6 माह के शिशु के आहार संबंधी सुझाव

6 माह के शिशु के आहार संबंधी सुझाव

Last Updated On

बधाई हो, आपके बच्चे ने आधे साल के पड़ाव को पार कर लिया है। शिशु ने शुरूआती छह महीनों में माँ के दूध से सभी पोषक तत्वों को प्राप्त किया होगा। अब उसके ठोस पदार्थों का स्वाद और उसके अपने आसपास के खाद्यपदार्थों का आनंद लेने का समय आ गया है।

6 माह के शिशु के लिए पोषण संबंधी आवश्यकताएं

यहाँ 6 माह के शिशु के खाने में आवश्यक पोषण संबंधी घटक के बारे में बताया गया हैं:

  1. कैल्शियम: भोजन में कैल्शियम, शिशु हड्डियों और दाँतों के विकास के लिए आवश्यक है।
  2. लौह तत्व: लौह तत्व शरीर के सभी विकासशील अंगों में ऑक्सीजनयुक्त रक्त के प्रवाह में मदद करता है।
  3. जिंक: यह घटक कोशिकाओं को ठीक करता है और विकास में मदद करता है।
  4. वसा: वसा, शिशु में ऊर्जा और मानसिक विकास को उत्तेजित करने में मदद करता है।
  5. कार्बोहाइड्रेट: कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत होता है जो शिशु को दिनप्रतिदिन की गतिविधियों के लिए शक्ति प्रदान करता है।
  6. प्रोटीन: शिशु के विकास में यह कोशिकाओं के लिए मूल रूप से कार्य करता है।
  7. विटामिन: विभिन्न विटामिन शिशु के विकास में अलगअलग योगदान देते हैं और विटामिन ए, बी1, बी2, बी3, बी6, बी12, सी, डी, ई और के शिशु के लिए आवश्यक हैं।
  8. खनिज: खनिज पदार्थ, जैसे सोडियम और पोटैशियम शिशु के विकास पर प्रभाव डालते हैं।

6 माह के शिशु के लिए कितना भोजन ज़रूरी है?

आमतौर पर 6 माह के शिशु को अब भी मुख्य रूप से स्तनपान कराया जाता है या फ़ार्मूला दूध पिलाया जाता है। उसे दिन में एक बार नाश्ता या दोपहर के खाने में ठोस भोजन दिया जा सकता है । अपने लाडले को लगभग 3 दिनों सिर्फ एक प्रकार का भोजन या फल खिलाएं। यदि उसकी प्रतिक्रिया में कोई भी हानिकारक चिन्ह या किसी भी प्रकार की एलर्जी के लक्षण नहीं दिखते हैं तो आप शिशु को वही फल या सब्जी और अन्य प्रकार के ठोस खाद्य पदार्थ खिलाने का प्रयास कर सकती हैं।

6 माह के शिशु के लिए सर्वश्रेष्ठ खाद्य पदार्थ

6 माह के शिशु के लिए सर्वश्रेष्ठ खाद्य पदार्थ

बाल रोग विशेषज्ञों की सलाह अनुसार, एक वर्ष की आयु तक के शिशुओं को नमक और चीनी देने से बचना चाहिए क्योंकि यह उनके गुर्दे पर दबाव डालता है। छह महीने के शिशु के लिए स्वस्थ भोजन के विकल्प इस प्रकार हैं:

  • फलों की प्यूरी: शिशु को पहली बार ठोस खाद्य पदार्थ देने के लिए फल या सब्जी को भाप में पकाकर मसल लें या प्यूरी बना लें। इन में से कुछ फल शिशु के लिए बेहतरीन हो सकते हैं, जैसे सेब, केला, नाशपाती, एवोकाडो, चीकू और आड़ू।
  • सब्जी की प्यूरी: कई सब्जियां जैसे शकरकंद, आलू, गाजर, मीठा कद्दू, फ्रेंच बीन्स इत्यादि को भाप में पकाकर लंबे कटे हुए टुकड़े दें या प्यूरी बना कर शिशु को खिलाएं।
  • दाल का सूप: विभिन्न प्रकार की फलियां, विशेषकर दाल का पानी शिशु को दें ।
  • चावल का दलिया (पॉरिज): चावल शिशुओं के लिए कार्बोहाइड्रेट और विटामिन का एक बेहतरीन स्रोत है। चावल के टुकड़ो को माँ के दूध या फॉर्मूला दूध में पकाकर दलिया के रूप में दिया जा सकता है।
  • अनाज (सीरियल) का दलिया: दलिया अनेक प्रकार के अनाज, जैसे गेहूँ, जौ, ओट्स, बाजरा और इत्यादि से भी बनाया जा सकता है । इन अनाजों को सुखाकर एक साथ या अलग अलग पीस लें और दलिया के रूप में पकाकर शिशु को दें।
  • सब्जी का सूप: विभिन्न प्रकार की सब्जियों को उबालकर, उसके पानी को सूप के रूप में उपयोग करें।
  • दही: हालांकि शिशु को एक वर्ष की आयु तक गाय का दूध न देने की सलाह दी जाती है किन्तु आप इसके दही में बिना चीनी मिलाए शिशु को प्यूरी के रूप में दे सकती हैं ।

शिशु को किसी विशेष खाद्य पदार्थ से एलर्जी होने के संकेत

शिशु को किसी भी प्रकार के भोजन को खाने से दस्त, उल्टी, चकत्ते, कब्ज़ या पेट में दर्द की समस्या, एलर्जी हो सकती है और यह एक चिंता का विषय है। अगर किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थ से एलर्जी के लक्षण दिखाई देते हैं तो शिशु को वह भोजन न खिलाएं और यदि यह लक्षण अत्यधिक प्रभावी हैं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। यदि आप चाहें तो कुछ महीनों के बाद चिकित्सीय सलाह लेकर वह खाद्य पदार्थ शिशु को दे सकती हैं।

6 माह के शिशु के लिए भोजन सारणी

शिशु को नियमित ठोस खाद्य पदार्थ देने के लिए आप आहार की योजना या चार्ट बना सकती हैं और जितना मुमकिन हो इस चार्ट का अनुसरण करें। नीचे दिया हुआ चार्ट आपके 6 माह के शिशु की पसंद अनुसार उसके नियमित आहार की अनुसूची बनाने में आपकी मदद कर सकता है।

दिन

सुबह का नाश्ता

दोपहर का भोजन

रात का भोजन

सोमवार

माँ का दूध / फॉर्मूला दूध

सेब की प्यूरी

सोने का समय

सब्जी का सूप

माँ का दूध/फॉर्मूला दूध

चावल का दलिया (पॉरिज)

सोने से पहले माँ का दूध/फॉर्मूला दूध

मंगलवार

गाजर की प्यूरी

किसी भी फल की प्यूरी

अनाज (सीरियल) का दलिया

बुधवार

चावल का दलिया

शकरकंद की प्यूरी

फलों की प्यूरी

गुरूवार

रागी का दलिया

मसला हुआ केला

उबला सेब

शुक्रवार

दालचीनी के साथ उबला हुआ सेब

दाल का पानी/सूप

सूजी की खीर

स्रोत:

  • https://www.beinghappymom.com/indian-food-chart-6-months-baby/
  • http://www.shishuworld.com/food-chart-menu-for-6-months-old-baby/

6 माह के शिशु के लिए व्यंजनों की विधियां

यहाँ विशेषकर 6 माह के शिशुओं के लिए कुछ अलगअलग स्वाद व सुगंध से परिपूर्ण भारतीय व्यंजनों की विधियां दी गई हैं, जिन्हें आप अपने बच्चे को भी खिला सकती हैं ।

1. दालचीनी के साथ उबला हुआ सेब

सामग्री:

  • सेब – 1
  • पानी
  • दालचीनी का पाउडर

विधि:

  • उबलते हुए पानी में छिले और कटे सेब के टुकड़ों को उबाल लें।
  • प्रेशर कुकर में भी दो से तीन सीटी तक सेब पका सकते हैं (वैकल्पिक)
  • उबले हुए सेब लें और इसे ब्लेंडर या मिक्सी में पीस लें। आप इसे थोड़े बड़े छेदों वाली छलनी से छान भी सकती हैं।
  • मसले हुए सेब में, एक चुटकी या उससे कम दालचीनी का पाउडर डालें और अच्छी तरह मिलाएं।

2. आम की प्यूरी

सामग्री:

  • आम – 1

विधि:

  • आम को छीलकर उसका गूदा निकाल लें।
  • ब्लेंडर में गूदे को ब्लेंड करके पेस्ट बना लें या किसी छलनी से उसे छान लें।
  • फलों की प्राकृतिक मिठास के कारण आप इसे ऐसे ही खिला सकती हैं।

3. ओट्स का दलिया

सामग्री:

  • ओट्स पाउडर – 1 कप
  • पानी
  • माँ का दूध या फॉर्मूला दूध आवश्यकता अनुसार
  • केला – ½

विधि:

  • एक बर्तन में 2 कप पानी उबालें।
  • उबलते हुए पानी में एक कप ओट्स डालें और उसे धीरेधीरे चलाते रहें, खयाल रखें उसमें गांठ न पड़े ।
  • ओट्स अच्छी तरह से पकने के बाद उसमें 2 बड़े चम्मच दूध डालें।
  • आप स्वाद बढ़ाने के लिए इस व्यंजन में मसला हुआ केला मिला सकती हैं।

4. मीठे कद्दू की प्यूरी

मीठे कद्दू की प्यूरी

सामग्री:

  • मीठा कद्दू – ¼
  • पानी

विधि:

  • एक छोटा कद्दू छील लें और उसका ¼ भाग काटकर, छोटेछोटे टुकड़ों में कर लें।
  • लगभग 2 कप पानी उबाल लें, फिर उसमें कद्दू के टुकड़े डालें और ढककर अच्छी तरह से पकने दें ।
  • पके हुए कद्दू को मसल कर पतला मिश्रण बना लें, इस सब्जी की प्राकृतिक मिठास के कारण व्यंजन का स्वाद मीठा होता है । आप इसे शिशु को ऐसे ही खिला सकती हैं।

5. चावल का दलिया

सामग्री:

  • चावल का पाउडर – 1 कप
  • पानी
  • माँ का दूध/फॉर्मूला दूध आवश्यकता अनुसार

विधि:

  • एक बर्तन में लगभग 2 कप पानी उबाल लें।
  • उबले हुए पानी में एक कप चावल का पाउडर धीरेधीरे डालते हुए पकाएं, खयाल रखें व्यंजन में गांठ न बने।
  • पके हुए चावल में 2 बड़े चम्मच दूध डालकर अच्छी तरह से मिलाएं।

6. आलू की प्यूरी

सामग्री:

  • आलू – 2
  • माँ का दूध/फॉर्मूला दूध – आवश्यकता अनुसार

विधि:

  • ऐसे आलू को चुनें जो मुलायम न हों या उसमें दरार न हो।
  • आलूओं को धोकर छील लें और छोटेछोटे टुकड़ों में काट लें।
  • आधा कूकर पानी में कटे हुए आलू डालें और 1-2 सीटी आने तक पकाएं।
  • उबले आलू को एक कटोरे में निकालकर चम्मच से मैश कर लें।
  • उसमें दूध मिलाएं।
  • स्वादिष्ट आलू की प्यूरी तैयार है।

7. लौकी की प्यूरी

सामग्री:

  • लौकी – 1/2
  • मूंग की दाल – 1 बड़ा चम्मच
  • जीरा पाउडर – एक चुटकी

विधि:

  • लौकी को धोकर छीलें और लगभग आधी लौकी को छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • कूकर में 50 मि.ली. पानी लें और उसमें लौकी के टुकड़े और मूंग की दाल मिला दें।
  • मिश्रण को लगभग माध्यम आँच में 2 सीटी आने तक पकाएं।
  • ठंडा होने के बाद उसे मैश या ब्लेंड कर लें। फिर उसमें जीरा पाउडर (वैकल्पिक) मिलाकर या ऐसे ही परोसें।

खाना खिलाने हेतु उपयोगी सुझाव

माँओं के लिए शिशु को खाना खिलाना एक कठिन कार्य भी हो सकता है। आपके बच्चे के लिए खाने के समय को अच्छा और तनावमुक्त बनाने के लिए यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं।

  • हमेशा एक या दो चम्मच के साथ शिशु को धीरेधीरे खिलाने से शुरुआत करें, यदि शिशु को भोजन का स्वाद अच्छा लगता है तभी उसे अधिक मात्रा में खिलाएं।

  • एक बार में केवल एक नए भोजन का स्वाद चखाएं और उसकी प्रतिक्रिया के बाद ही दूसरा व्यंजन खिलाने का प्रयास करें।

  • 3 दिवसीय प्रतीक्षा नियम का पालन करें और शिशु द्वारा लिए गए सभी नए व्यंजनों का नाम लिख कर रखें ताकि एलर्जी की प्रतिक्रिया होने पर समस्या का निवारण किया जा सके।

  • 6 माह के शिशुओं को सख्त या गांठ वाला भोजन न खिलाएं क्योंकि यह कभीकभी उल्टी आने या दम घुटने का कारण बनता है।

  • शिशु को भोजन कराने के लिए शांत व स्वच्छ जगह ही चुनें, जैसे आपका कमरा रसोई घर।

  • शिशु को भोजन खिलाते समय उसका ध्यान बंटने से रोके, जैसे खयाल रखें कि शिशु भोजन करते समय टीवी न देख रहा हो और न ही मोबाइल में व्यस्त हो।

  • प्लास्टिक के बर्तनों के बजाय स्टील या काँच के कटोरों में शिशु के भोजन को तैयार कर के रखें।

  • 6 माह के शिशु को केवल घर का बना खाना ही दें क्योंकि उनका पाचन तंत्र अभी भी अपरिपक्व है।

शिशुओं के लिए ठोस खाद्य पदार्थ शुरू करने में मुश्किलें आ सकती हैं और अक्सर माएं इस बात पर परेशान रहती हैं कि उनके बच्चे के लिए कौन सा खाद्य पदार्थ सही है । ज्यादातर, शिशु ऐसा भोजन चखना पसंद करते हैं जिसमें कई प्रकार का स्वाद, बनावट और रंग होता है। उन्हें स्वादिष्ट भोजन देना, उनके स्वस्थ और स्वादिष्ट व्यंजनों के विकल्पों को और व्यापक बनाने में मदद करता है।