शिशु

1 महीने के शिशु के लिए खिलौने

आपको ऐसा लग सकता है कि बच्चे को बस बार-बार दूध पीना, सोना, सुसु-पॉटी करना ही अच्छा लगता है पर वास्तव में वह ज्यादातर अपनी आसपास की चीजों को ऑब्जर्व करता है और बाहरी दुनिया को जानने का प्रयास करता रहता है।  

बच्चे के बढ़ते सेंसेस को उत्तेजित करने से उसकी स्किल्स में सुधार होता है इसलिए जरूरी है कि बच्चों को यह भी सिखाया जाए। बच्चों को उनकी सही उम्र में सही चीजें व अनुभव देना जरूरी है ताकि खेलते समय भी उनका विकास हो सके। यहाँ पर एक महीने के बच्चे के लिए कुछ टॉयज के बारे में बताया गया है, आइए जानें ।

ADVERTISEMENTS

हैंड हेल्ड टॉयज

चूंकि इस उम्र में बच्चा खिलौने को पकड़ नहीं सकता है इसलिए यदि उसके पास रहकर आप खिलौने को पकड़ेंगी तो इससे उसे ऑब्जर्व करने का मौका मिलेगा। 

यह कैसे मदद करता है?

ADVERTISEMENTS

इस समय बच्चे को सिर्फ पास का दिखाई देता है और वह दूर की चीजें साफ नहीं देख पाता है। वह ज्यादा से ज्यादा 12 से 15 इंच दूरी पर रखी चीज को देख सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं बच्चा ज्यादा कुछ कर भी नहीं पाएगा और उसके पास रखी चीजों को इंट्रेस्ट से देखेगा। 

कौन से खिलौने लेने चाहिए 

ADVERTISEMENTS

म्यूजिकल टॉयज

म्यूजिकल टॉयज की मदद से बच्चे को आसानी से शांत किया जा सकता है क्योंकि बच्चों को म्यूजिक अच्छा लगता है। जब भी जरूरत हो तब आप म्यूजिकल टॉयज से बच्चे को शांत कर सकती हैं। 

यह कैसे मदद करता है?

ADVERTISEMENTS

म्यूजिक बच्चों व बड़ों, दोनों को ही शांति प्रदान करता है। बच्चा अच्छा म्यूजिक सिर्फ एन्जॉय ही नहीं करता है बल्कि इससे उसे आराम भी मिलता है। आप अपने फोन या रेडियो में सॉफ्ट म्यूजिक लगाएं और देखें कि वह कैसे एन्जॉय करता है। 

कौन से खिलौने लेने चाहिए

ADVERTISEMENTS

सूदर्स

सूदर्स को पैसिफायर भी कहते हैं और यह बहुत आम है जिसका उपयोग बच्चे को शांत करने के लिए या उन्हें व्यस्त करने के लिए किया जाता है क्योंकि कुछ बच्चे चूसने में अधिक व्यस्त रहते हैं।

 यह कैसे मदद करता है?

ADVERTISEMENTS

सूदर्स उन बच्चों के लिए अच्छा है जिनके दाँत निकल रहे होते हैं और यह उनके लिए भी कम्फर्टेबल है जो बच्चे माँ का दूध पीते हैं। बच्चे को खाली बोतल चूसने देने के बजाय आप उसे यह दें और कुछ मांओं के अनुसार अंगूठा चूसने की आदत छुड़ाना सूदर्स चूसने की आदत छुड़ाने से ज्यादा कठिन है। 

कौन से खिलौने लेने चाहिए

ADVERTISEMENTS

  • ब्रेसलेट बिन्कीज
  • ऑर्थोडॉन्टिक या फ्लैट पैसिफायर
  • चेरी पैसिफायर या सूदर
  • सूदर टॉय क्लिप

प्ले जिम

यह आर्क की शेप का पैडेड क्विल्टेड मैट होता है जिसमें बच्चे के लिए कुछ प्रकार के फन अटैचमेंट्स और टॉयज होते हैं।

यह कैसे मदद करता है?

ADVERTISEMENTS

बच्चा कुछ चीजों को बार-बार करके उसके परिणाम देखना चाहेगा इसलिए उसे किसी भी चीज का कारण व प्रभाव सिखाना बहुत जरूरी है। रंग-बिरंगे होने की वजह से इन टॉयज से बच्चे की दृष्टि डेवलप होने में फायदे होते हैं। प्ले जिम मैट पर बच्चे का टमी टाइम अच्छा गुजरता है और आप उसे बढ़ता हुआ देखती हैं। 

कौन से खिलौने लेने चाहिए

ADVERTISEMENTS

  • बेसिक प्लेमैट
  • ओवरहेड आर्क के साथ प्ले जिम और लटके हुए टॉयज
  • लाइट और म्यूजिक के साथ प्ले जिम

पोर्टेबल टॉयज

पोर्टेबल टॉयज को आसानी से उठाया और कहीं भी ले जाया जा सकता है इसलिए ये खिलौने बच्चे के लिए काफी अच्छे हैं। यदि आप बच्चे के साथ कहीं जा रही हैं तो उसे व्यस्त रखने के लिए आपके पास पोर्टेबल टॉयज भी होने चाहिए। 

यह कैसे मदद करता है?

ADVERTISEMENTS

इनसे बच्चे में विभिन्न सेंसेस का विकास होता है, जैसे देखने का, सुनने का, संभालने का और आदि। 

रेकमंडेड टॉयज 

ADVERTISEMENTS

  • रैटल टीदर टॉयज
  • स्क्वीकी टॉयज
  • स्टफ टॉयज

सेंसरी टॉयज

खिलौने को छूने के बाद वह रिएक्ट करता है जिससे बच्चे में सेंसेस का डेवलपमेंट होता है और वे टॉयज के रिएक्शन को समझना शुरू कर देते हैं। 

यह कैसे मदद करता है?

ADVERTISEMENTS

कुछ टॉयज ब्राइट कलर के होते हैं और कुछ में म्यूजिक चलता है पर अन्य खिलौने बच्चे के छूने पर सिर्फ इधर-उधर मूव करते हैं। इन टॉयज से बच्चे को इधर-उधर घूमने व विभिन्न टेक्सचर को छूकर समझने का मौका मिलता है। आप अपने बच्चे को उसके हाथों का उपयोग करके चीजें करने का मौका दें ताकि वे खुद को अच्छी तरह से जान व समझ सकें। 

रेकमंडेड टॉयज 

ADVERTISEMENTS

खिलौने में लगे हुए उम्र के लेबल का क्या मतलब है

बच्चे के खिलौने के पैकेट पर उम्र पेरेंट्स की मदद के लिए लिखी होती है ताकि वे अपने बच्चे की उम्र के अनुसार ही खिलौने खरीदें। यह निम्नलिखित गाइडलाइन्स के आधार पर होती हैं, आइए जानें; 

  • सेफ्टी
  • बच्चे का विकास
  • उम्र के अनुसार बच्चे खिलौने का अनुभव कैसे लेते हैं।
  • उम्र के अनुसार खिलौनों के बारे में पेरेंट्स का विचार।

बच्चों के लिए सेफ्टी टिप्स

बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार ही खिलौने देने चाहिए ताकि उन्हें कोई भी हानि न हो, जैसे चोकिंग या चोट लगना। बच्चों की सुरक्षा से संबंधित यहाँ कुछ सावधानियां दी गई हैं, आइए जानें; 

ADVERTISEMENTS

  • पैकेट में लिखी हुई उम्र पर ध्यान दें क्योंकि कुछ खिलौनों में छोटे-छोटे पार्ट्स भी होते हैं जिनसे बच्चे को चोकिंग हो सकती है।
  • आमतौर पर छोटे टॉयज से बचें।
  • इस बात का ध्यान रखें कि टॉयज जल्दी टूटने नहीं चाहिए।
  • ऐसे टॉयज न खरीदें जिनमें डोरी या कोई लंबी सी चीज लगी हो जिसे बच्चा गलती से मुँह में डाल सकता है।

1 महीने के बच्चे के लिए बेस्ट टॉयज कैसे चुनें?

बच्चे के लिए खिलौने खोज पाना कभी-कभी कठिन हो जाता है क्योंकि ऐसा करते समय बहुत सारी बातें सोचनी चाहिए। बच्चे के लिए टॉयज खरीदते समय आप निम्नलिखित बातों का ध्यान जरूर रखें, आइए जानें;

  • स्टफ टॉयज धोए जाने चाहिए।
  • पेंट किए हुए खिलौने के पेंट में लेड का उपयोग नहीं होना चाहिए।
  • कपड़े या फैब्रिक के खिलौने जल्दी जलने वाले नहीं होने चाहिए।
  • खिलौने बहुत ज्यादा शोर करने वाले नहीं होने चाहिए क्योंकि इससे बच्चे को सुनने की क्षमता पर असर हो सकता है।
  • खिलौने का रंग ब्राइट होना चाहिए ताकि बच्चे में सेंसेस का विकास हो सके।

बच्चों में शारीरिक और मानसिक विकास में मदद के लिए बहुत सारी चीजें हैं इसलिए आप शुरुआती दिनों में उन्हें जरूर सिखाएं। इस बात का ध्यान रखें कि इस उम्र में बच्चे को जेंडर के बारे में नहीं पता होता है और न ही वे बहुत कठिन गेम्स खेल पाते हैं। इससे आपको यह चिंता हो सकती है कि एक महीने के बच्चे के लिए कौन सा खिलौना खरीदें जिसका फंक्शन एक जैसा ही हो। आप बच्चे के साथ व्यस्त रहें ताकि वे खेलना और इंटरैक्ट करना सीख सकें। 

ADVERTISEMENTS

यह भी पढ़ें:

बच्चों के पहले साल के लिए खिलौनों की लिस्ट
छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित खिलौने कैसे खरीदें – 15 महत्वपूर्ण टिप्स

ADVERTISEMENTS

सुरक्षा कटियार

Recent Posts

प्रिय शिक्षक पर निबंध (Essay On Favourite Teacher In Hindi)

शिक्षक हमारे जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह केवल किताबों से ज्ञान नहीं…

3 weeks ago

मेरा देश पर निबंध (Essay On My Country For Classes 1, 2 And 3 In Hindi)

मेरा देश भारत बहुत सुंदर और प्यारा है। मेरे देश का इतिहास बहुत पुराना है…

3 weeks ago

शिक्षा का महत्व पर निबंध (Essay On The Importance Of Education In Hindi)

शिक्षा यानी ज्ञान अर्जित करने और दिमाग को सोचने व तर्क लगाकर समस्याओं को हल…

3 weeks ago

अच्छी आदतों पर निबंध (Essay On Good Habits in Hindi)

छोटे बच्चों के लिए निबंध लिखना एक बहुत उपयोगी काम है। इससे बच्चों में सोचने…

4 weeks ago

कक्षा 1 के बच्चों के लिए मेरा प्रिय मित्र पर निबंध (My Best Friend Essay For Class 1 in Hindi)

बच्चों के लिए निबंध लिखना बहुत उपयोगी होता है क्योंकि इससे वे अपने विचारों को…

4 weeks ago

मेरा प्रिय खेल पर निबंध (Essay On My Favourite Game In Hindi)

खेल हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। ये न सिर्फ मनोरंजन का साधन…

4 weeks ago