20 सप्ताह का बच्चा – विकास, पड़ाव और देखभाल

20 सप्ताह का बच्चा - विकास, पड़ाव और देखभाल

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20वें सप्ताह में, आप अपने शिशु में वृद्धि और विकास के लक्षण साफ तौर पर देख सकती है। यह वह समय भी है जब आप अपने शिशु के व्यवहार में काफी कुछ परिवर्तन देखना शुरू करेंगे। अपने बच्चे को बढ़ते हुए देखने से बेहतर भला और क्या हो सकता है, लेकिन साथ ही साथ आपको यह भी पता होना चाहिए कि आपके बच्चे में किस प्रकार से विकास हो रहा है । इसके अलावा जब बच्चा यहाँ-वहाँ घूमता है, तब उस पर अपनी नजरे बनाए रखें, क्योंकि अब बच्चे को संभालना थोड़ा नियंत्रण से बाहर हो सकता है।

20 सप्ताह के शिशु का विकास

ऐसी कई चीजें हैं जो आपको पता होनी चाहिए जब आपका शिशु 20 सप्ताह का हो जाता है। आप जो बच्चे में बदलाव देख रही हैं वे सिर्फ उसके विकास का हिस्सा है, इसलिए आप परेशान न हों। अभी तो आपका बच्चा बहुत कुछ ऐसा करेगा जिसे देखकर आप और भी आश्चर्य में पड़ जाएंगी।

आपका 20 सप्ताह के शिशु का वजन 5.6 से 6.5 किलोग्राम के बीच हो जाएगा। यह अनुमान लगभग ज्यादातर बच्चों में सही पाया जाता है, लेकिन यह अलग भी हो सकता क्योंकि जरूरी नहीं है कि हर बच्चा एक जैसा विकास करे। अगर आप अपने बच्चे के कम वजन होने या अधिक वजन होने को लेकर चिंतित हैं, तो आप डॉक्टर से सलाह ले सकती हैं और उनसे जान सकती हैं कि ऐसे में क्या किया जा सकता है।

इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए, यहाँ आपकी सहायता करने के लिए उन बातों के बारे में बताया गया है जो आपके बच्चे की देखभाल करने में मदद कर सकते हैं ।

20 सप्ताह के शिशु की विकासात्मक उपलब्धियां

20 सप्ताह के शिशु की विकासात्मक उपलब्धियां 

यहाँ बच्चे से जुड़ी कुछ विकासात्मक उपलब्धियां बताई गई हैं जो वह अपने 20 सप्ताह में कर सकता है:

  • आपने देखा होगा कि कैसे उसने खिलौनों को इधर-उधर बिखेरना शुरू कर दिया है, कैसे वह उनके साथ खेलता है तथा अन्य कई दूसरी छोटी-छोटी चीजें करने लगा है। यह आपके शिशु की एक बड़ी उपलब्धि है।
  • आप बच्चे के व्यवहार में भी परिवर्तन देखेंगी, जो शायद अब तक अपने उनमें पहले कभी देखें हों। कभी-कभी आपको लग सकता है कि आपका बच्चा अन्य लोगों के साथ मेल-जोल करना पसंद नहीं करता है; वहीं आप देखेंगी कि आपका बच्चा अचानक बाकि बच्चों के साथ अच्छे से घुल-मिल रहा है।
  • अब बच्चे के खाने की आदतें भी धीरे-धीरे बदलने लगेंगी और यह आपके बच्चे के विकास को प्रभावित करेगा।
  • इसी दौरान आपके शिशु के दाँत निकलने भी शुरू हो जाएंगे इसलिए इसके जाँच करते रहना महत्वपूर्ण है।
  • आपके 20 सप्ताह के बच्चे का रोना बढ़ सकता है और अब चिड़चिड़ेपन या नाराजगी को जाहिर करने में वे सक्षम हो जाएंगे। लेकिन इसे लेकर चिंता न करें, इस चरण में ऐसा होना बिल्कुल सामान्य है।

स्तनपान

आपके शिशु के जीवन के इस चरण के दौरान बहुत सारी चीजें बदलनी शुरू हो जाएंगी। एक सबसे महत्व पहलू जिसपर आप ध्यान दे सकती हैं और वह है आपके बच्चे के खान-पान की आदतें। यह वह समय है जब आपका बच्चा धीरे-धीरे ठोस भोजन में रुचि दिखाने लगता है। खाने के दौरान वह आपकी प्लेट में मौजूद खाने को पकड़ने की कोशिश भी करेगा। आप उन्हें कुछ भी खाने के लिए दें सकती हैं जिसे वह असानी से चबाकर खा सकें पर ध्यान रहें टुकड़े बहुत ही छोटे होने चाहिए। कुछ चीजें हैं जिन्हे आपको अपने बच्चे को देने से सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि वह आपके बच्चे के गले में अटक सकती है।

सोना

आपका बच्चा अब थोड़ा करवट लेना और पलटी मारना शुरू कर देगा। आप देखेंगी कि उसके सोने के तरीके में कुछ बदलाव हो रहे हैं। साथ ही आप देखेंगी कि आपका बच्चा सोते में कैसे घूम जाता है । लेकिन बच्चा कहीं बिस्तर से गिर न जाए इसके लिए आपको उसकी हरकतों पर नजर रखना बहुत जरूरी होगा। 20 सप्ताह के शिशु में नींद कम होना एक साधारण समस्या है, जो माता-पिता को तब पता चलता है जब उनके बच्चे के सोने के समय में फेर-बदल होने लगता है। आप यह भी देखेंगी कि आपका शिशु समय पर नहीं सो रहा है और उसे सुलाना भी मुश्किल हो रहा है। यदि आप इन मुश्किलों का सामना करती हैं, तो आप उसके सोने के लिए समय-सारणी तय करें, जो उसे सुलाने में परेशानी की समस्या को हल करने में मदद में मदद करे ।

आमतौर पर माता-पिता इस बात को लेकर चिंतित होते हैं कि उनका बच्चा सोते में अपनी स्थिति बहुत बदलता रहता है और इसलिए आप रात में बार-बार उठ कर उन्हें देखती रहती हैं कि वह ठीक से सोया है या नहीं। हालांकि, यह बहुत बार करने की आवश्यकता नहीं है। आप एक या दो बार नजर डाल सकती हैं, लेकिन यह भी याद रखें कि यदि आपका शिशु बहुत ज्यादा घूम रहा है, तो वह जानता है कि उसे कैसे वापस अपनी आरामदायक स्थिति में आना है।

20 सप्ताह के बच्चे की देखभाल के टिप्स

जब आपका शिशु इस चरण में होता है तो बहुत सारी चीजें हैं जिनपर नजर रखना जरूरी है।

  • आपका बच्चा इस समय अन्य लोगों और शिशुओं के साथ बातचीत करना शुरू कर देगा। इसलिए उसका ध्यान रखें, क्योंकि अब वह घर के बाहर भी इधर-उधर चीजों को देखेगा उन्हें समझेगा।
  • उसे केवल वही खाने को दें जो वह खा सके।
  • यह एक ऐसा समय है, जब आपका शिशु अपनी पसंद जाहिर करना शुरू कर सकता है और शायद वह चीजों को करने से इंकार कर दे, जो आप उसे करने को कहेंगी। आपको अपने आपको शांत रखना होगा और उसके साथ धैर्य से पेश आना होगा।
  • उसे स्वास्थ्यकर भोजन खिलाएं और स्तनपान बंद न करें। चूंकि यह वह समय है, जब आपका शिशु तेजी से बढ़ रहा होता है, आप देखेंगी कि अब वह अधिक भोजन की मांग करने लगा है।

जाँच और टीकाकरण

यदि आप टीकाकरण और परीक्षण के बारे में सोच रही हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी होगी और सुनिश्चित करना होगा कि आप टीकाकरण से संबंधित सभी जानकारी से अवगत रहें। अब तक अधिकांश माता-पिता शिशु को पहले से ही निर्धारित टीकाकरण दिला चुके होते हैं ।

हालांकि, आप जाँच कर लें कि आपके बच्चे को ठीक से सारे टीके लगा दिए गए है या नहीं । पिछले कुछ महीनों में आपके बच्चे को जो आम टीके लगाए गए हैं, वह हैं: एम.एम.आर. (खसरा, कण्ठमाला और रूबेला), हेपेटाइटिस ‘ए’ और एम.एम.आर। बस अपने डॉक्टर से अपने शिशु के टीकाकरण और परीक्षणों से जुड़ी जानकारी लेते रहना सुनिश्चित करें। टीकाकरण के दौरान, आपके शिशु को बुखार आ सकता है। यह कई बच्चों में देखा जाता है; हालांकि, यदि आपको लगता है कि आपके शिशु को ज्यादा परेशानी हो रही है तो अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

खेल और गतिविधियां

अब तक आपका शिशु खेलना और मजे करना शुरू कर देगा। अपने बच्चे को अब खेलने देना जरूरी है। इन समय, आप यह देखकर आश्चर्यचकित होंगी कि आपका शिशु कितना रचनात्मक और चंचल है। कुछ ऐसी चीजें जो आप उसे दे सकती हैं, वह हैं कागज, बड़े ब्लॉक और खिलौने जो बहुत छोटे नहीं हों। सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा उन्हें आसानी से पकड़ सके और साथ ही उन्हें खेलने के लिए दिए जाने वाला सामान बहुत छोटा नहीं होना चाहिए क्योंकि वे उनके गले में फंस सकते हैं। जब आपका शिशु खेल रहा हो, तो आप या कोई बड़ा उसके आसपास जरूर रहें और सुनिश्चित करें कि वह किसी खतरनाक चीज से नहीं खेल रहा हो।

आपको अपने शिशु को खेलने और उलटने के लिए आजाद छोड़ दें, लेकिन नजरे बनाए रखें । यह वह अवस्था है जब वह अपने आप से चीजों को करने का आनंद लेगा इसलिए उसे अपनी पसंद की चीजों की पहचान करने दें और उसे अपने खेल और गतिविधियों के साथ रचनात्मक होने दें।

डॉक्टर से परामर्श कब करें

जब आपका बच्चा छोटा होता है, तो बहुत बार डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। अगर बच्चा स्वस्थ है, तब भी चोटों से बचाया नहीं जा सकता है। क्योंकि शिशुओं का शरीर अभी भी विकसित हो रहा है, इसलिए बड़ों की तुलना में वे जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। जिन चीजों पर आपको ध्यान देना चाहिए, वे हैं एलर्जी। शिशुओं को भी एलर्जी हो सकती है और आपको शायद इस बात का पता भी न हो। तो बस अपने शिशु को नया कुछ खिलाने से पहले शिशु पर नए भोजन का परीक्षण करना सुनिश्चित करें। जब आपके शिशु को बुखार हो, तो आपको उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। कभी-कभी, शिशु की त्वचा पर चकत्ते और एलर्जी हो सकती है और आपको पता नहीं होता कि ऐसा कैसे हुआ है। इसलिए अपने शिशु को कोई भी दवाई देने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें। कुछ अन्य चीजें जिन पर आपको नजर रखने की आवश्यकता है, वे हैं दस्त, संक्रमण, सांस लेने की समस्या और आपके शिशु में अन्य असामान्य व्यवहार।

जब आपका शिशु 20 सप्ताह का हो जाता है, तो काफी कुछ चीजें हैं जो आपको उनमें नजर आएंगी। यह सारी चीजें जब आप अपने बच्चे में देखेंगी तो बहुत ख़ुशी महसूस करेंगी। आप अपने बच्चे को हँसते, खेलते, रोते हुए देखेंगी और यहाँ हो सकता है कभी-कभी उनको नटखट हरकतों की वजह से आप उनपर गुस्सा भी करें । लेकिन इस दौरान उनकी सारी गतिविधि उनके बेहतर विकास की ओर इशारा करती है । इसके अलावा, यह वह समय है जब आपका शिशु धीरे-धीरे विकास कर रहा है और अपने आसपास की चीजों के हिसाब से खुद को ढ़ालने की कोशिश कर रहा है। अपने बच्चे की सुरक्षा ख्याल रखें लेकिन उन्हें नई चीजों का भी अनुभव करने दें ।