गर्भावस्था

बच्चे से माँ का दूध छुड़ाने के बाद स्तनों में दर्द

माँ द्वारा बच्चे को स्तनपान कराना बंद करने को वीनिंग कहा जाता है। बच्चे से माँ का दूध छुड़ाने के बाद कई महिलाओं के स्तनों में दर्द होता है। अचानक ब्रेस्टफीडिंग छुड़ाने से स्तनों में दूध की गांठ पड़ने, नसों में अधिक द्रव होने और स्तनों में सूजन होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सलाह दी जाती है कि आप स्वाभाविक रूप से धीरे-धीरे बच्चे को स्तनपान कराना छुड़ाएं। पर आइए पहले जानते हैं कि मांएं बच्चे को दूध पिलाना क्यों बंद कर देती हैं।

बच्चे से माँ का दूध छुड़ाने के कारण

यदि एक माँ अपने बच्चे को दूध पिलाना बंद करती है तो निम्नलिखित कुछ कारण हो सकते हैं, आइए जानतें हैं;

1. स्तनों में दर्द होना

बच्चे को पहली बार ब्रेस्टफीडिंग कराने से अक्सर महिलाओं को असहजता होती है और इसके परिणास्वरूप स्तनों में दर्द होता है, निप्पल फट भी सकते हैं। इस दर्द के कारण अक्सर मांएं बच्चे को दूध पिलाना बंद कर देती हैं।

2. स्तनों में अपर्याप्त दूध होना

कुछ मांएं इस बात से चिंतित होती हैं कि उनके स्तनों में बच्चे की आवश्यकतानुसार पर्याप्त दूध का उत्पादन नहीं हो रहा है। इसलिए वे बच्चे को फॉर्मूला दूध पिलाना शुरू कर देती हैं।

3. करियर

डिलीवरी के कुछ समय बाद से ही फिर से ऑफिस जाने की शुरुआत करने वाली नई मांओं के पास बच्चे का दूध छुड़ाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होता है। ऑफिस जाने से पहले या काम के दौरान स्तनों से दूध निकालकर इकट्ठा करना हमेशा संभव नहीं होता है।

4. बच्चे का बड़ा हो जाना

शुरूआती 6 महीने तक बच्चे को पहला पोषण माँ के दूध से ही मिलता है। जब बच्चा बड़ा होने लगता है तो अक्सर मांएं उसे ठोस आहार खिलाना शुरू करना चाह सकती हैं।

बच्चे से माँ का दूध छुड़ाने के बाद स्तनों में दर्द किस वजह से होता है?

अक्सर मांओं द्वारा बच्चे को स्तनपान बंद कराने के कुछ हफ्तों के बाद भी उनके स्तनों में दूध बनता है। जिन ब्रेस्टफीडिंग मॉम्स में अधिक दूध का उत्पादन होता है या वे ज्यादा दूध पंप करती हैं, उन महिलाओं में वीनिंग के बाद भी दूध बनना जारी रहता है। इसके परिणामस्वरूप महिलाओं के स्तनों में दूध की गांठ पड़ सकती है। इन गांठों से अधिक दर्द होता है जिसे ‘मास्टाइटिस’ कहते हैं, यह वह समस्या है जिसमें महिलाओं के स्तनों में सूजन हो जाती है। अचानक बच्चे से दूध छुड़ाने से स्तनों की नसों में द्रव भर जाने के कारण सूजन होती है और इससे अत्यधिक दर्द होता है।

वीनिंग के बाद स्तनों में दर्द के लक्षण

स्तनों में दर्द के साथ आप इन लक्षणों का अनुभव कर सकती हैं:

  • एरोला में दर्द होना।
  • किसी एक या दोनों स्तनों में बार-बार दर्द होना।
  • बच्चे से माँ का दूध छुड़ाने के बाद स्तनों में अत्यधिक दर्द होना जो समय के साथ कम हो सकता है।
  • स्तनों में वृद्धि, लंप्स होना और इनका सख्त होना।
  • स्तनों में भारीपन या जकड़न होना।
  • फ्लू के लक्षण दिखना, जैसे कंपकंपी, ठंड लगना, थकान, तेज बुखार, चिंता और अस्वस्थ होना।
  • निपल लाल होना।
  • फ्रिक्शन के कारण निपल से दूध निकलना।
  • यदि स्तनों में दर्द मास्टाइटिस के कारण होता है तो स्तन गर्म लग सकते हैं, इनमें सूजन होती है और साथ ही इनमें जलन व कठोरता महसूस हो सकती है।

स्तनों में दर्द कितने समय तक रहता है?

बच्चे से माँ का दूध छुड़ाने के बाद स्तनों में दर्द कई दिनों तक रह सकता है। ज्यादातर महिलाएं वीनिंग (स्तनपान छुड़ाना) के शुरूआती दिनों में गंभीर दर्द कर अनुभव कर सकती हैं पर समय के साथ यह दर्द भी कम होने लगता है। यदि वीनिंग के कई दिनों के बाद भी स्तनों में दर्द होना कम नहीं होता है तो इसके लिए डॉक्टर की मदद लें।

स्तनों में दर्द के उपचार

बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली मांएं जानना चाह सकती हैं कि वीनिंग के बाद स्तनों के दर्द से राहत कैसे मिल सकती है। बच्चे से माँ का दूध छुड़ाने के बाद स्तनों में दर्द से छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपचार निम्नलिखित हैं, आइए जानते हैं;

1. गुनगुने पानी से स्नान करें

गुनगुने पानी से स्नान करने पर स्तनों के टिशू मुलायम होते हैं। यह स्तनों में बनी दूध की गांठ को कम करके प्रवाह को सरल करता है। स्तनों में गर्म सिकाई से भी राहत मिल सकती है।

2. ब्रेस्ट पंप का उपयोग करें

यदि आपके स्तनों में बहुत अधिक दूध भरा हुआ लगता है तो इसके लिए आप ब्रेस्ट पंप का उपयोग भी कर सकती हैं।

3. स्तनों की मालिश करें

यदि आप ब्रेस्ट पंप का उपयोग नहीं करना चाहती हैं, तो दूध निकालने के लिए अपने स्तनों को हल्का सा दबाएं। इसे करने के सही तरीके को जानने के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। ऐसा करने से आपको स्तनों में दर्द से राहत मिल सकती है। इसके अलावा गर्म पानी से स्नान करते समय स्तनों की धीरे-धीरे मालिश करें।

4. कोल्ड पैक लगाएं

स्तनों में बर्फ की सिकाई या कोल्ड कंप्रेस से सूजन कम होने में मदद मिलती है।

5. अधिक से अधिक तरल पदार्थ लें

डिहाइड्रेशन और बुखार को रोकने के लिए अधिक से अधिक पानी पिएं और तरल पदार्थ लें।

6. पेनकिलर लें

आप स्तनों में दर्द और सूजन को कम करने के लिए एसिटामिनोफेन या पैरासिटामोल जैसी दर्द की दवाएं ले सकती हैं। पर किसी भी प्रकार की दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

7. सेज चाय पिएं

यदि आप दिनभर में दो बार सेज टी पीती हैं तो आपको अपने स्तनों के दर्द से राहत मिल सकती है।

8. स्तनों पर बंदगोभी के पत्ते रखें

स्तनों में दर्द को कम करने के लिए आप अपने स्तनों के ऊपर बंदगोभी के पत्ते रख सकती हैं। सुनिश्चित करें कि सूखी हुई पत्तियों को बदल लें।

9. हेल्दी लाइफस्टाइल बनाएं

इस दौरान संतुलित आहार लेना आवश्यक है और साथ ही अपनी लाइफस्टाइल को भी स्वस्थ बनाए रखें। शरीर को नई दिनचर्या में ढालने के लिए प्रीनेटल विटामिन लें।

10. पर्याप्त नींद लें

पर्याप्त नींद लेने से शारीरिक थकान दूर होती है और सभी प्रकार के दर्द खुद ही कम होने लगते हैं। इसलिए रात की नींद जरूर लें।

11. अन्य मांओं के साथ जुड़ें

यदि आपको ऐसी समस्याएं भी हो रही हैं जिन्हें आप अपने परिवार से शेयर नहीं कर सकती हैं। तो ऐसी स्थिति में आप अन्य मांओं से भी मदद लेने का प्रयास करें जो पहले से समान समस्याओं का सामना कर चुकी हैं।

बिना दर्द के ही बच्चे से माँ का दूध छुड़ाने के तरीके

स्तनों में बिना दर्द के बच्चे से माँ का दूध छुड़ाने के लिए निम्नलिखित तरीके, कुछ इस प्रकार हैं;

  • बच्चे को प्रतिदिन धीरे-धीरे दूध पिलाना कम करें।
  • असहजता कम होने तक स्तनों से दूध पंप कर लें। स्तनों से एक बार में पूरा दूध पंप कर लेने से इसका उत्पादन कम होने के बजाय बढ़ सकता है।
  • टाइट ब्रा पहनने से स्तनों की गांठ ब्लॉक हो सकती हैं और इससे स्तनों में सूजन बढ़ सकती है। एक ऐसी ब्रा चुनें जो आरामदायक और आपके स्तनों के अनुकूल हो।
  • आप दवाओं की मदद से भी अपने स्तनों में दूध का उत्पादन कम कर सकती हैं। किंतु उपयोग से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

बच्चे से माँ का दूध छुड़वाना माँ और बच्चे दोनों के लिए मनोवैज्ञानिक व शारीरिक चुनौती है। बच्चे से ब्रेस्टफीडिंग छुड़ाते समय धैर्य रखें क्योंकि इसमें काफी समय लग सकता है और यह दोनों के बहुत प्रयास से होता है। बच्चे को नई चीजें खाने की आदत डालने में कठिनाई हो सकती है और वह अभी भी माँ के दूध की मांग कर सकता है। बच्चे से ब्रेस्टफीडिंग धीरे-धीरे छुड़ाएं और अपने शरीर को बदलावों के अनुकूल होने के लिए आवश्यक समय भी दें।

यह भी पढ़ें:

स्तनपान के दौरान होने वाली आम समस्याएं और उनका समाधान
स्तनपान छुड़ाना – संकेत, आहार और ठोस खाद्य पदार्थ खिलाने की शुरुआत

सुरक्षा कटियार

Recent Posts

भूकंप पर निबंध (Essay On Earthquake In Hindi)

भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है, जिसमें धरती अचानक से हिलने लगती है। यह तब होता…

1 week ago

Raising Left-Handed Child in Right-Handed World – दाएं हाथ वाली दुनिया में बाएं हाथ वाला बच्चा बड़ा करना

जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होने लगता है, उसके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलू उभरने लगते हैं। या…

1 week ago

माता पिता पर कविता l Poems For Parents In Hindi

भगवान के अलावा हमारे जीवन में किसी दूसरे वयक्ति को अगर सबसे ऊंचा दर्जा मिला…

1 week ago

पत्नी के लिए प्यार से बुलाने वाले नाम l Nicknames For Wife In Hindi

शादी के बाद प्यार बनाए रखना किसी भी रिश्ते की सबसे खूबसूरत बात होती है।…

1 week ago

पति के लिए प्यार से बुलाने वाले नाम l Nicknames For Husband In Hindi

शादी के बाद रिश्तों में प्यार और अपनापन बनाए रखना बहुत जरूरी होता है। पति-पत्नी…

1 week ago

करण नाम का अर्थ, मतलब और राशिफल l Karan Name Meaning In Hindi

ऐसे कई माता-पिता होते हैं जो अपने बच्चे का नाम इतिहास के वीर महापुरुषों के…

2 weeks ago