शिशु

न्यूबॉर्न बेबी का पॉजिटिव कूंब्स टेस्ट – क्या आपको चिंता करने की जरूरत है?

गर्भावस्था के नौ महीने, उसके बाद लेबर पेन और डिलीवरी, ये सब निश्चित रूप से आपके लिए बहुत चैलेंजिंग होता है, लेकिन जब आप माँ बन जाती हैं तब इस एहसास के आगे सारा दर्द पीछे रह जाता है। एक माँ के जीवन अब यही मकसद होता है कि उसका बच्चा खुश रहे और हेल्दी रहे। और यदि आपका नवजात शिशु कूंब्स टेस्ट के लिए पॉजिटिव पाया जाता है, तो यह आपकी चिंता को बढ़ा सकता है और बच्चे को ठीक होने में मदद करते हुए आपको थका सकता है। एक  बहुमानव शरीर बहुत कॉम्प्लेक्स होता है और इसलिए, कई मेडिकल कॉम्प्लिकेशन आपके नवजात शिशु को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन अगर आप बिना घबराए और परेशान हुए इससे निपटने की कोशिश करें तो यह संभाला जा सकता है। नवजात शिशुओं में इस स्थिति के बारे में और जानने के लिए लेख को पढ़ना जारी रखें ।

कूंब्स टेस्ट क्या है?

हमारा इम्यून सिस्टम एंटीबॉडी के रूप में एक प्रोटीन का उत्पादन करता है, जो हमारे शरीर को विभिन्न प्रकार के इन्फेक्शन और बीमारियों से बचाने में मदद करता है। हालांकि, कभी-कभी ये एंटीबॉडी शरीर के खिलाफ काम करते हैं और रेड ब्लड सेल्स को मारने लगते हैं। इसलिए, डॉक्टर आपको गर्भावस्था के दौरान एंटीबॉडी स्क्रीनिंग टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं, ताकि यह जांच की जा सके कि कहीं एंटीबॉडी आपके शरीर में रेड ब्लड सेल्स पर हमला तो नहीं कर रहे हैं। यदि डॉक्टर आपके शरीर में रेड ब्लड सेल्स काउंट को कम पाते हैं, तो वह एक ब्लड टेस्ट कराने का सुझाव दे सकते हैं, जिसे कूंब्स टेस्ट के रूप में जाना जाता है। इस टेस्ट को आगे डायरेक्ट कूंब्स टेस्ट और इनडायरेक्ट कूंब्स टेस्ट में बांटा गया है।

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न्यूबॉर्न बेबी में पॉजिटिव कूंब्स टेस्ट का क्या मतलब है?

यदि आपके बच्चे का कूंब्स टेस्ट हुआ है और टेस्ट का रिजल्ट पॉजिटिव है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि कि माँ का रक्त बच्चे के रक्त में मिल गया हो। यह तब हो सकता है जब माँ और बच्चे के रक्त के आरएच फैक्टर में असमानता हो। यदि माँ आरएच-नेगेटिव है और बच्चा आरएच-पॉजिटिव है या ब्लड मिक्स हो तो कई कॉम्प्लिकेशन हो सकते हैं।

किसी भी मिक्स्ड ब्लड की मौजूदगी को रोकने के लिए, नवजात शिशुओं पर या तो अम्बिलिकल कॉर्ड यानी गर्भनाल से (जन्म के ठीक बाद) या सीधे शरीर से रक्त लेकर कूंब्स टेस्ट किया जा सकता है।

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न्यूबॉर्न बेबी में कूंब्स टेस्ट पॉजिटिव होने के क्या कारण हैं?

पॉजिटिव कूंब्स टेस्ट दिखाने वाले मुख्य कारणों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • यदि माँ और बच्चे के ब्लड ग्रुप अलग-अलग हैं, तो माँ का रक्त बच्चे के रक्त को ब्लड फ्लो में एक बाहरी तत्व के रूप में देखता है और इस प्रकार इसे मारने के लिए इसके खिलाफ एंटीबॉडी बनाता है। ये एंटीबॉडी बच्चे के रक्त में पारित हो सकते हैं और डीएटी या डायरेक्ट एंटीग्लोबुलिन टेस्ट में पॉजिटिव रिजल्ट दिखा सकते हैं।
  • जब एक आरएच-नेगेटिव माँ को आरएचओ (डी) इम्यून ग्लोब्युलिन शॉट मिलता है और जिसके ट्रेसेस बच्चे के रक्त में चले जाते हैं, तो कूंब्स टेस्ट पॉजिटिव रिजल्ट दिखा सकते हैं।

कूंब्स पॉजिटिव बेबी को किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है?

अगर आपका बच्चा कूंब्स पॉजिटिव पाया जाता है, तो वह नीचे बताई गई किसी समस्या से पीड़ित हो सकता है:

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1. एनीमिया

एनीमिया एक ऐसी स्थिति है, जो तब हो सकती है जब शरीर में रेड ब्लड सेल्स जरूरत से बहुत कम पाए जाते हैं। कूंब्स पॉजिटिव बच्चों के शरीर में रेड ब्लड सेल्स काउंट कम होने के कारण उन्हें सुस्ती, नींद में रहने, ठीक से फीड न करने और कई अन्य कॉम्प्लिकेशन पैदा हो सकते हैं। ऐसे शिशुओं को कभी-कभी आईवी द्वारा पोषण की आवश्यकता हो सकती है। यह जरूरी नहीं है कि कूंब्स पॉजिटिव बच्चे एनीमिक हों, लेकिन उनमें एनीमिया होने की संभावना इसकी वजह से बढ़ सकती है ।

2. पीलिया

हालांकि ज्यादातर नवजात शिशुओं में पीलिया कुछ डिग्री के अंदर ही होता है जो ज्यादातर मामलों में अपने आप कम हो जाता है, लेकिन जिन शिशुओं में कूंब्स पॉजिटिव होने का का पता चलता है, उनमें पीलिया होने का खतरा अधिक हो सकता है। यह स्थिति बच्चे के शरीर में बिलीरुबिन के लेवल को बढ़ा देती है और बिलीरुबिन का हाई लेवल आपके बच्चे का ब्रेन डैमेज कर सकता है और अन्य हेल्थ कॉम्प्लिकेशन का जोखिम पैदा कर सकता है।

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कूंब्स पॉजिटिव बेबी की देखभाल कैसे करें

नवजात बच्चे बहुत नाजुक होते हैं और यदि आपका बेबी कूंब्स पॉजिटिव है, तो उसे एक्स्ट्रा देखभाल की आवश्यकता होती है। यहाँ बताया गया है कि इस स्थिति में आप अपने बच्चे की देखभाल कैसे कर सकती हैं:

  • यह महत्वपूर्ण है कि आप कूंब्स पॉजिटिव बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराने पर ध्यान दें क्योंकि ब्रेस्ट मिल्क में एंटीबॉडी होती है जो आपके बच्चे को पीलिया के लक्षणों से लड़ने में मदद कर सकता है।
  • डॉक्टर बच्चे को मेडिकल निगरानी में रख सकते हैं और उसकी प्रोग्रेस की बारीकी से जांच कर सकते हैं।
  • एनीमिया और पीलिया को मॉनिटर करने के लिए आपके शिशु के रेगुलर तौर पर टेस्ट करने पड़ सकते हैं।
  • यदि आपका बच्चा गंभीर पीलिया से पीड़ित है, तो डॉक्टर फोटो-थेरेपी की सलाह दे सकते हैं। फोटो-थेरेपी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके लिए बच्चे को एक स्पेशल लाइट बल्ब के नीचे रखा जाता है, जो बिलीरुबिन को ब्रेकडाउन करने में मदद करता है और इस प्रकार पीलिया के लक्षणों को ठीक करता है।
  • कभी-कभी बच्चा एनीमिया या पीलिया के गंभीर मामले से पीड़ित हो सकता है, जिसके लिए आपको और बेहतर रूप से मेडिकल प्रोसीजर और ट्रीटमेंट की आवश्यकता हो सकती है। यदि ऐसी स्थिति पैदा होती है, तो आपको इस प्रोसीजर के बारे में और उनके प्रभावों के बारे में भी बताया जा सकता है।

क्या कूंब्स पॉजिटिव बेबी के लिए कोई आगे चलकर कोई कॉम्प्लिकेशन पैदा होते हैं?

जैसे ही आप अपने बच्चे को जन्म दे देती हैं, ब्लड की मिक्सिंग होने की और संभावना नहीं रह जाती है। साथ ही, आपके बच्चे की स्थिति कितनी गंभीर है उसके अनुसार, डॉक्टर उसे मॉनिटर कर सकते हैं और उसी हिसाब से इलाज दे सकते हैं। धीरे-धीरे आपके बच्चे का रक्त बाहरी रक्त से छुटकारा पा सकता है और नई ब्लड सेल्स बनाना शुरू कर देता है। ज्यादातर मामलों में, नवजात शिशुओं में कूंब्स आगे चलकर किसी कॉम्प्लिकेशन का कारण नहीं बनता है।

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एक कूंब्स पॉजिटिव न्यूबॉर्न बेबी घर कब जा सकता है?

आप अपने समय पर कूंब्स पॉजिटिव बेबी को घर ले जा सकती हैं। लेकिन आपको यह जानने के लिए कुछ दिनों तक हॉस्पिटल जाकर चेकअप कराते रहना होगा कि बच्चा ठीक हो रहा है या नहीं। हालांकि, यदि आप अपने बच्चे के रंग में कोई बदलाव देखती हैं या अगर उसका चेहरा पीला पड़ने लगता है, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि उसका एनीमिया या पीलिया गंभीर हो गया है। ऐसे मामलों में, बच्चे की बारीकी से निगरानी की जा सकती है, या यदि उसकी स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है तो आपको उसे लेकर हॉस्पिटल में रहने की आवश्यकता हो सकती है।

ऐसे कई मेडिकल कॉम्प्लिकेशन होते हैं जो नवजात शिशु की हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं। यह माता-पिता के लिए बहुत चैलेंजिंग होता है कि वे कैसे इन सबसे अपने बच्चे को बाहर निकाले, हालांकि, आपको अपने डॉक्टर पर भरोसा करना चाहिए और बच्चे के जल्द से जल्द स्वस्थ होने के लिए एक टीम के रूप में काम करना चाहिए। कूंब्स पॉजिटिव बच्चों के अधिकांश मामलों में कोई सीरियस कॉम्प्लिकेशन पैदा नहीं होते हैं और इस प्रकार ठीक से देखभाल करने और मेडिकल उपचारों की मदद से उन्हें प्रभावी ढंग से ठीक किया जा सकता है।

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नवजात शिशु का स्क्रीनिंग टेस्ट
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समर नक़वी

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