शिशु

शिशुओं में क्रेडल कैप की समस्या

अगर ऐसा आपका शिशु रूसी से बुरी तरह पीड़ित दिखाई दे, तो शायद उसे क्रैडल कैप की समस्या होगी। इसका इलाज करना संभव है, और यदि इसकी तुरंत पहचान करना आता हो तो आसानी से इस समस्या से निजात पाई जा सकती है।

क्रेडल कैप क्या है?

क्रेडल कैप, जो इन्फैन्टाईल सीबोरहेइक डर्मेटाइटिस के नाम से भी जाना जाता है, शिशुओं की त्वचा को प्रभावित करने वाला एक विकार है। यह सिर की त्वचा से शुरू होते हुए शरीर के अन्य भागों में फैल सकता है। इस अवस्था में त्वचा में सूजन आ जाती है विशेषकर लाल चकत्तों के रूप में, जो कि शिशुओं में होने वाले मुंहासों से छोटे होते हैं और समय के साथ पीली पपड़ीदार त्वचा में बदल जाते हैं, जो छूने पर झड़ती भी है। क्रेडल कैप आमतौर पर शिशुओं को उनके पहले तीन महीनों से लेकर एक साल तक प्रभावित कर सकता है।

क्या क्रेडल कैप संक्रामक है?

सीधा – सा जवाब है, ‘नहीं’। त्वचा का यह विकार संक्रामक नहीं हैं और भद्दा दिखने के बावजूद भी हानिरहित है। इससे आपके शिशु को खुजली सहित किसी भी प्रकार की तकलीफ नहीं होगी।

शिशुओं में क्रेडल कैप के कारण

हालांकि क्रेडल कैप के उत्पन्न होने के कोई सटीक कारण नहीं बताए गए हैं, लेकिन कई अंतर्निहित कारण इस विकार को सक्रिय कर सकते हैं।

वसामय ग्रंथियाँ

वसामय ग्रंथियों द्वारा सीबम का अत्यधिक उत्पादन क्रेडल कैप का एक कारण हो सकता है। सीबम त्वचा को चिकना और कोमल रखता है। मगर यदि ग्रंथियांकिसी भी कारणवश अवरुद्ध हो जाती हैं, तो वे स्वयं अवरोध हटाने के प्रयोजन से अत्यधिक सक्रिय हो जाती हैं। इसके कारण सिर की त्वचा पर पीले रंग की पपड़ी बन जाती है।

गर्मी और आर्द्रता

यदि आपका बच्चा उमस वाली गर्मी के वातावरण में रहता है, जैसे कि उन स्थानो में जहाँ ग्रीष्मकाल में बहुत आर्द्रता होती है, तो उसके कारण क्रेडल कैप हो सकता है। ऊष्मा वसामय ग्रंथियों को सुखा देगी, जिससे वे अधिक सक्रिय हो जाती हैं। नमी के कारण, आपके बच्चे को डायपर से भी चकत्ते (डायपर रैश) हो सकते हैं।

फफूंदीय संक्रमण

फफूंदीय संक्रमण, जैसे कि मालशेज़िया फफूंद जो वसामय ग्रंथियों को प्रभावित करता है यह भी, क्रेडल कैप को उत्पन्न करने का कारण बनता सकता है।

विटामिन की कमी

विटामिन ‘बी’12 विटामिन में से एक, बायोटिन की काफी कमी के कारण, आपके बच्चे में क्रैडल कैप हो सकता है। कुछ विशिष्ट एन्ज़ाइम की कमी के कारण यह आवश्यक वसीय अम्ल में परिवर्तित हो जाते हैं जिससे क्रेडल कैप होने की संभावना होती है ।

अन्य कारण

अपने बच्चे के सिर को अत्यधिक बार धोने से भी वसामय ग्रंथियां सूख सकती हैं। कुछ प्रकार के शैम्पू भी आपके बच्चे की नाजुक त्वचा के लिए कठोर हो सकते हैं।

क्रेडल कैप के सामान्य लक्षण

यहाँ कुछ संकेत दिए गए हैं जिन पर आप क्रेडल कैप जैसे त्वचा के विकारों की पहचान करने के लिए नज़र रख सकती हैं।

  • सिर की त्वचा, कंधे और गर्दन क्षेत्र पर पीले या भूरे रंग के शल्क
  • अत्यधिक तैलीय त्वचा
  • सफेद त्वचा जो छूने पर झड़ जाती है
  • उभरे हुए लाल चकत्ते समेत सिर की रूखी त्वचा

क्रेडल कैप कब तक रहता है?

क्रैडल कैप के बारे में अच्छी बात यह है कि यह अपने आप ही गायब हो जाता है । जबकि यह आमतौर पर आपके बच्चे के जीवन के पहले तीन महीनों में होता है, यह 8वें से 12वें महीने तक चला जाना चाहिए । हालांकि , ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ बाद के वर्षों में क्रेडल कैप चकत्तों या धब्बों के रूप में पुनः उत्पन्न हो गया।

क्रेडल कैप के लिए उपचार

कुछ ऐसे उपाय हैं जिनके प्रयत्न से आप अपने बच्चे पर हुए क्रैडल कैप को कम करने की कोशिश कर सकती हैं। इनमें शामिल हैं:

  • वातानुकूलक (एयर कंडीशनर) का इस्तेमाल आपके बच्चे की संवेदनशील त्वचा को रूखा कर सकता है। यदि आप एक ऐसे क्षेत्र में रहती हैं जहाँ वातानुकूलन बंद नहीं किया जा सकता तो अपने बच्चे की त्वचा में नमी बनाए रखने हेतु वायु को नम रखने के लिए ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें।
  • अपने बच्चे के सिर की त्वचा की मालिश करें और फिर एक कोमल ब्रश जिसके शूक नर्म हों और वह विशेष रूप से शिशुओं के लिए बनाया गया हो, उससे प्रतिदिन सिर की त्वचा की सफाई करें।
  • क्रेडल कैप को ठीक करने के लिए तेल द्वारा उपचार एक महत्वपूर्ण विधि है। हालांकि यह आम धारणा के विपरीत लग सकता है, तेल आपके बच्चे की त्वचा को पोषित करने और नमी बनाए रखने के साथ, त्वचा का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है ।
  • विशेष रूप से शिशुओं के लिए तैयार किए गए शैम्पू का उपयोग करें। अवयवों की सूची को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि उसमें कुछ भी ऐसा न हो जो शिशु को नुकसान पहुँचा सकता है।
  • शैम्पू करने के बाद सिर की त्वचा के लिए किसी अच्छे नमी प्रदायक का प्रयोग करें। अपने चिकित्सक से पूछें कि आपके बच्चे की त्वचा के लिए कौन सा ब्रांड सबसे सुरक्षित है।
  • यदि आप अपने बच्चे को फॉर्मूला दूध देती हैं तो कभी-कभी वह क्रेडल कैप का कारण बन सकता है। इसके बारे में अपने चिकित्सक से परामर्श लेकर वह ब्रांड लें जो आपके बच्चे के लिए उपयुक्त हो।
  • पानी और बेकिंग सोडा बराबर मात्रा में लेकर एक मिश्रण बनाएं और प्रभावित क्षेत्र पर ज़्यादा मात्रा में लगाएं । इस मिश्रण को लगाकर थोड़ी देर के लिए छोड़ दें और फिर पानी से धो लें। क्रेडल कैप खत्म करने में यह विधि खास तौर पर सफल साबित हुई है।

शिशुओं को क्रेडल कैप से कैसे बचाएँ?

जबकि, क्रेडल कैप होने की संभावना को पूरी तरह से दूर करना असंभव है, इसे कम करने के लिए आप कुछ विशेष कदम उठा सकती हैं।

  • प्रतिदिन अपने बच्चे के सिर की त्वचा को नरम ब्रश से साफ करें।
  • अपने बच्चे के सिर की त्वचा को सूखा और साफ रखें।
  • अगर आप अपने बच्चे के सिर की त्वचा पर तेल लगाती हैं, तो उसे खास शिशुओं के लिए उपयुक्त सौम्य शैम्पू से धोना न भूलें।
  • बच्चे के लिए आदर्श तापमान और नमी बनाए रखने की कोशिश करें।

सावधानी बरतें

किसी भी परिस्थिति में आप अपने बच्चे की सिर की त्वचा से पीले रंग के शल्कों को उतारने की कोशिश न करें। ऐसा करने से त्वचा छिल सकती है, जिससे रक्तस्राव हो सकता है। एक बार आपके शिशु के सिर की त्वचा साफ हो जाए तो कुछ महीनों तक उसकी सफाई में और उसे स्वस्थ बनाए रखने में अतिरिक्त ध्यान दें।यदि आपके बच्चे की त्वचा पर कोई घाव उभर जाता है, तो रोजाना उसे साफ करें, ताकि कवक या जीवाणु के विकास को रोका जा सके।

स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए सुझाव

यदि आप अपने बच्चे को स्तनपान करा रही हैं, तो नीचे दिए गए सुझावों का पालन करके आप अपने बच्चे में हुए क्रेडल कैप से निपट सकती हैं।

  • अत्यधिक मात्रा में चीनी न खाएं । चीनी आपके बच्चे में कवक और जीवाणुओं के विकास की दर को बढ़ा सकती है।
  • अध्ययनों से पता चला है कि अगर माँ उन खाद्य पदार्थों का सेवन करती है जो एलर्जी पैदा कर सकते हैं, तो ये बच्चे तक पहुँच कर उसमें भी एलर्जी पैदा कर सकते हैं। इसलिए, दूध, अंडे और लसलसे पदार्थों से बचना ही उत्तम है।
  • संतृप्त वसा युक्त मांस जैसे लाल मांस और चिकन का सेवन कम कर दें। इसके बजाय, प्रोटीन की आपूर्ति के लिए मछली का सेवन करें। आपको इस समस्या पर अपने चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
  • लैक्टोबैसिलस एसिडोफिलस एक रोगकारक जीवाणु है जो क्रेडल कैप से मुकाबला करने के लिए जाना जता है। आप अपने चिकित्सक से परामर्श ले कर उसका एक कैप्सूल रोजाना ले सकती हैं।
  • ऐसे आहार लें जो ज्यादा तेल में बने हुए या मसालेदार न हो। इससे बच्चे को पीड़ित करने वाले क्रेडल कैप से निपटने में मदद मिलेगी।
  • स्तनपान कराते समय स्वच्छता बनाए रखें।

आपको चिकित्सक से परामर्श कब करना चाहिए?

क्रेडल कैप के कुछ मामलों में बिना देरी किए चिकित्सीय सलाह लेना ज़रुरी रहता है। गंभीर रूप से क्रेडल कैप होनेपर त्वचा में दरार और रक्तस्राव हो सकता है। यह एक कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली का संकेत भी हो सकता है। यदि क्रेडल कैप के साथ साथ दीर्घकालीन दस्त की समस्या भी हो जाती हैहैं तो आपको अपने बाल-चिकित्सक से ज़रूर सलाह लेनी चाहिए।

क्रेडल कैप के लक्षण बच्चे के शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकते हैं। अगर ऐसा लगता है कि आपके बच्चे में फफूंदीय संक्रमण हो गया है जो लगातार बना हुआ है और प्रतिजैविक दवाओं से दूर नहीं हो रहा, तो आपको बाल-चिकित्सक से मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।

यद्यपिक्रेडल कैप हानिकारक समस्या नहीं हैं और यह अपने आप ही गायब हो जाती है, परंतु उस पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। यदि आपको किसी अन्य बीमारी के लक्षण दिखते हैं, तो अपने चिकित्सक से तुरंत परामर्श लेना सबसे अच्छा रहेगा।

समर नक़वी

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