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बच्चों के लिए अजवाइन – लाभ और उपयोग

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अजवाइन, भारत में मिलने वाला एक आम मसाला है जिसका उपयोग कई खाद्य पदार्थों को बनाने में किया जाता है। अजवाइन व्यंजनों को अधिक स्वादिष्ट बनाता है और साथ ही यह इसके चिकित्सीय और औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है। अजवाइन सिर्फ वयस्कों ही नहीं बल्कि बच्चों की भी पाचन समस्याओं, पेट से संबंधित समस्याओं, अत्यधिक कब्ज और सर्दी-खांसी को ठीक करने में मदद करता है। अजवाइन में थाइमोल नामक एक घटक होता है, जो एक शक्तिशाली कीटाणुनाशक (जर्मीसाइड) और कवकनाशक (फंगीसाइड) के रूप में कार्य करता है और अवांछित रोगजनकों (पैथोजन्स) के विकास को रोकता है।

बच्चों के लिए अजवाइन के औषधीय गुण अत्यधिक लाभदायक होते हैं, आप अपने बच्चे को अजवाइन पाउडर या इसके पानी के रूप में दे सकती हैं। हालांकि, किसी भी संभावित समस्या से बचने के लिए विशेषतः बच्चों को संतुलित मात्रा में अजवाइन दें।

बच्चों के लिए अजवाइन के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ

अनेक नई मांओं का यह सवाल होता है कि उन्हें अपने बच्चे को अजवाइन का पानी देना चाहिए या नहीं? इसका उत्तर है, हाँ। अजवाइन का पानी बच्चों के लिए भी फायदेमंद होता है:

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  1. अजवाइन बच्चों को पेट के दर्द और गैस से राहत देता है।
  2. जिन बच्चो में अक्सर पाचन विकार और खराब पेट की समस्या रहती है, विशेषकर नए खाद्य पदार्थों का सेवन करने पर। उन्हें ऐसी समस्याओं से जल्द राहत के लिए अजवाइन का पानी दें।
  3. अजवाइन बच्चों को सर्दी व खांसी की समस्या से भी राहत देता है।
  4. बच्चों में कब्ज एक आम समस्या है। कब्ज से पीड़ित बच्चों को अजवाइन का पानी देने से उनकी यह समस्या ठीक हो सकती है और मल त्याग भी नियंत्रित होता है।
  5. अजवाइन के गुण गैस्ट्रिक एसिड को मुक्त करने में मदद करते हैं, जिससे भूख बढ़ सकती है और बच्चों में पाचन सहज हो सकता है।
  6. यह बच्चों में अस्थमा का इलाज कर सकता है।

बच्चों को अजवाइन देना कब शुरू करें

आप अपने बच्चे को को 8 महीने की आयु से अजवाइन देना शुरू कर सकती हैं। अक्सर बच्चों को कम से कम मात्रा में अजवाइन खिलाना शुरू करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए बिना कोई कृत्रिम मिठास डाले अजवाइन का सादा पानी भी देने की सलाह दी जाती है। जब बच्चा ठोस आहार खाना शुरू कर देता है, तो उसके आहार में अजवाइन के पाउडर की सीमित मात्रा भी मिलाई जा सकती है। धीरे-धीरे, आप इसे पूड़ी, पराठों, और इसी तरह के अन्य व्यंजनों में भी मिला सकती हैं।

बच्चों के लिए अजवाइन का चयन कैसे करें

बच्चों के लिए बिना छिलके वाला अजवाइन अच्छा होता है। आप उनके लिए अजवाइन का पानी बनाकर या अजवाइन को पाउडर के रूप में उपयोग करते समय बिना छिलके वाला अजवाइन ही चुनें। इसके अलावा, आर्गेनिक बीजों का उपयोग करें जिन पर किसी केमिकल का उपयोग न किया गया हो।

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बच्चों के लिए अजवाइन का पानी बनाने की विधि

आपके नन्हे बच्चे के लिए अजवाइन का पानी बनाने का तरीका यहाँ दिया गया है, आइए जानते हैं;

  • एक पैन में 250 मिलीलीटर पानी लें और उबाल आने तक इसे गर्म करें।
  • इसमें 1/2 छोटा चम्मच अजवाइन डालें और कुछ मिनटों तक उबलने दें।
  • आप चाहें तो पहले अजवाइन के बीजों को भूनकर पीस लें और फिर पानी बनाने के लिए पाउडर के रूप में उपयोग करें।
  • यदि आप पानी को मीठा करना चाहती हैं तो उबलते पानी में थोड़ा सा गुड़ मिला लें।
  • गर्म पानी को छन्नी से छानकर थोड़ा ठंडा होने दें और फिर अपने बच्चे को पिलाएं।

बच्चों को अजवाइन का पानी कितना देना चाहिए

एक वर्ष या उससे कम आयु के शिशुओं को रोजाना एक चम्मच अजवाइन का पानी देने से शुरुआत करें। फिर धीरे-धीरे आप शिशु को दो से तीन चम्मच की मात्रा बढ़ा सकती हैं। हालांकि एक साल से कम उम्र के शिशुओं को यह सप्ताह में केवल दो से तीन बार ही देना सुरक्षित है। एक साल या उससे अधिक उम्र के बच्चों को अजवाइन का पानी प्रतिदिन 1/4 कप दिया जा सकता है। फिर भी समझदारी इसी में है कि बच्चों या शिशुओं को अजवाइन का पानी रोज देने की बजाय एक सप्ताह में सिर्फ तीन से चार बार दिया जाना चाहिए।

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घरेलू उपचार

बच्चों में सर्दी और खांसी के लिए भी अजवाइन अत्यधिक प्रभावी है। इसके घरेलू उपचार निम्नलिखित हैं, आइए जानें;

1. काढ़ा

बच्चों की सर्दी को दूर करने के लिए काढ़ा एक प्रभावी उपाय है। अजवाइन का उपयोग करके काढ़ा बनाने की विधि नीचे दी गई है।

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सामग्री

  • तुलसी के पत्ते
  • 1 छोटा चम्मच अजवाइन
  • 1 लौंग
  • 1 काली मिर्च
  • 1/2 छोटा चम्मच हल्दी
  • 1/2 छोटा चम्मच सूखा अदरक पाउडर
  • 1/2 कप पानी

कैसे तैयार करें

  • उपरोक्त सभी सामग्रियों को एक कड़ाही में डालें और इसे कुछ समय के लिए उबलने दें।
  • उबलने के बाद इस पानी को छान लें और हल्का गुनगुना करके अपने बच्चे को दें।
  • 8 महीने से अधिक आयु के बच्चों में सर्दी, जुकाम और पाचन संबंधी समस्याओं में यह काढ़ा राहत प्रदान करता है।

2. अजवाइन की पोटली

यह शिशुओं में छाती के बलगम और बंद नाक से निजात पाने के लिए एक प्रभावी उपाय हो सकता है। यह सरल उपाय नवजात शिशुओं के लिए अच्छा काम करता है किंतु खयाल रहे शिशु के लिए इसका उपयोग हल्के हाथों से और बहुत हल्की गर्माहट के साथ करें।

सामग्री

  • 2 बड़े चम्मच अजवाइन
  • एक साफ मलमल का कपड़ा

कैसे तैयार करें

  • अजवाइन को कुछ मिनट या तब तक भूनें जब तक कि इसमें से एक सुगंध न आने लगे।
  • भूने हुए अजवाइन के बीजों को एक साफ मलमल के कपड़े में रख दें और पोटली या एक छोटी थैली बनाने के लिए कपड़ा बांध दें।
  • हल्की गर्माहट वाली पोटली से बच्चे के सीने की सिकाई करें।
  • आप इस पोटली को बच्चे के तकिए के पास भी रख सकती हैं ।

3. अजवाइन के तेल से मालिश

अजवाइन के तेल से मालिश करके भी बच्चों में सर्दी या खांसी की समस्या को ठीक किया जा सकता है, इसे बनाने का तरीका निम्नलिखित है;

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सामग्री

  • 1 छोटा चम्मच अजवाइन
  • 1/2 कप सरसों का तेल
  • लहसुन की 1 कली (वैकल्पिक)

कैसे तैयार करें

  • इसे बनाने के लिए सबसे पहले सरसों के तेल में अजवाइन को गर्म करें।
  • धुआं आने तक इसे गर्म होने दें।
  • आप अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ के लिए इसमें लहसुन की कुछ कलियां मिला सकती हैं।
  • तेल को हल्का गुनगुना करके इससे बच्चे की मालिश करने से जुकाम और छाती के बलगम से राहत मिलती है।
  • यह उपाय नवजात शिशुओं और 6 से 8 महीने से कम उम्र के बच्चों के लिए उपयुक्त है। उपयोग करते समय थोड़ी सावधानी अवश्य बरतें।
  • अजवाइन के तेल से नियमित मालिश करने से यह उपचार बच्चों में सर्दी व खांसी की समस्या को दूर करने के लिए एक निवारक के रूप में कार्य करता है।

4. अजवाइन और गुड़ का पानी

अजवाइन और गुड़ के पाउडर का मिश्रण बच्चों की छाती में जमे बलगम को निकालने और खांसी को कम करने में मदद करता है।

सामग्री

  • 1 छोटा चम्मच अजवाइन
  • 1 छोटा चम्मच गुड़

कैसे तैयार करें

  • अजवाइन को भूनकर पीस लें और उसे समान मात्रा में गुड़ के पाउडर में मिलाकर अपने 1 वर्षीय या उससे अधिक आयु के बच्चे को रोजाना दें।
  • शिशुओं को अजवाइन के पानी में हल्का सा गुड़ मिलाकर देने की सलाह दी जाती है।

अजवाइन के गुण शिशुओं व वयस्कों को बहुत लाभ पहुँचाते हैं। इसके औषधीय गुण, इसे अत्यधिक महत्वपूर्ण मसाला और अनेक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए प्रभावी उपचार बनाते हैं।

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