29 सप्ताह का बच्चा – विकास, पड़ाव और देखभाल

आपका 29 सप्ताह का शिशु - विकास, अहम पड़ाव और देखभाल

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इस समय तक आपका शिशु अपने आसपास के परिवेश से अच्छी तरह परिचित हो जाएगा । जब वे किसी ध्वनि को सुनते हैं, तो उत्तेजित होकर अपने हिसाब से प्रतिक्रिया देने की कोशिश करते हैं। इतना ही नहीं, अब वह चीजों के प्रति अपनी इच्छा जाहिर कर सकते हैं। क्या बच्चे का इस प्रकार से व्यवहार करना सामान्य है? इस लेख में आपके 29 सप्ताह के बच्चे से जुड़ी सभी बातों का उल्लेख किया गया है, जो बच्चे की अच्छे तरीके से देखभाल करने में आपके काफी काम आ सकता है।

29 सप्ताह के शिशु का विकास

29 सप्ताह के शिशु का विकास

आप 29 सप्ताह के बच्चे में कई अलग-अलग प्रकार के विकास को होते हुए देख सकती हैं जो उनमें बहुत तेजी से हो रहे हैं। इस समय जो बच्चे में सबसे प्रमुख विकास देखने को मिलता है वह है उनके ‘दूध के दाँत निकलना’ । इस समय तक उनको दो से तीन दाँत आ जाते हैं। यदि आपको लगता है कि उनके थोड़े टेढ़े-मेढ़े दाँत निकल रहे हैं तो इस बात को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है, यह समय के साथ ये खुद ही ठीक हो जाते हैं। आप उनके हाथ और आँख के बीच बेहतर समन्वय देख सकेंगी। इसके अतिरिक्त, घुटनों के बल चलने के कारण उनके पैरों की मांसपेशियां पहले से अधिक मजबूत हो गई हैं।

लेकिन इस समय केवल उनके शरीर का ही विकास नहीं हो रहा, बल्कि साथ ही साथ उनके मस्तिष्क का विकास भी उतनी ही तेजी से हो रहा है। अब बच्चा आपकी बातों का अर्थ समझने लगेगा। हो सकता है कि वह आपकी बातों पर मौखिक रूप से प्रतिक्रिया देने की कोशिश भी करें, यह देख कर हैरान न हों। इस समय कभी वह बहुत खुश हो सकते हैं तो कभी दुखी होने का भाव प्रकट कर सकते हैं। अब बच्चा अपने आसपास के परिवेश को समझने में सक्षम है, उसे अब समझ में आएगा कि उसके आसपास क्या हो रहा है।

29 सप्ताह के शिशु के लिए अहम पड़ाव

बच्चे से जुड़े कुछ अहम पड़ाव जिन्हें अपने 29 सप्ताह के बच्चे द्वारा पूरा किए जाने की उम्मीद कर सकती हैं, उनमें शामिल हैं:

  • बच्चे की मांसपेशियां मजबूत हो जाएंगी और न केवल अब वह ठीक से बैठने में सक्षम होंगे बल्कि खड़े भी हो सकेंगे। हालांकि, वह अभी खड़े होने के लिए किसी वस्तु, कुर्सी या टेबल का सहारा लेंगे। लेकिन यह भी संभव है कि जो बच्चे समय से पहले विकास कर रहे हैं, वो इस समय तक बिना किसी सहारे के खड़े होने में सक्षम हो सकते हैं। लेकिन ज्यादातर बच्चों की इस समय तक चलने या धीरे-धीरे भी चल सकें ऐसी संभावना नहीं होती है।
  • बच्चे जो बड़बड़ाते हैं, हो सकता है वह आपको अर्थहीन लगे, लेकिन वास्तव में वह अपने आप में एक भाषा है। इसका यह मतलब है कि आपका बच्चा जल्दी ही बोलना शुरू कर देगा।
  • 29 सप्ताह के बच्चे में चिड़चिड़ापन हो सकता है, हालांकि यह उनके पड़ाव में शामिल नहीं है। इस दौरान वह अपने और माँ के बीच दूरी को समझना सीख रहे हैं। आप इसे दो प्रकार से देख सकती हैं, पहला यह कि जब बच्चा रो रहा हो तो उसे थोड़ी देर रोने दे, इस तरह वह खुद से शांत होना सीखेंगे। दूसरा यह कि जब बच्चा रो रहा हो तो उसे तुरंत उठाकर शांत कराएं, क्योंकि ऐसा करने से बच्चा भावनात्मक रूप से खुद को सुरक्षित महसूस करता है ।

स्तनपान

29 सप्ताह में बच्चे काफी बड़े हो जाते हैं और इस समय तक स्तनपान भी लगभग समाप्त हो जाता है या होने वाला होता है। अब बच्चे ठोस आहार लेना शुरू कर चुके होते हैं। हालांकि, अब आपको उन्हें खुद से खाने देना चाहिए । अपनी अंगुलियों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें खुद खाने दें । आप बच्चे की पसंद जानने के लिए उनके सामने कुछ खाद्य पदार्थों को रख सकती हैं, फिर उन्हें यह खुद तय करने दें कि कौन सा खाद्य पदार्थ उनके स्वाद उसके अनुरूप है। इसके अलावा आपको एक बात याद रखनी चाहिए कि इस उम्र में अभी भी बच्चों में गैग रिफ्लेक्स मजबूत होता है। इससे बच्चे गले में खाना फंस जाने संभावना होती है, जो बच्चे के लिए खतरनाक हो सकती है। इसलिए बच्चे को खाना खिलाते समय सावधानी बरतें।

नींद

29 सप्ताह तक बच्चा कई घंटे तक लगातार सो सकता है, लेकिन कुछ मामलों में बच्चे की नींद में बाधा भी पड़ सकती है। इसके कुछ कारण हैं:

  • बच्चों के दाँत निकलना: इस समय तक बच्चे के दूध के दाँत निकलना शुरू हो जाते हैं, इसकी वजह से उन्हें दर्द का अनुभव हो सकता है। स्वभाविक है कि दर्द के कारण बच्चे की नींद पर भी इसका असर पड़ता है ।
  • रात में स्तनपान करना: हालांकि कुछ शिशुओं को अब रात को स्तनपान की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन कई बच्चे दूध पीने के लिए रात में उठ सकते हैं ।    
  • शारीरिक विकास: आपका बच्चा तेज गति से बढ़ रहा है जो उसके मस्तिष्क को भी प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए, एक अध्ययन से पता चला है कि, जब कोई बच्चा घुसकना सीखता है, तो यह उनके नींद को प्रभावित करता है। ऐसी कोई भी नई गतिविधि करने पर उनकी नींद पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।   

29 सप्ताह के बच्चे की देखभाल के लिए टिप्स

  • अपने छोटे बच्चे के लिए वॉकर का उपयोग करने से बचें। हो सकता है आपको ऐसा लगे कि यह उसे बेहतर तरीके से चलने में मदद करेगा, लेकिन यह सच नहीं है। वास्तव में, यह बिलकुल उल्टा है, क्योंकि यह बच्चे की मांसपेशियों को पूरी तरह से उपयोग करने से रोकता है । जिससे उनके विकास पर बुरा प्रभाव पड़ता है, इसके कारण हो सकता है बच्चा खुद देर से चलना सीखे। इसके अलावा वॉकर से बच्चे को चोट लगने का खतरा रहता है । इस समय हर नई चीज को देखकर बच्चे में जिज्ञासा उत्पन्न होती है, वॉकर में लगे पहियों के कारण दुर्घटना होने की संभावनाएं बढ़ जाती है। उदाहरण के लिए, एक बेबीवॉकर से बच्चा किसी भी सहायता के बिना सीढ़ियों के करीब जा सकता है और इससे दुर्घटना हो सकती है।
  • एक 29 सप्ताह का बच्चा हाथ में आई किसी भी चीज को महसूस करने की कोशिश करता हैं । खासकर महंगे चीनी मिट्टी के बरतन और क्रिस्टल ग्लास उनमें एक विशेष रुचि पैदा करते है। जिसे अगर उन्होंने गलती से छोड़ दिया तो इससे उन्हें चोट लग सकती है ।
  • ऐसी सभी अलमारी और दराज को अच्छे से बंद करना याद रखें, जिसमें कोई मूल्यवान या जहरीली चीजें मौजूद हो। अपनी नजर बच्चे पर बनाएं रखें ताकि उनके कोई नुकसान न पहुँचे।
  • दाँतों के निकलने के कारण, बच्चे को हल्का बुखार आ सकता है। यदि यह बहुत तेज नहीं है, तो आप इसे कम करने के लिए डॉक्टर के पास जाने के बजाय, आप उन्हें कुछ ठंडे खाद्य पदार्थ खिला सकती हैं जिससे उनको आराम मिलेगा।
  • बच्चे को करंट लगने से बचाने के लिए किसी भी प्रकर की बिजली वाली चीजों से दूर रखें। आप घर में स्कॉच-टेप का उपयोग करके सभी बिजली के स्रोत को बंद कर दें।
  • जैसे-जैसे वो अधिक सक्रिय होते जाएंगे, आपको बहुत सारी चीजों के लिए उन्हें जबरन मना करना होगा। लेकिन हर बार उन्हें हर चीज के लिए मना करने से हो सकता है आपकी बातों को अनदेखा कर दें। इसके बजाय, आप उनका ध्यान ऐसी चीजों की ओर मोड़ दें जिसमें उनकी जिज्ञासा उत्पन्न हो जाए और इस प्रकार आप बच्चे को उस कार्य को करने से रोक सकेंगी जिसे आप रोकना चाहती थी।

जाँच और टीकाकरण

इस समय के दौरान आवश्यक रुप से बच्चे को दिए जाने वाले कुछ जरूरी टीकाकरणों में शामिल हैं:

  • डी.टी.ए.पी (डिप्थीरिया, टिटनस, काली खाँसी-पर्टुसिस)
  • हेपेटाइटिस बी
  • एच.आई.बी
  • रोटावायरस 

यदि आपके परिवार में किसी को टी.बी. तो बच्चे का परीक्षण जरूर करा लें।

खेल और गतिविधियां

1. स्विमिंग

क्या आप जानती हैं कि शिशुओं को तैरना पसंद है? वे मात्र 6 सप्ताह की उम्र से तैरना शुरू कर सकते हैं और बहुत अच्छी तरह से तैर सकते हैं। यह गतिविधि मांसपेशियों के समग्र विकास में सुधार करने में मदद करता है। हालांकि, हो सकता है कि ज्यादातर माता-पिता ऐसा करने में हिचकिचाएं जो कहीं न कहीं सही भी है। कुछ चीजें हैं जिसे आपको इस गतिविधि को करते वक्त ध्यान में रखना चाहिए। सबसे पहले, सुनिश्चित करें कि आप अपने बच्चे को केवल गर्मियों के दिनों में तैराकी के लिए ले जाएं। पानी का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं होना चाहिए । उन्हें शुरुआत में केवल 10  मिनट तक के लिए ही पानी में छोड़े, जिसे आप बाद में 30 मिनट तक बढ़ा सकती हैं। जिस क्षण आप उन्हें कंपकंपाते हुए देखें, उन्हें तुरंत पानी से बाहर निकाल लें और एक तौलिए का इस्तेमाल करते हुए उनका शरीर सुखा लें। आप हल्का गर्म दूध बोतल में डालकर बच्चे को दें, इससे बच्चे के शरीर में गर्मी पहुँचेगी।

2. गेंद ढूंढना

यह एक सरल खेल है, जिसे आप घर के अंदर बच्चे के साथ खेल सकती है। इससे उनकी चीजों को पहचानने की क्षमता बेहतर होगी । आप बच्चे के लिए एक अच्छी सी गेंद लें और इसे आसपास कहीं छिपा दें। छिपाने की जगह आसान होनी चाहिए ताकि बच्चा गेंद को जल्दी ढूंढ सके। इस प्रकार की गतिविधि में बच्चे बहुत रूचि दिखाते हैं । 

डॉक्टर से परामर्श कब करें

  • यदि उसको बुखार है और तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाए और कम होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हों।  
  • आपका बच्चा आपको या परिवार के लोगों को देखकर कोई भाव प्रदर्शित नहीं करता है।
  • ज्यादा बातचीत नहीं करता है और इस समय जितना उसे चंचल या सक्रिय होना चाहिए उतना सक्रिय नहीं है । इसके अलावा लोगों से घुलने-मिलने के बजाय अलग रहता है।

तो, ये कुछ मूल बातें हैं, जिन्हें आपको 29 सप्ताह के बच्चे के सर्वोत्तम विकास के बारे में जानना चाहिए।