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नव वर्ष का समय पूरी दुनिया भर में खुशियों और मौज–मस्ती से भरा एक रोमांचक समय होता है! नए साल का जश्न मनाने के लिए ज्यादातर जगहों पर लोग अपने दोस्तों और परिवार के साथ दिसंबर के महीने की आखिरी रात को एक साथ मनाते हैं। बच्चों को अक्सर स्कूल में त्योहारों और इसी तरह के अन्य विषयों पर निबंध लिखने के लिए कहा जाता है। नव वर्ष भी एक ऐसा ही विषय है जिसके बारे में बच्चे लिख सकते हैं। इस दौरान लगभग सभी परिवार या तो छुट्टियां मनाते हैं या फिर कहीं न कहीं पार्टी आदि करते हैं। इसलिए हमेशा ही यह एक ऐसा मौका होता है जिस पर बच्चा सोच और लिख सकता है। इस आर्टिकल में, हमने बच्चों के लिए नए साल पर निबंध कैसे लिखा जा सकता है, इसके लिए छोटी और बड़ी दोनों प्रकार की निबंध शैलियों के तरीके दिए हैं। अधिक जानने के लिए इस पूरा पढ़ें।
नए साल पर 10 पंक्तियां लिखने के लिए नीचे दिए सरल भाषा में निबंध दिया गया है।
छोटा निबंध आमतौर पर 100 से 150 शब्दों का होता है। इसमें संक्षिप्त रूप में नए साल के अलग–अलग पहलुओं के बारे में बताया जा सकता है। यहाँ नए साल पर एक लघु निबंध के लिए एक उदाहरण दिया गया है।
ग्रेगोरियन, जिसे अंग्रेजी कैलेंडर कहा जाता है, उसके अनुसार नया साल हर साल की पहली जनवरी को शुरू होता है। इस दौरान लोग एक नई शुरुआत करने, बेहतर संकल्प लेने और अपने भविष्य को एक नए रास्ता देने का समय होता है। नया साल सभी लोगों के लिए एक विशेष समय होता है क्योंकि वे अपने जीवन में जिम्मेदारी की एक नई भावना महसूस करते हैं। हालांकि, नए साल के पहले दिन कई लोग थोड़ी धीमी शुरुआत करते हैं क्योंकि वे पिछले साल के आखिरी दिन की पार्टी से थके हुए होते हैं। दूसरी ओर, बच्चे खुशी से क्रिसमस से शुरू हुई छुट्टियों के बाद स्कूल के फिर से खुलने का इंतजार कर रहे होते हैं। बच्चों को नया साल के जश्न में बहुत मजा आता है, कुछ जगहों पर मेले लगते हैं जहां बच्चे झूला झूलते है, मिट्टी के व तरह–तरह के खिलौने खरीदते है, अपने मन पसंद के पकवान खाते हैं। नए साल की रौनक बच्चों की चहल–पहल और भी बढ़ जाती और यह जश्न देखने लायक होता है। यह नया साल हम सब के जीवन को उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की ओर लेकर जाए इसी कामना के साथ नए वर्ष की शुभकामनाएं!
नया साल का विषय काफी रोचक है जिसको रचनात्मक तरीके से लिखा जा सकता है। यहाँ पर नव वर्ष पर एक बड़ा निबंध लिखने का तरीका सिखाया गया है और किस तरह से आपको अपने विचारों को निबंध का रूप दिया जाता है।
अंग्रेजी पंचांग के अनुसार नया साल हर साल 1 जनवरी को शुरू होता है। हालांकि, नए साल का जश्न 31 दिसंबर की शाम से शुरू होता जाता है। नव वर्ष की शुरुआत के पहले लोग 31 दिसंबर की शाम से जश्न मनाना शुरू कर देते हैं। हर तरफ न्यू ईयर की पार्टी होती है, तो वहीं कुछ लोग यह समय अपने करीबियों या परिवार वालों के साथ समय बिताते हैं। कुछ लोग अपने ऑफिस में जश्न मनाते हैं जबकि कुछ लोग शाम को अलग–अलग तरीके से सेलिब्रेशन में शामिल होने के लिए छुट्टी लेते हैं। जैसे ही रात के 12 बजते हैं और घड़ी की सुइयां 12 पर पहुंचती है, लोग खुशी से चीयर करते हुए एक–दूसरे को नए साल की शुभकामनाएं देते हैं। पार्टियों में शामिल होने वाले लोगों के मनोरंजन के लिए कई आतिशबाजी भी करते हैं।
हम हर साल 1 जनवरी को नया साल मनाते हैं। प्राचीन रोमन कैलेंडर में 10 महीने और 304 दिन होते थे और वसंत ऋतू की शुरुआत में नया साल मनाया जाता था। इस परंपरा को रोम के संस्थापक रोमुलस द्वारा आठवीं शताब्दी ईसा पूर्व में बनाया गया था। 1713 ईसा पूर्व के दौरान, रोम के दूसरे राजा नुमा पोम्पिलियस ने रोमन कैलेंडर में दो अन्य महीनों को जोड़ा, जिन्हें जनवरी और फरवरी नाम दिया गया। लेकिन उस समय भी रोमन कैलेंडर का सूर्य के साथ सही तालमेल में बैठा।
नया साल अपने साथ बहुत सारी खुशियां, नए मौके और बेहतर भविष्य की आशा लेकर आता है। हर व्यक्ति इसको अपने –अपने तरीके से मनाता है। हर कोई इस दौरान अपने करीबियों के अच्छे स्वास्थ्य और सुखी भविष्य की कामना करते हैं। नए साल के पहले की शाम यानी 31 दिसंबर को हर जगह बड़ी धूम होती है। बच्चे समेत सभी उम्र के लोग नए साल पर पार्टी करते हैं और नए साल का स्वागत करते हैं। नए साल की शुरुआत लोग अच्छे से करना चाहता हैं, इसलिए वह अपनी कुछ बुरी आदतों को छोड़कर कुछ नई आदतों का पालन करने का संकल्प लेते हैं। नए साल के लिए दुनिया भर के हर घर में अलग–अलग रीति–रिवाज और परंपराएं होती हैं। हर एक व्यक्ति अपनी संस्कृति के अनुसार इस दिन को अपने अनोखे तरीके से मनाते हैं। कुछ लोग धार्मिक स्थलों पर जाने की प्लानिंग करते हैं, तो कुछ लोग घूमने के लिए देश–विदेश जाते हैं। वहीं कुछ लोग अपने परिवार वालों के साथ अच्छा समय बिताते हैं और एक दूसरे को उपहार भी देते हैं। लोगों का मानना है कि अगर साल की शुरुआत अच्छी हो तो पूरा साल वैसे बीतता है। नए साल पर, बच्चों को खासकर बहुत मजा आता है क्योंकि इस मौके पर परिवार का मिलना जुलना होता है। बच्चे अपने चचेरे भाई–बहनों से मिलते हैं और क्रिसमस की छुट्टियों और आने वाले साल की सभी मौज–मस्ती का खूब आनंद लेते हैं। नए साल का स्वागत करने के लिए बच्चे नए कपड़े पहनते हैं और केक भी काटते हैं। माता पिता बच्चों को प्रेरित करते हैं कि वे नए साल पर अपनी पढ़ाई और दूसरी एक्टिविटीज के साथ अपने लिए कोई न कोई लक्ष्य निर्धारित करें और साल के अंदर लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास करें और हर साल पहले से बेहतर बनने की ओर आगे बढ़ें।
पूरे विश्व में नया साल 1 जनवरी को मनाया जाता है, लेकिन भारत में यह दो बार मनाया जाता है। पहला नया साल अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 1 जनवरी को होता है और हिंदू पंचांग के अनुसार दूसरा नव वर्ष चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से मनाया जाता है, जिसे हिंदू नववर्ष और नवसंवत्सर भी कहा जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक इसकी शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि में होता है, जो कि मार्च या अप्रैल के महीने में आता है। इसी के साथ नवरात्री भी शुरू होती है।
नए साल पर लगभग सभी परिवार वाले एक दूसरे के साथ मिलते हैं, क्योंकि उस दौरान छुट्टियां होती है। नया साल सभी के लिए नई चुनौतियां और मौके लेकर आता है और हमे कुछ नया करने के लिए प्रेरित करता है। यह हमे यह सीख देता है कि जब भी कुछ नया करना चाहते हैं तो आपको बुराई का रास्ता छोड़कर सच्चा और अच्छे का रास्ता अपनाना पड़ेगा। लेकिन आपको ऐसा करने के लिए नए साल की जरूरत नहीं है बल्कि उसकी शुरुआत कभी भी की जा सकती है। यदि हम अपने ऊपर विश्वास रखें, तो हर दिन हमारे लिए नए साल के जैसा होगा।
जब जनवरी के पहले सप्ताह में स्कूल फिर से खुलते हैं तो लगभग हमेशा बच्चों को क्लास में असाइनमेंट या लिखने की एक्टिविटी के रूप में नए साल पर निबंध लिखने को कहा जाता है। यहाँ दिए गए सैंपल आपके बच्चे को नव वर्ष पर निबंध लिखने में मदद करेंगे। उसे ऊपर बताए गए निबंध के तीनों फॉर्मेट से बहुत सारे आइडिया और अलग–अलग तरीके से निबंध लिखने के उदाहरण मिलेंगे।
‘औल्ड लैंग सिने‘ नए साल का पारंपरिक गीत है, जिसे रॉबर्ट बर्न्स ने लिखा था।
हिंदू पंचांग के हिसाब से हिंदू नववर्ष 09 अप्रैल 2024 को होगा।
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