In this Article
जब एक महिला अपने होठों पर लिपस्टिक लगाती है तो वह खुद को ज्यादा सुंदर और आकर्षक महसूस करती है। यह सही है कि लिपस्टिक आपकी पर्सनालिटी पर बहुत असर डालती है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने के गंभीर साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। लिप ग्लॉस और लिप लाइनर में कैडमियम, एल्युमिनियम, क्रोमियम, लेड जैसे संभावित हानिकारक इंग्रेडिएंट्स होते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि लिपस्टिक का लगातार इस्तेमाल आपको किस तरह से नुकसान पहुँचा सकता है।
आप जो लिपस्टिक रोजाना इस्तेमाल करती हैं, उसमें पाए जाने वाले कुछ खतरनाक इंग्रेडिएंट्स इस प्रकार हैं।
लिपस्टिक से जुड़े कई हेल्थ इशू हो सकते हैं। यदि लिपस्टिक में उपयोग किए जाने वाले प्रिजर्वेटिव लिमिट से ज्यादा हो जाते हैं, तो इससे व्यक्ति को नुकसान होता है जैसे:
टॉक्सिसिटी तब होती है जब शरीर में मैंगनीज, कैडमियम, क्रोमियम और एल्यूमीनियम जमा होते हैं। महिलाएं अक्सर, खाना खाते समय उन्हें निगल लेती हैं। लिपस्टिक खरीदते समय, आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एक बेहतरीन क्वालिटी वाला प्रोडक्ट लें जो इस तरह के इंग्रेडिएंट्स से मुक्त हो।
बिस्मथ ऑक्सीक्लोराइड नामक एक केमिकल का यूज लिपस्टिक को प्रिजर्व करने के लिए किया जाता है। इस इंग्रेडिएंट में मौजूद कार्सिनोजेनिक बेहद हानिकारक होता है और एलर्जी का कारण भी बन सकता है।
लिपस्टिक में उपयोग किए जाने वाले प्रिजर्वेटिव से त्वचा में जलन, हांफना, खांसी और आँखों में जलन होने जैसी परेशानियां पैदा हो सकती हैं। इसे खरीदते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि कुछ खराब लिपस्टिक ब्रांड कैंसर का कारण बन सकते हैं।
सभी लिपस्टिक में पेट्रोकेमिकल्स होते हैं जो आपकी हेल्थ पर बुरा असर डालते हैं। एंडोक्राइन सिस्टम में पैदा होने वाली बाधा से ग्रोथ, इंटेलीजेंस, रिप्रोडक्टिव और डेवलपमेंट में रुकावट पैदा होती है। यह नहीं भूलना चाहिए कि पेट्रोकेमिकल्स नेचुरल गैस और कच्चे तेल से बने बाई प्रोडक्ट हैं।
अधिकांश लिपस्टिक में एक कॉमन इंग्रेडिएंट सीसा (लेड) मौजूद होता है। इसे हार्मोनल इम्बैलेंस और ब्रेन डैमेज के कारण भी जाना जाता है। उनमें मौजूद न्यूरोटॉक्सिन नर्वस सिस्टम के विकार का कारण बनता है।
लिपस्टिक में मौजूद हैवी मेटल ऑर्गन डैमेज और खतरनाक बीमारियों का कारण बन सकते हैं। कैडमियम की बहुत अधिक मात्रा किडनी फेल का कारण बन सकती है। पेट के ट्यूमर अक्सर लिपस्टिक में मौजूद हानिकारक इंग्रेडिएंट्स के कारण होते हैं।
हर समस्या का हल है। कुछ सेफ ऑप्शन हैं जो लिपस्टिक के हानिकारक प्रभावों को कम कर सकते हैं। नीचे दिए गए कुछ सुझावों को अक्सर लिपस्टिक यूज करने वाले लोगों द्वारा ध्यान में रखा जाना चाहिए।
इंटरनल हेल्थ बनाए रखने के लिए सेफ ऑप्शन चुनना महत्वपूर्ण है। यदि आप सही ऑप्शन खोजने के लिए एफर्ट्स लेती हैं, तो आपको बाद में पछताना नहीं पड़ेगा। इस बात से कोई इनकार नहीं है कि लिपस्टिक महिला को कॉन्फिडेंट महसूस कराती है और उसकी फेमिनिटी को भी उजागर करती है।
भारत में कई समाज सुधारकों ने जन्म लिया है, लेकिन उन सभी में डॉ. भीमराव…
राम नवमी हिंदू धर्म का एक अहम त्योहार है, जिसे भगवान श्रीराम के जन्मदिन के…
आज के समय में माता-पिता अपने बच्चों के लिए कुछ अलग और दूसरों से बेहतर…
लगभग हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनके बच्चे का नाम सबसे अलग और…
एक अच्छा और सच्चा साथी जिसे मिल जाए उसका जीवन आसान हो जाता है। कहते…
माँ वह इंसान होती है, जिसका हमारे जीवन में स्थान सबसे ऊपर होता है। माँ…