दुर्गा पूजा के लिए 10 प्रसिद्ध आरती और भजन

दुर्गा पूजा के लिए 10 प्रसिद्ध आरती और भजन

नवरात्रि के शुभ अवसर पर हर भक्त माँ दुर्गा की श्रद्धा और भक्ति में लीन होकर बस माँ का नाम ले रहा है, नवरात्रि का पर्व केवल किसी धर्म विशेष को संबोधित नहीं करता है बल्कि देवी के यह नौ रूप समस्त संसार के लिए प्रेरणा है और जब जब दुनिया में अत्याचार और अधर्म बढ़ेगा तब तब माँ धरती पर दुष्टों का सर्वनाश करने के लिए किसी न किसी अवतार में आती हैं। इस लेख में दुर्गा पूजा के लिए विशेष रूप से कई बेहतरीन भजन दिए गए हैं, लेकिन क्योंकि श्री गणेश की आरती से पूजा का आरंभ होता है इसलिए आपके लिए सबसे पहले प्रस्तुत किया जाने वाला भजन गणेश जी से संबंधित है, उसके बाद दुर्गा माँ की आरती से शुरू करते हुए कई भजन इस लेख में दिए गए हैं, आप माँ को अपने घर में आमंत्रित करने के लिए कोई कसर न छोडें, इन भजन के माध्यम से भक्त माँ के दर्शन की गुहार लगाते हैं, अपने दुखों का निवारण करने के लिए माँ से प्रार्थना करते हैं, एक ओर जहाँ कीर्तन में माँ के कोमल मन और उनकी महानता का उल्लेख किया गया है तो दूसरी ओर वो कैसे माँ काली का भी रूप ले कर पापीयों का नाश करती हैं यह भी वर्णन किया गया है। इस प्रकार आप खुद को माँ से अलग-अलग भाव के साथ जोड़ सकते हैं। इस नवरात्रि हम सब माँ दुर्गा से वादा करें कि जब जब अधर्म बढ़ेगा हम उसके विरुद्ध खड़े होंगे व बुराई का अंत करेंगे और इसकी शुरुआत हम अपने अंदर की बुराइयों का नाश करने से शुरू करेंगे। एक सच्चा भक्त वही है जिसके कर्मों में भक्ति दिखाई दें। तो आइए अपनी आवाजों को बुलंद करते हुए दुर्गा माँ के लिए भजन मिलकर गाएं।   

माँ दुर्गा के लिए 10 प्रसिद्ध आरती और भजन

यहाँ आयोजित होने वाली दुर्गा पूजा के लिए 10 बेहतरीन भजन की लिस्ट दी गई, आप इन भजनों के साथ इस नवरात्रि अपने घर की रौनक को और भी ज्यादा बढ़ा सकते हैं, इस लिस्ट में सबसे पहले गणेश जी की आरती बताई जा रही है जो कुछ इस प्रकार हैं:

1. जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी,
माथे सिन्दूर सोहे, मूस की सवारी,
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा।
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया,
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी,
कामना को पूर्ण करो जय बलिहारी।
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।

2. जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी,
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिव री, जय अम्बे गौरी।
मांग सिंदूर बिराजत, टीको मृगमद को,
उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रबदन नीको, जय अम्बे गौरी।
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै,
रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै, जय अम्बे गौरी।
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी,
सुर-नर मुनिजन सेवत, तिनके दुःखहारी, जय अम्बे गौरी।
कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती,
कोटिक चंद्र दिवाकर, राजत समज्योति, जय अम्बे गौरी।
शुम्भ निशुम्भ बिडारे, महिषासुर घाती,
धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती, जय अम्बे गौरी।
चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे,
मधु कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे, जय अम्बे गौरी।
ब्रह्माणी, रुद्राणी, तुम कमला रानी,
आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी, जय अम्बे गौरी।
चौंसठ योगिनि मंगल गावैं, नृत्य करत भैरू,
बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू, जय अम्बे गौरी।
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता,
भक्तन की दुःख हरता, सुख संपत्ति करता, जय अम्बे गौरी।
भुजा चार अति शोभित, खड्ग खप्परधारी,
मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी, जय अम्बे गौरी।
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती,
श्री मालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति, जय अम्बे गौरी।
या अम्बे जी की आरती जो कोई नर गावै।
कहत शिवानंद स्वामी, सुख-सम्पत्ति पावै, जय अम्बे गौरी।

3. भोर भई दिन चढ़ गया, मेरी अम्बे

भोर भई दिन चढ़ गया, मेरी अम्बे,
हो रही जय जय कार मंदिर विच,
आरती जय माँ,
हे दरबारा वाली, आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ।

काहे दी मैया तेरी आरती बनावा, X2
काहे दी पावां विच बाती मंदिर विच,
आरती जय माँ,
सुहे चोलेयाँवाली आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ।

सर्व सोने दी तेरी आरती बनावा, X2
अगर कपूर पावां बाती मंदिर विच,
आरती जय माँ,
हे माँ पिंडी रानी आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ।

कौन सुहागन दिवा बालेया, मेरी मैया, X2
कौन जागेगा सारी रात मंदिर विच,
आरती जय माँ,
सच्चियां ज्योतां वाली आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ।

सर्व सुहागिन दिवा बलिया मेरी मैया, X2
ज्योत जागेगी सारी रात मंदिर विच,
आरती जय माँ,
हे माँ दुर्गा रानी आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ।

जुग जुग जीवे तेरा जम्मुए दा राजा, X2
जिस तेरा भवन बनाया,
मंदिर विच आरती जय माँ,
हे मेरी अम्बे रानी आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ।

सिमर चरण तेरा ध्यानु यश गावे,
जो ध्यावे सो, यो फल पावे,
रख बाणे दी लाज मंदिर विच,
आरती जय माँ,
सोहनेया मंदिरां वाली आरती जय माँ।

भोर भई दिन चढ़ गया, मेरी अम्बे, X2
हो रही जय जय कार मंदिर विच,
आरती जय माँ,
हे दरबारा वाली, आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ।

4. मेरे नैनो की प्यास बुझा दें अब तो मैया जी दरस करादे 

माँ मेरी माँ, माँ मेरी माँ….
ओ मेरे नैनों की प्यास बुझादे,अब तो मैया जी दरस करादे।
तेरे दर आएंगे, झोली फैलाएंगे,
ओ मेरे नैनों की प्यास बुझादे,अब तो मैया जी दरस करादे।

तड़प रहा है मेरा मनवा, सुना मेरे घर का अंगना,
अब तो आजाओ माँ, कर दो अहसान माँ,
ओ मेरे नैनों की प्यास बुझादे, अब तो मैया जी दरस करादे।
माँ मेरी माँ, माँ मेरी माँ…

मेरी अर्जी न ठुकराना, मुझको मैया गले लगाना,
होके सिंघ पे सवार, करदो माँ बेड़ापार,
ओ मेरे नैनों की प्यास बुझादे, अब तो मैया जी दरस करादे।

मेरी मुरादें पूरी करदो, अब तो मैया झोली भरदो,
तेरे दर आएंगे, झोली फैलाएंगे,
ओ मेरे नैनों की प्यास बुझादे, अब तो मैया जी दरस करादे।

तेरे दर आएंगे, झोली फैलाएंगे,
ओ मेरे नैनों की प्यास बुझादे,अब तो मैया जी दरस करादे।
माँ मेरी माँ, माँ मेरी माँ…

5. अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
तेरे भक्तजनो पर माता, भीड़ पड़ी है भारी, भीड़ पड़ी है भारी,
दानव दल पर टूट पड़ो, माँ करके सिंह सवारी, करके सिंह सवारी,
सौ-सौ सिहों से भी बलशाली, हे दस भुजाओं वाली।
दुखियों के दुखड़े निवारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
माँ-बेटे का है इस जग मे, बड़ा ही निर्मल नाता, बड़ा ही निर्मल नाता,
पूत-कपूत सुने है, पर ना माता सुनी कुमाता, माता सुनी कुमाता,
सब पे करूणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली,
दुखियों के दुखडे निवारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
नहीं माँगते धन और दौलत, न चाँदी न सोना, न चाँदी न सोना,
हम तो माँगें माँ तेरे चरणों में, छोटा सा कोना, इक छोटा सा कोना,
सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली, सतियों के सत को सवांरती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती,
ओ अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती। X4

6. तेरे दर का मैं बनके सवाली, मैया जी तेरे द्वार आ गया

तेरे दर का मैं बनके सवाली मैया जी तेरे द्वार आ गया,
मेरी अर्ज सुनो माँ झंदेवाली मैया जी तेरे द्वार आ गया,

तेरे मंदिरों की मैया शोभा नयारी,
दर पे जो आया कभी दीन भिखारी,
गया दर से कभी न कोई खाली,
मैया जी तेरे दवार आ गया।

तेरे पुजारियों को मिले तेरा प्यार माँ,
रहमतो के खोल दे अब तो भण्डार माँ,
तूने पल में ही झोली भर डाली,
मैया जी तेरे दवार आ गया।

चंचल ने नीरज को रस्ता ये बता दिया,
झंदेवाली मैया का पता समजा दिया,
तेरे घर आएगी खुशहाली,
मैया जी तेरे द्वार आ गया।

7. कभी दुर्गा बनके कभी काली बनके 

कभी दुर्गा बनके कभी काली बनके चली आना मैया जी चली आना,
तुम दुर्गा रूप मैं आना तुम दुर्गा रूप मैं आना।

सिंह साथ ले के चक्कर हाथ लेके चली आना मैया जी चली आना,
कभी दुर्गा बनके कभी काली बनके चली आना मैया जी चली आना।

तुम काली रूप मैं आना तुम काली रूप मैं आना,
तुम काली रूप मैं आना तुम काली रूप मैं आना।

खप्पर हाथ लेके योगी साथ लेके चली आना मैया जी चली आना,
कभी दुर्गा बनके कभी काली बनके चली आना मैया जी चली आना।

तुम शीतला रूप मैं आना तुम शीतला रूप मैं आना,
तुम शीतला रूप मैं आना तुम शीतला रूप मैं आना।

झाड़ू हाथ ले के गदा साथ ले चली आना मैया जी चली आना,
कभी दुर्गा बनके कभी काली बनके चली आना मैया जी चली आना।

तुम गौरा रूप मैं आना तुम गौरा रूप मैं आना,
तुम गौरा रूप मैं आना तुम गौरा रूप मैं आना।

माला हाथ लेके गणपति साथ लेके चली आना मैया जी चली आना,
कभी दुर्गा बनके कभी काली बनके चली आना मैया जी चली आना।

तुम ब्रह्मचारिणी रूप मैं आना तुम ब्रह्मचारिणी रूप मैं आना,
तुम ब्रह्मचारिणी रूप मैं आना तुम ब्रह्मचारिणी रूप मैं आना।

भक्ति हाथ लेके शक्ति साथ लेके चली आना मैया जी चली आना,
कभी दुर्गा बनके कभी काली बनके चली आना मैया जी चली आना।

कभी दुर्गा बनके कभी काली बनके चली आना मैया जी चली आना,
तुम दुर्गा रूप मैं आना तुम दुर्गा रूप मैं आना।

8. तेरी गोद में सर है मैया

तेरी गोद में सर है मैया,
अब मुझको क्या डर है मैया। X2

दुनिया नजरें फेरे तो फेरे,
दुनिया नजरें फेरे तो फेरे,
मुझपे तेरी नजर है मैया,
तेरी गोद में सर है मैया,
अब मुझको क्या डर है मैया।

मैया तेरी जय जयकार। X4

तेरा दरस यहाँ भी है,
तेरा दरस वहाँ भी है,
तेरा दरस यहाँ भी है,
तेरा दरस वहाँ भी है,
हर दुःख से लड़ने को मैया,
तेरा एक जय कारा काफी है, काफी है।

मैया तेरी जय जयकार,
मैया तेरी जय जयकार।
दिल में लगा तेरा दरबार,
मैया तेरी जय जयकार।

मैं संतान तू माता,
तू मेरी जीवन दाता। X2
जग में सबसे गहरा मैया,
तेरा और मेरा है नाता, है नाता।

मैया तेरी जय जयकार। X4
हो तेरी गोद में सर है मैया,
अब मुझको क्या डर है मैया।

दुनिया नजरें फेरे तो फेरे,
दुनिया नजरें फेरे तो फेरे,
मुझपे तेरी नज़र है मैया,
तेरी गोद में सर है मैया,
अब मुझको क्या डर है मैया।

मैया तेरी जय जयकार। X8

9. जय माता दी प्यारे जय कार लगाएगा

जय माता दी प्यारे जय कार लगाएगा,
माता रानी को तू तेरे पास पाएगा,
जय माता दी प्यारे जय कार लगाएगा।

जयकारे से भक्तों शक्ति मिल जाती है,
माता के चरणों की भक्ति मिल जाती है।
जितनी ऊंचे प्यारे जय कार लगाएगा,
माता रानी को तू तेरे पास पाएगा।

ये मेहरावाली माँ भक्तों की सुनती है,
जो दिल से याद करे दुखड़ो को हरती है।
सांचे मन से प्यारे माता को बुलाएगा,
माता रानी को तू तेरे पास पाएगा।

जयकारे से मेरी माँ खुश हो जाती है,
भक्तों की गूंज सुने माँ दौड़ी आती है।
जयकारे से माँ का आसन हिल जाएगा,
जय माता दी प्यारे जय कार लगाएगा।

10. मेरी झोली छोटी पड़ गई रे इतना दिया माता 

मेरी झोली छोटी पड़ गई रे इतना दिया मेरी माता,
मेरी बिगड़ी माँ ने बनाई सोई तकदीर जगाई,
ये बात ना सुनी सुनाई मैं खुद बीती बतलाता रे इतना दिया मेरी माता,
मेरी झोली छोटी पड़ गई रे इतना दिया मेरी माता।

मान मिला सम्मान मिला, गुणवान मुझे संतान मिली,
धन धान मिला, नित ध्यान मिला, माँ से ही मुझे पहचान मिली,
घरबार दिया मुझे माँ ने, बेशुमार दिया मुझे माँ ने,
हर बार दिया मुझे माँ ने, जब जब मैं मागने जाता, मुझे इतना दिया मेरी माता,
मेरी झोली छोटी पड़ गई रे इतना दिया मेरी माता।

मेरा रोग कटा मेरा कष्ट मिटा, हर संकट माँ ने दूर किया,
भूले से जो कभी गुरुर किया, मेरे अभिमान को चूर किया,
मेरे अंग संग हुई सहाई, भटके को राह दिखाई,
क्या लीला माँ ने रचाई, मैं कुछ भी समझ ना पाता, मुझे इतना दिया मेरी माता,
मेरी झोली छोटी पड़ गई रे इतना दिया मेरी माता।

उपकार करे भव पार करे, सपने सब के साकार करे,
ना देर करे माँ मेहर करे, भक्तो के सदा भंडार भरे,
महिमा निराली माँ की, दुनिया है सवाली माँ की,
जो लगन लगा ले माँ की, मुश्किल में नहीं घबराता रे,
मेरी झोली छोटी पड़ गई रे इतना दिया मेरी माता।

कर कोई यतन ऐ चंचल मन, तूँ होके मगन चल माँ के भवन,
पा जाए नैयन पावन दर्शन, हो जाए सफल फिर ये जीवन,
तू थाम ले माँ का दामन, ना चिंता रहे ना उलझन,
दिन रात मनन कर सुमिरन जा कर माँ कहलाता मुझे इतना दिया मेरी माता,
मेरी झोली छोटी पड़ गई, रे इतना दिया मेरी।

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