शिशु

बेबी के हाथ-पैरों में एक्स्ट्रा उंगलियां होना (पॉलीडैक्टिली)

क्या आपने जन्म के बाद बच्चे के हाथ-पैरों की उंगलियों को गिनने के लिए उतावले लोगों को देखा है? अगर आप अपनी मां, पति या परिवार के किसी बड़े सदस्य को बच्चे की सभी 20 उंगलियों को चेक करता हुआ देखें, तो आपको आश्चर्य नहीं होना चाहिए। कभी-कभी आपके बच्चे के हाथ या पैर में एक उंगली अधिक हो सकती है, जो आपको व्याकुल कर सकती है। क्या यह मामूली है या यह आपके लिए किसी गंभीर चिंता का कारण हो सकता है? अगर आपके बच्चे के हाथ या पैर में एक उंगली अधिक है, तो इस आर्टिकल से आपको अपने बच्चे की इस स्थिति के बारे में विस्तार से समझने में मदद मिलेगी। 

पॉलीडैक्टली क्या है?

पॉलीडैक्टली एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बच्चा हाथ या पैर की एक अधिक उंगली के साथ जन्म लेता है। यह एक एक्स्ट्रा उंगली आमतौर पर अंगूठे या छोटी उंगली के पास होती है। पॉलीडैक्टली शिशुओं में दुर्लभ नहीं है, बल्कि यह एक आम स्थिति है, जिसमें बच्चे के शरीर में हाथ या पैर की एक उंगली अधिक होती है। ऐसा देखा गया है, कि हर 1000 में से एक बच्चा इस स्थिति से प्रभावित होता है। ज्यादातर मामलों में, इसके किसी स्पष्ट कारण का पता नहीं होता है। आमतौर पर, इसे एक एक्स्ट्रा डिजिट कहा जाता है, जो कि पूरी तरह से फंक्शनिंग हो सकता है या एक्स्ट्रा त्वचा का केवल एक छोटा सा टुकड़ा हो सकता है। 

बेबी के शरीर में एक्स्ट्रा उंगली होने के क्या कारण होते हैं?

हालांकि आपके बच्चे के एक्स्ट्रा उंगली के साथ जन्म लेने का कोई स्पष्ट कारण नहीं है, लेकिन अगर आपको या आपके पार्टनर को एक एक्स्ट्रा डिजिट है, तो हो सकता है, कि आपके बच्चे में भी ऐसा दिख जाए। ऐसी स्थिति में बच्चे में ऐसा होने की संभावना 75% तक बढ़ जाती है, क्योंकि कभी-कभी कुछ खास जींस एक जनरेशन से दूसरे जनरेशन तक पास हो जाते हैं, जिसके कारण ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। 

हालांकि, कभी-कभी जींस के कुछ डिफेक्ट्स, आपके बच्चे के हाथ और पैर की बनावट को तय करने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, ट्राइसोमी 13, कारपेंटर सिंड्रोम, फैमिलियल पॉलीडैक्टली आदि जैसी कुछ दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों से किसी तरह का संबंध होने से भी ऐसा देखा जा सकता है। कभी-कभी यह किसी बाहरी कारण का कोई आंतरिक लक्षण हो सकता है। इसलिए अपने डॉक्टर से जांच कराएं और आगे की सभी जरूरी जांच आदि पर ध्यान दें। 

ऐसी कुछ स्थितियां होती हैं, जिनके कारण शिशुओं के हाथ या पैरों में एक अधिक उंगली हो सकती है। 

पॉलीडैक्टली की पहचान

पॉलीडैक्टली के कुछ स्पष्ट लक्षण होते हैं, लेकिन फिर भी ऐसी सलाह दी जाती है, कि डॉक्टर आपके बच्चे की पूरी जांच करें और इससे जुड़े किसी अन्य कॉम्प्लिकेशंस की मौजूदगी के बारे में पता करें। डॉक्टर एक एक्स-रे करने की सलाह दे सकते हैं, ताकि यह पता चल सके, कि यह डिजिट त्वचा से जुड़ी है या हड्डी से, ताकि आगे इलाज की प्रक्रिया का निर्णय लिया जा सके। 

छोटे बच्चों में एक्स्ट्रा उंगली का इलाज कैसे हो सकता है?

अगला कदम तय करने से पहले, यह समझना जरूरी है, कि हाथ या पैर में एक उंगली अधिक होने से आपके बच्चे के स्वास्थ्य को कोई नुकसान नहीं होता है और इसलिए इसे निकालने से भी कोई दबाव जुड़ा नहीं होता है। 

अगर आपको लगता है, कि आपका बच्चा एक अधिक उंगली के साथ अपना पूरा जीवन बिता सकता है, तो इसे ऐसे ही रहने दें। लेकिन ऐसा निर्णय लेते समय आपको यह ध्यान रखना चाहिए, कि बेबी के जीवन में यह एक्स्ट्रा डिजिट सौंदर्य के दृष्टिकोण से भविष्य में किस तरह का प्रभाव डालेगा। बाहरी रूप रंग के अलावा ऐसी कई समस्याएं हो सकती हैं, जिन पर आपको विचार करना चाहिए। उदाहरण के लिए, यह आपके बच्चे के स्पोर्ट्स परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है या उसे सही साइज के जूते खरीदने में कठिनाई हो सकती है और ऐसी ही अन्य कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर आपको विचार करना चाहिए। 

या फिर, आप इस एक्स्ट्रा डिजिट को निकालने के बारे में भी सोच सकती हैं। इस एक्स्ट्रा उंगली को ऑपरेशन के माध्यम से निकाला जाएगा। अगर आप ऐसा करना चाहती हैं, तो बेहतर है कि शुरुआती बचपन में ही इसे प्लान करें। इस सर्जरी की जटिलता इस बात पर निर्भर करती है, कि बच्चे की एक्स्ट्रा उंगली हड्डी से जुड़ी है या चमड़ी से। ज्यादातर मामलों में सर्जरी में अधिक समय नहीं लगता है और यह प्रक्रिया भी काफी आसान होती है। हाथ या पैर की एक्स्ट्रा उंगली के साथ जन्म लेने वाले बच्चों को सर्जरी की जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़े, ऐसा बहुत ही दुर्लभ है। आपके बच्चे को सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी या ऑक्यूपेशनल थेरेपी की जरूरत पड़ सकती है। 

आपको इस एक्सट्रा उंगली को साथ रखना है या उससे छुटकारा पाना है, इस बात का निर्णय बहुत ही सोच समझ कर करना चाहिए। इस समस्या से जुड़ी किसी तरह की दुविधा या चिंता होने पर प्रोफेशनल मदद लेना चाहिए। 

यह भी पढ़ें: 

शिशुओं में हाथ, पैर और मुंह की बीमारी
क्या बच्चों के हाथ और पैर ठंडे होना आम हैं?
शिशुओं में हिप्स का डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया (क्लिकी हिप्स)

पूजा ठाकुर

Recent Posts

डॉ. भीमराव अंबेडकर पर निबंध (Essay On Bhimrao Ambedkar In Hindi)

भारत में कई समाज सुधारकों ने जन्म लिया है, लेकिन उन सभी में डॉ. भीमराव…

2 days ago

राम नवमी पर निबंध (Essay On Ram Navami In Hindi)

राम नवमी हिंदू धर्म का एक अहम त्योहार है, जिसे भगवान श्रीराम के जन्मदिन के…

2 days ago

रियान नाम का अर्थ, मतलब और राशिफल – Riyan Name Meaning in Hindi

आज के समय में माता-पिता अपने बच्चों के लिए कुछ अलग और दूसरों से बेहतर…

1 week ago

राजीव नाम का अर्थ, मतलब और राशिफल – Rajeev Name Meaning In Hindi

लगभग हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनके बच्चे का नाम सबसे अलग और…

1 week ago

35+ पति के जन्मदिन पर विशेस, कोट्स और मैसेज | Birthday Wishes, Quotes And Messages For Husband in Hindi

एक अच्छा और सच्चा साथी जिसे मिल जाए उसका जीवन आसान हो जाता है। कहते…

2 weeks ago

माँ के लिए जन्मदिन पर विशेस, कोट्स और मैसेज – Birthday Wishes, Quotes And Messages For Mother in Hindi

माँ वह इंसान होती है, जिसका हमारे जीवन में स्थान सबसे ऊपर होता है। माँ…

2 weeks ago