गर्भावस्था

गर्भावस्था के दौरान दिल की धड़कन तेज होना

गर्भावस्था के दौरान एक महिला के शरीर को बहुत सारे बदलावों से गुजरना पड़ता है फिर चाहे वो बदलाव शारीरिक हों, मानसिक हों या भावनात्मक हों। गर्भावस्था के दौरान हार्टबीट का तेज होना इन्हीं परिवर्तनों में से एक है। हार्ट पैल्पिटेशन (दिल की धड़कन तेज होती हुई महसूस होना) आमतौर पर हानिरहित होता है और ऐसा हृदय तथा रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसल्स) संबंधी परिवर्तन के कारण होता है। हालांकि, कई उदाहरणों में यह प्रतीत होता है कि ये बदलाव आपके हृदय या शरीर के अन्य अंगों में होने वाली एक समस्या का संकेत देते हैं, खासकर अगर यह अचानक से बढ़ने लगे। गर्भावस्था के दौरान हार्टबीट के अचानक बढ़ने को हल्के में नहीं लेना चाहिए। आइए इसके जरिए हार्टबीट से जुड़ी अन्य जरूरी बातें जानते हैं।

क्या गर्भावस्था के दौरान हार्ट रेट बढ़ना सामान्य है

एक स्वस्थ व्यक्ति की सामान्य हृदय गति 60 से 80 प्रति मिनट के बीच होती है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान, इसका 100 तक बढ़ना सामान्य माना जाता है। हृदय की बढ़ी हुई दर को टैचीकार्डिया कहा जाता है और गर्भावस्था के दौरान ऐसा होना बेहद सामान्य है।

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यदि आप गर्भवती हैं, तो आपका शरीर आपके बढ़ते बच्चे को पोषण प्रदान करने के लिए लगातार कड़ी मेहनत करता है। जैसेजैसे आपकी गर्भावस्था आगे बढ़ती जाएगी, वैसे वैसे आपके बच्चे द्वारा रक्त की जरूरत और उसकी मात्रा भी बढ़ेगी और इसकी वजह से आपका शरीर ज्यादा ब्लड पंप करने लगता है जिस वजह से दिल की धड़कन तेज होने लगती है।

गर्भावस्था के दौरान पल्स रेट बढ़ने के क्या कारण हैं

बहुत सारे कारक हैं जो गर्भावस्था के दौरान दिल की धड़कन को तेज कर सकते हैं। वे इस प्रकार हैं:

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  • एंग्जायटी: गर्भावस्था के दौरान अपने बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में चिंता करना सामान्य है। लेकिन अगर आप इसे लेकर बहुत ज्यादा चिंता करेंगी, तो यह आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करेगा। गर्भावस्था के दौरान तनाव और एंग्जायटी आपके हृदय की गति को बढ़ा सकती है।

  • गर्भाशय के आकार में बदलाव: जैसेजैसे आपकी गर्भावस्था आगे बढ़ती है, बच्चे का आकार भी बढ़ने लगता है और उसे समायोजित करने के लिए आपके गर्भाशय का आकार बढ़ जाएगा। इस वजह से गर्भाशय को सहारा देने के लिए आपका हृदय ज्यादा ब्लड पंप करता है। वास्तव में, आपकी गर्भावस्था के अंत में, लगभग 20% रक्त गर्भाशय में सप्लाई होता है । इसका मतलब है कि आपके हृदय का कार्य ज्यादा बढ़ जाएगा, जिसकी वजह से इस पर अधिक दबाव पड़ेगा।

  • स्तनों के आकार में परिवर्तन: गर्भावस्था के दौरान और बाद में, आपकी मेमरी ग्लैंड आपके शरीर को स्तनपान के लिए तैयार करती हैं। जब स्तन के टिश्यू बड़े हो जाते हैं और स्तन आकार में बढ़ जाते हैं, तो मेमरी ग्लैंड में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। जिसका मतलब है कि आपका हृदय सामान्य से अधिक ब्लड पंप करने लगता है जिससे आपकी हार्टबीट बढ़ सकती है।

  • पोषक तत्वों के स्तर में परिवर्तन: थायराइड संबंधी समस्या या शरीर में आयरन के स्तर में गिरावट आने से भी हृदय गति बढ़ सकती है। एनीमिया और हाइपरथायरायडिज्म के कारण टैचीकार्डिया हो सकता है।

  • हार्मोनल परिवर्तन: प्रारंभिक गर्भावस्था में हार्मोनल परिवर्तन और वजन बढ़ने से टैचीकार्डिया की समस्या हो सकती है।

  • दवाएं: यदि आप गर्भावस्था के दौरान सर्दी या एलर्जी होने पर सूडोफेड्रीन युक्त दवाएं लेती हैं, तो इससे आपकी हृदय गति बढ़ सकती है। यह वृद्धि आपके शरीर को दवाओं के प्रति नकारात्मक प्रतिक्रिया देने का संकेत देती है।

  • जीवनशैली: सिगरेट पीना, शराब पीना या कैफीन युक्त खाद्य पदार्थों या पेय पदार्थों का सेवन करने से आपके हृदय की गति बढ़ सकती है।

हार्ट पैल्पिटेशन के कुछ अन्य गंभीर कारण

  • कोरोनरी हार्ट डिजीज (धमनी रोग)
  • प्रीएक्लेमप्सिया
  • हृदय संबंधी क्षति
  • पिछली गर्भावस्था में हृदय संबंधी क्षति

गर्भावस्था के दौरान दिल की धड़कन तेज होने के लक्षण

गर्भावस्था के दौरान दिल की धड़कन बढ़ने पर आपको निम्नलिखित लक्षणों का अनुभव हो सकता है।

  • बैठने और लेटने में भी सांस की तकलीफ
  • पैल्पिटेशन और दिल की धड़कन रुक जाना
  • सिर में हल्का दर्द और चक्कर आना, यहाँ तक बेहोशी भी आना
  • लगातार खांसी आना

यदि आप इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव करती हैं, तो बेहतर होगा कि आप इस विषय पर अपने डॉक्टर से बात करें, ताकि वह जांच कर सके कि ये लक्षण सामान्य हैं या नहीं।

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गर्भावस्था के दौरान हार्ट रेट में आई वृद्धि का निदान कैसे करें

यह जांच करने के लिए कि आप और आपके बच्चे का स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक है, आपके डॉक्टर कई सारे टेस्ट कर सकते हैं । इसके साथसाथ डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री की जांच पड़ताल करेंगे। यदि आपने पहले भी इस समस्या का अनुभव किया है, तो अपने डॉक्टर को इसके बारे में सूचित करें। डॉक्टर ईकेजी या ईसीजी के माध्यम से आपके हृदय गति में हुई वृद्धि का कारण जानते हैं, जो रक्त प्रवाह और हार्ट रेट को मापता है।

परिणामों के आधार पर, डॉक्टर आपको स्वस्थ आहार का पालन करने और हल्के व्यायाम करने के लिए सुझाव देंगे। यह आपके वजन को नियंत्रित रखेगा और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से भी रोकेगा।

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प्रत्येक तिमाही के अनुसार हार्ट रेट का बढ़ना

कार्डियोवस्कुलर फंक्शन गर्भावस्था के दौरान कई उद्देश्यों की पूर्ति करने में मदद करता है। भ्रूण के विकास को सपोर्ट करने के अलावा, यह होने वाली माँ के शारीरिक और मेटाबोलिज्म कार्यों पर भी प्रभाव डालता है। हालांकि, गर्भावस्था के अलगअगल चरणों के अनुसार, आपके हृदय का कार्य करने का तरीका भी भिन्न हो सकता है।

1. पहली तिमाही

पहली तिमाही के दौरान, आपकी हृदय गति 15 से 20 बीट प्रति मिनट तक बढ़ सकती है। इस तिमाही के दौरान हृदय गति में वृद्धि आमतौर पर हार्मोन के स्तर में वृद्धि के कारण होती है, विशेष रूप से प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन में हुई वृद्धि के कारण।आपका हृदय इस बात का संकेत देता है कि आपके विकासशील भ्रूण के लिए अधिक रक्त प्रदान करने की जरूरत है।

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2. दूसरी तिमाही

इस चरण में, आपका शरीर रक्त की मात्रा में हो रही वृद्धि को समायोजित करने के लिए धमनियों के फैलाव के साथ मांसपेशियों को स्मूथ करता है। दूसरी तिमाही में, हेमोडायल्यूशन होगा, इसका मतलब है कि हार्मोन के कारण रक्त की मात्रा में वृद्धि होगी, ये हार्मोन ब्लड प्रेशर को बनाए रखने के लिए ब्लड वेसल्स को पतला करते हैं। इसलिए ये परिवर्तन आपके ब्लड प्रेशर को प्रभावित नहीं करेंगे । यह सामान्य है, लेकिन इससे आपकी हृदय गति बढ़ा सकती है। चौथे महीने के दौरान, आपका दिल सामान्य से 30% से 50% अधिक ब्लड पंप करेगा और इसके परिणामस्वरूप, आपकी हृदय गति बढ़ सकती है।

3. तीसरी तिमाही

अंतिम तिमाही के दौरान, आपका हृदय बहुत ज्यादा ब्लड पंप करेगा। यह आपकी गर्भावस्था से पहले 40% से 90% अधिक ब्लड पंप करेगा। इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि तेजी से बढ़ते भ्रूण को ऑक्सीजन और सभी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यह आपके शरीर को लेबर के लिए भी तैयार करता है, जब संकुचन और दर्द के कारण आपकी हृदय गति बढ़ जाती है।

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क्या हार्ट रेट में वृद्धि आपकी गर्भावस्था को प्रभावित कर सकती है

गर्भावस्था के दौरान दिल की धड़कन या हृदय गति में वृद्धि आमतौर पर स्वस्थ गर्भावस्था का संकेत है। इसका मतलब है कि आपका शरीर आपके बच्चे को स्वस्थ रूप से विकसित करने, ऑक्सीजन और आवश्यक पोषक तत्वों को प्रदान करने में पूरी मेहनत कर रहा है ।

यदि आप तेज धड़कन का अनुभव करती हैं लेकिन आपको कोई अन्य गंभीर लक्षण इसके साथ नजर नहीं आते हैं, तो चिंता करने की कोई बात नहीं है। यह आपके शरीर की एक सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया है, इस बात को ध्यान में रखें।

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गर्भावस्था के दौरान बढ़े हुए हार्ट रेट से कैसे निपटा जाए

हालांकि हृदय गति का बढ़ना आमतौर पर सामान्य होता है, यदि आपके साथ भी ऐसा है, तो आपको यह सुझाव दिया जाता है कि आप अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए अपनी जीवन शैली में कुछ बदलाव करें। यदि किसी गंभीर समस्या के कारण आपके हृदय की गति में वृद्धि होती है, तो आपके डॉक्टर उपचार करने के लिए दवाएं दे सकते हैं और साथ ही आपको सावधानी बरतने के कुछ सुझाव भी दे सकते हैं। आपके लिए ऐसी कई दवाएं उपलब्ध हैं, जो टैचीकार्डिया से राहत प्रदान करने में आपकी मदद कर सकती हैं, लेकिन गर्भावस्था के दौरान इनका उपयोग न ही किया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा, क्योंकि कुछ दवाएं आपके बच्चे के विकास में बाधा डाल सकती हैं। कोई भी दवा लेने से पहले एक बार आप अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें।

यदि आप गर्भावस्था के दौरान तेज हार्टबीट का अनुभव करती हैं, तो आप थोड़ी कैमोमाइल चाय पी सकती हैं या लैवेंडर के साथ अरोमाथेरेपी आजमा सकती हैं ये आपको शांत करने में मदद करता है। आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप रोजाना पर्याप्त नींद लें और आपके नींद के पैटर्न में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। आप योग और ध्यान का अभ्यास करने से राहत महसूस करेंगी, लेकिन आप कुछ भी नया करने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।

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गर्भावस्था के दौरान कभीकभी हार्टबीट का तेज हो जाना सामान्य होता है, बशर्ते कि वो खुद से ही ठीक हो जाए। लेकिन अगर आप हृदय गति में वृद्धि के कारण असहज महसूस करती हैं, तो आपको जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

चेतावनी

यदि आप गर्भावस्था के दौरान अपने हृदय गति में अचानक वृद्धि को नोटिस करती हैं, जो कि ऊपर बताए गए कुछ अन्य लक्षणों के साथ नजर आती है, तो यह एक गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, शायद हृदय संबंधी कोई समस्या जिससे आप अभी तक अनजान थीं। यदि आपको हार्टबीट बढ़ने के साथ अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो बिना देरी किए अपने डॉक्टर के पास जाएं और उनसे सहायता लें।

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गर्भावस्था के दौरान हृदय गति में वृद्धि होना आम है और यह गर्भावस्था के दौरान लगातार हो रहे शारीरिक बदलावों के कारण होता है।कोशिश करें कि आप ज्यादा से ज्यादा आराम करें और बिलकुल तनाव न लें । इसके अलावा, यदि आपको अपनी गर्भावस्था के बारे में कोई संदेह है, तो अपने डॉक्टर से उसके बारे में खुलकर बातचीत करें।

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समर नक़वी

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