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क्या छोटे बच्चों का चॉकलेट खाना सेफ है?

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लगभग सभी बच्चों को चॉकलेट बहुत पसंद होती है और यह काफी नेचुरल बात है। यह स्वीट और डिलीशियस होती है, सच कहा जाए इसमें ऐसा कुछ भी नहीं है जिसके कारण इसे पसंद न किया जाए। हालांकि, कई पेरेंट  अपने बच्चों को चॉकलेट देने के सही समय को लेकर सवाल करते हैं। यह कंसर्न बच्चे की हेल्थ और एलर्जी के बारे में है, जो चॉकलेट के कारण हो सकता है।

क्या बच्चे चॉकलेट खा सकते हैं?

बच्चों को चॉकलेट का टेस्ट बहुत पसंद होता है, लेकिन इसे बच्चे को देने से बचें, क्योंकि इसमें कम मात्रा में कैफीन होता है। हालांकि यह बहुत ज्यादा मात्रा में नहीं मौजूद नहीं होता है कि बड़ों को भी प्रभावित करे। कैफीन एक उत्तेजक का काम करता है जो ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को बढ़ा सकता है।

चॉकलेट में चीनी, थियोब्रोमाइन और फेनिलथाइलमाइन जैसे अन्य उत्तेजक पदार्थ होते हैं, ये सभी आपके बच्चे के नर्वस सिस्टम पर इफेक्ट डाल सकते हैं । इसके अलावा, चॉकलेट में एन्डामाइड भी होता है, जो बड़ी मात्रा में खाने पर ब्रेन फंक्शन को प्रभावित कर सकता है।

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अपने बच्चे को चॉकलेट देना कब शुरू करें?

यदि आप नहीं जानती हैं कि बच्चे को किस उम्र में चॉकलेट देना सही रहेगा, तो यहाँ आपके सवाल का जवाब है। बेहतर यही है कि बच्चे को कम से कम एक साल तक चॉकलेट न दी जाए, या जब तक उसे न दें तब तक अच्छी ही है। जब आप अपने बच्चे को चॉकलेट देने का फैसला करते हैं, तो इस बात का खयाल करें कि बच्चे को चॉकलेट से कोई भी एलर्जी या रिएक्शन होने का खतरा न हो। अगर आप बच्चे को चॉकलेट देना चाहते ही हैं तो उसे डार्क चॉकलेट के साथ देना शुरू करना सबसे अच्छा है।

बच्चे को चॉकलेट कैसे दें?

हालांकि, इस बारे में कोई स्पेशल गाइडलाइन नहीं है कि आप अपने बच्चे को चॉकलेट कैसे दें, एक साल की उम्र के बाद जब बच्चा टेस्ट को समझने लगता है तब आप उसे चॉकलेट देना शुरू कर सकते हैं। अगर बच्चे को इससे कोई नेगेटिव रिएक्शन नहीं हो रहा है, तो आप धीरे-धीरे इसकी मात्रा को थोड़ा बढ़ा सकते हैं।

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आप दूध में कुछ डार्क चॉकलेट पाउडर भी मिला सकते हैं और इसे अपने बच्चे को दे सकते हैं। हालांकि, चॉकलेट मिल्क में चीनी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, इसलिए इसे मॉडरेशन में दिया जाना चाहिए। एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों को चॉकलेट दूध नहीं देना चाहिए। हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आप चॉकलेट में एडिटिव्स के लिए उसका लेबल चेक करें।

चॉकलेट से होने वाली एलर्जी

इसका कोई पर्याप्त सबूत नहीं मिलता है जो यह बताता हो कि चॉकलेट बच्चों में एलर्जी पैदा कर सकता है। हालांकि, यह संभव है क्योंकि चॉकलेट में ऐसे तत्व मौजूद हो सकते हैं जो बच्चों में एलर्जी का कारण बन सकते हैं। चॉकलेट से होने वाली कुछ संभावित एलर्जी इस प्रकार है:

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  • मूंगफली और अन्य नट्स
  • दूध
  • बेरीज
  • सोया
  • कॉर्न
  • ग्लूटेन और गेहूँ

बच्चे को चॉकलेट देने से पहले हमेशा लेबल को पढ़ना याद रखें कि इसमें कोई एलर्जी कंटेंट तो मौजूद नहीं है।

फूड एलर्जी को पहचानना

जिन बच्चों के माता-पिता या भाई-बहन को एलर्जी है, उनमें एलर्जी होने की संभावना अधिक होती है। यहाँ तक ​​कि अगर घर में कोई एलर्जी हिस्ट्री नहीं भी हो, तब भी आपको एलर्जी के लक्षणों को ध्यान में रखना चाहिए, इसकी मदद से आप बच्चे में हो रहे एलर्जी रिएक्शन के संकेतों को समझ पाएंगे।

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यहाँ आपको बच्चे को चॉकलेट से होने वाली एलर्जी के कुछ संकेत दिए गए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • रैशेज या पित्ती
  • दमा के लक्षण या सांस लेने में कठिनाई
  • लगातार छींक आना
  • आँखों का लाल होना या आँखों में पानी आना
  • गले और जीभ में सूजन होना
  • डायरिया या उल्टी होना

ऐसे मामलों में, आपको अपने बच्चे के डॉक्टर से तुरंत परामर्श करना चाहिए या इस कंडीशन का इलाज करने के लिए किसी एलर्जी स्पेशलिस्ट के पास जाना चाहिए।

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बच्चे को चॉकलेट देने से जुड़ी अन्य चिंताएं

एलर्जी के अलावा, कुछ अन्य कंसर्न हैं जिन्हें आपको अपने बच्चे को चॉकलेट देते समय ध्यान में रखना चाहिए।

  • पाचन: शिशुओं को पहले छह महीनों के लिए सिर्फ माँ का ही दूध दिया जाना चाहिए, क्योंकि डाइजेस्टिव सिस्टम अभी इतना मजबूत नहीं हुआ होता है कि वो चॉकलेट या अन्य सॉलिड फूड को पचा सके। इसलिए, जब तक आपका बच्चा एक साल का नहीं हो जाता है, तब तक इंतजार करना ही बेहतर होगा।
  • हेल्दी फूड: चॉकलेट को बच्चे से दूर रखना बेहतर है जब तक वह हेल्दी फूड के टेस्ट को एक्सेप्ट नहीं कर लेते हैं। अगर आपने बच्चे को चॉकलेट पहले देना शुरू कर दिया तो वो हेल्दी फूड का टेस्ट नहीं पसंद करेगा और बाद में आपको उसे कुछ भी खिलाने में परेशानी होगी।
  • दाँतों का खराब होना: बच्चों के दाँत अभी डेवलप हो रहे होते हैं, चॉकलेट में मौजूद शुगर से बच्चे के दाँतों के खराब होने का ज्यादा खतरा होता है। चीनी एसिड-प्रोडूसिंग बैक्टीरिया के विकास को बढ़ाती है, जिससे बच्चे की डेंटल हेल्थ खराब होने लगती है।
  • चोकिंग होने का खतरा: ऐसे चॉकलेट जिनमें नट्स या हार्ड कैंडी होती है, उससे बच्चे को चोकिंग होने का खतरा हो सकता हैं और आपको ऐसी चॉकलेट देने से बचना चाहिए।

बच्चे को कम उम्र से ही हेल्दी फूड खाने की आदत डालना बहुत जरूरी है। बच्चे को कभी-कभार चॉकलेट देने में कोई नुकसान नहीं है, लेकिन उसे कम उम्र से बहुत ज्यादा चॉकलेट देने से उसे डायबिटीज और मोटापे जैसी बीमारियों के होने का खतरा होता है। इसलिए, बच्चे को चॉकलेट मॉडरेशन में ही दिया जाना चाहिए।

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समर नक़वी

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