जन्म से लेकर 4 महीने तक के बच्चे के लिए खाना और फीडिंग टिप्स

जन्म से लेकर 4 महीने तक के बच्चे के लिए खाना और फीडिंग टिप्स

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अधिकांश बच्चों के डॉक्टरों का सुझाव रहता है कि जन्म से लेकर पहले छह महीनों तक अपने बच्चे को सिर्फ और सिर्फ स्तनपान कराना सबसे अच्छा है। हालांकि, कुछ बच्चों को माँ के दूध के साथ-साथ फॉर्मूला दूध भी देने की आवश्यकता हो सकती है। बच्चों का वजन, जन्म के पहले वर्ष में बर्थ वेट से तीन गुना वजन हो जाता है। इस प्रकार यह आवश्यक हो जाता है कि उन्हें जन्म से ही सभी आवश्यक पोषक तत्व मिलें।

नवजात शिशु के लिए कौन से पोषक तत्व महत्वपूर्ण हैं?

नवजात शिशु के लिए कौन से पोषक तत्व महत्वपूर्ण हैं?

आपके बच्चे के अच्छे वृद्धि और विकास के लिए निम्न पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है:

  1. फोलेट – यह बच्चे के शरीर में कोशिकाओं को विभाजित करने में मदद करने के लिए आवश्यक है।
  2. कैल्शियम – यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि आपके बच्चे के दाँत और हड्डियां मजबूत हो।
  3. आयरन – रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने के अलावा यह मस्तिष्क विकास में मदद करता है। यदि आपका बच्चा केवल स्तनपान कर रहा है तो डॉक्टर आपको आयरन सप्लीमेंट्स लेने का सुझाव दे सकते हैं।
  4. फैट – यह बच्चे की स्वस्थ त्वचा व बाल सुनिश्चित करता है और साथ ही इन्फेक्शन से बचाता है। यह बच्चे का दिमाग बढ़ाने में मदद करता है तथा एनर्जी प्रदान करता है।
  5. जिंक – कोशिकाओं को रिपेयर करता है और वृद्धि में मदद करता है।
  6. कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन – यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि आपके बच्चे को आवश्यक ऊर्जा मिले और विकास ठीक रहे।
  7. विटामिन – अनेकों प्रकार के विटामिन जैसे विटामिन ए, बी1, बी2, बी3, बी6, बी12, सी, डी, ई और के ब्रेन, इम्यून सिस्टम, नर्वस सिस्टम और ब्लड क्लॉटिंग के सामान्य कार्यप्रणाली को सुविधाजनक बनाने और बढ़ाने के लिए भी आवश्यक हैं।

बच्चों के लिए फॉर्मूला दूध आमतौर पर फोर्टीफाइड किया जाता है क्योंकि यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह माँ के दूध के समान लगे। ऊपर बताए गए पोषक तत्वों के अलावा फॉर्मूला दूध में आवश्यक फैटी एसिड जैसे डीएचए और एआरए, न्यूक्लियोटाइड्स, प्रीबायोटिक्स और प्रोबायोटिक्स भी होते हैं।

बच्चे को दूध पिलाना: जन्म से 4 महीने तक

बच्चों को शुरू से ही स्वस्थ भोजन की आदत डालना बेहद महत्वपूर्ण है। बच्चों का फीडिंग प्लान्स आमतौर पर तीन श्रेणियों में बांटा जाता है – शिशु के भूख के अनुसार बनाई गई सारणी, माता-पिता के अनुसार बनाया गया भोजन पैटर्न और एक कॉम्बिनेशन वाली सारणी – में वर्गीकृत की जा सकती है। जैसा कि शब्द बताता है, शिशु के भूख के अनुसार बनाई गई सारणी आपके शिशु द्वारा निर्धारित होती है और असंरचित होती है। माता-पिता के द्वारा बनाई गई सारणी वह होती है जहाँ खाने, खेलने और सोने के लिए विशिष्ट समय होता है। संयोजन वाली सारणी फ्लेक्सिबल होती है और हालांकि माता-पिता द्वारा तय होती है, लेकिन एक निश्चित सीमा तक बच्चे की इच्छाओं को समायोजित कर सकती है। आपको यह निर्धारित करना होगा कि इनमें से कौन सा आपके बच्चे की जरूरतों और आपके दैनिक जीवन के आधार पर आपके परिवार के लिए सबसे अच्छा काम करता है।

कितना और कितनी बार स्तनपान कराना चाहिए?

कितना और कितनी बार स्तनपान कराना चाहिए?

जैसे-जैसे शिशु बड़ा होता है वैसे-वैसे स्तनपान कराने की संख्या में भी कमी आती है। बच्चा देर तक सोयेगा और कम मल त्याग करेगा। औसतन आपका बच्चा प्रत्येक दिन लगभग 6-8 बार स्तनपान करेगा। यदि आपका बच्चा फुर्तीला है, खुश रहता है, एक्टिव है, उसका वजन बढ़ रहा है, अच्छी तरह से विकास कर रहा है, प्रत्येक दिन पर्याप्त मात्रा में डायपर गीला कर रहा है तो ये यह बतलाता है कि आपका बच्चा  पर्याप्त मात्रा में दूध मिल पी रहा है। लेकिन अगर आपका बच्चा हर बार स्तनपान के बाद भी रोता है, और दूध पीना चाहता है या चिड़चिड़ा हो जाता है, बहुत अधिक रोता है, तो इसका मतलब ये है कि उसका पेट ठीक से नहीं भर रहा है।

कितना और कितनी बार फॉर्मूला दूध देना चाहिए?

फॉर्मूला दूध की तुलना में माँ का दूध पचाने में आसान होता है। इसलिए फार्मूला दूध पीने वाले बच्चों को स्तनपान करने वाले बच्चों की तुलना में कम बार दूध पिलाने की आवश्यकता होती है। जैसे-जैसे वे बड़े होते हैं, फीडिंग की मात्रा में और कमी आती है। शिशुओं को स्तनपान की तुलना में बोतल से दूध पीना आसान लगता है, इसलिए यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि बच्चों को जरूरत से ज्यादा दूध न पिलाएं।

नवजात से लेकर 4 महीने तक के बच्चे को दूध पिलाने के टिप्स

शिशुओं की पोषण संबंधी आवश्यकताएं अलग-अलग होती हैं क्योंकि हर बच्चा अलग होता है।

कैसे पता करें कि बच्चा भूखा है?

  • शिशु बार-बार अपना मुँह खोलेगा और अपना सिर स्तन या बोतल की ओर घुमाएगा।
  • वह अपनी उंगलियों या हाथों को चूसेगा।
  • बेहद चिड़चिड़ा हो जाएगा और मुट्ठी भींचकर रोएगा।

एक संतुष्ट बच्चे के लक्षण

  • बच्चा स्तन या बोतल के तरफ कोई दिलचस्पी नहीं दिखाएगा।
  • दूध पीने के तुरंत बाद सो जाएगा।
  • दूध पीते पीते हाथ रिलैक्स हो जाएगा और धीरे-धीरे चूसेगा।

बच्चे को दूध पिलाने से संबधित याद रखने योग्य अन्य बातें

  • बच्चों के विकास में अचानक तेजी आती है। कुछ शिशुओं के लिए यह दूसरे सप्ताह की शुरुआत में और फिर से तीसरे से छठे सप्ताह के बीच हो सकता है।
  • छोटे शिशुओं में दूध उलटना आम है क्योंकि ग्रासनली और पेट को जोड़ने वाली पेशी अभी अपरिपक्व होती है। इससे कारण पेट से दूध दोबारा बाहर आ सकती है।
  • मल त्याग कभी-कभी हर फीडिंग के बाद या दिन में एक बार या तीन दिन में एक बार हो सकता है, यह हर शिशु में भिन्न होगा। आप बस बच्चे के दूध पीने की समय-सारणी का पालन करें, सब कुछ ठीक रहेगा।
  • अगर भोजन की बात की जाए, तो एक 1 महीने के बच्चे के लिए सभी भोजन तरल पदार्थ होंगे। शिशुओं को ठोस आहार देने से बचें जब तक कि वे कम से कम छह महीने के न हो जाएं।
  • जब स्तनपान कराएं, तब सुनिश्चित करें कि दोनों स्तनों से पिलाएं। इस तरह शिशु को लगातार दूध मिल सकेगा और स्तनों में भारीपन भी महसूस नहीं होगा। एक स्तन का दूध खत्म करने में बच्चे को 5 से 15 मिनट के बीच का समय लग सकता है। स्तनों को बहुत जल्दी बदलने से आपके बच्चे को पर्याप्त मात्रा में हिंडमिल्क नहीं मिल्क पाएगा जो बेहद पौष्टिक और पेट भरने वाला होता है।
  • स्तन बदलते वक्त हर बार अपने बच्चे को डकार दिलाना सुनिश्चित करें। बहुत अधिक दूध उलटने वाले शिशुओं को अधिक बार डकार दिलाना जरूरी हो सकता है।

2 महीने के बच्चे के लिए भोजन के विकल्प सीमित होते हैं। हालांकि यह बात 3 महीने के शिशु के लिए भी सच है। खाद्य के लिए छह महीने तक के शिशुओं के लिए आदर्श आहार माँ का दूध या फॉर्मूला दूध है। यदि किसी कारण से आपको ठोस आहार देना जल्दी शुरू करने की आवश्यकता है, तो आप 4 महीने के शिशु के लिए भोजन अपने डॉक्टर के परामर्श के साथ शुरू कर सकते हैं।

चूंकि शिशुओं के पेट छोटे होते हैं, इसलिए उनकी वृद्धि और विकास संबंधी पड़ाव को पाने के लिए उन्हें बार-बार खिलाया जाना चाहिए। क्योंकि शिशु अपने जीवन के पहले चार महीनों तक केवल दूध या फॉर्मूला दूध पर ही रहते हैं इसलिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि ये पोषक तत्वों से भरपूर हों। स्तनपान कराने वाली माओं को एक स्वस्थ आहार लेने की आवश्यकता होती है क्योंकि यहीं आगे बच्चे तक पहुँचता है। फॉर्मूला दूध चुनते समय एक प्रतिष्ठित ब्रांड चुनें जो बच्चे के लिए सुरक्षित भी हो।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ एक मार्गदर्शिका है और किसी योग्य पेशेवर चिकित्सक की सलाह का विकल्प नहीं है।

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