किशमिश: शिशुओं को कैसे खिलाएं

शिशुओं को किशमिश कैसे खिलाएं

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हम में से बहुत से लोग किशमिश पसंद करते हैं, जो कि और कुछ नहीं बल्कि सूखे हुए मीठे अंगूर होते हैं। किशमिश खनिज, विटामिन और कार्बोहाइड्रेट का बहुत अच्छा और प्राकृतिक स्रोत हैं। किशमिश के उत्पादन में अच्छी गुणवत्ता वाले मीठे अंगूर चुनने की एक सरल प्रक्रिया शामिल है और फिर प्राकृतिक रूप से उन्हें दो से चार सप्ताह तक धूप में सुखाना होता है। व्यावसायिक रूप से, उच्च श्रेणी के किशमिश बनाने के लिए उन्हें फ्रूट डिहाइड्रेट्स का प्रयोग करके भी सुखाया जाता है।

क्या बच्चों को किशमिश देना सुरक्षित है

किशमिश का सेवन बच्चे के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता है। हालांकि, आकार में छोटे होने के कारण यह हमेशा बच्चे के गले में फंसने का खतरा होता है। इसलिए बच्चे के लिए बने खाद्य पदार्थों में मिलाकर इसे आहार में शामिल करना बेहतर है । थोड़ी सावधानी के साथ, बच्चों को किशमिश देना उनके विकास के लिए बहुत फायदेमंद होता है ।

किशमिश का पोषण मूल्य

किशमिश अक्सर खाना पकाने, सेंकने (बेकिंग), आसवन (ब्रूइंग) में प्रयुक्त होती है, या सिर्फ नियमित अल्पाहार के रूप में भी खाई जाती है। इस छोटी सी किशमिश के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। अक्सर नेचुरल कैंडी के रूप में जानी जाने वाली किशमिश में उच्च स्तर की शर्करा होती है और यदि इसका नियमित रूप से सेवन किया जाए, तो ये शिशु के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी सिद्ध होती है।

  • फाइबर की प्रचुर मात्रा के कारण, किशमिश कब्ज से राहत पाने में मदद करती है क्योंकि पेट में जाने पर यह फूल जाती है और पाचन तंत्र को साफ करने में मदद करती है।
  • किशमिश आयरन का एक उत्कृष्ट स्रोत है, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए आवश्यक होता है।
  • ये ग्लूकोज और फ्रुक्टोज की भरपूर मात्रा के कारण वजन बढ़ाने के लिए एक स्वास्थ्यप्रद स्रोत के रूप में मानी गई है ।
  • इन सभी महत्वपूर्ण विटामिन और खनिजों का एक स्रोत होने के अलावा, किशमिश उच्च रक्तचाप, मधुमेह, खून की कमी और यहाँ तक कि कैंसर को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।
पोषक तत्‍व मूल्य प्रति 100 ग्राम  पोषक तत्‍व मूल्य प्रति 100 ग्राम
पानी 15.43 ग्राम ऊर्जा 299 किलोकैलोरी
प्रोटीन 3.07 ग्राम टोटल लिपिड 0.46 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट 79.18 ग्राम डाइटरी फाइबर 3.7 ग्राम
शर्करा 59.19 ग्राम कैल्शियम 50 मिलीग्राम
आयरन 1.88 मिलीग्राम मैग्नीशियम 32 मिलीग्राम
फास्फोरस 101 मिलीग्राम पोटैशियम 749 मिलीग्राम
कॉपर 0.4 मिलीग्राम विटामिन बी-1 और बी-2 0.2 मिलीग्राम
सोडियम 11 मिलीग्राम जिंक 0.22 मिलीग्राम
विटामिन सी 2.3 मिलीग्राम थायमिन 0.106  मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन 0.125 मिलीग्राम नियासिन 0.766 मिलीग्राम
विटामिन बी-6 0.174 मिलीग्राम फोलेट 5 माइक्रोग्राम
फैट 0.5 मिलीग्राम मैंगनीज 0.3 मिलीग्राम
विटामिन ई 0.12 मिलीग्राम विटामिन के 3.5 माइक्रोग्राम

शिशुओं के लिए किशमिश के स्वास्थ्य लाभ

किशमिश में शिशुओं के लिए बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ होते हैं। उनमें से कुछ निम्न हैं:

  • ये अच्छे मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बहुत लाभदायक हो सकते हैं।
  • फॉस्फोरस, कैल्शियम और पोटेशियम जैसे खनिजों की उच्च मात्रा होने के कारण, किशमिश बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए उत्कृष्ट हैं।
  • किशमिश का सेवन याददाश्त को बेहतर बनाने में लाभदायक सिद्ध हुआ है।
  • किशमिश में पाई जाने वाली प्रचुर फाइबर सामग्री एक उत्कृष्ट रेचक (लैक्सेटिव) का काम करती है और यह पाचन तंत्र को मजबूत रखने में रहायक है ।
  • बच्चे के शरीर में अम्ल-क्षारीय (एसिड-एल्कलाइन) संतुलन को बनाए रखने में भी किशमिश मदद करती है।
  • बुखार के दौरान, बच्चों को किशमिश भिगोया हुआ पानी देने की सिफारिश की जाती है क्योंकि यह बैक्टीरियल और वायरल संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।

शिशुओं के लिए किशमिश के स्वास्थ्य लाभ

शिशु को किशमिश देने की शुरुआत कब करें

कई माओं को यह प्रश्न होता है कि बच्चे किस उम्र में किशमिश खा सकते हैं? शिशुओं को 6-8 महीने की उम्र के बीच किशमिश देना शुरू किया जा सकता है, जब वे भोजन चबाने में सक्षम हो जाते हैं। इसके अलावा, बच्चा अपने आप सीधा बैठने में सक्षम होना चाहिए और अपने अंगूठे और तर्जनी के बीच छोटी वस्तुओं को रखने में भी समर्थ होना चाहिए। जब तक शिशु ठोस खाद्य पदार्थों के साथ सहज नहीं हो जाता तब तक उसे किशमिश का रस निकालकर या उसे मसलकर दिया जा सकता है। बाद में, इसके छोटे-छोटे टुकड़े करके भी उन्हें दिया जा सकता है । इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि शिशु को किसी बड़े की देखरेख में ठोस खाद्य पदार्थ खिलाए जाएं।

शिशु को किशमिश की कितनी मात्रा देनी चाहिए

किशमिश में शर्करा भरपूर मात्रा में होती है और इसकी थोड़ी सी मात्रा ही शिशु को देनी चाहिए। शिशुओं के लिए, शुरुआत में प्रति दिन 1-2 बड़े चम्मच किशमिश का रस पर्याप्त होता है। इसे धीरे-धीरे प्रति दिन 2-3 बड़े चम्मच रस तक बढ़ाया जा सकता है। बच्चे की उम्र 1 वर्ष से अधिक हो जाने पर 2-3 बड़े चम्मच मसली या कटी हुई किशमिश दी जा सकती है।

शिशु के आहार में किशमिश कैसे शामिल करें

अपने बच्चे को किशमिश के सभी स्वास्थ्य लाभ देने के लिए, यह समझना आवश्यक है कि बच्चों को किशमिश कैसे दिया जा सकता है । शिशुओं के लिए किशमिश के पानी से शुरुआत की जा सकती है। धीरे-धीरे रस निकालकर, कुचली या मसली हुई किशमिश खिलाना शुरू करें, जिसे अन्य खाद्य पदार्थों के साथ भी मिलाया जा सकता है। यह शिशु के आहार का स्वाद बढ़ा देगा और बेहतर पाचन में सहायता करेगा।

क्या शिशुओं को किशमिश देने का कोई प्रतिकूल प्रभाव होता है

किशमिश के सेवन से बच्चे के स्वास्थ्य पर किसी भी प्रतिकूल प्रभाव की संभावना बहुत कम होती है। हालांकि, किशमिश खाने से बच्चों को हो सकने वाली एलर्जी और किशमिश गले में फंसने के खतरे के बारे में अवश्य सावधान रहना चाहिए। इसके अलावा, बच्चों को कैंडी देते समय जो सावधानी बरती जाती है, किशमिश की चिपचिपी बनावट के कारण भी वही ध्यान में रखनी चाहिए। सोने से पहले किशमिश देने से बचें क्योंकि वे मसूड़ों और दाँतों से चिपक सकती है और उनमें समस्या पैदा कर सकती है।

शिशु को किशमिश देते समय सावधानियां

किशमिश को अच्छी तरह से धोया जाना चाहिए। यह किसी भी अतिरिक्त रसायनों या उन पर अशुद्धियों को हटा देगा, जो बच्चे को नुकसान पहुँचा सकती हैं। अच्छी तरह से धोने के बाद उसे काटा या मसला जा सकता है और बच्चे को दिया जा सकता है। कटे हुए टुकड़े देते समय, इसके गले में फंसने के किसी भी लक्षण पर ध्यान दें। किशमिश सेवन के बाद शिशु के ब्रश करने की आदत विकसित करने से मुँह में बैक्टीरिया की किसी भी समस्या को रोका जा सकता है।

स्वादिष्ट, आसानी से उपलब्ध और पौष्टिक, किशमिश बच्चों के लिए एक आदर्श खाद्य पदार्थ है। हालांकि, बच्चे को दिए जाने वाले किसी भी अन्य आहार की तरह, इसे बच्चे की उम्र और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दिया जाना चाहिए।