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ब्रेस्टफीडिंग के दौरान अबॉर्शन पिल्स लेना – साइड इफेक्ट्स और सेफ्टी टिप्स

वैसे तो प्रेग्नेंट होने की न्यूज एक अच्छी खबर होती है पर कभी-कभी यह ऐसे समय पर भी हो जाती है जब आप न चाहती हों। यह अक्सर तब होता है जब आप पहले से एक छोटे से बेबी की मां हों और उसे ब्रेस्टफीडिंग कराती हों। ऐसे मामले में गर्भवती होना कुछ महिलाओं के लिए खुशी की बात होती है पर कई महिलाएं एक बार में दो छोटे-छोटे बच्चों को संभालने के बारे में सोचकर बहुत ज्यादा खुश नहीं होती है। यदि आप गर्भावस्था नहीं चाहती हैं तो इसे खत्म करने के विकल्प भी खोज रही होंगी। इस आर्टिकल में ब्रेस्टफीडिंग के दौरान अबॉर्शन की दवा लेने से संबंधित फायदे, साइड इफेक्ट्स और सेफ्टी टिप्स के बारे में बताया गया है, जानने के लिए आगे पढ़ें। 

क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान अबॉर्शन पिल्स लेना सुरक्षित है?

यदि आप अबॉर्शन की दवा से अपनी गर्भावस्था खत्म करना चाहती हैं तो पहले इसके बारे में आपको डॉक्टर से बात करनी चाहिए। इस पर कुछ बातों, जैसे आपके बेबी की उम्र, आप बच्चे को दिन भर में कितनी बार दूध पिलाती हैं, आपके गर्भ में पल रहे बच्चे की उम्र आदि का असर पड़ता है। इन सभी बातों को देखने के बाद डॉक्टर आपको दवा लेने या न लेने की सलाह दे सकते हैं। अबॉर्शन पिल्स ज्यादातर दो कॉम्बिनेशन में आती है – फर्स्ट पिल और सेकंड पिल। गर्भावस्था खत्म करने के लिए पांच दवाओं का सेट लेना पड़ता है पर यह दोनों चीजें ब्रेस्ट मिल्क तक भी पहुँच सकती हैं। यदि आप सोच रही हैं कि क्या मैं ब्रेस्टफीड करा सकती हूँ अगर मैं अबॉर्शन पिल लेती हूँ, तो इस बारे में डॉक्टर आपको सबसे सही सलाह दे सकते हैं। 

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क्या अबॉर्शन की दवा से ब्रेस्टफीडिंग पर प्रभाव पड़ता है?

अबॉर्शन की दवा ब्रेस्ट मिल्क तक जा सकती है जिसकी वजह से कुछ मांएं गर्भावस्था खत्म करने के लिए इस तरीके का उपयोग नहीं करती हैं। अबॉर्शन की दवा में कुछ ऐसी सामग्रियां भी होती हैं जिससे स्तनपान करने वाले बच्चे के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और उसे डायरिया या स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। दवा लेने के बाद सही तरीके से ध्यान रखा जाए या देखभाल की जाए तो इससे बच्चे की सुरक्षा करने में मदद मिल सकती है। ज्यादातर मामलों में अबॉर्शन की दवा लेने के बाद डॉक्टर अक्सर अगले 5 घंटों तक ब्रेस्टफीडिंग कराने की सलाह नहीं देते हैं। दवा लेने से पहले डॉक्टर ब्रेस्ट मिल्क एक्सप्रेस करके अगले कुछ दिनों तक बच्चे को पिलाने के लिए कह सकते हैं। कुछ मामलों में महिलाओं को कुछ सप्ताह तक ब्रेस्टफीड न कराने की सलाह दी जा सकती है। ये सभी बातें पिल्स के प्रकार पर निर्भर करती हैं। हालांकि भारत में एक महिला को गोली लेने के बाद भी ब्रेस्टफीडिंग बंद करने के लिए नहीं कहा जाता है। पर यह भी पिल्स के प्रकार पर ही निर्भर करता है। 

ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं अबॉर्शन के मेडिकल तरीके को ज्यादा क्यों चुनती हैं

गर्भावस्था समाप्त करना दुःख व परेशानी का अनुभव होता है और यह पूरी तरह से आपका निर्णय है कि आप सर्जिकल मेथड का उपयोग करना चाहती है या मेडिकल मेथड का उपयोग करना चाहती हैं। एक माँ जो पहले से ही छोटे बच्चे की देखभाल कर रही है उसके लिए सर्जिकल मेथड बहुत ज्यादा हो सकता है। इससे कई बार मांओं को साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं, जैसे बहुत ज्यादा थकान, अनिद्रा, भूख की कमी आदि। इससे डिप्रेशन व स्ट्रेस भी होता है। इसलिए ज्यादातर महिलाएं कम खतरों वाला तरीका अपनाती हैं और इन मामलों में अबॉर्शन की दवा लेने ही सही विकल्प है। 

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ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गर्भावस्था नष्ट करने के मेडिकल तरीकों में पिल्स लेना शामिल है। इस पूरे प्रोसीजर के लिए पिल्स लेना ज्यादा पर्सनल है। सर्जिकल प्रोसीजर कराने से आपको शारीरिक और मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं पर मेडिकल प्रोसीजर में आप घर में ही सुविधा के अनुसार दवा ले सकती हैं (पर निश्चित ही मेडिकल सलाह के अनुसार और निरीक्षण में)। 

जब आप दवा लेती है तो इससे गर्भाशय सिकुड़ने लगता है, जिससे भ्रूण बाहर निकलने से अबॉर्शन हो जाता है। यह मेथड सर्जिकल मेथड से ज्यादा सस्ता भी होता है। आज कल महिलाएं टेक्नोलॉजी का ज्यादा उपयोग करती हैं व ऑनलाइन शॉपिंग पर भरोसा रखती हैं, ये पिल्स फार्मास्युटिकल वेबसाइट से भी खरीदी जा सकती है। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि आप ऐसी कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह लिए बिना न लें।  

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अबॉर्शन पिल लेने पर सुरक्षित ब्रेस्टफीडिंग के टिप्स

यदि आप ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गर्भावस्था खत्म करने की दवा लेती हैं तो आपके लिए सेफ्टी टिप्स फॉलो करना बहुत जरूरी है ताकि बच्चे को कोई भी हानि न हो। कुछ टिप्स निम्नलिखित हैं, आइए जानें; 

  • अबॉर्शन की दवा लेने के बाद बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग न कराएं। इससे बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं या असुविधाएं भी हो सकती हैं।
  • बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराना शुरू करने से पहले फिजिशियन से बात करें। इसके बाद ही डॉक्टर आपको बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराने की सलाह देंगे।
  • दवा के इंग्रेडिएंट्स शरीर से साफ हुए हैं या नहीं यह जानने के लिए आपको कुछ विशेष टेस्ट कराने की जरूरत पड़ सकती है।
  • यदि आप ब्रेस्टफीडिंग कराती हैं तो एक्टोपिक गर्भावस्था खत्म करने के लिए अबॉर्शन की दवा लेने से बचें। ब्रेस्टफीडिंग के दौरान एक्टोपिक गर्भावस्था को खत्म करने के लिए आपको सर्जिकल प्रोसीजर का चुनाव करना चाहिए।

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान अबॉर्शन पिल्स साइड इफेक्ट्स

यदि बेबी को ब्रेस्टफीडिंग कराने के दौरान आप गर्भवती होती हैं और यदि यह अनचाही गर्भावस्था है तो आपको अबॉर्शन की दवा लेने की इच्छा होगी। मेडिकल अबॉर्शन, जैसे दवा लेने से बच्चे को कोई भी हानि नहीं होगी। हालांकि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान अबॉर्शन की दवा लेने से कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। अबॉर्शन की दवा लेने से होने वाले साइड इफेक्ट्स में पेट में दर्द होना, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना, वजायनल डिस्चार्ज में दुर्गंध आना और बुखार होना। यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा अबॉर्शन की दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 

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यदि आप बच्चा नहीं चाहती है तो कोई बात नहीं क्योंकि इस निर्णय से सिर्फ आपको ही फर्क पड़ेगा। इसलिए यदि आपने यह दवा लेने का निर्णय लिया है तो पहले इस बारे में सोच लें क्योंकि यह पूरी तरह से आप पर ही निर्भर करता है। 

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सुरक्षा कटियार

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