बच्चों के स्वस्थ विकास और वृद्धि के लिए विटामिन और मिनरल्स बेहद जरूरी होते हैं। लेकिन बच्चों को हेल्दी खाना खिलाना, जिसमें उनके बढ़ते शरीर की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी पोषक तत्व मौजूद हों, कोई आसान काम नहीं है। अगर आपका बच्चा खाने-पीने के मामले में बहुत ही नखैरल है और पौष्टिक खाना नहीं खाना चाहता है, तो ऐसे में उसे विटामिन और अन्य पोषक तत्वों की कमी से जूझना पड़ सकता है। बच्चों में विटामिन डी की कमी आम बात है और इससे रिकेट्स और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। इस स्थिति के साथ आमतौर पर खून में कैल्शियम की कमी होती है और इसके कारण विकृति, दिल की गंभीर समस्याएं और अन्य दर्दनाक परेशानियां पैदा हो सकती हैं।
बच्चों में इस कमी के बारे में जानकारी रखकर इससे बचा जा सकता है और समय पर इसका इलाज किया जा सकता है।
बच्चों के विकास के लिए विटामिन डी बेहद जरूरी है। यह उनकी हड्डियों के विकास में मदद करता है और कैल्शियम के अब्जॉर्प्शन में भी मददगार होता है। प्राकृतिक रूप से सुबह की धूप में विटामिन डी मिलता है।
यह एक जरूरी विटामिन है, क्योंकि विटामिन डी की कमी के कारण निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं –
बच्चों में विटामिन डी की कमी के कारण नीचे बताए गए हैं:
बच्चों में विटामिन डी डेफिशिएंसी के कुछ आम संकेत और लक्षण इस प्रकार हैं:
एक बढ़ते बच्चे के लिए खाना मिनरल्स, विटामिन, प्रोटीन और अन्य जरूरी पोषक तत्व का मुख्य स्रोत होता है। इसलिए पर्याप्त विटामिन और मिनरल से भरपूर एक संतुलित भोजन लेना बेहद जरूरी है, ताकि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी खतरे से दूर रहा जा सके। अगर आप विटामिन डी से भरपूर कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों की तलाश कर रही हैं, जिन्हें आप बच्चे के आहार में शामिल कर सकें, तो यहां पर इसके कुछ विकल्प दिए गए हैं:
बच्चों में विटामिन डी की कमी या तो हल्की हो सकती है या फिर गंभीर भी हो सकती है। इसका इलाज और इसकी खुराक बच्चे की स्थिति पर निर्भर करती है। दोनों ही मामलों में एक पीडियाट्रिशियन से परामर्श लेना सबसे अच्छा होता है। एक साल से अधिक के बच्चों के लिए विटामिन डी की खुराक 400 आईयू होती है। लेकिन अपने बच्चे के लिए इस पर विचार करने से पहले आपको अपने बच्चे के डॉक्टर से बात करना जरूरी है।
बच्चों में विटामिन डी डेफिशिएंसी का इलाज इस समस्या की गंभीरता और एक पीडियाट्रिशियन की सलाह के आधार पर किया जाना चाहिए। लेकिन आप अपने बच्चे को विटामिन डी की कमी से निपटने में किस प्रकार मदद कर सकती हैं, इसकी कुछ जानकारी यहां पर दी गई है:
बचाव हमेशा से ही इलाज से बेहतर होता है। विटामिन डी की कमी से कैसे बचा जा सकता है, इसकी जानकारी से आपको मदद मिल सकती है। आपके बच्चे को विटामिन डी की कमी से ग्रस्त न होना पड़े और वह बिना किसी सप्लीमेंट या दवाओं के एक स्वस्थ और प्रसन्न बचपन को इंजॉय कर सके, यह सुनिश्चित करने के लिए यहां पर कुछ जानकारी दी गई है।
हड्डियों के स्वास्थ्य और बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए विटामिन डी बेहद जरूरी है। अगर आप अपने बच्चे में विटामिन डी की कमी के कोई भी लक्षण या संकेत देखते हैं, तो यह जरूरी है कि डॉक्टर से परामर्श लें और समय पर इसका इलाज करने में मदद करें।
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