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जब कोई व्यक्ति प्रोटीन पाउडर के बारे में सोचता है, तो सबसे पहले हैवी मसल्स वाले किसी बॉडी बिल्डर व्यक्ति की तस्वीर दिमाग में आती है। प्रोटीन पाउडर का उपयोग अक्सर इस बात से गलत समझा जाता है कि जिम जाने वाले लोग अपनी मांसपेशियों यानि मसल्स को तेजी से बनाने के लिए भारी मात्रा में इसका सेवन करते हैं। हालांकि, प्रोटीन पाउडर आपके बच्चों के लिए भी जरूरी हो सकता है- क्योंकि यह बच्चों के शरीर के विकास में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।
जैसा कि नाम से पता चलता है, प्रोटीन पाउडर में मुख्य रूप से प्रोटीन होता है जो मानव शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों में से एक होता है। बच्चों के लिए मुख्य रूप से तीन प्रकार के प्रोटीन पाउडर
होते हैं, जो व्हे, सोया और कैसिन नामक प्रोटीन हैं। इन तीनों का सेवन बच्चे कर सकते हैं, डॉक्टर मुख्य रूप से व्हे प्रोटीन की सलाह देते हैं। यह एक वॉटर सॉल्युबल मिल्क प्रोटीन होता है, जिसमें आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं जो बच्चे के विकास में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं और आपके बच्चे को जरूरी मात्रा में प्रोटीन का सेवन करने में भी मदद करते हैं।
नीचे दी गई टेबल माता-पिता को यह बताती है कि उनके बच्चे को प्रोटीन की कितनी मात्रा की आवश्यकता है।
समूह | उम्र | प्रोटीन (जी/डी) |
शिशु | 0-6 महीने 6-12 महीने | 1.61 जी/डी 1.69 जी/डी |
बच्चे | 1-3 वर्ष 4-6 वर्ष 7-9 वर्ष | 16.7 20.1 29.5 |
लड़के | 10-12 वर्ष | 39.9 |
लड़कियां | 10-12 वर्ष | 40.4 |
लड़के | 13-15 वर्ष | 54.3 |
लड़कियां | 13-15 वर्ष | 51.9 |
लड़के | 16-17 वर्ष | 61.5 |
लड़कियां | 16-17 वर्ष | 55.5 |
स्रोत – आरडीए (2010) राष्ट्रीय पोषण संस्थान, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा।
यह प्रश्न माता-पिता द्वारा अपने बच्चों के लिए प्रोटीन पाउडर खरीदने से पहले अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों में से एक है। प्रोटीन पाउडर के सेवन को इतना गलत समझा जाने लगा है कि इसको लगभग स्टेरॉयड लेने के समान माना जाता है, क्योंकि पाउडर का सेवन मुख्य रूप से जिम जाने वाले लोग मसल्स को स्ट्रांग बनाने के लिए करते हैं। हालांकि, प्रोटीन पाउडर निश्चित रूप से बच्चों के लिए सुरक्षित है, लेकिन इसका सेवन को नियंत्रित और उचित मात्रा में किया जाना चाहिए।
सामान्य रूप से देखा जाए, तो हो सकता है कि आपके बच्चे को उसके द्वारा खाए जाने वाले नियमित खाने से जरूरी मात्रा में प्रोटीन मिल रहा हो। क्योंकि नट्स और दालें प्रोटीन से भरपूर होती हैं, तो ऐसे में उसे सोया प्रोटीन शेक की जरूरत नहीं होगी। प्रोटीन का बार-बार ज्यादा मात्रा में सेवन करने से बच्चे के गुर्दे यानी किडनी को नुकसान पहुंचने के साथ ही डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है, इसलिए प्रोटीन की मात्रा को अत्यधिक सावधानी से कंट्रोल करने की जरूरत होती है।
बच्चों के लिए तीन प्रकार के प्रोटीन पाउडर होते हैं :
इस प्रकार के प्रोटीन पाउडर को ‘पूर्ण यानि कंप्लीट’ कहा जाता है, क्योंकि इसमें सभी आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं जो बच्चे के शरीर के विकास में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। बच्चों के लिए व्हे प्रोटीन पाउडर गाय के दूध से मिलता है। इसलिए, छोटे बच्चों के लिए यह सबसे उपयुक्त माना जाता है। जैसे ही यह प्रोटीन बच्चे के खून में प्रवेश करता है, तभी से ल्यूसीन नामक एक एमिनो एसिड का उत्पादन शुरू हो जाता है।
कैसिन प्रोटीन पाउडर भी दूध से मिलता है, लेकिन इसमें ऊपर लिखे गए सभी अमीनो एसिड नहीं होते हैं। कैसिन नामक प्रोटीन को बच्चों के लिए पचाना थोड़ा मुश्किल होता है। कैसिन पाउडर का सेवन करने के बाद आपका बच्चा सामान्य से अधिक समय तक हैवी यानि पेट भरा हुआ होना महसूस कर सकता है।
सोया प्रोटीन, तीसरे प्रकार का प्रोटीन पाउडर होता है। सोया प्रोटीन पाउडर बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, इसके बारे में कोई पुख्ता सबूत नहीं है। वास्तव में, सोया दूध उन आठ प्रमुख खाद्य पदार्थों में से एक है जिनसे कई बच्चों को एलर्जी होती है। जिन बच्चों को डेयरी प्रोडक्ट्स से एलर्जी होती है, उन्हें आमतौर पर सोया से भी एलर्जी होती है, और जरूरी नहीं कि सोया दूध किसी भी तरह से डेयरी से बेहतर हो। इसलिए, बेहतर होगा कि आप सोया प्रोडक्ट्स से परहेज करें, जब तक कि डॉक्टर बच्चे के लिए सलाह न दें।
बच्चों के लिए बेस्ट प्रोटीन पाउडर चुनना बहुत मुश्किल हो सकता है, इसलिए यहाँ उपयोग के लिए कुछ टिप्स दिए गए हैं:
प्रोटीन पाउडर आपके बच्चे के लिए एक जरूरत बन सकता है अगर उसे अपने आहार के जरिए पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिल रहा है। अगर आप अपने बच्चे को प्रोटीन पाउडर देना चुनती हैं, तो उचित मात्रा का सेवन और आपके द्वारा चुने गए पाउडर के नुकसान के बारे में डायटीशियन से सलाह लेना न भूलें!
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