बड़े बच्चे (5-8 वर्ष)

बच्चे को जल्दी सुलाने के लिए 10 प्रभावी टिप्स

जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, सभी माता-पिता जानते हैं कि उन्हें समय पर सुलाना एक बेहद मुश्किल काम है। जैसे-जैसे सोने का समय आता है, उनकी एक्टिविटी का लेवल बढ़ता जाता है। यह वह समय है जब हर माता-पिता को स्ट्रिक्ट होना चाहिए क्योंकि हम सभी अपने अनुभव से जानते हैं कि यदि बच्चे देर तक जागते हैं, तो इसका मतलब है कि उन्हें अगले दिन स्कूल के लिए जगाना प्रैक्टिकली संभव नहीं है। तो, ऐसे में आपके दुख को खत्म करने के लिए हमारे पास कुछ उपयोगी टिप्स हैं जो आपके बच्चों को आसानी से सोने में मदद करेंगे।

पेरेंट्स के लिए बच्चे को जल्दी सुलाने के 10 उपयोगी टिप्स

अपने बच्चों को रात में बेड पर लिटाना कुछ माता-पिता के लिए मुश्किल भरा होता है। तो, आपकी मदद करने के लिए नीचे कुछ उपयोगी टिप्स दिए गए हैं।

ADVERTISEMENTS

1. एक रूटीन सेट करें

क्या यह सोचना दूर की बात होगी कि आप अपने बच्चे के शरीर को नींद महसूस करने के लिए ट्रेन कर सकती हैं? उसे एक ऐसी दिनचर्या की आदत डलवाएं जहां वह बिना किसी रोक के नींद महसूस कर सके। उदाहरण के लिए.रात का खाना, उसके बाद होमवर्क, फिर बाद में एक गिलास दूध और अंत में बिस्तर पर जाना।

2. नींद के लिए अच्छा माहौल बनाएं

स्टडीज से पता चला है कि बच्चे की आस-पास की चीजें उसकी नींद को निर्धारित करने में एक अहम भूमिका निभाती हैं। इनमें शोर का लेवल कम, हल्की रोशनी की व्यवस्था और कमरे का सही तापमान शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि यदि आपके पड़ोस में हर वक्त शोर रहता है, तो इस बात का ध्यान दें कि आप खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें। अगर आपका बच्चा अंधेरे से नहीं डरता, तो लाइट बंद करने में कोई बुराई नहीं है, क्योंकि इससे उसे जल्दी सोने में मदद मिल सकती है। अंत में, यह ध्यान रखें कि गर्मियों के महीनों के दौरान आपके बच्चे के कमरे में ठंडक के लिए एयर कंडीशनर या कूलर लगा हो।

ADVERTISEMENTS

3. बेड टाइम स्टोरीज

प्री-स्कूलर्स के लिए, यह उन्हें जल्दी सुलाने का एक शानदार तरीका है। सोते समय कहानियां पढ़ना केवल कूल पेरेंट्स होने के बारे में नहीं है जैसा कि यह लगता है। कई स्टडीज में पाया गया है कि सोते समय कहानियों को पढ़ने और रोजाना के रूटीन के रूप में इसे शामिल करने से छह साल से कम उम्र के बच्चों की नींद में सुधार हुआ है। जो पेरेंट्स काम करते हैं, वे बच्चे को कहानी सुनाने के लिए वॉयस रिकॉर्डिंग कर सकते हैं। आप “अब आगे क्या होता है यह देखने के लिए अगले पेज को जारी रखें!” जैसी बातें कहकर कहानी में निर्देश जोड़ सकते हैं।

4. सोने से पहले कोई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट नहीं

आपके बच्चे जिद्दी होंगे लेकिन अगर आप चाहती हैं कि उन्हें अच्छी नींद आए तो आपको थोड़ा सख्त होना पड़ेगा। स्टडीज से पता चला है कि कंप्यूटर स्क्रीन, मोबाइल और टीवी से निकलने वाली रोशनी मेलाटोनिन के उत्पादन को रोकती है, जो पीनियल ग्लैंड द्वारा निर्मित एक हार्मोन है और नींद को प्रेरित करने में मदद करता है।

ADVERTISEMENTS

5. सही डाइट

आप यह मानें या न मानें, आपके बच्चे की खाने की आदतें उसकी अच्छी नींद लेने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। रात के खाने के दौरान उसे चीनी और मिठाई खाने से रोकें क्योंकि इससे उनकी नींद प्रभावित होती है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में पाया गया है कि फैट से भरपूर खाना और मीठा खाने से नींद में खलल पड़ता है। इसके बजाय आप उन्हें केला खिला सकती हैं क्योंकि उनमें ट्रिप्टोफैन होता है, जिससे अनिद्रा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अपने बच्चों को फाइबर से भरपूर खाना देने से भी उन्हें नींद आने में मदद मिलती है।

6. सोने के समय को मजेदार बनाएं

बच्चों को सुलाने के लिए, आप उनके लिए एक निश्चित समय तय कर सकती हैं। हालांकि यह कभी-कभी काम करता है, लेकिन यह लंबे समय में उल्टा असर कर सकता है क्योंकि आपको पता नहीं है कि क्या वे अपनी चादर के नीचे अपने ही विचारों में खो गए हैं। इसके बजाय, क्या किया जा सकता है, खासकर प्रीस्कूलर के लिए, इसमें उनके पास उनका एक पसंदीदा खिलौना होता है जिसे वे केवल सोने के समय में गले लगा सकते हैं। यह जल्दी बिस्तर पर जाने के लिए एक मोटिवेटिंग फैक्टर होता है।

ADVERTISEMENTS

7. कम्युनिकेशन

जो बच्चे थोड़े बड़े (यानी कि 5-8 साल) के हैं, उनके लिए सोने से पहले उनसे बात करना जरूरी है क्योंकि उनका स्कूल कठिन हो सकता है या एंग्जायटी की समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। एंग्जायटी का होना नींद की कमी का कारण माना जाता है और यदि आपके बच्चे को सोने में कठिनाई हो रही है, तो यह हो सकता है कि वह एंग्जायटी का शिकार है। उनसे स्कूल या ऐसी किसी भी चीज के बारे में बात करें जिस पर आपको संदेह हो कि वह उन्हें प्रभावित कर रही है। बात करना अपने आप में सहायक साबित होता है और समाधान न होने पर भी बेहतर नींद देता है।

8. जागने का शेड्यूल

जैसे आप सोने का समय निर्धारित करती हैं वैसे ही जागने का शेड्यूल भी होना चाहिए। यदि आप उन्हें सुबह देर से उठने देती हैं, तो वे सुबह स्कूल पहुंचने की जल्दी में होंगे। इसलिए, उन्हें जल्दी जगाने की कोशिश करें और ऐसा करके आप उन्हें सामान्य से बहुत पहले सोते हुए देखेंगी।

ADVERTISEMENTS

9. व्यायाम

ऑस्ट्रेलिया में मोनाश यूनिवर्सिटी द्वारा की गई एक स्टडी से पता चला है कि व्यायाम केवल फिट रहने तक ही सीमित नहीं है, यह अच्छी नींद लेने के लिए भी जिम्मेदार होता है। इस बात का ध्यान रखें कि आपके बच्चों को शाम को पर्याप्त खेलने का समय मिल रहा है। बाहर खेलना व्यायाम का एक अच्छा रूप है लेकिन वे इसे व्यायाम नहीं मानेंगे। यह एक टिप है जिसे आप बिना रिमाइंडर के भी लागू कर सकती हैं!

10. सेल्फ सूदिंग को बढ़ावा दें

बड़े बच्चों के लिए, एंग्जायटी उनके जीवन का हिस्सा और पार्सल होती है। हालांकि आपने उनसे किसी भी समस्या के बारे में बात की होगी, जिसका वे सामना कर सकते हैं, फिर भी वे आधी रात को भी उठ सकते हैं। उन्हें अपने आप को शांत करने के लिए प्रोत्साहित करें और केवल अंतिम उपाय के रूप में आपके पास आने के लिए कहें।

ADVERTISEMENTS

नींद एक ऐसी चीज है जो दिमाग के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यदि आपके बच्चे समय पर सोते हैं और अच्छी नींद लेते हैं, तो उनका दिमाग पूरे दिन सक्रिय (एक्टिव) रहता है। आपको बता दें कि बच्चों को हर दिन 10 से 13 घंटे की नींद की जरूरत होती है, ऐसे में ऊपर दिए गए उपयोगी टिप्स का पालन करने से आपको मनचाहा परिणाम पाने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें:

ADVERTISEMENTS

बच्चों को बुरे सपने आना: कारण और उपाय
बच्चों को रात में सोते समय पसीना आने का कारण और उपचार
बच्चों को कितना सोना चाहिए – पेरेंट्स के लिए गाइडलाइन्स

समर नक़वी

Recent Posts

प्रिय शिक्षक पर निबंध (Essay On Favourite Teacher In Hindi)

शिक्षक हमारे जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह केवल किताबों से ज्ञान नहीं…

1 month ago

मेरा देश पर निबंध (Essay On My Country For Classes 1, 2 And 3 In Hindi)

मेरा देश भारत बहुत सुंदर और प्यारा है। मेरे देश का इतिहास बहुत पुराना है…

1 month ago

शिक्षा का महत्व पर निबंध (Essay On The Importance Of Education In Hindi)

शिक्षा यानी ज्ञान अर्जित करने और दिमाग को सोचने व तर्क लगाकर समस्याओं को हल…

1 month ago

अच्छी आदतों पर निबंध (Essay On Good Habits in Hindi)

छोटे बच्चों के लिए निबंध लिखना एक बहुत उपयोगी काम है। इससे बच्चों में सोचने…

1 month ago

कक्षा 1 के बच्चों के लिए मेरा प्रिय मित्र पर निबंध (My Best Friend Essay For Class 1 in Hindi)

बच्चों के लिए निबंध लिखना बहुत उपयोगी होता है क्योंकि इससे वे अपने विचारों को…

1 month ago

मेरा प्रिय खेल पर निबंध (Essay On My Favourite Game In Hindi)

खेल हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। ये न सिर्फ मनोरंजन का साधन…

1 month ago