढ़ें?

ऊपर दिए गए चार्ट को समझना बेहद आसान है। यदि आप महीने के हिसाब से एक बच्चे के विकास की बात कर रहे हैं, तो आप देखेंगे कि चार्ट के बाईं ओर खड़ी अक्षरेखा बालक के महीनों में उम्र को दर्शाती है। वहीं समतल अक्षरेखा में बालक का वजन चिन्हित किया है। उदाहरण के लिए यदि आपका बच्चा 25वें पर्सेंटाइल में है, तो इसका मतलब यह है कि उसी उम्र के 24 प्रतिशत लड़कों का वजन आपके बच्चे से कम है और 75 प्रतिशत लड़कों का वजन अपके बच्चे से अधिक है। एक लड़के की लंबाई और सिर के घेरे का चार्ट, वजन चार्ट के समान होता है।

यह ध्यान रखें कि बच्चे की लंबाई और वजन का पर्सेंटाइल हमेशा एक समान हो यह जरूरी नहीं है। उदाहरण के तौर पर, आपका बच्चा वजन में 40वें पर्सेंटाइल में, जबकि लंबाई में वह 60वें पर्सेंटाइल में हो सकता है और जैसे-जैसे वह बड़ा होता हैं, यह अंक बदल भी सकते हैं।

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घर पर किस तरह अपने बच्चे का माप लें?

घर पर ही कैसे अपने बच्चे का मेजरमेंट ले सकते हैं, आइए जानें:

  • लंबाई: अपने बच्चे की हाइट को मापना थोड़ा मुश्किल हो सकता है क्योंकि बच्चे बहुत हिलते-डुलते रहते हैं। उसे बिस्तर या टेबल जैसी किसी फ्लैट सतह पर लिटा दें और उसकी टाँगों को सीधा करें। एक टेप का उपयोग करके, सिर के टॉप से पैरों के तलवों तक उसकी लंबाई नोट कर लें।
  • वजन: बच्चे के वजन को मापने के लिए आप घर पर एक बच्चों का वेइंग मशीन ला सकते हैं।
  • सिर का घेरा: अपने बच्चे के सिर के सबसे चौड़े हिस्से के चारों ओर एक मापने वाला टेप लपेटें। यह आइब्रो और कान के ऊपर से गुजरना चाहिए। और बस हो गया!

लड़कों के विकास को मापने के लिए एक ग्रोथ चार्ट होना क्यों महत्वपूर्ण है?
बच्चों के ग्रोथ का एक चार्ट माता-पिता और डॉक्टर्स को उनके पोषण की स्थिति, उनकी लंबाई और वजन का मूल्यांकन करने में मदद करता है। बच्चों के जीवन के पहले छह वर्षों में उचित विकास महत्वपूर्ण है, इसलिए इस चार्ट की मदद से अपने लड़के के विकास को ट्रैक करना महत्वपूर्ण है।

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लड़कों के विकास को प्रभावित करने वाले कारक

आपके बच्चे का विकास कई कारकों पर निर्भर करता है जैसे कि उनकी खाने की आदतें, एक्टिविटी, बॉडी टाइप, उनका हेल्थ और पर्यावरण। कुछ विचार करने के लिए हत्वपूर्ण कारक इस प्रकार हैं:

1. स्तनपान और भोजन

आपके बच्चे को जितना भी पोषण चाहिए, वह उसे स्तनपान से मिलता है और स्तनपान बहुत हद तक उसकी वृद्धि को निर्धारित करता हैं। लगभग छह महीने तक, वह अपने पोषण के लिए माँ के दूध या फार्मूला दूध पर निर्भर करेगा और उसके बाद अर्ध-ठोस या ठोस आहार पर। पर्याप्त स्तनपान और भोजन एक कारक है जो बच्चे के विकास को प्रभावित करते हैं।

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2. गर्भावस्था के दौरान माँ का स्वास्थ्य

आपकी गर्भावस्था के दौरान आपके बच्चे का विकास कैसे होता है, इस पर आपके डाइट, वजन और लाइफस्टाइल का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। एक गर्भवती महिला जो कुछ भी खाती है वह उनके बच्चे में जाता है। जब बच्चा पैदा होता है तो वही उसके पहले साल में उसके स्वास्थ्य को प्रभावित करता हैं।

3. जन्म के समय बच्चे का वजन

जन्म के समय बच्चे का वजन इस बात का सूचक है कि गर्भावस्था के दौरान बच्चे को कितना पोषण मिला था। यदि उनका जन्म के समय वजन अधिक होता है, तो वे धीरे-धीरे बढ़ते हैं और अगर कम होता है तो इसके विपरीत उनका विकास तेजी से होता है। इसे ‘कैच-डाउन’ और ‘कैच-अप’ ग्रोथ पैटर्न के रूप में जाना जाता है।

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4. जीन

बच्चे के विकास में जीन एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं। उँचे कद और तंदरुस्त माता-पिता के बच्चे अक्सर लंबाई और वजन के उच्च पर्सेंटाइल में होते हैं। दूसरी ओर, दुबले पतले माता-पिता के बच्चे दुबले होते हैं।

5. छोटी-मोटी बीमारियां

फ्लू और कान में संक्रमण जैसी छोटी बीमारियां बच्चे के विकास को अस्थाई रूप से प्रभावित कर सकती हैं। जब बच्चे बीमार होते हैं तो वे दूध ठीक से नहीं पीते हैं जो एक सप्ताह या उससे अधिक के लिए उनके विकास को प्रभावित करता है। लेकिन जब वे ठीक होने लगते हैं तो उनका विकास नॉर्मल अवस्था में आ जाता है।

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6. गर्भावस्था के बाद माँ का स्वास्थ्य

यदि माँ अस्वस्थ है या प्रसवोत्तर डिप्रेशन जैसी स्थितियों से पीड़ित है, तो इससे बच्चे की देखभाल करने के तरीके पर असर पड़ता है। ये उसके विकास के दर को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, माँ के बीमारी से ठीक हो जाने के बाद यह सुधर सकता है।

क्या बच्चे का बर्थ वेट उसके विकास में कोई भूमिका निभाता है?

नहीं। बर्थ वेट एक बच्चे के विकास और वृद्धि में बहुत ही मामूली भूमिका निभाते है। बल्कि, माता-पिता के जीन इसे निर्धारित करते हैं। कुछ बच्चे को जन्म के समय एकदम छोटे थे वे बड़े होकर लंबे और मांसल पुरुषों में विकसित हो जाते हैं जबकि कुछ मोटे बच्चे बड़े होने के साथ दुबले हो जाते हैं।

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डॉक्टर से परामर्श कब करें?

इससे पहले कि आप एक डॉक्टर से परामर्श करें, आपको पता होना चाहिए कि कुछ बच्चे जो शुरू में कम बढ़ते हैं, बाद में वे खुद बढ़ जाते हैं। यह उन बच्चों के लिए विपरीत है जो कम उम्र में तेजी से बढ़ते हैं। ये जानने के लिए कि क्या आपका बच्चा अच्छी तरह से विकसित हो रहा है, नियमित रूप से उसकी लंबाई और वजन का मेजरमेंट लें और उसकी उम्र के बच्चों के ग्रोथ चार्ट के साथ तुलना करें। हालांकि, यदि आप देखते हैं कि आपका बच्चा लंबे समय से एक ही पर्सेंटाइल पर है, तो आप बच्चों के डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं।

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जया कुमारी

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