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अगर आपके जीवन में अभी-अभी एक बेबी गर्ल ने कदम रखा है और आप उसके डायपर में लाल या गुलाबी रंग का डिस्चार्ज देखते हैं, तो आपको चिंता होना स्वाभाविक है। लेकिन क्या आपको वाकई इसके लिए चिंता करने की जरूरत है? शायद नहीं! 2 से 10 दिनों के बीच की आयु की छोटी बच्ची के वजाइना से हल्की ब्लीडिंग हो सकती है और यह बिल्कुल सामान्य है।
नए पेरेंट्स होने के नाते अगर आपकी बच्ची के वजाइना से आपको खून आता हुआ दिखे, तो निश्चित रूप से आपको चिंता होगी ही। लेकिन नवजात बच्चियों में वेजाइनल ब्लीडिंग होना एक आम बात है। आमतौर पर जन्म के बाद शुरुआती 2 या 3 दिनों के दौरान नवजात बच्चियों को माहवारी होती है। अगर आप अपनी बेबी की वजाइना से ब्लीडिंग होता हुआ देखते हैं, तो आपको यह याद रखना चाहिए, कि जब बच्चा गर्भ में होता है, तो कई तरह के हॉर्मोन्स से उसका संपर्क होता है और वजाइना से होने वाली ब्लीडिंग गर्भ से बाहर निकलने के बाद उसके शरीर से निकलने वाले रीप्रोडक्टिव हॉर्मोन्स का एक संकेत मात्र है। आपके रिप्रोडक्टिव हॉर्मोन्स, जब बच्चे तक पहुँच जाते हैं, तो स्यूडोमेंस्ट्रुएशन द्वारा बच्चे का शरीर केवल उसे बाहर निकाल रहा होता है।
शिशुओं में वेजाइनल ब्लीडिंग के कुछ खास कारण होते हैं, जो कि नीचे दिए गए हैं:
अगर आपको अपने बच्चे की वजाइना से ब्लीडिंग होती हुई दिखती है, तो इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है। लेबिया (भगोष्ठ) को फैला कर जेनिटल एरिया को साफ करें और सिल्वटों को हल्के हाथों से पोंछ दें। इसके लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें और हमेशा आगे से पीछे की ओर सफाई करें। इससे वेजाइनल इन्फेक्शन से बचाव होगा।
हालांकि, नवजात बेबी गर्ल्स में वेजाइनल ब्लीडिंग होना आम बात है, पर कुछ मामलों में आपको बिना समय गवाएं डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर कई दिनों के बाद भी ब्लीडिंग बंद न हो या आपको उसकी वजाइना से दुर्गंध आती हुई महसूस हो, तो ऐसे में पेडिअट्रिशन से परामर्श लें या अपनी नन्ही परी को किसी अच्छे क्लीनिक या हॉस्पिटल में लेकर जाएं।
न्यूबॉर्न बेबीज में वेजाइनल ब्लीडिंग एक सामान्य चरण है, जो कि कई नवजात बच्चियों में देखा जाता है। लेकिन चिंता न करें, आपकी नन्ही बच्ची को पीरियड्स आने में अभी कम से कम 10 साल हैं। जिसका मतलब है कि अभी के लिए यह उसका पहला और आखिरी पीरियड है।
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