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यद्यपि अक्सर महिलाएं नॉर्मल डिलीवरी से ही बच्चे को जन्म देना चाहती हैं पर कुछ कॉम्प्लीकेशंस या समस्याओं की वजह से सिजेरियन करवाना जरूरी हो जाता है। इसमें महिला के पेट पर एक छोटा सा चीरा लगाया जाता है जिससे बच्चे को बाहर निकालने के लिए गर्भाशय खुल जाता है। यद्यपि बच्चे की डिलीवरी में लगभग 20 मिनट लगते हैं पर सिजेरियन की पूरी प्रक्रिया को खत्म होने में लगभग 45 मिनट से 1 घंटा लगता है। सर्जरी करते समय डॉक्टर सबसे पहले महिला को एपिडुरल के माध्यम से या रीढ़ में इंजेक्शन लगाकर एनेस्थीसिया देते हैं। शरीर के निचले हिस्से को सुन्न करने में एनेस्थीसिया एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ताकि डॉक्टर सी-सेक्शन की प्रक्रिया को शुरू कर सकें। यही प्रमुख कारण है कि कई महिलाओं को सी-सेक्शन के बाद सिर में गंभीर दर्द होता है।
सर्जरी के दौरान महिला को उसकी पीठ के निचले हिस्से में एनेस्थीसिया का इंजेक्शन देने की वजह उसे वहाँ पर दर्द होता है पर इसके साथ ही महिला के सिर व गर्दन में भी दर्द होना शुरू हो जाता है। यह दर्द महिला को सी-सेक्शन के दौरान एनेस्थीसिया देने की वजह से होता है। यह दर्द सभी महिलाओं को नहीं होता पर सिजेरियन डिलीवरी करवाने वाली लगभग 1% महिलाओं को यह समस्या होती है। चूंकि महिला की रीढ़ में एपिडुरल लगाया जाता है इसलिए इंजेक्शन की सुई ज्यादा नुकीली होती है और त्वचा की सभी लेयर के अंदर तक जाकर लगती है। इस प्रक्रिया के दौरान इंजेक्शन बहुत गहराई में लगाया जाता है जिससे यह त्वचा के अंदर जाकर रीढ़ की हड्डी में लगता है। इससे रीढ़ में मौजूद फ्लूइड बाहर निकलकर कॉर्ड की खाली जगह पर भर जाता है। यह फ्लूइड अन्य जगहों पर फैलने की वजह से महिलाओं के सिर में गंभीर दर्द होता है।
एक गर्भवती महिला के लिए सिर में दर्द की समस्या को समझ पाना कठिन नहीं है क्योंकि इसके शुरू होते ही महिला को दर्द महसूस होने लगता है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद यह दर्द अचानक से तेज होने के बजाय धीरे-धीरे शुरू होता है और फिर गंभीर रूप ले लेता है। महिला को सिर में गंभीर दर्द होने की वजह से बेहद बेचैनी होती है और उसके लिए बच्चे को फीडिंग कराना और संभालना भी कठिन हो जाता है। इसकी वजह से अक्सर महिलाओं को कुछ साइड इफेक्ट्स होते हैं जिसकी वजह से उन्हें उल्टी या पेट की समस्याएं हो सकती हैं। यदि यह दर्द बहुत ज्यादा गंभीर होता है तो यह कॉर्ड में क्षति का संकेत भी हो सकता है जिसकी वजह से बाद में अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। यदि आपको यह समस्या होती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
कई महिलाओं का मानना है कि लेटने व आराम करने से सिर का दर्द कम हो जाता है और इसकी गंभीरता में बहुत अंतर पड़ता है। दर्द से आराम पाने के लिए आपको आवश्यक दवाएं, समय और आराम करने की जरूरत है। चूंकि इस दौरान आपका शरीर रिकवर कर रहा है और आप बच्चे को दूध भी पिलाती हैं इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी पेनकिलर या सिर दर्द की दवाई नहीं लेनी चाहिए। कभी-कभी यदि आपको इंजेक्शन लगाए गए जगह पर गंभीर दर्द व जख्म हो जाता है तो डॉक्टर उसे भरने के लिए ब्लड पैच नामक तकनीक का उपयोग करते हैं। इसमें डॉक्टर आपका थोड़ा सा खून लेकर इंजेक्शन के माध्यम से वहाँ पर खून इंजेक्ट करते हैं जहाँ पर पहले एनेस्थीसिया दिया गया था। यह प्रक्रिया अजीब लग सकती है पर रीढ़ की हड्डी के पास जमे हुए खून को हटाने के लिए वहाँ पर खून की आपूर्ति से फ्लूइड निकलना बंद हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप महिलाओं को जल्दी ही आराम मिलता है।
सी-सेक्शन के बाद महिलाओं को सिर में गंभीर दर्द की समस्या होना कोई अजीब बात नहीं है। यद्यपि इससे काफी परेशानी होती है पर यह एक सप्ताह से ज्यादा दिनों तक नहीं रहती है और सिर्फ आराम करने से ही ठीक हो जाती है। इस समय आप अपने नन्हे से बच्चे को पूरा समय और अटेंशन दें जिससे आपका ध्यान दर्द की ओर नहीं जाएगा और इसे जल्दी ठीक होने में मदद मिलेगी।
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