बाल दिवस पर छोटे और बड़े बच्चों के लिए निबंध

बाल दिवस पर छोटे और बड़े बच्चों के लिए निबंध

बाल दिवस एक ऐसा अवसर है, जो कि हम में से ज्यादातर लोगों के लिए बचपन से ही बहुत खास रहा है। हर 14 नवंबर को बच्चों के साथ चिल्ड्रेन्स डे को बहुत ही जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है। जब हम बच्चे थे, तो हमने हर साल चिल्ड्रेन्स डे का भरपूर लुत्फ उठाया और अब हमारे बच्चों की बारी है, कि वे बाल दिवस के इस मौके का भरपूर आनंद उठा सकें। 

अपने बच्चे को इस दिन के बारे में थोड़ी अधिक जानकारी देने के लिए और इसके महत्व को समझाने के लिए, हम बाल दिवस पर आधारित कुछ छोटे-बड़े निबंध लेकर आए हैं, जिन्हें आप अपने बच्चे को पढ़कर सुना सकते हैं। 

बाल दिवस पर छोटे बच्चों के लिए पैराग्राफ और निबंध

इस बाल दिवस पर आपका बच्चा सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए और उसे इसका कारण भी पता होना चाहिए। यहां पर हिंदी में चिल्ड्रेन्स डे के ऊपर कुछ पैराग्राफ दिए गए हैं, जिन्हें आपको अपने बच्चे को जरूर सुनाना चाहिए। 

1. बाल दिवस पर छोटा और आसान पैराग्राफ

हर साल 14 नवंबर को हम बाल दिवस मनाते हैं। इस दिन हमारे पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल लाल नेहरू का जन्मदिन मनाया जाता है, जिन्हें हम चाचा नेहरू के नाम से भी जानते हैं। जवाहरलाल नेहरू को बच्चों से बहुत प्यार था और बच्चे भी चाचा नेहरू से बहुत प्यार करते थे। इसलिए उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। जवाहरलाल नेहरू का मानना था, कि बच्चे देश का भविष्य हैं और इसलिए वे बच्चों की पढ़ाई पर अधिक जोर दिया करते थे। इस दिन बच्चों को गिफ्ट में बहुत सारे खिलौने, कपड़े, मिठाईयां, किताबें आदि दी जाती हैं और बच्चों की फिल्में भी दिखाई जाती हैं। बाल दिवस के अवसर पर पूरे देश में गाने, डांस और नाटक जैसे प्रोग्राम किए जाते हैं और इस प्रकार पूरे देश में बहुत ही उत्साह के साथ बाल दिवस मनाया जाता है। 

2. बाल दिवस पर संक्षिप्त और आसान निबंध

भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का मानना था कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं। वे बच्चों की शिक्षा को बहुत जरूरी मानते थे, क्योंकि अच्छी शिक्षा से ही बच्चे देश के अच्छे नेता बन सकते हैं। वे बच्चों से बहुत प्यार करते थे और बच्चों को भी उनसे बहुत प्रेम था। इसलिए बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे। और इसलिए चाचा नेहरू के जन्मदिन 14 नवंबर को पूरे देश में बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है। 

चाचा नेहरू का जन्मदिन मनाने के लिए और भारत के बच्चों को खास महसूस कराने के लिए लोग बहुत उत्साह के साथ बाल दिवस मनाते हैं। स्कूल, ऑफिस, सरकारी और गैर सरकारी ऑर्गेनाइजेशन बच्चों के लिए कार्यक्रम करते हैं। इसमें कई तरह के खेल, नृत्य, गाना, प्रतियोगिता, नाटक, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आदि जैसे कार्यक्रम किए जाते हैं और बच्चों को कई तरह के गिफ्ट देकर उन्हें खास महसूस कराया जाता है। चाचा नेहरू के सपने को सच करने के लिए बच्चों को अच्छी शिक्षा देनी जरूरी है, ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें। बाल दिवस के दिन बच्चों को खास महसूस कराना चाहिए और उनके बचपन को भरपूर जीना चाहिए। 

बाल दिवस पर देनी है बच्चों को शुभकामनाएं

3. बाल दिवस पर छोटा निबंध

बाल दिवस एक ऐसा अवसर है, जिसमें बचपन को बहुत महत्व दिया जाता है और छोटे बच्चों को बहुत खास महसूस कराया जाता है। हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है। भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर को हुआ था। वे बच्चों से बहुत प्यार करते थे और बच्चों की शिक्षा को बहुत महत्व देते थे। उनका मानना था, कि बच्चे ही देश के भविष्य के नेता बनेंगे। वे कहते थे, कि छोटी उम्र में बच्चों को सही दिशा में डाला जा सकता है। इसलिए उन्हें जिम्मेदार और बेहतर नागरिक बनाने के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। यही कारण है कि 1964 में उनकी मृत्यु के बाद उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

बच्चों के प्रति चाचा नेहरू के प्रेम और उनके नजरिए को याद करने के लिए पूरे देश में इस अवसर को बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन स्कूलों में फैंसी ड्रेस, गाना, नृत्य, नाटक आदि जैसे कई तरह के कार्यक्रम किए जाते हैं। इस दिन बच्चों को सबसे खास महत्व दिया जाता है और उन्हें बहुत सारे उपहार दिए जाते हैं और उन्हें खुश करने के हर संभव प्रयास किए जाते हैं। कई एनजीओ भी गरीब बच्चों को भोजन, कपड़े, किताबें आदि जैसे सामान उपलब्ध कराते हैं। बाल दिवस को मनाने के वास्तविक कारण को याद रखना जरूरी है, ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के चाचा नेहरू के सपने को आगे बढ़ाया जा सके और वे आगे चलकर देश के अच्छे नागरिक बन सकें। 

शिक्षा

बाल दिवस पर बड़े बच्चों के लिए निबंध

इस भाग में हम आपके लिए बाल दिवस पर बड़ा निबंध लेकर आए हैं, जिसे आप अपने बच्चों को पढ़कर सुना सकते हैं। अगर आपका बच्चा थोड़ा बड़ा है और उसे चिल्ड्रेन्स डे पर निबंध लिखने के लिए आपके सहयोग की जरूरत है, तो भी यह आपके लिए मददगार साबित हो सकता है। 

1. बड़े बच्चों के लिए बड़े निबंध

बाल दिवस 14 नवंबर को मनाया जाता है, जो कि हमारे भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन है। जवाहरलाल नेहरू इंडियन नेशनल कांग्रेस के सदस्य थे और अंग्रेजो के खिलाफ लंबे स्वतंत्रता संग्राम का भी एक हिस्सा थे। नेहरू को बच्चों से विशेष प्रेम था। वे बच्चों की शिक्षा का बहुत समर्थन करते थे और वे अक्सर यह कहा करते थे, कि बच्चे देश के भविष्य के नेता हैं। वे हमेशा इस बात पर दबाव डालते थे, कि देश के अच्छे नागरिक बनने के लिए बच्चों का अच्छा पालन पोषण बहुत जरूरी है और इसे पाने के लिए अच्छी शिक्षा ही एक मार्ग है। उनका यह भी मानना था, कि एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में बच्चों को सीखने और बढ़ने के लिए पर्याप्त मौके दिए जाने चाहिए। वे बच्चों के बीच बहुत लोकप्रिय थे, इसलिए बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरू कह कर पुकारते थे। 1964 ईसवी में उनकी मृत्यु के बाद संसद भवन में एक आधिकारिक संकल्प लिया गया, जिसके अनुसार उनके जन्मदिन यानी कि 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया, ताकि इस दिशा में उनके काम और सपने को याद किया जा सके। 

चाचा नेहरू के इस नजरिये को जीवित रखने के लिए कि प्रयास के रूप में देशभर में कई ऑर्गेनाइजेशन हर साल बाल दिवस को बहुत ही जोश के साथ मनाते हैं। 14 नवंबर को बहुत से नेता और अधिकारी पंडित नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। स्कूलों में शिक्षक इस मौके को यादगार बनाने के लिए बच्चों के लिए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित करते हैं। कुछ स्कूलों में प्रधानाचार्य बचपन और बच्चों की शिक्षा के महत्व पर भाषण भी देते हैं। इस दिन शिक्षक बच्चों को खेलने या अपने पसंदीदा गतिविधि के लिए क्लास के दौरान खाली समय भी देते हैं। कुछ स्कूल इस दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित करते हैं, जिसमें कई तरह की मजेदार गतिविधियां शामिल होती हैं। इनमें संगीत, नृत्य, खेलकूद, नाटक, निबंध-कविता लेखन प्रतिस्पर्धा, वाद-विवाद प्रतिस्पर्धा आदि जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। बाल दिवस के दिन अक्सर सभी स्कूल बच्चों को यूनिफॉर्म की बजाए रंग बिरंगे कपड़े पहनने की अनुमति देते हैं। इससे बच्चों को बहुत खुशी मिलती है और माहौल बहुत ही खुशनुमा बन जाता है। विभिन्न प्रकार के प्रतियोगिता के बाद बच्चों को इनाम भी दिए जाते हैं और बच्चों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था भी की जाती है। इनमें मिठाइयां, चॉकलेट, नमकीन, फल के साथ-साथ पेय पदार्थ भी दिए जाते हैं। कुछ स्कूल बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस कंपटीशन भी संपादित करते हैं, जिसमें बच्चे अपने पसंदीदा व्यक्तित्व के जैसी वेशभूषा के साथ प्रदर्शन करते हैं। 

इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की थीम अक्सर शिक्षा के महत्व के इर्द-गिर्द घूमती है। इस दौरान जो नाटक आदि प्रदर्शित किए जाते हैं, वे अक्सर बच्चों को शिक्षा और खेल कूद के प्रति प्रोत्साहन देते हैं, क्योंकि इससे उन्हें बढ़ने में मदद मिलती है। निबंध प्रतियोगिता परिवार के साथ पसंदीदा यादें, पसंदीदा खेलकूद या पसंदीदा कार्यक्रम जैसी चीजों पर केंद्रित होती हैं। खेलकूद से लेकर प्रतियोगिता और खानपान तक हर चीज को बच्चों की खुशी को ध्यान में रखते हुए ऑर्गेनाइज किया जाता है। 

कोआपरेटिव सोसायटी और गैर सरकारी संगठनों के लिए चिल्ड्रेन्स डे पंडित नेहरू के विचारों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक अच्छा मौका होता है। हम सब जानते हैं, कि हमारे देश में बहुत असमानता है – बहुत से बच्चे बेघर हैं, अनाथ है और उनके पास शिक्षा का भी कोई माध्यम नहीं है। गैर सरकारी ऑर्गेनाइजेशन बाल दिवस को सेलिब्रेट करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम चलाते हैं, जिसमें लोग ऐसे बच्चों को दान देकर उनके जीवन को बेहतर बना सकते हैं। इस दिन वे लोगों को बच्चों की शिक्षा का माध्यम बनने के लिए और पैसे डोनेट करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। गैर सरकारी ऑर्गेनाइजेशन बच्चों के साथ इस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए अनाथ आश्रम भी जाते हैं। वे उन्हें खाना, खिलौने, कपड़े आदि देते हैं। इनमें से कुछ लोग बच्चों को किताबें भी दान करते हैं, ताकि बच्चों को पढ़ने और भविष्य की कल्पना करने के लिए प्रोत्साहन मिल सके। सोसाइटी में भी चिल्ड्रेन्स डे के खास मौके पर सभी परिवारों को एक साथ मिलकर इस दिन का आनंद उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। वे कई तरह की प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम भी आयोजित करते हैं और बच्चों को इनमें भाग लेने के लिए प्रेरित करते हैं। बाल दिवस जैसे मौके बच्चों को एक दूसरे को जानने और आनंद उठाने के लिए एक बहुत ही अच्छा तरीका है। 

बाल दिवस पर हर तरफ खुशी और अपनेपन का वातावरण होता है। कुल मिलाकर यह दिन बचपन को सेलिब्रेट करने का बेहतरीन अवसर है।

अन्य सेलिब्रेशन

चिल्ड्रेन्स डे केवल स्कूलों तक ही सीमित नहीं है – कई गैर सरकारी ऑर्गेनाइजेशन भी खुशी, प्रेम और जागरूकता फैलाने के लिए इस दिन का भरपूर इस्तेमाल करते हैं। कई गैर सरकारी ऑर्गेनाइजेशन निम्न वर्ग के गरीब बच्चों को प्रभावित करने वाली सामाजिक असमानताओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कई तरह के कार्यक्रम चलाते हैं। इन संस्थानों के कार्यकर्ता अनाथालय जाते हैं और बच्चों के साथ नाचते, गाते, खेलते और उन्हें कहानियां सुनाते हुए उनके साथ दिन बिताते हैं। वे बच्चों में कपड़े, खिलौने, किताबें, मिठाईयां आदि भी बांटते हैं। रेजिडेंशियल कंपलेक्स में रहने वाले लोगों के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं, क्योंकि इससे डोनेशन और सहयोग मिलने में मदद मिलती है। टीवी पर बाल दिवस के दिन खास कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं और इस प्रकार यह दिन पूरे देश में मनाया जाता है। 

निष्कर्ष

बाल दिवस एक ऐसा अवसर है, जिसके द्वारा देश के लिए पंडित नेहरू के नजरिए को याद किया जाता है। उनका मानना था, कि वास्तविक प्रगति बच्चों की शिक्षा में निहित है और 14 नवंबर इस बात को समझने और इसके लिए काम करने का एक सुनहरा अवसर है। इस उम्र में बच्चे को किसी भी आकार में ढाला जा सकता है और उन्हें सिखाई गई अच्छी बातें उनके जीवन को बेहतर दिशा दे सकती हैं। 

अपने बच्चे की छोटी-छोटी उपलब्धियों और जीत को सेलिब्रेट करने के लिए बाल दिवस एक बहुत ही अच्छा मौका है। आइए इस परंपरा को जीवित रखें और चिल्ड्रेन्स डे 2022 को बिल्कुल उसी उत्साह के साथ मनाएं जिसका सपना हमारे नेताओं ने देखा था।

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