मकर संक्रांति पर निबंध (Essay on Makar sankranti in Hindi)

बच्चों के लिए मकर संक्रांति पर निबंध

हमारे देश में मकर संक्रांति का त्योहार हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है। इस त्योहार के नाम में दो शब्द ‘मकर’ और ‘संक्रांति’ आते हैं। मकर का तात्पर्य मकर राशि से है और संक्रांति का अर्थ है संक्रमण। यानी मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का प्रतीक है। हिंदू परंपरा के अनुसार यह बहुत ही शुभ अवसर होता है। इस दिन, देश भर में कई लोग भक्ति भाव से पवित्र नदियों में डुबकी लगाकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं।

चूंकि यह इतना महत्वपूर्ण त्योहार है, तो क्यों न इसके बारे में और बेहतर तरीके से जानकारी हासिल की जाए! हम हिंदी में मकर संक्रांति पर निबंध लिखकर ऐसा कर सकते हैं। निबंध लेखन सीखना आसान होता है क्योंकि इसमें कोई बंधे हुए नियम नहीं होते, जिससे बच्चों के लिए यह आसान हो जाता है। अपने बच्चे को राइटिंग यानी लेखन से परिचय कराने का यह सबसे अच्छा तरीका है। आइए शुरू करें!

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मुख्य बिंदु: प्राइमरी क्लास के बच्चों के लिए मकर संक्रांति पर निबंध

निबंध लिखने में कोई बहुत बड़े नियम-कायदे नहीं हैं। आप कुछ बुनियादी तथ्यों और जानकारी के आधार पर एक अच्छा निबंध लिख सकते हैं। यहां निबंध को सीधा-सरल रखते हुए उसमें अपनी छाप कैसे छोड़ें, इस बारे में कुछ युक्तियां दी गई हैं:

  • एक अच्छी प्रस्तावना या भूमिका लिखकर शुरुआत करें।
  • शब्दों की संख्या और अपने लेखन का प्रवाह तय कर लें।
  • लेख को सही संख्या में पैराग्राफ बनाकर विभाजित करें।
  • पढ़ने वाले की रुचि बनाए रखने के लिए हर भाग को सही समय पर खत्म करें।
  • विचार और शैली जारी रखते हुए बचे हुए पैराग्राफ लिखें।
  • लिखते समय क्रम हमेशा व्यवस्थित रखें। 

बच्चों के लिए मकर संक्रांति के बारे में 10 पंक्तियाँ

बच्चों के लिए मकर संक्रांति के बारे में 10 पंक्तियाँ

सबसे पहले हम दिए गए विषय पर पॉइंट्स लिखना सीखेंगे। नीचे दिया गया उदाहरण क्लास 1 और 2 के बच्चों के लिए मकर संक्रांति पर एक निबंध के रूप में काम कर सकता है:

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  1. मकर संक्रांति पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है और यह हर साल 14 या 15 जनवरी को पड़ती है।
  2. इस त्योहार पर पतंग उड़ाने की पुरानी परंपरा है। इस दिन आकाश रंग-बिरंगी पतंगों से भरा हुआ दिखाई देता है।
  3. प्रत्येक 12 साल में होने कुंभ वाले मेले का संबंध भी मकर संक्रांति से होता है। हरिद्वार, उज्जैन, प्रयागराज और नासिक में होने वाले इस विशाल मेले को देखने और पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए लाखों लोग जाते हैं।
  4. इस दिन लोग तिल और गुड़ से बनी स्वादिष्ट मिठाइयां खाते हैं।
  5. कर्नाटक में, मकर संक्रांति पर, व्यंजनों के आदान-प्रदान की परंपरा को एलु बिरोधु कहा जाता है।
  6. भारत के अलग-अलग राज्यों में लोग मकर संक्रांति को अलग-अलग नामों से मनाते हैं। तमिलनाडु में इसे ‘पोंगल’, असम में ‘माघ बिहू’, पंजाब में ‘लोहड़ी’, गुजरात में उत्तरायण और उत्तर प्रदेश व बिहार में इसे ‘खिचड़ी’ के नाम से जाना जाता है।
  7. मकर संक्रांति के दिन से ही ठंड का मौसम धीरे-धीरे कम होने लगता है और साथ ही दिन भी लंबे होना शुरू हो जाते हैं।
  8. मकर संक्रांति का त्योहार भारत में फसल के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है।
  9. पड़ोसी देश नेपाल में भी मकर संक्रांति को ‘माघे संक्रांति’ के नाम से मनाया जाता है। यह हिंदू परंपरा में अशुभ अवधि यानी पौष महीने के समाप्त होने का प्रतीक है।
  10. यह त्योहार सूर्य देव को समर्पित होता है, जो पृथ्वी पर जीवन के लिए जरूरी गर्मी और प्रकाश देते हैं।

बच्चों के लिए मकर संक्रांति पर एक पैराग्राफ

अब हम जानते हैं कि किसी विषय को पॉइंट्स में कैसे लिखना है। धाराप्रवाह लिखने के लिए हमें पैराग्राफ में लिखना सीखना होगा। सबसे पहले हम मकर संक्रांति के बारे में केवल एक पैराग्राफ में लिखने की कोशिश करेंगे।

प्रत्येक वर्ष 14 अथवा 15 जनवरी को मकर संक्रांति पूरे जोश के साथ देशभर में मनाई जाती है। यह सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक होती है। पतंगबाजी इस त्योहार की मुख्य परंपरा है। कई जगहों पर उत्साह बढ़ाने के लिए पतंग उड़ाने की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा इसे खास बनती है मिठाई! इस दिन गुड़ और तिल से बनी मिठाइयां बांटने और खाने की परंपरा है। तिल से बने लड्डू, गजक और चिक्की इनमें सबसे ऊपर आते हैं। इसके अलावा जीवन में सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए लोग जरूरतमंदों को चावल, मूंग की दाल, मिठाई आदि का दान करते हैं। पूरा देश इस त्योहार को विभिन्न नामों से मनाता है। हालांकि भले ही अलग-अलग राज्यों में इसे अलग-अलग नामों से पुकारा जाता हो, लेकिन उत्सव के पीछे का मुख्य उद्देश्य शांति, सद्भाव, समृद्धि और खुशी फैलाना ही होता है।

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बच्चों के लिए हिंदी में मकर संक्रांति पर छोटा निबंध

आइए अब जानें कि एक निबंध लिखने के लिए पैराग्राफ को कैसे एक साथ जोड़ा जाता है। मकर संक्रांति पर यह लघु निबंध क्लास 1, 2 और 3 के विद्यार्थियों के काम आएगा:

हिंदू परंपरा में मकर संक्रांति का पौराणिक महत्व है। भारतीय पौराणिक कथाओं के अनुसार, संक्रांति नाम की एक शक्तिशाली देवी थी, और उसने संकरासुर नामक राक्षस को हराया था। ऐसी आस्था ​​है कि इस विजय को याद करने के लिए मकर संक्रांति मनाई जाती है। अगले दिन, देवी ने किंकरांत नामक एक अन्य राक्षस को मार डाला। आप इस घटना का उल्लेख हिंदू पंचांग में पा सकते हैं।

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इसके अलावा मकर संक्रांति का ज्योतिषीय महत्व भी है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इस दिन से सर्दियों का मौसम जाने लगता है, सूर्य उत्तर की ओर बढ़ने लगते हैं और दिन थोड़े लंबे हो जाते हैं। सूर्य की इस गति को उत्तरायण कहते हैं। लोग इस दिन को मनाने के लिए तिल और गुड़ की मिठाई बनाते हैं और पतंग उड़ाते हैं!

बच्चों के लिए मकर संक्रांति पर बड़ा निबंध

अब, हम एक लंबा निबंध लिखने के लिए और अधिक विचारों को एक साथ रखने के लिए तैयार हैं। हम एक बड़ा लेख लिखने के लिए अलग-अलग विचार साथ लाएंगे। अलग-अलग विचारों को सबहेड्स यानी उपशीर्षक के रूप में दिखा सकते हैं। यदि आप सारे सबहेड्स को एक साथ प्रवाह में लिखा जाए तो यह कक्षा 3 के लिए एक बेहतरीन निबंध हो सकता है।

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मकर संक्रांति का अर्थ और महत्व

मकर यानी ज्योतिष के अनुसार मकर राशि और संक्रांति यानी संक्रमण। इस प्रकार मकर संक्रांति का पर्व सूर्य के मकर राशि में परिवर्तन का प्रतीक है। यह हिंदू कैलेंडर में पौष नामक अशुभ महीने के अंत को भी दर्शाता है। इस दिन हिंदू धर्म में पवित्र नदियों में डुबकी लगाने का बड़ा महत्व है, विशेष रूप से गंगा नदी में। मकर संक्रांति के बाद जाड़े की लंबी रातें भी छोटी हो जाती हैं।

देश में 4 जगहों पर कुंभ मेला आयोजित होता है। प्रत्येक 12 साल में एक बार होने वाले कुंभ मेले का आयोजन हरिद्वार, उज्जैन, प्रयागराज और नासिक में किया जाता है। प्रयागराज में मकर संक्रांति और कुंभ मेले का अलग ही महत्व है। लोग गंगा, यमुना और सरस्वती नदी के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाते हैं और सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं।

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भारत के विभिन्न भागों में मकर संक्रांति मनाने के तरीके

भारत में विभिन्न राज्यों द्वारा मकर संक्रांति को विभिन्न शैलियों में मनाया जाता है। लेकिन त्योहार के पीछे का आम विचार प्यार, खुशी और समृद्धि फैलाना ही होता है। हिंदू धर्म में इस दिन पश्चिम बंगाल के गंगा सागर में पवित्र स्नान करते हुए सूर्य देव की प्रार्थना का भी बहुत अधिक महत्व बताया गया है। पतंग उड़ाना इस त्योहार की एक और सबसे उत्साहजनक परंपरा है। इस दिन आमतौर पर तिल, गुड़, चने, नारियल और मूंगफली से बनी मिठाइयां खाने और खिलाने पर जोर दिया जाता है। नीचे संक्षिप्त में कुछ राज्यों और वहां मकर संक्रांति के उत्सव की परंपरा के बारे में दिया गया है:

  • तेलंगाना और आंध्र प्रदेश – यहां लोग चार दिनों तक मकर संक्रांति मनाते हैं। महिलाएं अपने घर के प्रवेश द्वार को रंगीन चावल के आटे, जिसे मुग्गु कहा जाता है, से रंगोली बनाकर सजाती हैं।
  • बिहार – पश्चिमी बिहार में इसे खिचड़ी या सकरात कहा जाता है। राज्य के बाकी हिस्सों में इसे दही चुरा या तिल सकरात कहते हैं। इन जगहों पर लोग दही और पोहा मिलाकर खाते हैं।
  • गुजरात – गुजरात में मकर संक्रांति को उत्तरायण कहा जाता है। यह यहां 14 और 15 जनवरी यानी दो दिनों के लिए मनाई जाती है।
  • कर्नाटक – कर्नाटक में किसानों के लिए इसे सुग्गी या फसल उत्सव कहा जाता है। लड़कियां इस दिन नए कपड़े पहनती हैं और थाली में प्रसाद लेकर अपने रिश्तेदारों के पास जाती हैं। इस रस्म को एलु बिरोधु कहा जाता है।
  • राजस्थान – यह राजस्थान का एक प्रमुख त्योहार है। लोग इसे फीनी, तिल-पट्टी, घेवर, खीर, पुवा और तिल-लड्डू जैसे राजस्थानी व्यंजन बनाकर मनाते हैं।
  • उत्तर प्रदेश  – उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति को ‘खिचड़ी’ कहा जाता है। इस दिन नदियों में स्नान का महत्व होता है। पवित्र स्नान के लिए लाखों लोग प्रदेश के वाराणसी या प्रयागराज और उत्तराखंड के हरिद्वार में इकट्ठा होते हैं।

आपका बच्चा इस निबंध से क्या सीखेगा?

देश में धीरे-धीरे लुप्त हो रही परंपराओं के दौर में, यह महत्वपूर्ण है कि हमारे बच्चे सैकड़ों-हजारों वर्षों से चले आ रहे त्योहारों और उत्सवों के बारे में जानें और उनका पालन करें। यह लेख मकर संक्रांति के पर्व के बारे बताता है। यह लेख पढ़कर बच्चे इस त्योहार के बारे में जानने के अलावा, प्रभावी ढंग से इस पर निबंध लिखना भी सीखेंगे। इसके साथ ही आपके बच्चे की पढ़ने और लिखने में भी रुचि विकसित हो सकती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. मकर संक्रांति क्या है और यह क्यों मनाई जाती है?

यह भारत में हिंदुओं द्वारा मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध त्योहार है। यह फसल काटने का समय होता है, और लोग अपनी भूमि को उपजाऊ बनाए रखने के लिए प्रकृति को और ईश्वर को धन्यवाद देते हैं।

2. मकर संक्रांति पर लोग काले कपड़े क्यों पहनते हैं?

ऐसा इसलिए है क्योंकि मकर संक्रांति जनवरी के महीने में आती है, जो उस समय भारत में जबरदस्त ठंड का मौसम होता है। चूंकि काला रंग गर्मी को अब्सॉर्ब करता है और हमें गर्म रखता है, इसलिए लोग काले कपड़े पहनते हैं।

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हम आशा करते हैं कि इस लेख को पढ़कर आपके बच्चे को निबंध-लेखन सीखने में मदद मिली होगी। साथ ही, इस आर्टिकल ने मकर संक्रांति के बारे में आपके ज्ञान में भी बढ़ोतरी की होगी।

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