गर्भावस्था

गर्भावस्था के दौरान थायराइड लेवल को कंट्रोल करने के 8 टिप्स

जब एक महिला गर्भवती होती है, तो शरीर के अंदर कई बदलाव होते हैं और हार्मोनल बदलाव उनमें से एक हैं। इन्हीं के साथ गर्भावस्था के दौरान कई महिलाओं को थायराइड से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वजन में वृद्धि, मूड स्विंग्स, बालों का गिरना आदि सभी इस बात का संकेत होते हैं कि आपका शरीर जितना जरूरी है उतना थायराइड हार्मोन रिलीज नहीं कर रहा। इससे टीएसएच लेवल बढ़ जाता है।

गर्भावस्था के दौरान थायराइड की समस्याओं की जांच

गर्भावस्था के अच्छे तरह से विकास करने के लिए उचित थायराइड फंक्शन जरूरी है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को थायराइड टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ऑप्टिमम लेवल पर है। यदि आप गर्भवती हैं, तो अपने टीएसएच लेवल के बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लें, विशेषतः यदि-

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  • थायराइड से जुड़ी समस्याएं यदि आपको पहले भी हुई हों या यदि आपके परिवार के किसी सदस्य को हों
  • आप थायराइड डिस्फंक्शन के लक्षणों का अनुभव कर रही हों जैसे थकान, वजन में अनपेक्षित उतार-चढ़ाव, और बालों का टूटना या झड़ना
  • आपके थायराइड एंटीबॉडी का लेवल ज्यादा हो
  • आपका इनफर्टिलिटी, मिसकैरेज, या प्रीटर्म डिलीवरी का इतिहास रहा हो
  • आपको टाइप 1 डायबिटीज हो

गर्भावस्था के दौरान थायराइड को नेचुरली कैसे नियंत्रित करें

टीएसएच के स्तर में बढ़ोतरी से गर्भवती महिलाओं को सेहत से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं, यही वजह है कि उनमें से कई बिना दवा का सहारा लिए स्वाभाविक रूप से थायराइड को कम करना चाहती हैं। यहाँ हमने कुछ टिप्स दिए हैं जिनकी मदद से आप थायराइड का लेवल कंट्रोल में रख सकती हैं:

1. प्रिमरोज़ ऑयल

जब नेचुरल तरीके से टीएसएच के स्तर को सामान्य करने की बात हो तो सबसे पहला नाम आता है प्रिमरोज़ तेल का। यह तेल थायराइड हार्मोन की मात्रा बढ़ाने के लिए अनुकूल है, जो हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित महिलाओं में काफी सुधार करता है। प्रिमरोज़ तेल में गामा लिनोलेइक एसिड (जीएलए) होते हैं – ये एसिड न केवल थायराइड हार्मोन के निचले स्तर का मुकाबला करते हैं, बल्कि इंडायरेक्टली से बालों के झड़ने में सुधार करते हैं और आपके पीरियड की सिकिल को सुधारते हैं। इसके अलावा, यह सूजन से राहत प्रदान करने के लिए भी जाना जाता है।

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2. नारियल तेल

नारियल का तेल कई तरह से फायदेमंद होता है। जब बढ़े हुए टीएसएच लेवल को ठीक करना हो तो नारियल तेल सबसे पहले काम आने वाली चीजों में से एक है। रात में सोने से पहले 2 वर्जिन नारियल तेल को एक गिलास दूध में डालकर लें। यह थायराइड हार्मोन के उत्पादन को बढ़ाता है जो हाइपोथायरायडिज्म से संबंधित कई लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

3. डाइट में गाजर और अंडे लेना

शरीर में विटामिन ए की मात्रा पर्याप्त होने पर थायरायड ग्लैंड ठीक से काम करती है। उस संबंध में किसी भी पोषण की कमी थायराइड हार्मोन के स्तर को प्रभावित कर सकती है। इस मामले में अंडे सबसे अच्छे होते हैं क्योंकि इनमें विटामिन ए काफी मात्रा में पाया जाता है। यदि आप एक वेजिटेरियन हैं, तो आपके लिए बेहतर ऑप्शन गाजर या कद्दू का सेवन होगा, क्योंकि इन दोनों में विटामिन ए होता है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान किसी भी चीज का ज्यादा सेवन न करने और संयम में खाने की सलाह दी जाती है, जो यहाँ भी लागू होती है।

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4. केल, पत्तागोभी और ब्रोकोली न खाएं

गर्भवती महिला को हरी, पत्तेदार सब्जियों से दूर रखने की सलाह देना अजीब लग सकता है, लेकिन ऐसे उपाय आवश्यक हैं, खासकर हाइपोथायरायडिज्म के मामले में।

यदि टीएसएच लेवल ज्यादा है तो अपने पत्तागोभी, केल, और ब्रोकोली का सेवन कम करें – ये सब्जियां थायराइड ग्लैंड में आयोडीन की डिग्री को कम करने के लिए जानी जाती हैं। यह सीधे हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित सकती हैं, जिससे ग्लैंड की फंक्शनिंग बिगड़ती है और हाइपोथायरायडिज्म होता है।

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5. हर्बल चाय

हां, हर्बल चाय एक नेचुरल उपचार है जो टीएसएच के स्तर को कम करने में मदद करता है। यह सर्वविदित है कि गर्भवती महिलाओं को कैफीन युक्त पेय से दूर रहने की सलाह दी जाती है, जिसमें सामान्य रूप से चाय, कॉफी, या सॉफ्ट ड्रिंक्स शामिल हैं। लेकिन हर्बल चाय – अदरक की चाय या यहाँ तक ​​कि दालचीनी की चाय में न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो थायरायड ग्लैंड को सपोर्ट करते हैं, जिससे यह अच्छी तरह से काम करती है।

6. गेहूँ से बने खाद्य पदार्थ

गर्भवती महिला के आहार में रिफाइंड गेहूँ से बनी सीमित चीजें होनी चाहिए जैसे सफेद ब्रेड, सफेद चावल, मैदे की रोटियां आदि। इसके बजाय, साबुत गेहूँ, दलिया, जौ, ओट्स, बार्ले से बने खाद्य पदार्थों पर ध्यान देना चाहिए। हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित गर्भवती महिला के आहार में ये चीजें एकदम सही होती हैं क्योंकि ये थायराइड ग्लैंड के उचित कामकाज में मदद करती हैं।

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7. सलाद

आप गर्भवती हों या न हों, सलाद हमेशा ही सबसे हेल्दी फूड़ ऑप्शन होता है। जिन गर्भवती महिलाओं को हाइपोथायरायडिज्म हो, उनके लिए भी सलाद अच्छा होता है। यह थायराइड ग्लैंड को आवश्यक मात्रा में थायराइड हार्मोन का उत्पादन करने में मदद कर सकता है। सलाद में गाजर, ककड़ी, स्प्राउट्स और इसी तरह के खाद्य पदार्थों को शामिल करने से, थायराइड फंक्शनिंग ठीक होती है और हार्मोन के लेवल को सामान्य करने में मदद मिलती है।

8. कॉड लिवर ऑयल

कॉड लिवर ऑयल सेहत को बेहतर करने में एक मजबूत घटक है, खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए। कॉड लिवर ऑयल में आवश्यक ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो सीधे शरीर की इम्युनिटी का निर्माण करता है और सूजन के किसी भी लक्षण को कम करता है। ये एसिड हाइपोथायरायडिज्म वाले लोगों के लिए जरूरी है क्योंकि इससे थायराइड ग्लैंड को ठीक से काम करने में मदद मिलती है। कॉड लिवर ऑयल कैप्सूल के रूप में बाजार में मिलता है। हालांकि, सही खुराक के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

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गर्भवती महिलाओं में हाइपोथायरायडिज्म कोई असामान्य बात नहीं है, लेकिन यह हेल्थ को प्रभावित करता है। गर्भावस्था के दौरान थायराइड के लिए मिलने वाले कई घरेलू उपचारों से समस्या को कम किया जा सकता है। सुबह की धूप में बैठकर विटामिन डी लेना और ऐसी डाइट लेना जो विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और अन्य न्यूट्रिएंट्स का बैलेंस दे, आपके शरीर में टीएसएच के लेवल को कम करने में काम आता है।

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श्रेयसी चाफेकर

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