गर्भावस्था के दौरान फोलिक एसिड – खाद्य पदार्थ, लाभ और बहुत कुछ

एक स्वस्थ माँ एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देती है। इसलिए आप के लिए गर्भावस्था के इस ख़ूबसूरत अवधि में खुद का अधिक ध्यान रखना ज़रूरी है, जिसमें न केवल खुद का पोषक तत्वों से भरा आहार शामिल है, बल्कि उस छोटे से जीव का भी जो आपके अंदर पल रहा है। आपने मल्टीविटामिन्स की बात करते समय ऐसे ही कभी फोलिक एसिड का बस नाम सुना होगा, लेकिन यह कभी नहीं सोचा होगा कि यह असल में आपके शरीर के लिए कितना महत्वपूर्ण है। डॉक्टर विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को यह विहित करते है, और बहुत से लोग भी गर्भावस्था में इसका सेवन करने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि गर्भावस्था के नियोजन के लिए आपको फोलिक एसिड की आवश्यकता आखिर क्यों है?

पहले एकदम साधारण चीज़ों से शुरू करते हैं। फोलिक एसिड को ऐसे ही गर्भावस्था का “सुपरहीरो” नहीं माना जाता है!

फोलिक एसिड क्या है?

यह फ़ोलेट के रूप में भी जाना जाता है, आसान शब्दों में, फोलिक एसिडविटामिन ‘बी’ है, ख़ासकर विटामिन बी 9 । प्राकृतिक रूप से, फोलिक एसिड फ़ोलेट के रूप में पाया जाता है, जो उदहारण के लिए, गहरे रंग की पत्तेदार सब्ज़ियों में, साबुत अनाज, दालों और संतरे इत्यादि जैसे खाद्य पदार्थों में मौजूद होता है। यह ख़ास तौर पर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है।

फोलिक एसिड और गर्भवती महिलाएं

गर्भवती महिलाओं के लिए फोलिक एसिड इतना महत्वपूर्ण क्यों है? गर्भवती महिलाओं के लिए इस विशिष्ट विटामिन में ऐसा क्या ख़ास है जो इसे बाकियों से अलग बनाता है? यह विशिष्ट विटामिन न केवल आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, बल्कि आपके बच्चे के लिए भी है । फोलिक एसिड न केवल गर्भनाल के कोशिका विकास की गति बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु को जन्म दोषों से भी बचाता है और असल में यही उन मुख्य कारणों में से एक है जिसके लिए गर्भवती महिलाओं को फोलिक एसिड दिया जाता है। वास्तव में, फोलिक एसिड एक दैनिक आवश्यकता है और यहाँ तक कि उन महिलाओं को भी इसका सेवन करने की सलाह दी जाती हैं, जो गर्भवती होने का नियोजन कर रही हैं या गर्भधारण करने के उम्र की हैं।

इसका शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? फोलिक एसिड और विटामिन बी 12 स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करने का काम करते हैं, जो अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होते हैं। शरीर में फोलिक एसिड की कमी से फ़ोलेट के कमी से होने वाली एनीमिया की बीमारी हो सकती है।

गर्भावस्था के शुरूआती समय में फोलिक एसिड क्यों लिया जाना चाहिए?

गर्भावस्था के शुरूआती समय में फोलिक एसिड का सेवन करने की विशेष सलाह दी जाती है क्योंकि यह स्वस्थ भ्रूण के विकास के लिए ज़रूरी होता है, ख़ासकर जब शिशु की रीढ़ विकसित हो रही हो। फोलिक एसिड का सेवन तंत्रिका ट्यूब दोष (एन.टी.डी) के ख़तरे को काफ़ी कम कर सकता है, जिनमें से सबसे आम हैं:

  • जब रीढ़ और मेरुरज्जु का विकास अधूरा होता है, तब इसे स्पाइना बिफिडा कहा जाता है
  • जब शिशु के मस्तिष्क का बहुत कम विकास होता है, तब उसे एंसेफली कहा जाता है
  • एन्सेफेलोसेले, एक ऐसी स्थिति जिसमें बच्चे की खोपड़ी में एक असामान्य छिद्र होता है, जहाँ से मस्तिष्क के ऊतक बाहर निकलते हैं

इन गंभीर तंत्रिका ट्यूब दोष से पीड़ित शिशु आमतौर पर लंबे समय तक जीवित नहीं रह पाते हैं, और स्पाइना बिफिडा से पीड़ित बच्चें हमेशा के लिए विकलांग हो सकते हैं। अब यह ध्यान में रखना ज़रूरी है कि उपरोक्त सभी जन्म दोष गर्भावस्था के पहले 28 दिनों के दौरान होते हैं, जो कि अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ज़्यादातर यही समय होता है जब महिला को अपने गर्भावस्था के बारे में पता भी नहीं होता है! यही कारण है कि ज़्यादातर महिलाएं जो गर्भधारण करने के उम्र की हैं, उन्हें उचित मात्रा में फोलिक एसिड का सेवन करना चाहिए, ख़ासकर यदि वे माँ बनने का सोच रही हो।

इनके अलावा, ऐसे और भी जन्म दोष हैं जिनसे फोलिक एसिड शिशु की रक्षा कर सकता है:

  • क्लेफ्ट पैलेट
  • समय से पहले जन्म
  • जन्म के समय शिशु का वजन बहुत कम होना
  • गर्भ में समुचित विकास न होना

वैज्ञानिकों को फोलिक एसिड के भ्रूण पर होने वाले असर का कारण स्पष्ट नहीं है, और वह भी शिशु के विकास के इतने शुरुआती समय में, लेकिन वह यह जानते हैं कि कोशिका वृद्धि और विकास के साथसाथ ऊतक के निर्माण में फोलिक एसिड एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, डीएनए के विकास में भी यह अत्यंत आवश्यक है।

और सबसे बढ़कर यह कि फोलिक एसिड के लिए भी फायदेमंद है, जिससे उसके निम्नलिखित खतरें कम हो जाते हैं:

  • गर्भावस्था में समस्याएं
  • गर्भपात
  • दिल की बीमारी
  • पक्षाघात
  • कुछ प्रकार के कैंसर
  • अल्जाइमर रोग

जिन महिलाओं का वजन थोड़ा ज़्यादा होता हैं, उनमें तंत्रिका ट्यूब दोष से पीड़ित बच्चे को जन्म देने की संभावना अधिक होती है, और यही कारण है कि जिन महिलाओं का वज़न ज़्यादा होता हैं, उनको अपनी गर्भावस्था के दौरान खुदका अधिक ध्यान रखना चाहिए और फोलिक एसिड का सेवन भी ज़्यादा प्रमाण में करना चाहिए।

गर्भावस्था से पहले और गर्भावस्था के दौरान आपको कितना फोलिक एसिड लेना चाहिए?

दुर्भाग्य से, ज़्यादातर महिलाओं के लिए, केवल फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों से फोलिक एसिड की उनकी दैनिक ज़रूरत प्राप्त करना संभव नहीं हैऔर यही कारण है कि उन्हें एक विटामिन पूरक की आवश्यकता हो सकती है।

आइए गर्भावस्था से पहले और गर्भावस्था के दौरान एक महिला को लगने वाली आवश्यक मात्रा के बारे में विस्तार से चर्चा करते है।

  • गर्भावस्था से पहले फोलिक एसिड

फोलिक एसिड की 400 माइक्रोग्राम की एक खुराक उन महिलाओं के लिए एक अनुशंसित मात्रा है, जो गर्भधारण करने के उम्र की है, और इसका सेवन वे गर्भवती होने से पहले ही शुरू करना चाहिए। सेन्टर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेन्शन, 19 वर्ष की आयु से ऊपर की प्रत्येक महिला और विशेष रूप से जो पहले से ही गर्भधारण करने का नियोजन कर रही हैं, उन्हें इस पोषक तत्त्व की अपनी दैनिक ज़रूरत पूरी करने के लिए लगभग 400 माइक्रोग्राम या 0. 4 मिलीग्राम फोलिक एसिड का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

  • गर्भावस्था में फोलिक एसिड की खुराक

गर्भावस्था के विभिन्न चरणों के दौरान लगने वाली फोलिक एसिड की मात्रा का संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है। हालांकि, यह ध्यान में रखें कि कोई भी पूरक व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार ही दिए जाने चाहिए, और आपके लिए उचित पूरक और उनकी मात्रा जानने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

  • पहले 3 महीनों के दौरान: 400 माइक्रोग्राम

डॉक्टर, गर्भवती महिलाओं को 12 सप्ताह या उनकी गर्भावस्था के पहले 3 महीनों तक उचित मात्रा में फोलिक एसिड का सेवन करने की सलाह देते हैं। इसके लिए भी प्रतिदिन की अनुशंसित खुराक 0. 4 मिलीग्राम है, सिवाय इसके कि आपको कुछ और अन्य लेने की सलाह दी गई हो।

  • 4 से 9 महीने तक: 600 माइक्रोग्राम

इस दौरान फोलिक एसिड ज़्यादा मात्रा में लेने की सलाह दी जाती है, क्योंकि माँ के गर्भ में बच्चा अब विकसित होने लगता है। आपकी ज़रूरतों के अनुसार, फोलिक एसिड 400 से 800 माइक्रोग्राम की मात्रा में दिए जाने की सलाह दी जाती है।

  • स्तनपान करते समय: 500 माइक्रोग्राम (फोलिक एसिड 5 मिलीग्राम)

आमतौर पर फोलिक एसिड, स्तनपान करते समय भी सुरक्षित माना जाता है। यह स्तन के दूध के माध्यम से, माँ से बच्चे तक पहुँचता है। फोलिक एसिड का सेवन करने वाली महिलाओं के स्तनपान करने वाले शिशुओं में कोई विपरित प्रभाव नहीं देखा गया है।

अपने डॉक्टर से परामर्श करने के बाद, स्तनपान करते समय अपने प्रसव के पूर्व के विटामिन लेना जारी रख सकती हैं, या विशेष रूप से स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए बनाए गए विटामिन पूरक का सेवन कर सकती हैं।

कुछ विशेष परिस्थितियाँ जिनमें ज़्यादा फोलिक एसिड लेने की आवश्यकता होती है

जिन महिलाओं को तंत्रिका ट्यूब दोष से पीड़ित बच्चा होने का ख़तरा ज़्यादा होता है, उन्हें ज़्यादा फोलिक एसिड लेने की सलाह दी जाती है, ख़ासकर गर्भावस्था के 12 वें सप्ताह तक। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • ऐसी महिलाएं जिनके परिवार में या उनके जोड़ीदार के परिवार में ऐसे दोष थे या हैं।
  • जो महिलाएं या उनके जोड़ीदार तंत्रिका ट्यूब दोष से पीड़ित है।
  • जो महिलाएं अपनी पिछली गर्भवस्था में इससे पीड़ित थे।
  • गर्भवती महिलाएं जो मधुमेह रोग से पीड़ित हैं।

ऐसी महिलाएं जिनका वजन काफ़ी ज़्यादा हैं, उन्हें भी ज़्यादा फोलिक एसिड लेने के लिए कहा जा सकता है, क्योंकि इनमें तंत्रिका ट्यूब दोष से पीड़ित बच्चे को जन्म देने की संभावना अधिक होती है। इन महिलाओं को एक दिन में 400 माइक्रोग्राम से अधिक फोलिक एसिड का सेवन करने की सलाह दी जा सकती है।

यदि एक महिला जुड़वाँ बच्चों के साथ गर्भवती है, तो डॉक्टर उसे प्रति दिन 1000 मिलीग्राम फोलिक एसिड से 800 तक) लेने की सलाह दे सकते है।

एक दिन में 1000 माइक्रोग्राम (फोलिक एसिड 1 मिलीग्राम) से अधिक का सेवन करने की सलाह नहीं दी जाती, सिवाय इसके कि आपके डॉक्टर ने इसकी परामर्श दी हो। यह उन महिलाओं को ध्यान में रखना चाहिए, जो वीगन आहार का पालन करती हो। वीगन आहार का पालन करने वालों को विटामिन बी 12 की कमी होने का ख़तरा होता है और बहुत अधिक फोलिक एसिड का सेवन करने से उस कमी का निदान करना मुश्किल हो जाता है।

ऐसे मामले में जहाँ एक महिला पहले बच्चे में तंत्रिका ट्यूब दोष से पीड़ित गर्भवती हुई है, उसे प्रतिदिन 4000 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड लेने के लिए कहा जा सकता है, इस स्थिति में महिलाओं को दूसरे भी गर्भावस्था में तंत्रिका ट्यूब दोष की समस्याएं होने की संभावना 3 से5 प्रतिशत होती है।

जो महिलाएं मिरगी रोग के लिए दवाईयाँ ले रही हैं, उन्हें भी ज़्यादा फोलिक एसिड की आवश्यकता हो सकती है। हर दिन धूम्रपान और शराब पीने से भी शरीर के फोलिक एसिड की मात्रा पर असर पड़ता है, इसलिए गर्भावस्था के दौरान इन बुरी आदतों को छोड़ने की भी सलाह दी जाती है।

मुझे फोलिक एसिड कब लेना शुरू करना चाहिए?

चूंकि गर्भावस्था के पहले 3 -4 हफ्तों में जन्म दोष होने की संभावना सबसे अधिक होती है, यह ज़रूरी है कि उस अत्यंत महत्वपूर्ण समय में आपके शरीर में फॉलिक एसिड एक उचित मात्रा में मौजूद हो। यही कारण है कि प्रसव के पूर्व के विटामिन इतने महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि वे सुनिश्चित करते हैं कि शरीर को उसके ज़रूरत अनुसार विटामिन और खनिज मिल रहे हैं ताकि वह आने वाले बच्चे के लिए बिलकुल तैयार हो।

सेन्टर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेन्शन, गर्भवती होने से पहले कम से कम एक महीने के लिए हर दिन फोलिक एसिड लेना शुरू करना और इसे गर्भावस्था की पूरी अवधि के दौरान जारी रखने की सलाह देता है। यदि आप गर्भधारण करने के उम्र की हैं, तो आप इसे पहले भी लेना शुरू कर सकते हैं।

गर्भवती होने पर, आपको गर्भावस्था के दौरान और स्तनपान के पहले छह महीनों तक फोलिक एसिड और आयरन पूरक लेते रहने चाहिए।

ध्यान रहे कि गर्भावस्था में फोलिक एसिड की खुराक लेने का विचार करने से पहले, कोई भी अनावश्यक दुष्प्रभाव टालने के लिए और इस उत्कृष्ट विटामिन का पूरा फायदा प्राप्त करने के लिए, किसी डॉक्टर से परमर्श करना ही बेहतर है। इसका एक और कारण यह है कि, यदि आप पहले से कुछ दवाईयों ले रहे हैं, तो गर्भावस्था में लिए जाने वाले फोलिक एसिड के पूरक का शरीर पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, आप फोलिक एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों को सुरक्षित पद्धति से और उचित मात्रा में खाना जारी रख सकते हैं।

जब आप माँ बनने का सोच रही हैं, तो अपने पोषण विशेषज्ञ से ज़रूर परामर्श करें और गर्भावस्था के लिए आपके शरीर को अच्छी तरह से तैयार करने के लिए फोलिक एसिड से युक्त एक सही आहार योजना बनाएं। फोलेट प्रजनन क्षमता और विकास को बढ़ाता है। गर्भधारण का नियोजन करते समय इसको ख़ास रूप से अपने आहार में शामिल करें।

फोलिक एसिड की कमी के लक्षण और उपचार

ऐसा हो सकता है कि फोलिक एसिड की कमी के लक्षण बहुत तीव्र न हो, और शायद बहुत स्पष्ट भी न हो। जब आपके शरीर में इसकी कमी बहुत ज़्यादा न हो, तब ऐसा हो सकता है कि आपको कोई भी लक्षण न दिखें, लेकिन इसका मतलब है कि आपको अपने बच्चे के प्रारंभिक भ्रूण विकास के लिए लगने वाली पर्यापत मात्रा नहीं मिल रही है।

फोलिक एसिड की कमी के कुछ सामान्य लक्षण हैं:

  • कमज़ोरी
  • थकान
  • मूड स्विंग और आपके आचरण में बदलाव
  • चिड़चिड़ापन
  • दस्त
  • भूख की कमी
  • सिरदर्द
  • जीभ पर छाले
  • अस्पष्ट कारण से वज़न कम होना
  • दिल की धड़कन तेज़ होना
  • विस्मृति

ध्यान रखें कि इनमें से बहुत सारे लक्षण सामान्य लक्षण हैं और अन्य किसी बीमारी के भी संकेत हो सकते हैं। एक और बात जिसका ध्यान रखना ज़रूरी है, वह यह कि फोलेट की कमी के लक्षण, लौह की कमी के लक्षणों से काफ़ी मिलतेजुलते हैं। यदि आपको ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं, तो आपको ओवरकाउंटर (जो डॉक्टर के नुस्खे के बिना मिल सकते हैं) ऐसे पूरक लेने से पहले एक सही निदान के लिए डॉक्टर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है। एक उचित चिकित्सा जाँच दोनों के बीच अंतर करने और सही मूल कारणों को ढूँढने में मदद करती है ताकि उसपर उपचार किया जा सके।

आमतौर पर फोलिक एसिड की कमी का इलाज, आपके डॉक्टर द्वारा बताई गई मात्रा में फोलिक एसिड की गोलियाँ लेकर होता है। इसके अलावा, अपने आहार में फोलिक एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है। इनमें गहरे रंग की पत्तेदार सब्ज़ियाँ, धान्य, फोर्टिफाइड ब्रेड, और साइट्रस फल शामिल हैं। इन्हें रोज अपने आहार का हिस्सा बनाने से फोलिक एसिड की कमी नहीं होती है ।

गर्भावस्था के लिए फोलिक एसिड युक्त खाद्य पदार्थ

बेशक फोलिक एसिड के लिए पूरक उपलब्ध हैं, लेकिन बी 12 फोलिक एसिड युक्त खाद्य पदार्थ खाना भी सेहत के लिए अच्छा है। कोई भी पूरक एक स्वस्थ आहार की जगह नहीं ले सकता है, इसलिए गर्भावस्था के दौरान, यह सुनिश्चित करें कि आप दोनों का सेवन करते हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आप गर्भावस्था के इस महत्त्वपूर्ण तत्व का सेवन अच्छे से कर रहीं हैं।

ऐसे कुछ फोलिकएसिड युक्त खाद्य पदार्थों की सूची नीचे दी गई है, जो गर्भवती महिलाएं और गर्भधारण करने की कोशिश करने वाली महिलाएं, दोनों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।

चूंकि फोलिकएसिड गर्मी के प्रति संवेदनशील होता है, फ़ोलेट युक्त खाद्य पदार्थों को पकाते समय यह ध्यान रखना आवश्यक है कि आप इसे ज़रूरत से ज़्यादा ने पकाएं, क्योंकि इससे उनका पोषक तत्त्व नष्ट हो जाएगा। फोलेट से भरपूर खाद्य पदार्थ और सब्ज़ियों को थोड़ा ही पकाया जाना चाहिए, उबला हुआ या कच्चा हो तो और भी बेहतर सिवाय इसके कि ऐसा करना संभव न हो; जैसे कि चावल, जो कच्चे नहीं खाए जा सकते हैं।

1 . नट्स और सूखे मेवे

  • बादाम
  • काजू
  • मूंगफली
  • अखरोट
  • तिल

2 . फलियां

  • सोयाबीन
  • लोबिया
  • राजमा
  • सूखे मटर
  • चने

3 . अनाज

  • पकाया हुए सफेद चावल
  • साबुत अनाज का आटा
  • सूजी
  • जई
  • फोर्टिफाइड आटा

4 . मांस

  • अंडे का सफेद भाग

  • कलेजा भी फोलिक एसिड से भरपूर होता है, लेकिन गर्भावस्था में, या गर्भधारण करने की कोशिश करते समय, इसे खाने की सलाह नहीं दी जाती है क्योंकि यह विटामिन ‘ए’ से भी भरपूर होता है, और जिसका ज़्यादा मात्रा बच्चे में जन्म दोष का कारण बन सकता है।

फोलिक एसिड युक्त फलों और सब्जियों की सूची

ऐसा माना जाता है कि गहरे रंग की पत्तेदार सब्ज़ियाँ फोलिक एसिड से समृद्ध होती हैं, लेकिन ऐसे और भी फल और सब्ज़ियाँ हैं जिनमें भले ही फोलिक एसिड की मात्रा उतनी ही ना हो, लेकिन वह उतने ही पोषक देते हैं।

1 . सब्ज़ियाँ

इनमें ज़्यादातर गहरे रंग की पत्तेदार सब्ज़ियाँ शामिल होती हैं, जो आमतौर पर फोलेट से भरपूर माने जाते हैं।

  • पालक
  • गोभी
  • कसूरी मेथी
  • मूली के पत्ते
  • हरे मटर
  • मक्का
  • फूलगोभी
  • शलगम के पत्ते
  • चुकंदर
  • सरसो के पत्ते
  • भिंडी
  • ब्रॉकोली
  • शतावरी

2 . फल

आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि आपके बहुत से पसंदीदा फलों में भी, काफ़ी अच्छी मात्रा में. फोलिक एसिड होता है।

  • संतरा
  • स्ट्रॉबेरीज
  • खरबूजा
  • तरबूजे
  • केला
  • अनानास
  • रास्पबेरी
  • पका हुआ पपीता
  • अनार
  • अमरूद
  • एवोकाडो
  • गर्भावस्था में फोलिक एसिड के दुष्प्रभाव

आम तौर पर प्राकृतिक रूप में (यानी खाद्य पदाथों से) फोलिक एसिड का सेवन करना सुरक्षित माना जाता है, लेकिन यदि यह निर्धारित मात्रा से अधिक मात्रा में खाया जाए तो यह असुरक्षित हो सकता है। गर्भावस्था में आमतौर पर 300 – 400 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड, एक सुरक्षित मात्रा मानी जाती है। यदि फोलिक एसिड अधिक प्रमाण में लिया जाए तो आपको निम्नलिखित लक्षण दिखाई देंगे।

  • पेट में ऐंठन
  • दस्त
  • त्वचा पर रैश
  • नींद संबंधी विकार
  • चिड़चिड़ापन
  • व्याकुलता
  • मतली
  • पेट खराब होना
  • त्वचा की एलर्जी
  • दौरे
  • गैस

हाल ही के मेडिकल रिपोर्टें के अनुसार बच्चों में औटिस्म होने का फोलिक एसिड की उच्च मात्रा से संबंध हो सकता है। आज कल, महिलाएं उनकी गर्भावस्था में फोलिक एसिड का सेवन करने से कतराती हैं। इसका कारण यह कि कई रिपोर्टें फोलिक एसिड का औटिस्म से संबंध होने का दावा करते हैं। लेकिन, किसी भी चीज़ का ज़रूरत से ज़्यादा सेवन करना हानिकारक हो सकता है, है ना? इसके अलावा, फोलिक एसिड और औटिस्म के बीच संबंध होने का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। और चूंकि फोलिक एसिड पानी में घुलनशील होता है, आम तौर पर आपके शरीर में अतिरिक्त फोलिक एसिड जमा नहीं होता है। शरीर में कहीं भी जमा होने के बजाय, यह पेशाब के माध्यम से बाहर निकल जाता है।

तो निष्कर्ष यह कि, फोलिक एसिड गर्भावस्था का सचमुच एक “सुपरहीरो” है! असल में, यह उन सभी महिलाओं के लिए महत्त्वपूर्ण है जो गर्भधारण करने के उम्र की हैं। चूँकि यह ऐसा पोषण है जो माँ और बच्चे, दोनों के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है, आपको इसका गर्भावस्था के पहले, दौरान और बाद का महत्व समझ आएगा।

समर नक़वी

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