गर्भावस्था

लेबर प्रेरित करने के लिए एक्यूप्रेशर का उपयोग

अपने बच्चे को अपने अंदर पनपता हुआ देखने की प्रक्रिया भी एक रोलर कोस्टर राइड जैसी है। जैसे ही आप डिलीवरी के समय में पहुंचती हैं, अपने बच्चे को अपनी बाहों में लेने के लिए इंतजार नहीं कर पाती हैं। साथ ही, आपको इस बात से भी राहत मिलती है कि आपकी गर्भावस्था का समय अब समाप्त हो रहा है। हालांकि, अगर डिलीवरी में देर होती है तो आपको राहत मिलने में समय लग सकता है। ऐसे मामलों में, कई महिलाओं ने एक्यूप्रेशर के काम करने के तरीकों के बारे में सुना है।

एक्यूप्रेशर क्या है?

एक्यूप्रेशर और एक्यूपंक्चर दोनों ही शब्द आपको कंफ्यूज कर सकते हैं, और यहां तक ​​कि इसके कारण डर भी पैदा होता है। दोनों एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन इस्तेमाल की जाने वाली तकनीकें पूरी तरह से अलग होती हैं। एक्यूपंक्चर में सुइयों का उपयोग होता है जो शरीर को छेदते हैं और कुछ बिंदुओं को ट्रिगर करते हैं। वहीं एक्यूप्रेशर काफी हद तक वही काम करता है, लेकिन सुइयों के बिना।

एक्यूप्रेशर, 5000 से भी अधिक सालों से अस्तित्व में है, और चीनी संस्कृति से आया है। एक्यूप्रेशर का मतलब है शरीर के कुछ हिस्सों या पॉइंट्स में बाहरी बल का उपयोग करना। यह उंगलियों का उपयोग करके, या कभी-कभी पैरों, घुटनों, कोहनी का उपयोग करके भी किया जाता है।

क्या गर्भावस्था के दौरान एक्यूप्रेशर सुरक्षित है?

एक्यूप्रेशर के बहुत सारे लाभ हैं, जैसे एनर्जी रोकने वाले तत्वों को दूर करना, बच्चे को डिलीवरी के लिए उचित पोजीशन लेने के लिए प्रोत्साहित करना, दर्द से राहत दिलाना, उचित हार्मोनल स्तर बनाए रखना आदि। हालांकि, किसी भी एक्यूप्रेशर प्रक्रिया को आजमाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि गर्भवती महिला के लिए शरीर में मौजूद सभी दबाव बिंदु आवश्यक रूप से फायदेमंद नहीं होते हैं। चूंकि एक्यूप्रेशर एनर्जी रिलीज करता है, जो हार्मोन को प्रभावित करता है और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जो इसे गर्भावस्था के पहले 3 महीनों में और अंतिम महीने में काफी फायदेमंद बनाता है। हालांकि, एक्यूप्रेशर गर्भाशय के कॉन्ट्रैक्शन का कारण भी बन सकता है। 

क्या एक्यूप्रेशर वास्तव में लेबर लाने में मदद करता है?

लेबर के समय एक्यूप्रेशर का इस्तेमाल करने के बारे में स्टडीज बहुत बड़े पैमाने पर नहीं हुई हैं। हालांकि, जो मौजूद हैं वे पॉजिटिव रिजल्ट देती हैं। एक्यूप्रेशर और एक्यूपंक्चर दोनों ने ही लेबर के दौरान होने वाले दर्द से राहत दिलाने में अपनी प्रभावशीलता दिखाई है।

कभी-कभी, एक्यूप्रेशर तकनीकों का उपयोग करने से लेबर का समय कम होता है, जिससे डिलीवरी जल्दी होती है। प्रक्रिया में उपयोग किए जाने वाले प्रेशर पॉइंट बच्चे को बर्थ कैनाल तक ले जाने में सहायता करते हैं, जो प्रसव को आसान बनाते हैं और इससे दर्द में भी राहत मिलती है।

एक्यूप्रेशर कैसे काम करता है?

एक्यूप्रेशर का मुख्य उद्देश्य होता है शरीर के अलग-अलग हिस्से से फंसी हुई एनर्जी को रिलीज करना। शरीर के अंदर, एक्टिविटीज में एक नेचुरल फ्लो होता है जो शरीर को बिना किसी समस्या के कार्य करने की अनुमति देता है। जब इस फ्लो में बाधाएं आती हैं, जिसकी वजह उस जगह में दर्द या जकड़न बढ़ जाती है। एक्यूप्रेशर इन बाधाओं को दूर करता है या उन्हें प्राकृतिक तरीके से कम करता है, ताकि शारीरिक प्रक्रियाएं बेरोकटोक जारी रह सकें। गर्भावस्था के साथ, कई परिस्थितियों के कारण प्रसव में देरी होती है, जब की यह प्राकृतिक तरीके से होना चाहिए। एक्यूप्रेशर किसी भी समस्या का रास्ता साफ करके शरीर को लेबर साइकिल की सामान्य प्रगति हासिल करने में मदद करता है।

लेबर प्रेरित करने के लिए एक्यूप्रेशर का उपयोग कब सुरक्षित है?

गर्भवती महिलाओं के लिए, एक्यूप्रेशर स्पॉट तब ट्रिगर होने चाहिए जब:

  • आप अपनी ड्यू डेट पार कर चुकी हैं और लेबर का कोई संकेत नहीं है।
  • आपका लेबर शुरु हो गया हो, लेकिन मांसपेशियों में कॉन्ट्रैक्शन के लिए ताकत की कमी है।
  • एक्टिव लेबर अभी शुरू होना बाकी है, पर उसके पहले ही एमनियोटिक थैली टूट चुकी हो।

एक्यूप्रेशर आजमाने से पहले याद रखने वाली बातें

  • एक्यूप्रेशर को डॉक्टरों द्वारा उपचार के लिए आजमाए जाने वाले तरीके के रूप में मेडिकली मान्यता नहीं है। इस तरह, कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स वैकल्पिक रूप से इस थेरेपी द्वारा उपचार करने में विश्वास रखते हैं।
  • एक्यूप्रेशर लेबर के लिए प्रभावी ढंग से प्रेशर तब डालता है, जब इसका सही आता हो। इसलिए, आपका लेबर तभी शुरू होगा जब आप गर्भावस्था की सही अवस्था में होंगी।
  • यदि आप एक्यूप्रेशर का उपयोग करने का विकल्प चुनती हैं, तो उस समय आप डिलीवरी के लिए उचित जगह और स्थिति में होनी चाहिए, क्योंकि इससे आपका लेबर प्रेरित होगा।

लेबर प्रेरित के लिए सामान्य प्रेशर पॉइंट

नीचे कुछ सामान्य प्रेशर पॉइंट दिए हैं जिनके बारे में माना जाता है कि वे लेबर प्रेरित करते हैं।

1. किडनी 3 पॉइंट

यह पॉइंट आपके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालता है साथ ही एंग्जायटी को कई तरह से कम करने की कोशिश करता है। ये पॉइंट गर्भवती महिलाओं में लेबर प्रेरित होने के बाद पीठ में होने वाले दर्द को कम करने में मदद कर सकता है।

स्थान: टखने बोन के ठीक बीच में और टखने के पिछले हिस्से में अंदर की तरफ। टखने में पीछे की तरफ हड्डी के ठीक बीच में।

कैसे एक्टिव करें: एक मिनट के लिए अपने अंगूठे से ऊपर की दिशा में धीरे-धीरे दबाव डालना शुरू करें।

2. ब्लैडर 28 पॉइंट

ब्लैडर शू , कैसे इस पॉइंट को पारंपरिक तरीके से रिफर किया जाता है। यह बिंदु भी लेबर के दौरान होने वाले पीठ दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है।

स्थान: पसली और सैकरम के बीच, आंतरिक ब्लैडर की ओर स्थित होता है।

कैसे एक्टिव करें: पसली के आधे नीचे बिंदु का पता लगाएं और इंडेक्स फिंगर का उपयोग करके उस पर कुछ मिनट के लिए प्रेशर डालें।

3. ब्लैडर 48 पॉइंट

पेल्विक के आसपास के एरिया को स्टिमुलेट करें जो साइटिका के दर्द, कूल्हे के दर्द और पेल्विक के क्षेत्र में किसी भी तनाव को कम करता है।

स्थान: हिपबोन और बट के ऊपर के बीच रीढ़ के बेस से लगभग 10 सेमी नीचे।

कैसे एक्टिव करें: यह पॉइंट सॉफ्ट है, इसलिए इसमें हल्के से मालिश करते हुए थोड़ा ही दबाव डालें।

4. ब्लैडर 60 पॉइंट

टखने के प्रमुख एक्यूप्रेशर बिंदुओं में से एक जो बच्चा पैदा होने वाली प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने और प्रसव पीड़ा को कम करने में मदद करता है।

स्थान: टखने के बाहरी हिस्से और जोड़ के ठीक पीछे अकिलीज़ पेशी के बीच स्थित होता है।

कैसे एक्टिव करें: कुछ मिनटों के लिए मजबूती से दबाव डालने के लिए अपने अंगूठे का प्रयोग करें।

5. लिवर 3 पॉइंट

पीरियड के दर्द और यहां तक ​​कि नींद न आने से राहत दिलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, यह प्रसव के दौरान होने वाले किसी भी पीठ दर्द से भी राहत देता है।

स्थान: पैर की पहली दो उंगलियों के बीच में, ऊपर की तरफ। 

कैसे एक्टिव करें: कुछ मिनट के लिए अपने अंगूठे का उपयोग करके उस पॉइंट को धीरे से दबाएं।

6. गॉलब्लैडर 21 पॉइंट

यह उन प्रमुख बिंदुओं में से एक है जो कॉन्ट्रैक्शन पैदा कर सकता है और लेबर के दौरान बच्चे को तेजी से नीचे की ओर आने में मदद करता है।

स्थान: ट्रेपीजियस मसल के ऊपरी तरफ, निप्पल के ऊपर एक वर्टीकल लाइन में स्थित होता है।

कैसे एक्टिव करें: थोड़े दबाव के साथ कंधे को नीचे की ओर मालिश करें।

7. किडनी 1 पॉइंट

यह सभी फेमस पॉइंट में से एक है, जो किसी भी समय दर्द से राहत दिला सकता है और साथ ही घबराहट और चिंता को कम करता है।

स्थान: पैर के नीचे, तलवों वाले एरिया पर, पैर के अंगूठे के दाईं ओर।

कैसे एक्टिव करें: थोड़ी देर दबाव डालें और फिर छोड़ दें। कुछ सेकंड के बाद फिर से दोहराएं।

8. लार्ज इंटेस्टाइन 4 पॉइंट

यह पॉइंट भी कॉन्ट्रैक्शन को सही करता है, लेबर को सपोर्ट करते हुए उसे सही तरीके से होने के लिए प्रेरित करता है।

स्थान: अंगूठे और इंडेक्स फिंगर के बीच, हाथ के पिछले हिस्से पर एक इंच ऊपर।

कैसे एक्टिव करें: दूसरे अंगूठे से दबाव डालें और फिर छोड़ दें। छोटे ब्रेक के साथ एक बार फिर उस साइकिल को दोहराएं।

9. ब्लैडर 67 पॉइंट

एक बच्चे की स्थिति को ठीक करने में, यह पॉइंट विशेष रूप से मदद करता है। खास तौर पर ब्रीच पोजीशन वाले बच्चे के लिए और लेबर को प्रेरित करने का काम करता है।

स्थान: पैर की छोटी उंगली की तरफ, नाखून से लगभग 0.1 इंच पीछे।

कैसे एक्टिव करें: अपने अंगूठे और इंडेक्स फिंगर का उपयोग उस क्षेत्र में पैर के अंगूठे पर हल्के हाथ से चुटकी करें।

10. ब्लैडर 32 पॉइंट

कॉन्ट्रैक्शन को ट्रिगर करते समय, यह पॉइंट सर्विक्स के फैलाव और अन्य इंफेक्शन को भी सही करता है।

स्थान: रीढ़ के नीचे उस क्षेत्र में जहां कूल्हों के डिंपल स्थित हैं।

कैसे एक्टिव करें: पॉइंट को नीचे की ओर मालिश करते हुए दबाएं। कुछ देर बाद रुकें और दोहराएं।

11. पेरीकार्डियम 8 पॉइंट

यह एक और फेमस पॉइंट है जो लेबर को बहुत ही अच्छे से प्रेरित करने के लिए जाना जाता है।

स्थान: जब आप बीच की अंगुली को मोड़ते हैं तो मेटाकार्पल्स के हथेली के बीच में मौजूद होता है।

कैसे एक्टिव करें: दूसरे अंगूठे का उपयोग करके जगह को दबाएं और मालिश करें।

12. स्प्लीन 6 पॉइंट

लेबर की अवधि को कम करने के लिए, यह एक प्रभावी पॉइंट है क्योंकि यह कॉन्ट्रैक्शन को भी तीव्र करता है और सर्विक्स को फैलाता है।

स्थान: पिंडली के पीछे, टखने की हड्डी से 4 सेमी ऊपर।

कैसे एक्टिव करें: बीच की अंगुली से कुछ देर के लिए दबाव डालें और रुक जाएं। ब्रेक के बाद फिर दोहराएं।

प्रभावी टिप्स जो एक्यूप्रेशर लेबर के साथ आराम देते हैं

  • प्रक्रिया शुरू करने से पहले शरीर को शांत करने के लिए कुछ सांस की एक्सरसाइज करें।
  • लेबर को प्रेरित करने के लिए एक्यूप्रेशर मालिश पॉइंट के किसी भी क्रम में की जा सकती है।
  • ब्लैडर 28 और 48, पेट 29 और किडनी 3 पॉइंट, लेबर के दौरान किसी भी दर्द को कम करने में काफी सफल होते हैं।
  • स्प्लीन 6, लार्ज इंटेस्टाइन 4 और गाल ब्लैडर 21 ऐसे बिंदु हैं जो शरीर को डिलीवरी के लिए तैयार होने में मदद करते हैं।
  • बच्चे को जन्म देते समय अपने पैरों को रगड़ने से आपको काफी राहत मिल सकती है।
  • प्रसव के दौरान एक्यूप्रेशर पॉइंट्स का उपयोग करने से दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

एक्यूप्रेशर कितनी तेजी से लेबर को प्रेरित करता है?

एक्यूप्रेशर का प्रभाव हर व्यक्ति में अलग-अलग होता है। गर्भवती महिलाएं दबाव डालने के एक घंटे के भीतर लेबर पेन का अनुभव कर सकती हैं, या अगले दिन तक भी कर सकती हैं। 

देर से होने वाली डिलीवरी के कारण प्रेग्नेंट महिलाएं इमोशनल और शारीरिक परेशानी झेलती हैं। लेबर और डिलीवरी के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट्स का उपयोग करके, आप यह सुनिश्चित करने में सक्षम हो सकती हैं कि प्रक्रिया आपके लिए आरामदायक और सहज हो, ताकि आप अपने होने वाले बच्चे की देखभाल ठीक से कर सकें।

डिस्क्लेमर: यहाँ दी गई जानकारी किसी प्रमाणित मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह का विकल्प नहीं है। इन दी गई तकनीकों का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें ।

यह भी पढ़ें:

बैक लेबर – कारण, लक्षण और उपचार
लेबर के दौरान सांस लेने और रिलैक्स होने की तकनीक
लेबर के दौरान एपिड्यूरल एनेस्थीसिया – खतरे और फायदे

समर नक़वी

Recent Posts

रियान नाम का अर्थ, मतलब और राशिफल – Riyan Name Meaning in Hindi

आज के समय में माता-पिता अपने बच्चों के लिए कुछ अलग और दूसरों से बेहतर…

1 week ago

राजीव नाम का अर्थ, मतलब और राशिफल – Rajeev Name Meaning In Hindi

लगभग हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनके बच्चे का नाम सबसे अलग और…

1 week ago

35+ पति के जन्मदिन पर विशेस, कोट्स और मैसेज | Birthday Wishes, Quotes And Messages For Husband in Hindi

एक अच्छा और सच्चा साथी जिसे मिल जाए उसका जीवन आसान हो जाता है। कहते…

1 week ago

माँ के लिए जन्मदिन पर विशेस, कोट्स और मैसेज – Birthday Wishes, Quotes And Messages For Mother in Hindi

माँ वह इंसान होती है, जिसका हमारे जीवन में स्थान सबसे ऊपर होता है। माँ…

1 week ago

बेटी के पहले बर्थडे पर विशेस, कोट्स और मैसेज – Wishes, Quotes And Messages For Baby Girl’s First Birthday in Hindi

यह बात हर कोई जानता है कि बेटियों से घर की रौनक होती है। चाहे…

2 weeks ago

बेटे के पहले बर्थडे पर विशेस, कोट्स और मैसेज – Wishes, Quotes And Messages For Baby Boy’s First Birthday in Hindi

माता-पिता बनना किसी भी शादीशुदा जोड़े की जिंदगी में एक बेहद यादगार और अनमोल पल…

2 weeks ago