बड़े बच्चे (5-8 वर्ष)

बच्चों को फोनिक्स कैसे सिखाएं

आपको बता दें कि इन दिनों फोनिक्स शब्द ने, जिसे 10 साल पहले तक ज्यादा कोई जानता भी नहीं था, हमारी शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण जगह बना ली है। कई लोग इसे पूरी तरह से एक अलग विषय मानते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। फोनिक्स आपके बच्चे को यह समझने में मदद करता है कि आखिर भाषा क्या है और इसे अच्छी तरह से कैसे सीखें। ज्यादातर माता-पिता की तरह, यदि आपको आश्चर्य है कि अपने बच्चे को फोनिक्स कैसे सिखाया जाए, तो आपकी मदद करने के लिए यहां कुछ टिप्स दिए गए हैं।

फोनिक्स क्या है?

जैसा कि हम जानते हैं कि इन दिनों फोनिक्स सीखना और सिखाना काफी आम हो चुका है, इसलिए यह समझना जरूरी है कि यह वास्तव में क्या है। फोनिक्स, जैसा कि नाम से पता चलता है, यह ध्वनियों से संबंधित है। ऐसी कई आवाजें हैं जो हमारे मुंह से बनाई जा सकती हैं और उनमें से कई ने आज की भाषा को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें से ज्यादातर ध्वनियों को अक्षरों द्वारा दर्शाया जाता है और उन दोनों के बीच के इस संबंध का पता लगाना ही फोनिक्स का लक्ष्य है। बच्चों के लिए इस पहलू को जल्द से जल्द समझने से उन्हें भाषा निर्माण के मूल को समझने में मदद मिल सकती है और यह उन्हें अन्य भाषाओं को भी तेजी से चुनने में मदद करता है।

फोनिक्स आपके बच्चे के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

एक भाषा बोलना हमें अभी जितना स्वाभाविक लगता है, लेकिन वहीं एक बच्चे के लिए इसे समझना और इसकी बारीकियों को जानना काफी मुश्किल होता है। लेकिन आज के मॉडर्न समय में एक से अधिक भाषा सीखने पर बहुत अधिक ध्यान देने के साथ, दोनों भाषाओं के बीच के अंतर और नींव को स्पष्ट रूप से अपने दिमाग में डालना पड़ता है। जब आपका बच्चा बोलता और लिखता है, तो उसे पता होना चाहिए कि शब्द कैसे बनता है और बोला जाता है और साथ ही इसका क्या अर्थ है और यह सब दिमाग में जल्दी से करने की जरूरत होती है ताकि वह सामान्य गति से लिख और बोल सके, जैसे हर कोई करता है। भाषा को समझने, उसे व्यक्त करने और नए को चुनने से संबंधित इन सभी स्किल को फोनिक्स को समझकर बढ़ावा मिलता है।

बच्चों को फोनिक्स सिखाने की रणनीतियां

बता दें कि माता-पिता के रूप में, हम स्कूल में फोनिक्स सिखाने के विशेष तरीकों से अवगत नहीं होते हैं या यहां तक ​​​​कि उन एक्टिविटीज से पूरी तरह से बेखबर होते हैं जो फोनिक्स सिखाने में मदद करते हैं। फिर भी, कुछ रणनीतियां हैं जिन्हें एक फोनिक्स सत्र के समान फायदा करने के लिए नियोजित किया जा सकता है।

1. कॉम्प्रिहेंशन पर ध्यान दें

इसमें कोई बड़ी बात नहीं है, यदि आप ध्वनियों पर ध्यान केंद्रित करने और अक्षरों से उनके संबंध को नहीं जानती हैं, लेकिन हर माता-पिता अपने बच्चे को यह समझने में मदद कर सकते हैं कि उन्हें क्या पढ़ाया जा रहा है और अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं। बच्चे को कहानियों और लेखों में व्यस्त रखें और उससे इस बारे में बात करें। उसे यह बताने के लिए कहें कि अभी-अभी उसके शब्दों के साथ क्या हुआ और वह सोचेगा कि आगे क्या हो सकता है। अपने विचार व्यक्त करने के लिए सही शब्दों का उपयोग करने के लिए वह बेहतर तरीके से सीखेगा।

2. अभ्यास करना जरूरी है

आपके बच्चे को कहानी पढ़ने और उसे समझाने के बाद उसे एक बार फिर से पढ़ना उसके लिए सुविधाजनक हो जाता है। किसी चीज पर फिर से अपने दिमाग में अधिक जानकारी और अवधारणा की स्पष्टता के जाने से उसे लिखने के तरीके पर ध्यान केंद्रित करने और यह जांचने में मदद मिल सकती है कि किसी विशेष इवेंट या क्रिया या भावना का वर्णन करने के लिए किन शब्दों का उपयोग किया गया था। बच्चे का जोर से पढ़ना और फिर से अभ्यास करना उसे भाषण के साथ सहज बनाता है।

3. वर्ड गेम्स का उपयोग करें

जब आपके बच्चे को फोनिक्स सिखाने की बात आती है तो भाषा पर आधारित खेल खास होते हैं। शब्दों के कनेक्शन वाला गेम खेलना जहां प्रत्येक एक शब्द कहता है जो पिछले एक के अंतिम अक्षर से शुरू होता है, अक्षरों का उचित उपयोग करने के बीच संबंध बनाने में मदद करता है। अपने बच्चे को भी जोर से बोलने दें कि वह अभी क्या कर रहा है और अपने आसपास की चीजों का भी वर्णन करें।

4. शब्दों का निर्माण

फोनिक्स का सबसे बुनियादी हिस्सा मौजूदा शब्दों को उन ध्वनियों में तोड़ना है जो उन्हें बनाते हैं। आप इस एक्टिविटी में अपने बच्चे के साथ शामिल हो सकती हैं और उसे इसका सर्वोत्तम लाभ उठाने में मदद कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, शब्द “कार” तीन ध्वनियों से बना है, अर्थात् शुरुआत में “सीए”, मध्य में “आ” और अंत में “आर”। इन ध्वनियों को समझने पर इन्हें एक साथ रखने से “कार” शब्द बनता है।

5. पॉइंट बनाए और पढ़ें

हम जानते हैं कि शुरुआती समय में बच्चे उतनी तेजी से नहीं पढ़ सकते हैं जितना हम पढ़ सकते हैं और न ही वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देते हैं। यदि वे इसे बिना जोर से बोले पढ़ने की प्रवृत्ति रखते हैं। अपने बच्चे को अपनी उंगली का उपयोग करना सिखाएं और इसे प्रत्येक शब्द के नीचे रखें क्योंकि वह इससे जोर से पढ़ने का प्रयास करता है। इससे उसे अक्षरों की ध्वनियों को एक साथ रखने और एक ऐसे शब्द को पढ़ने का प्रयास करने में मदद मिलती है जिसे वह जानता भी नहीं है। इस तरह की एक्टिविटी फोनिक्स की क्षमता का उपयोग करती है और बच्चों को खुद के टीचर बनने में बदल देती है।

6. इसे रोज की आदत शामिल करें

धीरे-धीरे, बच्चे को स्कूल की पुस्तकों के दायरे से बाहर पढ़ना सिखाएं और सामान्य समय को होमवर्क और स्कूल की एक्टिविटीज के लिए अलग रखें। रोज सुबह बच्चे को अखबार की सुर्खियां पढ़ने की आदत से इस चीज की शुरुआत करें या जब आप रात को काम से लौटती हैं, तो उसे एक मैगजीन चुनने दें और आप दोनों उसे एक साथ पढ़ें।

7. जैसा लिखें वैसा बोलें

वैसे तो ज्यादातर एक्टिविटीज पढ़ने पर ध्यान केंद्रित करती हैं, लेकिन जब बच्चा लिखना सीख रहा हो, तब भी फोनिक्स का उपयोग किया जा सकता है। जैसे ही उसे शब्दों की जानकारी होने लगे, उसे एक विशेष शब्द लिखने के लिए कहें। जब वह ऐसा करता है, तो उसे उसमें इस्तेमाल किए गए अक्षरों की आवाज जोर से बोलने के लिए कहें। यह उसके पास मौजूद ज्ञान को और मजबूत बनाता है।

यदि आप सोच रही हैं कि किंडरगार्टन के बच्चों को फोनिक्स कैसे सिखाई जाए, तो आप बहुत आगे की सोच रही हैं। शिक्षकों के अपने तरीके और तकनीकें होती हैं जो प्रत्येक स्किल पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान केंद्रित करती हैं। शुरुआत में, आप बच्चे को सीखने में सहायता प्रदान करने के लिए खेल और मनोरंजक एक्टिविटीज का उपयोग कर सकती हैं, साथ ही अपने बच्चे के साथ एक अनोखा बॉन्ड भी बना सकती हैं।

यह भी पढ़ें: 

बच्चों को पढ़ना कैसे सिखाएं
बच्चों को अक्षर कैसे सिखाएं
बच्चोंं की लिखावट कैसे सुधारें

समर नक़वी

Recent Posts

डॉ. भीमराव अंबेडकर पर निबंध (Essay On Bhimrao Ambedkar In Hindi)

भारत में कई समाज सुधारकों ने जन्म लिया है, लेकिन उन सभी में डॉ. भीमराव…

2 days ago

राम नवमी पर निबंध (Essay On Ram Navami In Hindi)

राम नवमी हिंदू धर्म का एक अहम त्योहार है, जिसे भगवान श्रीराम के जन्मदिन के…

2 days ago

रियान नाम का अर्थ, मतलब और राशिफल – Riyan Name Meaning in Hindi

आज के समय में माता-पिता अपने बच्चों के लिए कुछ अलग और दूसरों से बेहतर…

1 week ago

राजीव नाम का अर्थ, मतलब और राशिफल – Rajeev Name Meaning In Hindi

लगभग हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनके बच्चे का नाम सबसे अलग और…

1 week ago

35+ पति के जन्मदिन पर विशेस, कोट्स और मैसेज | Birthday Wishes, Quotes And Messages For Husband in Hindi

एक अच्छा और सच्चा साथी जिसे मिल जाए उसका जीवन आसान हो जाता है। कहते…

2 weeks ago

माँ के लिए जन्मदिन पर विशेस, कोट्स और मैसेज – Birthday Wishes, Quotes And Messages For Mother in Hindi

माँ वह इंसान होती है, जिसका हमारे जीवन में स्थान सबसे ऊपर होता है। माँ…

2 weeks ago