गर्भावस्था

गर्भावस्था में काली उड़द का सेवन – फायदे और सावधानियां

उड़द की दाल (ब्लैक ग्राम) एक ऐसी दाल है जिसमें जरूरी ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड होते हैं जो हमारा शरीर स्वाभाविक रूप से नहीं बना सकता। भारतीय आयुर्वेदिक प्रथाओं के अनुसार, पुराने समय से माशा नामक उड़द की दाल गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक फायदेमंद मानी जाती रही है। यह अभी भी आयुर्वेदिक और ऑल्टरनेटिव दवाओं में व्यापक रूप से इस्तेमाल होती है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान इसके सुरक्षित सेवन को लेकर कुछ अटकलें हैं।

क्या गर्भावस्था के दौरान उड़द की दाल खाना सुरक्षित है?

यह एक  पुरानी मान्यता है कि उड़द की दाल गर्भावस्था के दौरान सेवन करना सुरक्षित नहीं है लेकिन क्या इस तथ्य को गंभीरता से लेना चाहिए? अगर कुछ सावधानियां बरती जाएं तो उड़द की दाल गर्भावस्था के दौरान लेना सुरक्षित और फायदेमंद है, जिसके बारे में नीचे बताया गया है। लेकिन पहले, इसके फायदों के बारे में जानते हैं।

काली उड़द में कौन से महत्वपूर्ण न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं?

काला उड़द न सिर्फ फैटी एसिड से भरपूर होती है, बल्कि इसमें कई सारे पोषक तत्व भी होते हैं:

न्यूट्रिएंट न्यूट्रिशनल वैल्यू
आवश्यक फैटी एसिड एक कप में 603 मिलीग्राम ओमेगा-3 और 43 मिलीग्राम ओमेगा-6 होता है।
कैलोरीज 341 प्रति 100 ग्राम
कुल फैट 1.6 ग्राम प्रति 100 ग्राम
सोडियम 38 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम
पोटैशियम 983 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम
कुल कार्बोहाइड्रेट 59 ग्राम प्रति 100 ग्राम
प्रोटीन 25 ग्राम प्रति 100 ग्राम
कैल्शियम 0.13 प्रति 100 ग्राम
आयरन 42 % प्रति 100 ग्राम
विटामिन बी-6 15 % प्रति 100 ग्राम
मैग्नीशियम 66 % प्रति 100 ग्राम

गर्भावस्था के दौरान सेहत के लिए उड़द दाल के 10 फायदे

इतने सारे पोषक तत्वों से भरपूर, उड़द दाल एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसके गर्भावस्था के दौरान निम्न फायदे होते हैं:

1. फीटल ब्रेन ग्रोथ

उड़द की दाल में आवश्यक फैटी एसिड गर्भ में पल रहे बच्चे के मस्तिष्क के विकास को बढ़ाने में मदद करते हैं।

2. पाचन और पेशाब में मदद

फाइबर युक्त उड़द की दाल अच्छे गट बैक्टीरिया को बनाए रखने में मदद करती है जो हमारे डाइजेस्टिव और यूरिनरी सिस्टम में मदद करते हैं।

3. एंटीऑक्सीडेंट

उड़द की दाल में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट विभिन्न बीमारियों को रोकते हैं। एंटीऑक्सिडेंट उम्र बढ़ने, सेल और टिश्यू डैमेज और विभिन्न प्रकार के कैंसर से लड़ते हैं। ये हमारे बालों और त्वचा को स्वस्थ रखने में भी मदद करते हैं।

4. कोलेस्ट्रॉल चेक

फैटी एसिड उन गर्भवती महिलाओं में हाई कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम कर सकता है जिन्हें कोलेस्ट्रॉल की समस्याओं का जोखिम है।

5. मजबूत हड्डियां

उड़द की दाल शरीर को कैल्शियम को अब्सॉर्ब करने में मदद करती है और इसमें कई मिनरल्स होते हैं जो हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ रखते हैं।

6. एनीमिया से बचाव

उड़द की दाल में मौजूद आयरन की मात्रा गर्भवती महिलाओं को एनीमिया से बचाने में मदद करती है।

7. हृदय का खयाल

यह अपने हाई फाइबर, मैग्नीशियम और पोटैशियम सामग्री के साथ हृदय की रक्षा करती है।

8. एनर्जी बैंक

थकान को हराने के लिए गर्भवती महिलाओं के लिए इसमें बहुत अधिक एनर्जी देने वाले न्यूट्रिएंट्स होते हैं।

9. एक्स्ट्रा प्रोटीन

इसकी हाई प्रोटीन सामग्री गर्भवती महिलाओं को नई सेल्स के बनने के लिए जरूरी एक्स्ट्रा प्रोटीन देती है।

10. दर्द व सूजन में राहत

उड़द की दाल में दर्द और सूजन से राहत देने वाले गुण होते हैं।

गर्भवती महिलाओं के लिए टेस्टी उड़द दाल के लड्डू की रेसिपी

उड़द दाल की दर्जनों रेसिपी हैं, लेकिन सबसे आसान बनाने वाली और सुपर हेल्दी है उड़द दाल के लड्डू। इस मिठाई को तैयार करने में सिर्फ आधे घंटे का समय लगता है, जिसे कभी भी, कहीं भी, नाश्ते के रूप में खाया जा सकता है। गर्भावस्था के दौरान जब आपको कुछ मीठा खाने की क्रेविंग होती है, तो भी उड़द दाल के लड्डू एक हेल्दी ऑप्शन हैं!

सामग्री

  • उड़द दाल – 1 कप
  • चीनी – 1 कप
  • घी – 1/2 कप
  • घी में फ्राय किए हुए काजू

विधि

उड़द दाल को अच्छी तरह से भून लें ताकि गर्मी से बैक्टीरिया मर जाएं। फिर इसे ब्लेंडर में ब्लेंड करें। चीनी और घी डालें। मिश्रण से छोटे-छोटे लड्डू बनाएं। थोड़े काजू को घी में भूनें और लड्डू के ऊपर लगाएं।

गर्भावस्था में काली उड़द का सेवन करते समय बरती जाने वाली सावधानियां

उड़द की दाल को अच्छी तरह से धो लेना चाहिए और तब तक पकाया जाना चाहिए जब तक कि वह अच्छी तरह से उबल न जाए। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें ई कोलाई, लिस्टेरिया या साल्मोनेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया हो सकते हैं। इसे बॉयलिंग पॉइंट तक पकाने से वे नष्ट हो सकते हैं। ये बैक्टीरिया गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से हानिकारक होते हैं क्योंकि वे उन बीमारियों का कारण बन सकते हैं जो न्यूबॉर्न में प्रीटर्म,  मिसकैरेज, स्टिलबर्थ और अन्य गंभीर समस्याओं को खड़ा कर सकते हैं। जब आप बाहर का खाना खाती हैं तो इससे बचें क्योंकि आपको पता नहीं है कि यह कितनी अच्छी तरह से पकी होगी।

गर्भावस्था के दौरान उड़द की दाल ज्यादा न खाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि यह यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाती है और इससे सर्कुलेटरी और किडनी फंक्शन्स में समस्या हो सकती है।

किसी भी बीन्स के साथ एक और समस्या यह होती है कि वह एसिडिटी पैदा कर सकती है। तो, आपको गर्भावस्था के दौरान एसिडिटी होने का खतरा होने पर इसे कम मात्रा में खाना चाहिए।

उड़द की दाल को कई तरह से पकाया जा सकता है। जब आप अन्य डिशेज, खासकर वेजिटेरियन डिशेज, बनाती हैं, तो इसे तड़के के रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं। यह प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स और विटामिन बी6 का अच्छा स्रोत है। जब तक आप सावधानियों का पालन करती हैं, अपनी गर्भावस्था की डाइट में थोड़ी उड़द की दाल शामिल करना अच्छा होगा।

यह भी पढ़ें:

प्रेगनेंसी में अचार का सेवन

श्रेयसी चाफेकर

Recent Posts

रियान नाम का अर्थ, मतलब और राशिफल – Riyan Name Meaning in Hindi

आज के समय में माता-पिता अपने बच्चों के लिए कुछ अलग और दूसरों से बेहतर…

1 week ago

राजीव नाम का अर्थ, मतलब और राशिफल – Rajeev Name Meaning In Hindi

लगभग हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनके बच्चे का नाम सबसे अलग और…

1 week ago

35+ पति के जन्मदिन पर विशेस, कोट्स और मैसेज | Birthday Wishes, Quotes And Messages For Husband in Hindi

एक अच्छा और सच्चा साथी जिसे मिल जाए उसका जीवन आसान हो जाता है। कहते…

1 week ago

माँ के लिए जन्मदिन पर विशेस, कोट्स और मैसेज – Birthday Wishes, Quotes And Messages For Mother in Hindi

माँ वह इंसान होती है, जिसका हमारे जीवन में स्थान सबसे ऊपर होता है। माँ…

1 week ago

बेटी के पहले बर्थडे पर विशेस, कोट्स और मैसेज – Wishes, Quotes And Messages For Baby Girl’s First Birthday in Hindi

यह बात हर कोई जानता है कि बेटियों से घर की रौनक होती है। चाहे…

1 week ago

बेटे के पहले बर्थडे पर विशेस, कोट्स और मैसेज – Wishes, Quotes And Messages For Baby Boy’s First Birthday in Hindi

माता-पिता बनना किसी भी शादीशुदा जोड़े की जिंदगी में एक बेहद यादगार और अनमोल पल…

1 week ago