गर्भावस्था

क्या ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली माँ को डियोड्रेंट का इस्तेमाल करना चाहिए?

कौन चाहता है कि उसके शरीर से खराब और बदबूदार गंध आए? खैर यह कोई भी नहीं चाहता कि उसके पास से खराब स्मेल आए, इसी वजह से हम कई अलग अलग तरह के एंटीपर्सपिरेंट, डियोड्रेंट या परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं ताकि खराब बॉडी स्मेल को दूर किया जा सके। इससे पहले भले ही आपने इस बात पर ध्यान न दिया हो, लेकिन जब आपके गर्भ में एक बच्चा पल रहा होता है, तो उसकी सुरक्षा के कारण आप किसी भी प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले यह सोचती हैं कि कहीं इससे आपके बच्चे को कोई नुकसान न हो। तो, इसके पीछे की सच्चाई क्या है? जब आप अपने बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग करा रही होती हैं तो उस दौरान आपका डियोड्रेंट का उपयोग करना सेफ है या नहीं, आइए इस विषय पर अधिक जानकारी प्राप्त करें।

ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं के लिए डियोड्रेंट खतरनाक क्यों हैं?

हो सकता हो आपको इस बारे में जानकारी न हो, लेकिन आपकी अंडरआर्म की त्वचा आपके शरीर के सबसे नाजुक क्षेत्रों में से एक है और इस क्षेत्र की त्वचा तुलनात्मक रूप से पतली होती है। बाजार में जो डियोड्रेंट उपलब्ध होते हैं, उनमें कई ऐसे तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो नुकसानदायक हो सकते हैं, जैसे एल्युमिनियम इसमें से एक है। जब भी आप इन हानिकारक केमिकल के साथ किसी भी डियोड्रेंट को इस्तेमाल करती हैं, तो यह आपके अंडरआर्म की त्वचा द्वारा आसानी से अब्सॉर्ब हो जाता है और आपके ब्लडफ्लो तक भी आसानी से पहुँच सकता है।

दूध पिलाने वाली मांओं को यह इसलिए इस्तेमाल करने के लिए मना किया जाता है क्योंकि यह ब्रेस्ट मिल्क के साथ भी मिल सकता है, जिसे अनजाने में ही दूध के जरिए बच्चे तक पहुँच सकता है। एक और पहलू जो चिंता का विषय है, वह यह है कि ये डियोड्रेंट स्प्रे की बोतलों में आते हैं। इसकी वजह से स्प्रे करते समय यह आपके ब्रेस्ट और शरीर के अन्य भागों में फैलता है, इस प्रकार आपका बच्चा इसके संपर्क में सीधे आ सकता है। इस कारण से, किसी भी ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली माँ को अपने ब्यूटी रेजीम को और भी ज्यादा सावधानी से इस्तेमाल करने के लिए कहा जाता है, ताकि यह गलती से भी आपके बच्चे को नुकसान न पहुँचाए।

आपको ब्रेस्टफीडिंग के दौरान एक सुरक्षित डियोड्रेंट का चयन क्यों करना चाहिए?

इसमें कोई संदेह नहीं है कि आप हर समय अच्छा महकना पसंद करती हैं, लेकिन निश्चित रूप से बच्चे को नुकसान पहुँचाकर नहीं। आपके लिए सबसे बेहतर यही है कि आप एक सेफ ऑप्शन चुनें और यहाँ आपको ऐसा क्यों करना चाहिए यह बताया गया है:

1. टॉक्सिन से छुटकारा

जब भी आप अपने शरीर पर डियोड्रेंट स्प्रे करती हैं, तो आप शरीर के टॉक्सिन को जाने देती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपकी त्वचा के छिद्र और स्वीट ग्लैंड डियोड्रेंट के साथ अब्सॉर्ब हो जाते हैं, जिससे टॉक्सिन का बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।

2. नेचुरल चीजों का उपयोग करें

सारी दुनिया नेचुरल और ऑर्गेनिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने की ओर जा रही है और आप ऐसी चीज का इस्तेमाल करना चाह रही हैं जो पूरी केमिकल से बनी हुई है? इस बारे में विचार करें और अपने केमिकल डियोड्रेंट को छोड़ कर एक सेफ ऑर्गेनिक ऑप्शन चुनें।

3. ब्रेस्ट कैंसर होने के खतरे कम करता है

इन सभी केमिकल आधारित डियोड्रेंट में मौजूद हानिकारक केमिकल, ब्रेस्ट कैंसर होने के जोखिम को कम करते हैं। अपने आप को सुरक्षित रखें और नेचुरल प्रोडक्ट का ही इस्तेमाल करें।

4. हार्मोन को प्रभावित करता है

कभी-कभी इन केमिकल आधारित डियोड्रेंट में पैराबेन्स भी होते हैं, जो एस्ट्रोजेनिक होते हैं। जब ये हमारे शरीर के अंदर पहुँचते हैं, तो यह हार्मोनल इम्बैलेंस की समस्या पैदा करते हैं।

5. अल्जाइमर जोखिम कम करता है

यह देखा गया है कि डियोड्रेंट के जरिए एल्यूमिनियम के लगातार संपर्क में आने से आपको अल्जाइमर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए, डियोड्रेंट का उपयोग न करके, खुद को सुरक्षित रखें क्योंकि आगे चल कर यह आपके लिए बड़ी समस्या का कारण बन सकता है।

6. अच्छी त्वचा के लिए

आपने महसूस नहीं किया होगा, लेकिन हार्श केमिकल आपकी नाजुक त्वचा को नुकसान पहुँचा सकते हैं, जिससे यह डल, बेजान और यहाँ तक ​​कि डार्क दिखाई देती है। डियोड्रेंट के उपयोग को रोकने से आपकी त्वचा हेल्दी और फ्रेश महसूस कर सकती है।

7. आपके शरीर में टॉक्सिन को कम करता है

आप यह भी नहीं जानती होंगी कि किन किन चीजों के जरिए से आपके शरीर में टॉक्सिन जा सकते हैं और डियोड्रेंट उनमें से एक हो सकता है। इसलिए आप इसे रोजाना इस्तेमाल करने से बचें ताकि आपके शरीर में पहुँचने वाले टॉक्सिन कम हो सकें।

8. अपने बच्चे के लिए

केवल आप ही नहीं बल्कि आपके बच्चे में भी अप्रत्यक्ष रूप से हानिकारक केमिकल पहुँच सकते हैं। अपने बच्चे की खातिर, केमिकल डियोड्रेंट का उपयोग करना बंद कर दें।

9. अन्य हानिकारक केमिकल

ये बड़ी कंपनियां उन सभी केमिकल की लिस्टिंग नहीं करती हैं जो इन केमिकल आधारित डियोड्रेंट को बनाने में इस्तेमाल किए जाते हैं। आप जिस सुगंध को बहुत पसंद करती हैं, उसमें कई अन्य हानिकारक केमिकल मौजूद होते हैं, जिसके बारे में आपको जानकारी नहीं होती है।

आपने अपनी प्रेगनेंसी के दौरान धूम्रपान न करने के साथ अपनी लाइफस्टाइल में कई तरह के चेंजेस किए होंगे, जिसमें बच्चे की भलाई हो, लेकिन शायद ही कभी आपने प्रेगनेंसी के दौरान डियोड्रेंट का उपयोग न करने के बारे में सोचा हो। हालांकि, कभी-कभी आपको अपने बच्चे की खातिर ऐसी छोटी छोटी चीजों के बारे में विचार करने की आवश्यकता हो सकती है।

सुरक्षित डियोड्रेंट ऑप्शन जिन्हें आप चुन सकती है

आप सोच रही होंगी कि अगर आप डियोड्रेंट का इस्तेमाल नहीं करती हैं तो आपके पास और क्या चॉइस बचती है। आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली माओं के लिए कई नेचुरल डियोड्रेंट आते हैं, तो आप भी इस्तेमाल कर सकती हैं ताकि बच्चा सुरक्षित रहे।

  • आप एक्टिवेटिड चारकोल डियोड्रेंट का उपयोग कर सकती हैं। चारकोल चिपचिपे और गीलेपन के अहसास को कम करता है, जो आपको पसीना निकालने के बाद महसूस हो सकता है और शरीर की गंध को दूर करने में भी मदद कर सकता है।
  • ब्रेस्टफीडिंग कराते समय आप ऐसे डियोड्रेंट या परफ्यूम का उपयोग कर सकती हैं, जिसमें लैवेंडर, टी ट्री और अन्य एसेंशियल ऑयल शामिल हों। एसेंशियल ऑयल न केवल आपकी अंडरआर्म की त्वचा को कोमल बनाए रखने में मदद करते हैं, बल्कि ये शरीर की बदबू को दूर रखने में भी सहायक होते हैं।
  • आप ब्रेस्टफीडिंग कराते समय मिनरल डियोड्रेंट या बॉडी एंटीपर्सपिरेंट का उपयोग कर सकती  हैं, जिसमें मिनरल साल्ट हो सकता है। मिनरल में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट किसी भी प्रकार की त्वचा में होने वाली जलन से लड़ने में मदद करता है और यह शरीर की गंध को भी रोकता है, जिससे बैक्टीरिया पैदा होने लगते हैं।

एक स्मार्ट माँ बनें और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान आपके द्वारा उपयोग की जाने वाली हर चीज के बारे में जानकारी प्राप्त करें। जागरूक होने से आप खुद को और बच्चे को ज्यादा बेहतर तरीके से सुरक्षित रख सकती हैं। केमिकल आधारित डियोड्रेंट का उपयोग करने से आप और आपके बच्चे पर इसका हानिकारक प्रभाव पड़ता है। स्मार्ट ऑप्शन चुनें और नेचुरल या ऑर्गेनिक प्रोडक्ट का ही इस्तेमाल करें, ताकि ब्रेस्फीडिंग के दौरान किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

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समर नक़वी

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