गर्भावस्था

गर्भावस्था के दौरान वाइन पीना – सुरक्षा, फायदे और जोखिम

गर्भवती महिलाओं को अपने खाने-पीने को लेकर सतर्क रहने के लिए कहा जाता है। क्योंकि कहीं न कहीं यह आप और आपके बच्चे को नुकसान पहुँचा सकता है, लोग अक्सर वाइन पीने के शौकीन होते हैं, लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन करने के लिए मना किया जाता है। हालांकि, कुछ महिलाएं यह सोचती हैं कि उनकी प्रेगनेंसी नॉर्मल है और बच्चे को कोई हेल्थ इशू नहीं है तो वो वाइन का सेवन कर सकती हैं या फिर कभी-कभार प्रेगनेंसी के दौरान वाइन पी सकती हैं। लोगों की अलग-अलग बातों के चलते आप कंफ्यूज हो सकती हैं कि क्या आपको प्रेगनेंसी के दौरान वाइन पीना चाहिए या नहीं?

क्या गर्भावस्था के दौरान वाइन पीना सुरक्षित है?

प्रेगनेंसी के दौरान बहुत ज्यादा मात्रा में अल्कोहल का सेवन करने से आपको प्रेगनेंसी कॉम्प्लिकेशन का सामना करना पड़ सकता है। ये कॉम्प्लिकेशन उन महिलाओं पर ज्यादा बुरा प्रभाव नहीं डालते जो कभी-कभार इसका सेवन करती हैं। हालांकि, प्रेगनेंसी के दौरान वाइन का सेवन करने से जुड़ी ज्यादा जानकारी नहीं मिलती है, लेकिन फिर भी वाइन का प्रेगनेंसी में सेवन करना किसी भी तरह से आपके लिए सुरक्षित नहीं माना जाता है। इसलिए, गर्भवती महिलाओं को इससे पूरी तरह से बचने की सलाह दी जाती है।

ADVERTISEMENTS

गर्भावस्था के दौरान वाइन पीने से क्या जोखिम हो सकते है

गर्भावस्था के दौरान वाइट या रेड वाइन पीने से ये बच्चे के मेंटल और फिजिकल डिसेबिलिटी होने का खतरा होता है। यही कारण है कि ज्यादातर हेल्थकेयर एक्सपर्ट गर्भवती महिलाओं को अल्कोहल से दूर रहने की सलाह देते हैं।

यहाँ आपको गर्भावस्था के दौरान अल्कोहल पीने से जुड़े कुछ जोखिमों के बारे में बताया गया है:

ADVERTISEMENTS

  • गर्भाशय में आपके बढ़ते बच्चे का लीवर अभी भी विकसित हो रहा होता है और प्लेसेंटा के जरिए अल्कोहल आपके बच्चे तक पहुँच सकता है। इससे बच्चे के विकास में रूकावट पैदा होती है जिससे बच्चे में यह भ्रूण के विकास में बाधा डाल सकता है और बच्चे में मेंटल और फिजिकल डिसेबिलिटी होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • बच्चे में रक्त में अल्कोहल की अधिक मात्रा उसके शरीर के अंगों में ऑक्सीजन पहुँचने में बंधा डाल सकती है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान अल्कोहल का अधिक मात्रा में सेवन करने से यह बढ़ते बच्चे में फीटल अल्कोहल  सिंड्रोम (एफएएस) का खतरा पैदा कर सकती है। इससे बच्चे का स्कल बहुत छोटा होता है, लो बर्थ वेट, जैसी समस्या भी हो सकती है। एफएएस के साथ पैदा होने वाले बच्चे में फेशियल एब्नोर्मलिटी, दिमाग और रीढ़ में डिफेक्ट यहाँ तक कि कुछ मामलों में तो बच्चा मेंटली रिटार्डेशनका शिकार भी हो सकता है। ऐसे बच्चों में बाद में लर्निंग डिसेबिलिटी होने की संभावना होती है। इसके अलावा कोआर्डिनेशन न होना, मेमोरी कमजोर होना, आईक्यू कम होना, देखने और सुनने में परेशानी होना, किडनी और हार्ट की प्रॉब्लम होना आदि समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।.

गर्भावस्था के दौरान वाइन पीने के फायदे

हालांकि, गर्भावस्था के दौरान थोड़ी भी मात्रा में वाइन पीने के लिए मना किया जाता है, लेकिन वाइन पीने के कुछ फायदे भी हैं।

गर्भावस्था के दौरान रेड वाइन पीना

ADVERTISEMENTS

  • प्रेगनेंसी के दौरान रेड वाइन पीने से ये दिल की बीमारियों को रोकने में मदद करती है। रेड वाइन में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट गुण गुड कोलेस्ट्रॉल या एचडीएल (हाई डेंसिटी वाले लिपोप्रोटीन) को बढ़ाते हैं।

गर्भावस्था के दौरान व्हाइट वाइन पीना

  • एनीमिया को दूर करती है
  • फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार करती है
  • दिल की मांसपेशियों को मेनटेन रखने में मदद करती है

वाइन के इन लाभों के बावजूद भी आपको प्रेगनेंसी के दौरान इससे बचने का सुझाव दिया जाता है और सावधानी बरतने के लिए कहा जाता है।

ADVERTISEMENTS

गर्भावस्था के दौरान वाइन पीने से जुड़े मिथ

गर्भावस्था के दौरान वाइन पीने के विषय में आपको कई सारी बातें सुनने को मिल जाएंगी, जो आपको कंफ्यूज कर सकती है कि कौन सी बात सच है कौन सी बात सिर्फ अफवाह है। तो आइए जानते हैं वाइन और गर्भावस्था से जुड़े कुछ कॉमन मिथ क्या हैं:

  1. मिथ: खास मौके पर कभी कभार वाइन की एक दो सिप लेने से आपको नुकसान नहीं पहुँचाती है।

    तथ्य: चूंकि शरीर नॉर्मल और खास दिन के बीच अंतर नहीं समझता है, इसलिए आपको जरा भी मात्रा में अल्कोहल का सेवन नहीं करना चाहिए।

ADVERTISEMENTS

  1. मिथ: एक गिलास अल्कोहल पीने से गर्भ में पल रहा फीटस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

    तथ्य: गर्भावस्था के दौरान जितना भी अल्कोहल का सेवन किया जाता है वह प्लेसेंटा के जरिए फीटस तक  पहुँच जाता है। यह आपके बच्चे को एफएएस जैसी समस्या में डाल सकता है। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान अल्कोहल से पूरी तरह बचना चाहिए, इसी में समझदारी है।

  1. मिथ: गर्भावस्था के दौरान वाइन पीना कोकेन या हेरोइन जैसे ड्रग्स लेने से बेहतर है

    तथ्य: कोकेन, हेरोइन, मारीजुआना, अल्कोहल, आदि सभी चीजें आपके बच्चे पर बुरा प्रभाव डाल सकती हैं, लेकिन तुलनात्मक रूप से अल्कोहल का फीटस के न्यूरोबिहेवियोरल पर बुरा प्रभाव देखा गया है। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान अल्कोहल सहित इन सभी पदार्थों से बचा जाना चाहिए।

ADVERTISEMENTS

  1. मिथ: अल्कोहल पीने के कारण होने वाला खतरा सिर्फ तब होता है जब इसका ज्यादा मात्रा में सेवन किया जाए।

   तथ्य: अल्कोहल पीने वाली महिलाओं में फीटल अल्कोहल सिंड्रोम वाले बच्चों को जन्म देने की संभावना अधिक होती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि जो महिलाएं कम मात्रा में इसका सेवन करती हैं उनमें यह खतरा नहीं होता है। इस बात की कोई निश्चित रूप से अभी तक समझ नहीं जा सका है कि अल्कोहल का हर महिला पर किस प्रकार प्रभाव पड़ता है। हर माँ और बच्चे में अल्कोहल का अलग-अलग रिएक्शन पाया जा सकता है यहाँ तक कि यह जेनेटिक पर भी निर्भर करता है। इसलिए, भले ही आप अल्कोहलिक न हों, फिर भी  फीटल अल्कोहल सिंड्रोम वाले बच्चे को जन्म देने का खतरा बना रहता है।

  1. मिथ: अल्कोहल के सेवन से एक बच्चे में केवल फिजिकल डिफॉर्मटी होती है। लेकिन एक नॉर्मल दिखने वाला बच्चा जो शारीरिक रूप से ठीक हो वह अल्कोहल से प्रभावित नहीं होता है।

तथ्य: फिजिकल डिफॉर्मटी उन बच्चों में पाई जाती है, जो लंबे समय तक अल्कोहल के संपर्क में आते हैं। ज्यादातर बाकि बच्चों में, अल्कोहल का प्रभाव उनमें कॉग्निटिव और बेहवियर से संबंधित समस्या पैदा करता है, इसके अल्कोहल के कारण बच्चे में और भी कई डिसेबिलिटी देखी जा सकती है। एफएएस का निदान भी चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि जब बच्चा  बड़ा हो जाता है तो इसके फीचर बदल जाते हैं। नतीजतन, एफएएस वाले दस में से केवल एक बच्चे का निदान हो पाता है।

ADVERTISEMENTS

  1. मिथ: गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर आपकी लाइफस्टाइल में कोई बदलाव करने को नहीं कहते हैं।

 तथ्य: आपके डॉक्टर जानते हैं कि प्रेगनेंसी के दौरान वाइन पीने से क्या खतरा हो सकता है, इसलिए यह उनकी जिम्मेदारी होती है कि वो आपको इसका सेवन करने से रोके। ये सुझाव बच्चे की सेहत और हेल्थ को नजर में रखते हुए दिया जाता है ।

वाइन और गर्भावस्था से संबंधित स्टडी

फीटल अल्कोहल स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर पर की गई सहयोगात्मक पहल, ने कई स्टडीज पब्लिश की है, जिन्होंने अल्कोहल का मॉडरेट लेवल पर सेवन करने से प्रसव पूर्व क्या खतरे हो सकते हैं बताया है। जल्दी ही की गई एक ब्रिटिश स्टडी से यह भी पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान कम मात्रा में वाइन का सेवन करने से बहुत ज्यादा जोखिम नहीं होता है। हालांकि, यह स्टडी  बच्चे पर टेस्ट नहीं की गई है और न ही किसी मैटरनल फैक्टर को नजर में रखा गया है।

ADVERTISEMENTS

क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी द्वारा 2013 में पब्लिश एक स्टडी में कहा गया है कि जो गर्भवती महिलाएं रोजाना दो गिलास वाइन पीती हैं, उनके बच्चे की स्कूल परफॉरमेंस पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

द अल्कोहलिज्म: क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल रिसर्च ने 2012 में संकेत दिया है कि अल्कोहल डोज से जुड़े प्रभाव के संबंध में कोई सबूत नहीं मिला है, जो यह बता सके कि इसकी सेफ लिमिट क्या है। जो महिलाएं  गर्भावस्था के दौरान अल्कोहल का सेवन करती हैं उनमें लो बर्थ वेट, कम लम्बाई वाले बच्चे को जन्म देने का खतरा ज्यादा होता है, स्मूथ फ़िलीट्रम (नाक और ऊपरी होंठ के बीच का वर्टीकल स्पेस), पतला वर्मिलियम बॉर्डर (पतले होंठ) और माइक्रोसेफाली (जरुरत से छोटा सिर).

ADVERTISEMENTS

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी के 2012 में की गई स्टडी से यह निष्कर्ष निकाला गया है कि गर्भावस्था के दौरान अल्कोहल का थोड़ी मात्रा में भी सेवन करने से मिसकैरज का खतरा बढ़ सकता है।

गर्भावस्था के दौरान अल्कोहल के सेवन को लेकर की गई रिसर्च और 2011 में की गई हेल्थ स्टडी में यह पाया गया कि गर्भावस्था के दौरान सीमित मात्रा में अल्कोहल पीने से मिसकैरज, प्रीटरम डिलीवरी, स्टिलबर्थ और यहाँ तक ​​कि एसआईडीएस (बच्चे की अचानक मृत्यु) का खतरा बढ़ सकता है।

ADVERTISEMENTS

बाकि स्टडीज जैसे, 1997 में ‘अल्कोहल, हेल्थ एंड रिसर्च वर्ल्ड’ के अनुसार पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान अल्कोहल का थोड़ी भी मात्रा में सेवन करने से बच्चे में डेवलपमेंटल प्रॉब्लम पैदा हो सकती है। इसलिए, आपको यह सलाह दी जाती है कि गर्भावस्था के दौरान वाइन या किसी भी रूप में अल्कोहल का सेवन करने से पूरी तरह बचना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान वाइन का सेवन करने से जुड़ी कई राय मिलती हैं, लेकिन ज्यादातर हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि बेहतर होगा, अगर आप गर्भावस्था के दौरान वाइन या अल्कोहल का सेवन करने से पूरी तरह बचें। यह आपके बच्चे को गर्भ में और जन्म के बाद किसी भी तरह कि हेल्थ प्रॉब्लम से बचाता है ।

ADVERTISEMENTS

यह भी पढ़ें:

प्रेगनेंसी में कैमोमाइल टी पीना

ADVERTISEMENTS

समर नक़वी

Recent Posts

प्रिय शिक्षक पर निबंध (Essay On Favourite Teacher In Hindi)

शिक्षक हमारे जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह केवल किताबों से ज्ञान नहीं…

2 months ago

मेरा देश पर निबंध (Essay On My Country For Classes 1, 2 And 3 In Hindi)

मेरा देश भारत बहुत सुंदर और प्यारा है। मेरे देश का इतिहास बहुत पुराना है…

2 months ago

शिक्षा का महत्व पर निबंध (Essay On The Importance Of Education In Hindi)

शिक्षा यानी ज्ञान अर्जित करने और दिमाग को सोचने व तर्क लगाकर समस्याओं को हल…

2 months ago

अच्छी आदतों पर निबंध (Essay On Good Habits in Hindi)

छोटे बच्चों के लिए निबंध लिखना एक बहुत उपयोगी काम है। इससे बच्चों में सोचने…

2 months ago

कक्षा 1 के बच्चों के लिए मेरा प्रिय मित्र पर निबंध (My Best Friend Essay For Class 1 in Hindi)

बच्चों के लिए निबंध लिखना बहुत उपयोगी होता है क्योंकि इससे वे अपने विचारों को…

2 months ago

मेरा प्रिय खेल पर निबंध (Essay On My Favourite Game In Hindi)

खेल हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। ये न सिर्फ मनोरंजन का साधन…

2 months ago