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गर्भावस्था बहुत सारी खुशियां और उत्साह भी लेकर आता है पर यह आपको हर चीज के लिए बहुत सावधान बना देती है। गर्भावस्था के दौरान शरीर में बदलाव होने से आपको कुछ भी खाने से पहले कई बार सोचने की जरूरत पड़ती है। इस स्तर पर आप ऐसा क्या खा सकती हैं जो आपके लिए किसी भी चिंता का कारण न बने। इसलिए गर्भावस्था के दौरान कौन सी चीजें खानी चाहिए और कौन सी नहीं, यह जानना बहुत जरूरी है। यदि आप गर्भवती हैं और आपको नहीं पता है कि इस समय आपको पुदीना यानी मिंट खाना चाहिए या नहीं तो यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान पुदीना खाने के फायदे और नुकसान के बारे में यहाँ हमने चर्चा की है जिससे आपको काफी मदद मिल सकती है। गर्भवस्था में पुदीना खाने के बारे में जानने के लिए इस लेख को पूरा पढ़ें।
कई लोग गर्मियों के दिनों में पुदीने (मिंट) का उपयोग करते हैं और यह गर्मी को खत्म करने के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद है। इसमें अनेक औषधीय गुण हैं जिसका उपयोग लोग सदियों से करते आ रहे हैं। पुदीना में एक आकर्षक सुगंध होती है और इसे खाना पकाने में उपयोग किया जाता है। गर्भावस्था के दौरान सही मात्रा में पुदीना खाने से कोई भी गंभीर खतरा नहीं होता है और यह गर्भवती महिलाओं को बहुत से फायदे प्रदान करता है। इसके फायदों के बारे में जानने के लिए आगे पढ़ें;
गर्भावस्था के कारण हॉर्मोन्स में अक्सर असंतुलन रहता है और इससे खाने की क्रेविंग्स होती हैं। अलग-अलग प्रकार का खाना खाने से आपके शरीर का तापमान बढ़ सकता है। पुदीने की पत्तियों में आराम और ठंडक प्रदान करने के गुण होते हैं जो गर्भवती महिला के शरीर का तापमान कम करने में मदद करते हैं।
पहली तिमाही में मॉर्निंग सिकनेस की वजह से आपके मुँह का स्वाद हमेशा खराब रह सकता है। कई महिलाओं को तो गर्भावस्था के 9 महीनों तक मतली होती है। इस दौरान पुदीने की कुछ पत्तियां खाने से आपके मुँह का स्वाद अच्छा हो सकता है व दुर्गंध भी कम हो सकती है।
गर्भावस्था की पहली तिमाही में मतली होना बहुत आम है। पुदीने की कुछ पत्तियां खाने से आपको मतली जैसी समस्याओं से आराम मिल सकता है पर यदि आपको इसकी गंध अच्छी नहीं लगती है तो पुदीने की पत्तियां बिलकुल भी न खाएं।
गर्भावस्था के दौरान पाचन संबंधी समस्याएं बहुत ज्यादा होती हैं। इस समय पुदीने की चाय पीने से आपके पेट को आराम मिल सकता है और आपका पाचन तंत्र ठीक रहता है।
गर्भावस्था के दौरान शरीर में बहुत सारी चीजें होती हैं जिससे आपको बहुत ज्यादा थकान होती है। इस समय पुदीने की थोड़ी सी चाय पीने से आपकी थकान कम हो सकती है, आपको अच्छा महसूस हो सकता है और आपका दिमाग शांत रहता है। यह अनिद्रा और एंग्जायटी को भी दूर रखती है।
यदि पुदीने की बात की जाए तो हम इसकी चाय को कैसे भूल सकते हैं? आइए जानते हैं कि गर्भवस्था में पुदीने की चाय पीना फायदेमंद है या नहीं।
पुदीना कई प्रकार का होता है और यह गर्भावस्था के दौरान फायदेमंद भी हो सकता है। पुदीने की चाय पीने से पाचन में मदद मिलती है और पेट की समस्याएं दूर हो सकती हैं। इसकी सुगंध से गर्भावस्था के दौरान होने वाली एंग्जायटी और चिंताओं को कम करने में मदद मिलती है।
गर्भावस्था में यदि आपको बहुत असहजता और चिंता होती है तो इस पुदीने की चाय से आपको तुरंत मदद मिल सकती है। आप इसे कैसे बना सकती हैं, आइए जानते हैं;
सामग्री
विधि
चूंकि इस खाद्य पदार्थ से आपके शरीर में अलग प्रतिक्रिया हो सकती हैं इसलिए आपको पुदीना खाने के साइड इफेक्ट्स भी पता होने चाहिए। इसके बारे में जानने के लिए आगे पढ़ें;
यद्यपि गर्भावस्था के दौरान पुदीना खाना सुरक्षित है पर कभी-कभी इसे खाने से साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। वे कौन से साइड इफेक्ट्स हैं आइए जानते हैं;
यदि आपको मेंथोल या किसी ऐसी चीज से एलर्जी है जिसमें मेंथोल होता है तो गर्भावस्था में आपको पुदीने का उपयोग नहीं करना चाहिए। पुदीने में पर्याप्त मात्रा में मेंथोल होता है और इससे आपको गंभीर रूप से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। जिन महिलाओं को अस्थमा की समस्या होती है उन्हें भी गर्भावस्था में पुदीना नहीं लेना चाहिए।
पुदीने में मांसपेशियों को आराम देने के गुण होते हैं और गर्भावस्था के गंभीर चरण में यदि आपने इसका सेवन किया है तो यह आपके गर्भाशय की मांसपेशियों को आराम पहुँचा सकता है जिससे बाद के चरणों में मिसकैरेज या बच्चे का समय से पहले जन्म हो सकता है। यदि पहले भी आपका मिसकैरेज हुआ है तो इस अवधि में आप पुदीने का सेवन बिलकुल भी न करें।
गर्भवती महिलाओं को अक्सर विभिन्न सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है। कई मामलों में पुदीना इन दवाओं के अब्सॉर्प्शन को प्रभावित कर सकता है जिससे शरीर को इसके कोई भी लाभ नहीं मिलते हैं।
गर्भावस्था के दौरान आपको संयमित मात्रा में पौष्टिक आहार खाने की जरूरत होती है। किसी भी प्रकार से ज्यादा मात्रा में पुदीना खाने से आपको आलस महसूस हो सकता है और इससे आपकी मांसपेशियों में दर्द हो सकता है, हार्ट रेट कम हो सकती है और गर्भावस्था में भी अन्य कॉम्प्लीकेशंस भी हो सकती हैं।
गर्भावस्था में पुदीना खाने से पाचन संबंधी समस्याओं में आराम मिलता है पर यदि आपको पेट का अल्सर है तो पुदीने का सेवन आपके लिए हानिकारक है। मिंट में मौजूद मेंथोल अल्सर को बढ़ा सकता है और इससे कई कॉम्प्लीकेशंस हो सकती हैं।
हमें आशा है कि ऊपर दी हुई जानकारी आपके लिए उपयुक्त सिद्ध होगी। पुदीने से कुछ फायदे होते हैं जिनसे गर्भवती महिलाओं की बहुत ज्यादा मदद मिलती है पर आपको इस हर्ब से होने वाले साइड इफेक्ट्स भी पता होने चाहिए। यदि आप पुदीना खाती हैं तो इसे संयमित मात्रा में खाएं। परंतु फिर भी यदि आपको इसके बारे में शंका है तो गर्भावस्था के दौरान पुदीना कितना खाना चाहिए यह जानने के लिए आप डॉक्टर से सलाह ले सकती हैं। डॉक्टर आपको स्पष्ट रूप से बता सकेंगे कि पुदीना खाने से गर्भावस्था में क्या कॉम्प्लिकेशन आ सकती हैं।
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