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अपने बच्चे को परेशान देखना किसी भी पैरेंट को मंजूर नहीं होता है, लेकिन जब बच्चे का इम्यून ही न स्ट्रांग हो तो आप उन्हें बीमार न होने से कैसे रोकेंगी? अक्सर माओं का यह सवाल होता है कि बच्चों को बिमारियों से कैसे दूर रखें, लेकिन आखिर आपका बच्चा बीमार क्यों पड़ रहा है इस बात पर क्या आपने गौर किया है? हाँ ये आपके बच्चे की हेल्थ से जुड़ा बहुत अहम सवाल है। आपकी लाख एफर्ट और केयर के बावजूद भी बच्चा बिमारियों से लड़ने के लिए तैयार क्यों नहीं है! तो इसका जवाब एक ही है और वह कि उनका इम्यून सिस्टम का स्ट्रांग न होना। भले ही आप कितनी भी कोशिश कर लें, लेकिन अगर बच्चे की इम्युनिटी ही स्ट्रांग नहीं होती तो वो बार-बार बीमार पड़ेगा और उसे रिकवर होने में भी समय लेगा।
हाँ! हम जानते हैं कि आपका दूसरा सवाल यह है कि बच्चे की इम्युनिटी को कैसे स्ट्रांग किया जाए? तो आप चिंता न करें यहाँ बताई गई टिप्स का पालन कर के आप अपने बच्चे की इम्युनिटी स्ट्रांग कर सकती हैं।
यहाँ आपको कुछ टिप्स दी गई हैं जिसके आधार पर आप बच्चे के इम्यून सिस्टम को मजबूत कर सकती हैं। बच्चे जब छोटे होते हैं तो उनका इम्यून सिस्टम पहले से ही बहुत कमजोर होता है और इसलिए उन्हें कोई भी इन्फेक्शन और फ्लू होने का खतरा ज्यादा जल्दी होता है, इस वजह से आपको बच्चों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है और खासकर कोविड-19 महामारी के इस दौर में अब आपको उन्हें कहीं ज्यादा प्रोटेक्ट करने की आवश्यकता है।
यह बहुत ही जरूरी है कि आप बच्चे को एक फिक्स्ड टाइम पर खाना खिलाएं, क्योंकि कोरोना के दौरान आपको हर चीज सही तरीके से फॉलो करनी होगी। खाने को लेकर एक डिसिप्लिन बनाना बहुत जरूरी है। बच्चे के लिए पूरे दिन का एक शेड्यूल बनाएं, जिसमें उन्हें किस समय पर क्या देना है ये भी ऐड करें। आप जानना चाहती होंगी कि ऐसा करना क्यों जरूरी है? तो आपको बता दें कि ऐसा करने से बच्चे को समय-समय पर पोषण मिलता रहेगा और यही वो पोषण हैं, जो बच्चे के इम्यून सिस्टम को बनाएं रखने में मदद करते हैं।
कोरोना काल में आपको ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतने के लिए निर्देश दिए गए हैं, ऐसे बाहर का खाना खाने से और भी ज्यादा बचें, क्योंकि यहाँ बात आपके बच्चे की हेल्थ की है, जिससे किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं करना चाहिए। इसलिए आप बच्चे को घर का बना फ्रेश खाना दें जो उसी समय खत्म हो जाए और अगला मील आप जो उसे दें, तो फ्रेश बनाकर दें।
बच्चे को कम से कम 6 महीने तक माँ को दूध दिया जाना चाहिए, पर क्यों माँ के दूध को सबसे अच्छा माना जाता है, प्राकृतिक रूप से माँ के दूध में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं, जो बच्चे की कमजोर इम्यून को बिमारियों से लड़ने की ताकत प्रदान करते हैं, इसलिए छोटे बच्चों के लिए माँ का दूध बहुत जरूरी है।
वैसे तो बच्चे को पार्क में या ग्राउंड में खेलने के लिए भेजना चाहिए ताकि वो बाहर के एनवायरनमेंट में खुद को एडजस्ट कर सकें, मगर कोरोना के डर से हम अपने बच्चों को अब बाहर खेलने के लिए नहीं भेज सकते हैं। लेकिन बच्चे को कुछ देर धुप मिलना जरूरी है। इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि सूरज की किरणों से विटामिन डी प्राप्त होता है और ये इम्यून को मजबूत करने के साथ कई फ्लू और वायरल से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है। आप बच्चे को अपने बालकनी, छत या खिड़की से मिलने वाली धूप में थोड़ी देर रखें।
साफ सफाई बनाएं रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि जहाँ गंदगी होती हैं वहीं बीमारियां पनपती हैं। लगातार बीमारी का होना इम्युनिटी को कमजोर करना है, तो आपको न केवल इम्यून सिस्टम बढ़ाना है बल्कि उसे प्रोटेक्ट करना है। बच्चों को ऐसे चीजों से दूर रखें जिन्हे वो अपने मुँह में बार-बार डालते हैं, अगर वे अपने खिलौनों को मुँह में डालते हैं तो इसे भी समय समय पर क्लीन करें, रोजाना बच्चे को नहलाएं और कपड़े बदले।
बच्चे को प्रोसेस्ड फूड देने से बचें, क्योंकि इसमें आर्टिफिशियल कलर और प्रिजर्वेटिव मौजूद होते हैं, जो उनके लिए हानिकारक होते हैं। ये फूड बिलकुल भी हेल्दी नहीं होते हैं, और कभी-कभी ये बच्चों में पेट दर्द का कारण भी बनता है।
कहते हैं कि बच्चे जो अपने पैरेंट को करते हुए देखते हैं, उसकी नकल करते हैं और एक्सरसाइज हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है, तो क्यों न यह हैबिट बच्चों में भी डाली जाए! आप अपने साथ-साथ बच्चे को भी एक्सरसाइज कराएं इस प्रकार उनकी हेल्थ अच्छी रेहगी और इम्युनिटी पर पॉजिटिव इम्पैक्ट पड़ता है।
एक संतुलित आहार का होना बहुत आवशयक है, न केवल बड़ों के लिए बल्कि बच्चों के लिए भी बैलेंस डाइट का होना जरूरी है। जिसमें ताजे फल और हरी सब्जियां के साथ और भी पौष्टिक आहार शामिल करना चाहिए, इसमें वो सभी विटामिन और मिनरल पाए जाते हैं जो बच्चे की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए जरूरी है।
यह काम सबसे जरूरी है कि आप समय पर बच्चे को सभी वैक्सीनेशन लगवाएं, इससे बच्चे को जल्दी बीमारियां नहीं होती है, और समय पर वैक्सीनेशन लेने से उन्हें कई जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकता है। जिसमें बीसीजी, टीटी, हेपेटाइटिस-बी, मीसल्स, ओरल पोलियो वैक्सीन दिलाना जरूरी।
बच्चे की नींद पूरा होना बहुत जरूरी है, ऐसा पाया गया है कि बच्चे की नींद ठीक से न पूरी होने के कारण उनकी इम्युनिटी पर बुरा प्रभाव पड़ता है, क्योंकि इससे उनकी रूटीन इफेक्ट होता है। छोटे बच्चों का ज्यादातर समय तो सोने में बीतता है, लेकिन थोड़े बड़े बच्चों के लिए 10 से 12 घंटे की नींद लेना जरूरी है।
बच्चे को हाइड्रेटेड रखने के लिए आप उन्हें फ्रेश फल और सब्जियों का सूप दें, नारियल पानी भी बच्चों के लिए अच्छा होता है, लेकिन बच्चे को कब और कितनी मात्रा में जूस देना चाहिए, इसके लिए आप डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से पूछ सकती हैं।
हमारे किचन में कई ऐसे इंग्रीडिएंट पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए इम्यून को बेहतर करने में मदद करते हैं, अगर आपके बच्चे ने अभी सॉलिड फूड लेना नहीं शुरू किया है, तो आप किसी न किसी चीज के जरिए इन इंग्रीडिएंट को अपने आहार में शामिल करें। यदि बच्चा सॉलिड फूड खाने लगा है तो कम अमाउंट में आप उनके आहार में इसे शामिल कर सकती हैं।
हल्दी बहुत फायदेमंद होती है, खासकर जब किसी को सर्दी जुकाम हो जाए, लेकिन क्या आपको पता है कि ये इतनी फायदेमंद क्यों होती है, तो हम बताते हैं! हल्दी में पाए जाने वाले करक्यूमिन नामक तत्व में एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, इसलिए आपको इसे आहार में शामिल करना चाहिए या फिर अगर बच्चे को हल्दी वाला दूध पसंद हो दे सकती हैं।
अजवाइन का उपयोग सर्दी, खांसी, जुकाम, अस्थमा और इन्फ्लूएंजा हेल्थ इशू को ठीक करने के लिए उपयोग किया जाता है, इस समय चल रही महामारी से बचने के लिए आप बच्चे को पीने के लिए अजवाइन का पानी दें। आप अजवाइन को पानी में डालकर उबाल लें और ठंडा होने के लिए रख दें, फिर इसे छान कर एक बॉटल में ट्रांसफर कर दें और जब बच्चा पानी मांगे तो यह बॉइल वाटर ही दें ।
अदरक विशेष रूप से फ्लू को रोकने का काम करती है और शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाती है, जिससे शरीर को बीमारी से लड़ने की ताकत मिलती है।
अदरक की तरह लहसुन भी बहुत फायदेमंद होता है, इसमें एंटी बैक्टीरियल, एंटी वायरल, एंटी बायटिक गुण होते हैं साथ ही ये इम्यून स्ट्रांग करने के लिए भी जाना जाता है। आप बच्चे के खाने में इसे थोड़ी मात्रा में डाल सकती हैं।
जी हाँ दही! इसमें पाए जाने वाले गुड बैक्टीरिया बच्चे के पेट सही रखते हैं, दही में मौजूद प्रोबायोटिक बच्चे को बीमारियों से दूर रखते हैं। अगर बच्चे को दही नहीं अच्छा लगता है, तो आप इसकी लस्सी बनाकर उन्हें दे सकती हैं।
बात जब बच्चे की इम्यूनिटी मजबूत करने की आती है, तो उस सबसे अहम चीज होती है कि बच्चा क्या खा रहा और क्या पी रहा है? हेल्दी फूड बच्चे को सभी पोषण और जरूरी चीजें प्रदान जो उनकी इम्युनिटी स्ट्रांग बनाएं रखने में मदद करता है। इसलिए हम खासकर यहाँ आपके लिए कुछ ऐसी हेल्दी रेसिपी लाए हैं, जो बच्चे की इम्यूनिटी को स्ट्रांग तो करेगा ही साथ ही वे खुशी-खुशी इसे खाना पसंद करेंगे! तो आइए एक नजर डालते इन स्वादिष्ट रेसिपी पर!
अगर आपने अपने बच्चे को सॉलिड फूड देना शुरू कर दिया है, तो ये रेसिपी उनके लिए परफेक्ट है और बहुत हेल्दी भी! आसानी से तैयार हो जाने वाली इस पनीर पॉरिज की रेसिपी जानने के लिए पढ़ना जारी रखें!
इंग्रीडिएंट:
विधि:
बच्चों को वैसे ही मीठा बहुत पसंद होता है और जब आप उन्हें ये फ्रूट की मिठास से भरा ये कस्टर्ड देंगी तो वो इसे बहुत शौक से खाएंगे। क्योंकि हमे बच्चे को हेल्दी चीजें ही देनी चाहिए, तो फिर क्यों हम उनकी पसंद के हिसाब से उन्हें खाने पीने की चीजें दें, ताकि हमे उनके पीछे सारा दिन भागना भी न पड़े।
इंग्रीडिएंट:
विधि:
जी हाँ यह डिश थोड़े बड़े बच्चों के लिए हैं, खासकर उनके लिए जिन्हे इडली पसंद हैं, हम सभी नॉर्मल इडली खा के बोर हो चुके हैं, तो फिर जरा सोचिए बच्चे कितना बोर हो गए होंगे, क्योंकि उन्हें तो हर चीज में चेंजेस पसंद होता है! जब एक माँ का टारगेट अपने बच्चे को हेल्दी फूड खिलाना होता है तो वह कभी भी इस चीज से कोम्प्रोमाईज नहीं करती है, इसलिए यह रेसिपी उन मॉम्स के लिए बहुत उपयोगी है जो हेल्दी ही फूड देना पसंद करती हैं साथ ही बच्चा चीजों की ओर ज्यादा अट्रैक्ट होता है जो दिखने में अच्छी लगे, तो अब सोचना क्या? फटाफट इस हेल्दी रेसिपी को ट्राई करें !
इंग्रीडिएंट:
विधि:
बच्चों को पैन केक, पिज्जा, बर्गर यह सब बहुत पसंद होता है, लेकिन बाहर से इन जंक फूड को खाना बच्चों के लिए हेल्दी फूड ऑप्शन नहीं है, ऐसे में आपको एक्स्ट्रा मेहनत करना पड़ती है, बच्चा घर का ही खाना खाए इसके लिए आपको उनके खाने में वेरिएशन लाना पड़ेगा और यह रेसिपी बच्चे को जरूर पसंद आएगी!
इंग्रीडिएंट:
विधि:
तो इन टिप्स और रेसिपी के साथ बच्चे को एक हेल्दी और बैलेंस डाइट दें, क्योंकि यही उनके इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और कमजोर भी कर सकता है, अब यह हमे पैरेंट के नाते तय करना है कि हम बच्चे के लिए क्या चूज करते हैं और उन्हें कैसे बीमारियों से दूर रख सकते हैं।
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